हाइफा में तेल रिफाइनरी पर मिसाइल हमला
इस्राइल की राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा मैगन डेविड एडोम ने बताया हाइफा की बाजान समूह तेल रिफाइनरी पर मिसाइल हमला किया गया है। एक व्यक्ति मामूली चोटों के साथ घायल हुआ है।
वहीं, इस्राइली उर्जा मंत्री एली कोहेन ने कहा कि बुनियादी ढांचे को कई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में बिजली को बहाल कर दिया गया है और बाकी प्रभावित क्षेत्रों में भी जल्द बहाल कर दी जाएगी। ईरान ने खाड़ी के आसपास तेल और प्राकृतिक गैस सुविधाओं पर अपने हमले तेज कर दिए हैं।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने एक अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान पर हमला किया और उसे 'नुकसान' पहुंचाया। वहीं, अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने सीएनएन से बात करते हुए कहा कि विमान युद्ध मिशन के तहत ईरान के ऊपर उड़ रहा था। उसे आपात लैंडिंग करनी पड़ी। हॉकिंस ने बताया कि विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराया गया और पायलट की हालत स्थिर है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को अपने इस्राइली समकक्ष गिदोन सार से फोन पर बातचीत की। जयशंकर ने एक्स पर बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उनके परिणामों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।
ईरान-इस्रािल जंग के बीच कतर पर हुए हमलों के बाद वहां की सरकार ने स्थिति पर अपडेट दिया है। कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी, अल धखीरा और अल खोर इलाकों में एयर क्वालिटी सामान्य स्तर पर बनी हुई है। मंत्रालय के मुताबिक, इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता की जांच सिविल डिफेंस काउंसिल द्वारा की गई और सभी संकेतक सुरक्षित पाए गए। दरअसल, हाल ही में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले किए थे, जिससे वहां ‘भारी नुकसान’ होने की खबरें सामने आई थीं।
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने पर विचार कर रहा है। एक ईरानी सांसद ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी। होर्मुज से दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नैचुरल गैस गुजरती है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान ने उन जहाजों की आवाजाही में रुकावट डाली है, जिन्हें वह अपने दुश्मनों या उनके सहयोगियों से जुड़ा मानता है। रिपोर्ट के मुताबिक संसद में एक ऐसा बिल लाने पर विचार हो रहा है, जिसके तहत इस रास्ते से व्यापार, ऊर्जा सप्लाई या खाद्य सामान ले जाने वाले देशों से टैक्स या शुल्क लिया जाएगा।
पश्चिम एशिया में जारी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस लड़ाई में तेल ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे वैश्विक तेल संकट बढ़ने का खतरा है। ऊर्जा संकट की आहट से ही वैश्विक तेल बाजार की कीमतें बढ़ गई हैं। ताजा मामले में सऊदी अरब की समरेफ रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ है। इससे पहले इस्राइल की तरफ से ईरान के गैस भंडार पर हमला किया गया था। जिसके जवाब में ईरान ने कतर के गैस भंडार पर हमला किया। अब सऊदी अरब की तेल रिफाइनरी पर हमले से हालात और विकट हो गए हैं। सऊदी अरब पहले ही संकेत दे चुका है कि वह ईरान के हमलों का जवाब दे सकता है।
इस्राइली सेना ने कहा है कि बुधवार को उनके हमलों में 20 से ज्यादा हिजबुल्ला लड़ाके मारे गए हैं। ये हमले दक्षिणी लेबनान में किए गए। बयान में कहा गया है कि इस्राइली सेना की 36वीं डिविजन ने हवाई हमले किए।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने एक बयान में कहा है कि मिना अल अहमदी रिफाइनरी में हुए एक ड्रोन हमले के बाद आग लग गई है। हालांकि अभी आग सीमित क्षेत्र में है। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ईरान युद्ध के लिए अमेरिकी संसद से 200 अरब डॉलर मांगने की योजना बना रहा है। इसका कई डेमोक्रेट सांसदों द्वारा विरोध किया जा रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसद क्रिस वान होलेन का कहना है कि 200 अरब डॉलर, उस युद्ध की कीमत है, जिसे अमेरिकी लोग चाहते ही नहीं हैं और इस युद्ध के चलते अमेरिका ज्यादा सुरक्षित भी नहीं होगा।
पेंटागन ने व्हाइट हाउस से मांग की है कि अमेरिकी कांग्रेस से ईरान युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर का फंड मंजूर किया जाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के एक आर्मी बेस पर ड्रोन मंडराता दिखा है। वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिस वक्त यह ड्रोन सैन्य बेस पर मंडरा रहा था, उस वक्त उस सैन्य बेस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी मौजूद थे।
ईरान की सरकार ने जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल तीन लोगों को फांसी दे दी है। इन लोगों पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दो लोगों की हत्या का आरोप था। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 3117 लोग मारे गए थे। वहीं अमेरिकी मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि ईरान में 6800 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
दक्षिण पार्स गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस फील्ड है। दक्षिण पार्स गैस फील्ड का सबसे बड़ा हिस्सा ईरान के पास है। वहीं एक हिस्सा कतर की सीमा में आता है, जिसे नॉर्थ डोम कहा जाता है। इस पूरे फील्ड में करीब 1800 खरब क्यूबिक फीट गैस है, जो पूरी दुनिया के इस्तेमाल के लिए 13 साल तक पर्याप्त है। दक्षिण पार्स से निकाली जाने वाली अधिकतर गैस को ईरान द्वारा घरेलू इस्तेमाल में लाया जाता है। इस गैस फील्ड की अहमियत को देखते हुए ही संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने भी इस्राइल के हमले की निंदा की है। जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सफाई देनी पड़ी है और उन्होने कहा है कि इस्राइल अब दोबारा यहां हमला नहीं करेगा।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध में अब ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के कई देशों को निशाना बनाया जा रहा है। अब सऊदी अरब ने भी संकेत दिए हैं कि वे भी ईरान पर हमले कर सकते हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के अन्य देशों पर हमला कर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। ये दबाव उल्टा भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे पास भी जवाब देने का अधिकार है और अगर जरूरत पड़ी तो सऊदी अरब भी हमलों का जवाब देगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका को इस्राइल द्वारा ईरान के दक्षिण पार्स गैस फील्ड पर हमले की जानकारी नहीं थी। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी थी। अमेरिका ने ये भी कहा है कि वे कतर के गैस फील्ड की रक्षा करेंगे क्योंकि अमेरिका को गैस का निर्यात कतर से ही होता है।
फिलिस्तीनी स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि पश्चिमी तट में ईरानी मिसाइल हमले में तीन फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए।
डेलावेयर स्थित डोवर एयर फोर्स बेस में बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने छह अमेरिकी सैनिकों को अंतिम श्रद्धांजलि दी। ये सैनिक पिछले सप्ताह पश्चिमी इराक में एक रिफ्यूलिंग विमान के हादसे में शहीद हुए थे। उनके अवशेष अब परिवारों को सौंपे जा रहे हैं।
28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद यह दूसरी बार है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘डिग्निफाइड ट्रांसफर’ नामक सैन्य समारोह में भाग लिया। उन्होंने पहले इसे अपने कमांडर-इन-चीफ के रूप में किए गए सबसे कठिन कार्यों में से एक बताया था। हादसे में मारे गए KC-135 एयर फोर्स रिफ्यूलिंग विमान के सभी छह क्रू सदस्य अमेरिकी राज्यों अलाबामा, इंडियाना, केंटकी, ओहायो और वॉशिंगटन के निवासी थे।
ओमान ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को खतरनाक वृद्धि और क्षेत्र की सुरक्षा व ऊर्जा आपूर्ति के लिए प्रत्यक्ष खतरा बताया। मस्कट ने अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और नागरिक सुविधाओं और अवसंरचना को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया।
इराक के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि किरकुक एयरबेस को प्रक्षेप्य द्वारा निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने बताया कि यह एयरबेस पूरी तरह से इराकी है और इसमें कोई विदेशी सैनिक नहीं हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह घटना इराकी वायु सेना की क्षमताओं पर सीधा हमला है।
कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में लगी आग को नागरिक सुरक्षा टीमों ने प्रारंभिक रूप से नियंत्रण में कर लिया है। इस क्षेत्र को हाल ही में ईरानी मिसाइल हमले का लक्ष्य बनाया गया था।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की वायु रक्षा प्रणाली वर्तमान में ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। मंत्रालय ने बताया कि आने वाली सूचना के आधार पर अपडेट जारी किया जाएगा।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राजधानी रियाद की ओर दागी गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों को सेना ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। मंत्रालय ने बताया कि मिसाइल के मलबे में से एक रियाद के दक्षिण में स्थित रिफाइनरी के पास गिरा।
ईरान ने एक बार फिर अपनी मजबूत वायु रक्षा क्षमता का प्रदर्शन करते हुए राजधानी तेहरान के ऊपर उड़ रहे दो हर्मीस ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार, ये कार्रवाई स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे से 9:30 बजे के बीच की गई। इस दौरान एयर डिफेंस सिस्टम ने दोनों ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर नष्ट कर दिया।
सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इस्राइल हमले के बाद से अब तक कुल 123 ड्रोन गिराए जा चुके हैं। ईरान का कहना है कि उसकी वायु सुरक्षा प्रणाली लगातार सतर्क है और देश के हवाई क्षेत्र में किसी भी तरह की घुसपैठ को तुरंत नाकाम किया जा रहा है।
इस युद्ध में अब दोनों पक्ष एक-दूसरे की ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बना रहे हैं। इस्राइल ने ईरान के खुफिया मंत्री को एक हमले में मार गिराया, जबकि ईरान के एक बड़े गैस क्षेत्र पर भी हमला हुआ। यह संकेत है कि संघर्ष अब आर्थिक संसाधनों को कमजोर करने की दिशा में बढ़ रहा है। लगातार हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 5 प्रतिशत बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत युद्ध शुरू होने के बाद करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, जिससे दुनियाभर में पेट्रोल और जरूरी सामान महंगे होने की आशंका बढ़ गई है।
कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी की ओर बढ़ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। इससे पहले चार मिसाइलों को भी हवा में ही मार गिराया गया था, जबकि एक मिसाइल रास लाफान क्षेत्र में गिरी थी।
Israel Iran War News in Hindi Live: पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष 20वें दिन में और खतरनाक हो गया है। मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हो चुके हैं, वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भी निशाने पर हैं। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...