नई दिल्ली। आतंकवाद के एक मामले में आईएसआईएस के छह आरोपियों ने मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में अपना गुनाह कबूल कर लिया। इन आरोपियों ने आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का कार्यकर्ता बनने और देश में आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिए मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने की साजिश की थी।
विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह के समक्ष आरोपियों अबू अनस, मुफ्ती अब्दुल सामी कासमी, सुहैल अहमद, नफीस खान, मोहम्मद अफजल और अब्दुल्ला खान ने याचिकाएं दाखिल करके अपना गुनाह कबूल किया। दोष स्वीकार करते हुए आरोपियों ने अदालत से कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर उन्हें पछतावा है और भविष्य में इस तरह की किसी भी गतिविधि में वे शामिल नहीं होंगे। इन आरोपियों की याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई होगी। इन आरोपियों की ओर से वकील कौसर खान ने इस संबंध में जानकारी दी।
इस मामले में उक्त आरोपियों से पहले अन्य आरोपी मुदब्बीर मुश्ताक शेख, मोहम्मद शरीफ मोइनुद्दीन खान, आसिफ अली, मोहम्मद हुसेन खान, सैयद मुजाहिद और मोहम्मद अजहर खान भी अपना गुनाह कबूल कर चुके हैं। इन आरोपियों की सजा पर भी बुधवार को सुनवाई होनी है। वकील खान ने अदालत को बताया कि आरोपी मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और खुद का पुनर्वास चाहते हैं।
इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नौ दिसंबर 2015 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं और यूए (पी) कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एनआईए ने कहा कि यह मामला विभिन्न सोशल मीडिया मंचों के जरिए भारत में मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने की आईएसआईएस की वृहद साजिश से जुड़ा है। इन आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने 2016-17 में आरोपपत्र दाखिल किए थे।