नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण लागू लाॅकडाउन के पांच महीने बाद मंगलवार से हाईकोर्ट समेत अन्य जिला अदालतों में व्यक्तिगत सुनवाई शुरू हुई। हाईकोर्ट में पहले दिन पांच पीठों ने मामलों की व्यक्तिगत सुनवाई की। हालांकि, इस बीच कुछ वकीलों ने उनके मामलों की सुनवाई वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए करने की अपील की।
हाईकोर्ट में पहले दिन मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल तथा न्यायमूर्ति प्रतीक जालान और न्यायमूर्ति विपिन सांघी तथा न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की दो खंड पीठों और न्यायमूर्ति जयंत नाथ, न्यायमूर्ति वीके राव, न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की तीन एकल पीठों ने अदालत कक्ष में मामलों की सुनवाई की। यही खंडपीठ और न्यायाधीश बुधवार को भी सुनवाई करेंगे।
इसके बाद अगले दो दिन इसी तरह अन्य खंडपीठ और न्यायाधीश मामलों की सुनवाई करेंगे। व्यक्तिगत सुनवाई के लिए निर्धारित पीठों के अलावा अन्य खंड पीठ और एकल पीठ मंगलवार की तरह वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मामलों की सुनवाई करेंगी।
अदालत कक्ष में सुनवाई को लेकर जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार एक सितंबर से सभी पांचों दिन उच्च न्यायालय खुलेगा, लेकिन न्यायमूर्ति और पीठें बारी-बारी से बैठेंगी। इस दौरान कोरोना महामारी के चलते सामाजिक दूरी के नियमों और मास्क पहनने का सख्ती से पालन किया गया। इसके साथ ही एसओपी के तहत निर्धारित सीमित लोगों को ही अदालत में प्रवेश की अनुमति दी है।