पानी नहीं आने से रोष प्रकट करते मालब गांव के लोग।
- फोटो : Amar Ujala
रमजान माह में मालब गांव के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे
पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो रोड जाम कर करेंगे प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी,
नूंह। हर वर्ष की तरह इस बार भी सरकार व प्रशासन ने रमजान शुरू होने से पूर्व बिजली पानी की पूरी व्यवस्था कराने के लिए लोगों से कई तरह के वादे किए थे लेकिन अभी तक नूंह खंड के गांव मालब, जोगीपुर, निजामपुर सहित कई गांवों में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं मंगलवार को मालब गांव के सम्मी खां, साहून मेंबर, हामिद समाजसेवी ने बताया कि उनका गांव जिले के बड़े गांवों में शुमार है। लेकिन गांव में रैनीवैल परियोजना से आ रहे पानी से गांव के लोगों की प्रर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिससे उनको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में उन्होंने रैनीवेल विभाग के जेई, एसडीओ के अलावा अन्य उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया है लेकिन हर बार उनको निराशा का सामना करना पड़ रहा है। गांव में पानी नहीं आने से लोग मोल का पानी खरीदकर पीने को मजबूर हो रहे हैं एक पानी का टैंकर 1200 में डलवाना पड़ रहा है। गांव के गरीब लोग यह खर्चा वहन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने कहा कि रमजान माह में सरकार के सभी दावे फेल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां पर जमीन में खारा पानी है मजबूरी में लोगों को अपनी जरूरत पूरा करने के लिए खारे पानी को इस्तेमाल करना पड़ रहा है। जिससे खानपान की सभी वस्तुएं भी खराब हो रही है। दूसरी और उनको बार बार विभाग की और देखना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी की अगर जल्द उनके गांव में पानी की समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो वह गुरुग्राम अलवर हाइवे को बंद कर प्रदर्शन करेंगे। विभाग के अधिकारी उनकी बात को अनसुना कर रहे हैं। ऐसे में अब वह और अधिक सहन नहीं करेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी :
इस बारे में रैनीवेल परियोजना के कार्यकारी अभियंता दीपेंद्र राज ने कहा कि इस बारे में जानकारी ली जाएगी। ग्रामीणों की समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। बीते दिनों रैनीवेल परियोजना का बिजली की समस्या से कार्य प्रभावित हुआ था। अब इसे सही करा दिया है जल्द ही इस समस्या का समाधान कराया जाएगा