नई दिल्ली। गूगल इंडिया डिजिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उसकी आधार डेटाबेस तक कोई पहुंच नहीं है और उसे अपने गूगल पे मोबाइल ऐप के संचालन के लिए ऐसी किसी भी जानकारी की आवश्यकता नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ के समक्ष गूगल की ओर से अतिरिक्त हलफनामा दायर करके यह जानकारी दी गई। हलफनामे में बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने गूगल पे को बिना भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की जानकारी लिए भीम आधार प्लेटफार्म तक पहुंच की अनुमति दी है।
गूगल की ओर से दलील दी गई कि गूगल पे को कभी भी और किसी भी सूरत में यूजर्स का आधार डेटाबेस की जरूरत नहीं है और ना ही किसी यूजर के आधार डेटाबेस तक उसकी पहुंच है।
यह जनहित याचिका वित्तीय अर्थशास्त्री अभिजीत मिश्रा की ओर से दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जीपे आरबीआई के लिए अपेक्षित प्राधिकरण के बिना वित्तीय लेनदेन की सुविधा प्रदान कर रहा है।
याचिका में गूगल पे पर आरबीआई के डाटा स्थानीयकरण, भंडारण और साझा करने के मानकों संबंधी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया गया है। इसके बाद पीठ ने इस मामले में अगली सुनवाई 22 अक्तूबर के लिए सूचीबद्ध कर दी।