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हाई रिस्क वार्ड के कैदी देख सकेंगे टीवी

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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण कैदियों में अवसाद की स्थिति से निपटने के लिए हाई रिस्क वार्डों में टीवी लगवाने की मांग वाली याचिका पर तिहाड़ जेल प्रशासन ने सोमवार को हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया। जेल प्रशासन ने कहा कि इस वर्ष सितंबर के अंत तक कैदियों के लिए टेलीविजन की सुविधा प्रदान कर दी जाएगी। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ को कारावास महानिदेशक ने इस बारे में सूचित किया कि हाई रिस्क वार्डों के कैदियों को टेलीविजन की सुविधा प्रदान करने के लिए तिहाड़ जेल के भीतर एक साझा कक्ष बनाया जाएगा। इस पर पीठ ने कहा कि उम्मीद है कि जेल प्रशासन बताई गई समय सीमा का पालन करेगा। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि अब इस मामले पर निगरानी रखने का कोई कारण शेष नहीं है, लिहाजा इस याचिका का निस्तारण किया जाता है। सुनवाई के दौरा दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता गौतम नारायण ने तिहाड़ जेल प्रशासन का पक्ष रखा। यह याचिका दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से दायर की गई थी। इस याचिका में कहा गया था कि उच्च जोखिम वार्डों के कैदियों को पृथक रखा जाता है और कोविड-19 के हालात के चलते बाहरी दुनिया में भी उनका किसी से संपर्क नहीं है, जिस कारण उनमें अवसाद की स्थिति है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए कैदियों के मनोरंजन के लिए टीवी लगवाने की मांग की गई, ताकि कैदियों में अवसाद और ना बढ़ सके।
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