नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में फिर से बढ़ते कोरोना मामलों पर चिंता जताई। पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह गैर कोरोना लक्षण वाले लोगों की जांच के लिए पुनः रणनीति तैयार करे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सके। इस मामले में अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और सुब्रमण्यम की पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया िकवह एक सप्ताह के भीतर दिल्ली के कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां अतंराज्यीय बस अड्डों पर कोविड-19 टेस्ट कैंप लगाए। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की इन कैंम्पों में कोविड-19 जांच की जाए और जिन लोगों को कोरोना के लक्षण दिखें उन्हें वहीं से अलग कर लिया जाए।
पीठ ने कहा कि अनलाॅक चार लागू होने के बाद सबकुछ खुल गया है और ऐसी स्थिति में कोरोना का फिर से बढ़ना लोगों के लिए फिर बड़ी परेशानी बन सकता है। इस बीच दिल्ली सरकार की ओर से वकील सत्याकाम ने दलील दी कि सरकार इस महामारी रूपी ड्ैगन से पूरी तैयारियों के साथ लड़ रही है। इसपर पीठ ने कहा कि सरकार को लगता है कि उसने बीमारी को काबू पा लिया, लेकिन यह बीमार कई सिर वाले ड्ैगन के जैसी हो गई, जिससे लोगों की परेशानी फिर बढ़ रही है। पीठ ने कहा इसपर नियंत्रण के लिए और ठोस कदम उठाएं जाएं। यह टिप्पणी कोर्ट ने वकील राकेश मल्होत्रा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिका में कोरोना जांच में तेजी लाने क मांग की गई है।