जिला नागरिक अस्पताल में मरीज का सैंपल लेता चिकित्सक।
- फोटो : AMAR UJALA
हिसार। जिला अस्पताल प्रशासन ने चार लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी सभी को एचएयू में क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार जिला अस्पताल खांसी, जुकाम, बुखार व गले में खराश जैसे संबंधित लक्षण वाले लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगा। वहीं जिला अस्पताल प्रशासन ने जिले वासियों के लिए जिले की अश्व अनुसंधान केंद्र की टेस्टिंग लैब की मंजूरी ले ली है। इसलिए अब सभी लोगों को अपने ही जिले में सैंपल की रिपोर्ट मिलेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया है कि कोरोना के चलते अब ज्यादा से ज्यादा सभी संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश की कुछ लैब को मंजूरी दी है।इसी तरह कोविड-19 के लिए गुरुग्राम की कोर्ड डायग्नोस्टिक लैब को चुना गया है, जिसकी शाखाएं प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित की गई है। अब इसी लैब के जरिए जिले के कोरोना संदिग्ध सभी लोगों के सैंपल की जांंच होगी। इसके अलावा जिला अस्पताल की ओर से चार टीमें बनाई गई है। इनमेंं से 3 टीम जिले में फील्ड में रहेगी और एक टीम जिला अस्पताल में मौजूद रहेगी। पीएचसी सीएचसी या अन्य जगह से सूचना मिलने के बाद यह टीम सैंपल लेने केेेे लिए मौके पर पहुंचेगी। वहीं कोरोना के चलते आइसोलेशन में तैनात सभी चिकित्सक नर्स स्टाफ व अन्य कर्मचारियों के भी सैंपल लिए जाएंगे। इसके अलावा पीड़ित महिला के संपर्क में आए क्वॉरेंटाइन किए गए जिला अस्पताल के सभी कर्मचारियों के भी सैंपल टेस्ट के लिए भेजे जाएंगे। इस बारे में सिविल सर्जन डॉक्टर योगेश शर्मा का कहना हैै कि अब जिले में कोरोना के चलते खांसी, जुकाम, बुखार व गले में खराश जैसे संदिग्ध सभी लोगों के सैंपल लिए जाएंगे और जल्द ही सैंपल टेस्ट की यह सुविधा जिलेे में मिलनी शुरू होगी।