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जेईई मेंस शुरू, परीक्षा देकर छात्र हुए खुश

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नई दिल्ली। कोरोना के प्रकोप के साथ लंबे समय से चल रहे राजनीतिक विरोध और विवाद के बीच मंगलवार को पहले दिन जेईई मेंस की परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले बच्चों के चेहरे पर परीक्षा के साथ कोरोना का डर भी साफ दिख रहा था। छात्रों की आपस में अमूमन दिखने वाली चुहलबाजी तो गायब थी ही, सवालों का जवाब ठीक करने की सलाह देने की जगह अभिभावक भी उनसे सोशल डिस्टेंसिग, मॉस्क लगाने, हाथ सेनीटाइज करने की बात करते रहे। हालांकि, पहली पाली की परीक्षा देकर बाहर निकले बच्चों ने प्रश्न पत्र को आसान बताया और अपने प्रदर्शन पर खुशी भी जाहिर की। मसलन, विवेक विहार स्थित अर्वाचीन बाल भारती भवन, स्कूल में जेईई मेंस की परीक्षा सुबह साढ़े नौ बजे पहली पाली में होनी थी। इसको लेकर सुबह साढ़े सात बजे से ही छात्र अभिभावकों के साथ पहुंचना शुरू हो गए थे। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले सभी छात्रों व उनके अभिभावकों के चेहरे मॉस्क से ढंके थे। जो छात्र अभिभावकों के साथ अपने वाहन से पहुंचे थे, वह कोरोना के डर के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अपनी गाड़ी में ही बैठे रहे। सुबह साढ़े आठ बजे के बाद परीक्षा केंद्र से छात्रों के प्रवेश के लिए घोषणा की गई। प्रवेश और निकासी में शारीरिक दूरी का पालन हो सके, इसके लिए परीक्षा केंद्र पर छात्रों के खड़े होने के लिए घेरे बनाए गए थे। घोषणा के बाद सभी छात्र शारीरिक दूरी का पालन करते हुए घेरे में खड़े हो गए थे। वहीं, प्रवेश द्वार पर स्कूल प्रबंधन के साथ सुरक्षाकर्मी भी तैनात थे। केंद्र पर किए गए सैनिटाइज व उपलब्ध कराए गए मास्क परीक्षा केंद्र पर छात्र अपने साथ पेन, प्रवेश पत्र, आईडी और दो फोटो के साथ पहुंचे थे। केंद्र में प्रवेश करते ही छात्रों की थर्मल स्कैनिंग की गई। इसके बाद छात्रों से उनका पहना हुआ मास्क उतरवाकर इसके बदले में केंद्र की ओर से उन्हें दूसरा मास्क के दिया गया। साथ ही आगे बढ़ने पर छात्रों के साथ- साथ उनके पेन व अन्य सामान को भी सैनिटाइज किया जा रहा था। कुछ छात्र दस्ताने पहनकर भी पहुंचे थे। वहीं, निकासी के समय भी छात्रों को सैनिटाइज किया जा रहा था। खिले चेहरों से छात्रों ने पेपर का किया स्वागत पहली पाली में परीक्षा के तीन घंटे बाद जब छात्र केंद्र से बाहर लौटे तो छात्रों के चेहरे खिले हुए थे। केंद्र से बाहर निकलकर कुछ छात्रों ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुए परीक्षा के प्रश्नों को चर्चा करते हुए साझा किया। इसके बाद परीक्षा को लेकर अभिभावक भी छात्रों से चर्चा करते हुए नजर आए। साथ ही अभिभावकों ने छात्रों से परीक्षा हॉल के माहौल व केंद्र के अंदर सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। अभिभावकों के चेहरे पर दिखा तनाव परीक्षा केंद्र पर छात्रों के साथ पहुंचे अधिकतर अभिभावकों के चेहरे पर तनाव था। कुछ अभिभावकों का कहना था कि इस समय कोरोना महामारी बढ़ रही है। ऐसे में इतने विवाद के बाद भी इस परीक्षा को रोका नहीं गया। अभिभावकों की राय थी कि परीक्षा को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाना चाहिए था। साथ ही दूर से पहुंचे अभिभावकों ने कहा कि मेट्रो न चलने की वजह से भी परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा है। ऐसे में परीक्षा एजेंसी को छात्रों को नजदीकी परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराना चाहिए था। छात्रों ने कहा परीक्षा होने से बच गया एक साल जहां परीक्षा और कोरोना के लेकर को लेकर अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें थी वहीं, परीक्षा देने पहुंचे अधिकतर छात्र परीक्षा देकर खुश थे। छात्रों का कहना था कि परीक्षा आयोजित कर केंद्र ने सराहनीय कदम उठाया है। क्योंकि, यदि परीक्षा का आयोजन इस वर्ष नहीं होता तो इससे लाखो छात्रों का एक वर्ष खराब हो जाता। इसके लिए छात्रों को अगले वर्ष और अधिक मेहनत की आवश्यकता भी होती। नंद नगरी से परीक्षा के लिए पहुंची छात्र कोमल ने कहा कि पिछले एक वर्ष से लगातार इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। ऐसे में इस परीक्षा के स्थगित होने से डर बना हुआ था हालांकि, कोरोनावा का भी मन में डर था, लेकिन कोरोना के नियमों का पालन करते हुए इस परीक्षा को दिया गया। दूसरी पाली में दो बजे हुई परीक्षा परीक्षा केंद्र पर दूसरी पाली की परीक्षा दो बजे शुरू हुई। इसके लिए करीब डेढ़ बजे से ही छात्रों का प्रवेश शुरू हो गया था। दूसरी पाली में भी पहली पाली की तर्ज पर कोरोना के नियमों का पालन करते हुए छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा था। इसमें शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए सैनिटाइज की प्रक्रिया को अपनाया जा रहा था। शाम पांच बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र केंद्र से बाहर निकले और अपने अभिभावकों के साथ लौट गए। उल्लेखनीय है कि जेईई मेंस परीक्षा को लेकर काफी समय से राजनीतिक विवाद भी चल रहा था। यह बोले विद्यार्थी इस परीक्षा को लेकर काफी समय से तैयारी चल रही थी। ऐसे में इस परीक्षा को स्थगित नहीं किया जाना सही कदम था। कोरोना के नियमों के साथ परीक्षा आयोजित हुई है। (---मुस्कान, परीक्षार्थी) कोरोना को लेकर मन में थोड़ा बहुत डर था, लेकिन जब परीक्षा केंद्र पर पहुंची तो यहां व्यवस्था को देखकर डर हल्का हो गया। परीक्षा भी अच्छी रही है उम्मीद है कि अच्छा कॉलेज मिल जाएगा। (---हरलीन कौर) -परीक्षा देने से पहले लग रहा था कि शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो सकेगा, लेकिन यह संभव हो सका और सभी छात्रों ने बड़े ध्यान से परीक्षा हॉल में प्रवेश कर परीक्षाएं दी। मैंने भी प्रवेश और निकासी में काफी सतर्कता बरती थी। (-----यशस्वी, परीक्षार्थी) इस परीक्षा के आयोजित होने से हमारा एक वर्ष बच गया है। यदि इस परीक्षा को स्थगित कर दिया जाता तो लाखों बच्चों का एक वर्ष खराब हो जाता। (--श्रुति मेहरा, परीक्षार्थी)
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