कुवैत ने अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र को किया बंद
वहीं कुवैत ने क्षेत्रीय तनाव के बीच अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने की घोषणा की है।
कतर ने सुरक्षा के मद्देनजर बंद किया हवाई क्षेत्र
कतर के अधिकारियों ने देश की जनता, निवासियों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए देश के हवाई क्षेत्र में कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाने का ऐलान किया है। यह जानकारी कतर के विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई है।
बहरीन में बजा खतरे का सायरन
बहरीन सरकार के आंतरिक मंत्रालय ने ट्वीट किया, 'सायरन बज चुका है। नागरिकों और निवासियों से शांत रहने और निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने का आग्रह किया जाता है'।
कतर ने ईरानी हमले की निंदा की, कहा- हमें सीधे जवाब देने का अधिकार
कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने ट्वीट किया, 'कतर राज्य ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की तरफ से अल-उदीद एयर बेस को निशाना बनाकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता है। हम इसे कतर राज्य की संप्रभुता, उसके हवाई क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन मानते हैं। हम पुष्टि करते हैं कि कतर अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, इस बेशर्मीपूर्ण आक्रमण की प्रकृति और पैमाने के अनुरूप सीधे जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है'।
हमने ईरानी हमले किए नाकाम- कतर
कतर के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि कतर के वायु रक्षा बलों ने अल-उदीद एयरबेस को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले को सफलतापूर्वक रोक दिया। सशस्त्र बलों की सतर्कता और एहतियाती उपायों के कारण इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। मंत्रालय ने दोहराया कि कतर का हवाई क्षेत्र और भूभाग सुरक्षित है और कतर सशस्त्र बल किसी भी खतरे से निपटने के लिए हमेशा तैयार हैं। रक्षा मंत्रालय नागरिकों और निवासियों को आधिकारिक स्रोतों से अपडेट लेने की सलाह देता है।
भारत ने कतर में भारतीयों के लिए जारी की एडवाइजरी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कतर में भारतीय समुदाय से सतर्क रहने और घर के अंदर रहने का आग्रह किया जाता है। कृपया शांत रहें और कतरी अधिकारियों द्वारा दिए गए स्थानीय समाचारों, निर्देशों और मार्गदर्शन का पालन करें। दूतावास हमारे सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से भी अपडेट करता रहेगा।
रेजा पहलवी ने की ईरान में सत्ता संभालने की पेशकश
ईरान के अंतिम शाह के बेटे रेजा पहलवी ने ईरान की सत्ता संभालने और देश को लोकतंत्र की ओर ले जाने की पेशकश की। पेरिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि (अयातुल्ला अली खामनेई का) शासन हारा हुआ है, कमजोर है और पतन के कगार पर है। उन्होंने बताया, मैं राजनीतिक सत्ता नहीं चाहता, बल्कि हमारे महान राष्ट्र को इस कठिन समय में स्थिरता, स्वतंत्रता और न्याय की ओर ले जाने में मदद करना चाहता हूं।
रेजा पहलवी 17 साल की उम्र में ईरान छोड़ गए थे, जो 1979 के इस्लामी क्रांति से ठीक पहले की बात है। कई ईरानियों के पास उनके पिता के शासनकाल के दौरान हुई दमनकारी घटनाओं की बुरी यादें हैं। वहीं कुछ लोग उनके इस्राइल से संपर्क को लेकर भी उन्हें खारिज सकते हैं। कई बड़े ईरानी विपक्षी समूह विदेश में हैं, लेकिन वे एकजुट नहीं हैं और यह भी स्पष्ट नहीं है कि इनमें से किसी को देश के भीतर कितना समर्थन प्राप्त है।
अमेरिका के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकियों के बीच कतर ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। एसोसिएटेड प्रेस ने यह जानकारी दी।
इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने दावा किया कि उसकी वायुसेना (आईएएफ) के लड़ाकू विमानों ने ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित आंतरिक सुरक्षा बलों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांड सेंटर्स और ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया है। आईडीएफ ने बताया कि यह हमला सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया, जो कि इस्राइली सैन्य खुफिया विभाग द्वारा प्रदान की गई थी।
किन-किन ठिकानों पर हुआ हमला?
बसीज मुख्यालय: इस्लामी क्रांति गार्ड बल (आईआरजीसी) की सबसे शक्तिशाली इकाइयों में से एक बसीज है। यह संगठन न केवल हथियारबंद बल है, बल्कि यह इस्लामी कानून को लागू करने, लोगों पर नजर रखने और सरकार को रिपोर्ट करने का भी काम करता है। इसे सीधे आईआरजीसी के अधीन माना जाता है।
अल्बोर्ज कोर: यह ईरान के तेहरान जिले के कई शहरों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है और ईरानी शासन की स्थिरता बनाए रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे भी हमले में निशाना बनाया गया।
इंटेलिजेंस और जनरल सिक्योरिटी पुलिस: यह बल ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है और शासन के आदेशों को लागू करने में अहम भूमिका निभाता है। आईडीएफ ने इसे भी सैन्य बल का एक अंग बताया है और कहा कि यह हमला ईरानी सरकार की सैन्य और खुफिया क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया।
हमले के बाद इस्राइली सेना का बयान
ईरान के कई ठिकानों पर हमले के बाद आईडीएफ ने कहा, 'इन कमांड सेंटर्स पर हमला ईरानी शासन की सैन्य शक्ति को प्रभावित करता है और उसकी शासन व्यवस्था पर नियंत्रण बनाए रखने की क्षमता को भी नुकसान पहुंचाता है।' यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल के हफ्तों में ईरान और इस्राइल के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
फोर्डो संवर्धन संयंत्र के आसपास की सड़कों पर हमला किया: इस्राइली सेना
इस्राइली सेना ने पुष्टि की कि उसने ईरान के फोर्डो संवर्धन संयंत्र तक पहुंच को बाधित करने के लिए उसके आसपास की सड़कों पर हमला किया है।
ईरान: तेहरान की कुख्यात एविन जेल के बाहर ड्रोन से किया गया विस्फोट
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सोमवार को बताया कि तेहरान में स्थित ईरान की कुख्यात एविन जेल के गेट के पास एक संदिग्ध इस्राइली हवाई हमला हुआ है। ईरानी मीडिया का अनुमान है कि यह हमला एक ड्रोन द्वारा किया गया हो सकता है।
रिपोर्ट में कथित तौर पर हमले की ब्लैक एंड व्हाइट फुटेज साझा की गई है। यह जेल दोहरी नागरिकता वाले और पश्चिमी देशों से जुड़े कैदियों को रखने के लिए बदनाम है। जिन्हें ईरान अक्सर पश्चिमी देशों के साथ बातचीत में सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल करता है। वहीं दूसरी ओर अभी तक इस्राइल ने इस हमले की जिम्मेदारी फिलहाल स्वीकार नहीं की है। एविन में राजनीतिक कैदियों और पश्चिमी देशों से संबंध रखने वाले लोगों के लिए विशेष इकाइयां भी हैं, जिन्हें केवल ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई के अधीन काम करने वाले रिवोल्यूशनरी गार्ड चलाते हैं। यह जेल अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा पहले से ही प्रतिबंधों का सामना कर रही है।
अनियंत्रित महत्वाकांक्षा के कारण वैश्विक संघर्ष हुआ: गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि अनियंत्रित अति महत्वाकांक्षा ने वैश्विक स्तर पर संघर्ष पैदा कर दिया है। गडकरी ने कहा कि भारत को विश्व शांति और मानवता का संदेश देने की जरूरत है। हमारी विरासत, परंपरा और इतिहास इतना समृद्ध है कि हमारा देश कभी भी अधिनायकवादी और विस्तारवादी नहीं रहा। आज एक प्रकार की अनियंत्रित अति महत्वाकांक्षा है जो विश्व में संघर्ष का कारण बन रही है और विश्व में विश्व शांति और मानवतावाद का संदेश देने की आवश्यकता उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि हमारा लोकाचार मेरे कल्याण या मेरे परिवार के कल्याण का उपदेश नहीं देता, बल्कि यह विश्व के कल्याण की बात करता है।
आईएईए ने कहा फोर्डो में हुई भारी क्षति
संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉस ने कहा कि अमेरिका के हवाई हमले के बाद फोर्डो में ईरान के भूमिगत परमाणु संयंत्र को भारी क्षति होने की आशंका है। ग्रॉस ने कहा कि अमेरिका की ओर इस्तेमाल किए गए विस्फोटक पेलोड और सेंट्रीफ्यूज की अत्यधिक कंपन संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए बहुत क्षति होने की उम्मीद है। आईएईए सहित कोई भी फोर्डो में भूमिगत क्षति का पूर्ण आकलन करने की स्थिति में नहीं है।
फोर्डाे परमाणु ठिकाने पर फिर हमला
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया है कि फोर्डाे में भूमिगत परमाणु ठिकाने पर फिर हमला हुआ है।
जॉर्डन और मध्य इस्राइल में बजे सायरन
इस्राइली सेना ने कहा कि सोमवार सुबह ईरान की ओर से मिसाइलें दागी गईं। ईरान ने अतिरिक्त बमबारी शुरू कर दी। जॉर्डन और मध्य इस्राइल में सायरन बजे। ईरानी सशस्त्र बलों के संयुक्त स्टाफ के प्रमुख जनरल अब्दुल रहीम मौसवी ने अमेरिका को चेतावनी दी कि उसके हमलों से ईरानी सशस्त्र बलों को अमेरिकी हितों और उसकी सेना के खिलाफ कार्रवाई करने की खुली छूट मिल गई है। उन्होंने अमेरिकी हमले को ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन, देश पर इस्राइली युद्ध में प्रवेश तथा देश पर आक्रमण करने के समान बताया।
ब्रिटेन ने कहा- अमेरिका ईरान की सरकार को हटाने की कोशिश नहीं कर रहा
ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश नहीं कर रहा है। जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सुझाव दिया है कि यह एक अच्छा विचार हो सकता है। विदेश सचिव डेविड लैमी ने कहा कि कि इस्राइल और अमेरिका की ओर से यह स्पष्ट है कि वे तेहरान में नागरिक नेतृत्व के पीछे नहीं जा रहे हैं। इस समय इस पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की। उन्होंने कहा कि इससे कूटनीति के जरिए ही निपटना होगा।
श्रीलंका ने किया कूटनीति का आह्वान
श्रीलंका ने इस्राइल-ईरान संघर्ष को शांत करने के लिए कूटनीति का आह्वान किया। श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि श्रीलंका पश्चिम एशिया में हुए घटनाक्रम से बेहद चिंतित है। हम सभी पक्षों से स्थिति को शांत करने के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान करते हैं। सभी पक्षों को बातचीत की ओर लौटना चाहिए। क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए शांति स्थापित करने और उसे बनाए रखने के लिए गहन कूटनीतिक प्रयास करने चाहिए।
ईरान ने इस्राइल पर किया हमला
ईरान ने इस्राइल पर मिसाइल हमला किया। येरुशलम में धमाके की आवाज सुनाई दी।
ईरान में इस्राइली ड्रोन गिराया गया
इस्राइली सेना ने कहा कि ईरान में सोमवार सुबह एक अभियान के दौरान उसका एक ड्रोन मार गिराया गया। सेना ने यह भी कहा कि 15 लड़ाकू विमानों ने इराक की सीमा के निकट पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चरों पर हमला किया।
ईरान की न्यायपालिका ने मोसाद जासूस को दी फांसी
ईरान ने सोमवार को उस तीसरे व्यक्ति को फांसी दे दी, जिस पर ईरान के खिलाफ इस्राइल युद्ध शुरू होने के बाद से मोसाद खुफिया सेवा का जासूस होने का आरोप है। माना जा रहा है कि ईरान में और अधिक लोगों को फांसी दी जाएगी। विशेष रूप से तब जब वहां के धर्मतंत्र ने जासूसी के मामले में लोगों को आत्मसमर्पण करने के लिए रविवार तक की समयसीमा दी है। ईरान की समाचार एजेंसी के मुताबिक फांसी पर चढ़ाए गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद अमीन महदवी शायेस्तेह के रूप में की है। रविवार को ईरान ने एक अन्य व्यक्ति माजिद मोसायेबी को फांसी दी थी। जबकि 16 जून को इस्माइल फेकरी को फांसी दी गई।
इस्राइल ने ईरान पर किया हमला
इस्राइल ने एक बार फिर ईरान पर हमला किया है। दावा किया जा रहा है कि इस्राइल ने ईरान के छह सैन्य हवाई ठिकानों को निशाना बनाया। आईडीएफ ने कहा कि केरमानशाह क्षेत्र में 15 से अधिक लड़ाकू विमानों के साथ ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों को निशाना बनाकर हमले किए।
बातचीत करने की जरूरत: अल्बानीज
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने अमेरिका के ईरानी परमाणु स्थलों पर हवाई हमले किए जाने के बाद क्षेत्र में किसी भी तरह की वृद्धि को रोकने के लिए बातचीत और कूटनीति का आह्वान किया। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने ईरान से बातचीत के लिए आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आया, क्योंकि वह बार-बार अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने में विफल रहा है। दुनिया लंबे समय से इस बात पर सहमत है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। और हम इसे रोकने के लिए कार्रवाई का समर्थन करते हैं। यही तो है। अमेरिकी कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए केंद्रीय विशिष्ट स्थलों पर निर्देशित थी। हम वृद्धि और पूर्ण पैमाने पर युद्ध नहीं चाहते हैं। हम बातचीत और कूटनीति का आह्वान करना जारी रखते हैं। जैसा कि मैंने कई दिनों से कहा है, हम क्षेत्र में किसी भी तरह की वृद्धि को लेकर बहुत चिंतित हैं और हम कूटनीति, संवाद और तनाव में कमी देखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने आने वाली चुनौती के बारे में स्पष्ट रहे हैं, जो किसी भी ईरानी परमाणु हथियार कार्यक्रम से उत्पन्न खतरे से निपट रहा है और क्षेत्रीय वृद्धि के जोखिम से निपट रहा है, और इसीलिए ऑस्ट्रेलिया ने ईरान से बातचीत की मेज पर आने और किसी भी परमाणु हथियार कार्यक्रम को छोड़ने का आह्वान किया। ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आया क्योंकि वह बार-बार अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने में विफल रहा है। हम ईरान से आग्रह करते हैं कि वह आगे कोई ऐसी कार्रवाई न करे जिससे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो।
अमेरिका ने UNSC से की शांति वार्ता की अपील
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ईरान से इस्राइल को खत्म करने, परमाणु हथियार रखने के अपने प्रयास को रोकने, अमेरिकी नागरिकों और हितों को निशाना बनाना बंद करने और सद्भावना से शांति वार्ता करने का आग्रह करने का आह्वान किया है। यूएनएससी की बैठक में अमेरिकी राजदूत डोरोथी शीया ने ईरान में परमाणु सुविधाओं के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। यह अभियान वैश्विक असुरक्षा के एक लंबे समय से चले आ रहे लेकिन तेजी से बढ़ते स्रोत को समाप्त करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार इस्राइल को आत्मरक्षा के अपने अधिकार में मदद करने के लिए शुरू किया गया था। 40 साल ईरानी सरकार 'अमेरिका की मौत' और 'इस्राइल की मौत' का आह्वान करती रही है और अपने पड़ोसियों, संयुक्त राज्य अमेरिका और पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बनी हुई है। उन्होंने ईरानी सरकार और उसके प्रॉक्सी पर इराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी सेवा सदस्यों सहित कई अमेरिकियों को मारने का आरोप लगाया।
रूस के पूर्व राष्ट्रपति और राष्ट्रपति पुतिन के खास दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक और युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया। मेदवेदव ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'ट्रंप शांतिदूत बनकर आए थे, लेकिन उन्होंने अमेरिका को एक नए युद्ध में झोंक दिया है।' मेदवेदेव ने ये भी लिखा कि कई देश हैं, जो अपने परमाणु हथियार ईरान को देने के लिए तैयार हैं। हालांकि मेदवेदेव ने उन देशों का नाम नहीं लिया।
ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने उन पर हमला करके कूटनीति को तबाह करने का फैसला किया है और अब ईरानी सेना तय करेगी कि कब और कैसे जवाब देना है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत आमिर सईद इरवानी ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा कि ईरान के परमाणु केंद्रों पर अमेरिकी हमले की आलोचना करते हुए ईरानी राजदूत ने कहा कि 'हमने बार-बार युद्ध उन्मादी अमेरिका को चेतावनी दी थी कि वे इस दलदल में न फंसें। हालांकि अमेरिका ने ईरान पर हमला कर कूटनीति को तबाह करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना तय करेगी कि कब और कैसे जवाब देना है। हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे।'
ईरान के परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान: ट्रंप
दिखाई गई सफेद संरचना चट्टान में गहराई से धंसी हुई है, यहां तक कि इसकी छत भी जमीन से काफी नीचे है और आग से पूरी तरह सुरक्षित है। सबसे ज्यादा नुकसान जमीन से काफी नीचे हुआ।
इस्राइली सेना का दावा- तेहरान में मिसाइल लांचर पर हमला किया; ईरान ने ड्रोन गिराने की बात कही
इस्राइली सेना के मुताबिक उसने पश्चिमी ईरान और तेहरान में लगातार हवाई हमले किए। ईरानी राजधानी के केंद्र में सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल लांचर पर भी हमला किया गया। लगभग 20 जेट विमानों ने 30 से अधिक गोला-बारूद की मदद से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस्राइल ने दावा किया कि हमलों के दौरान करमानशाह और हमादान प्रांतों में मिसाइल भंडारण और प्रक्षेपण बुनियादी ढांचे, उपग्रह सुविधाओं और हवाई निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सैन्य रडार साइटों को भी निशाना बनाया गया। दूसरी तरफ ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने बताया कि मध्य ईरान के ऊपर इस्राइली हर्मीस 900 ड्रोन को मार गिराया गया।
मौजूदा परिस्थितियों में परमाणु अप्रसार संधि ध्वस्त होने का खतरा: IAEA प्रमुख
IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने पश्चिम एशिया के संवेदनशील हालात का हवाला देते हुए कहा है कि अमेरिकी हमलों के बाद परमाणु अप्रसार संधि (NPT) खतरे में है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परमाणु अप्रसार संधि खतरे में है। फिलहाल, IAEA सहित कोई भी एजेंसी ईरान के फोर्डो में भूमिगत नुकसान का आकलन नहीं कर सकता है। ग्रॉसी ने कहा, हमें लड़ाई को रोकने के लिए तुरंत और निर्णायक कार्रवाई कर अधिकतम संयम बरतना चाहिए।
दुबई, रियाद के लिए एयर फ्रांस ने उड़ानें रद्द कीं
पश्चिम एशिया में ताबड़तोड़ हवाई हमलों के बीच विमानन कंपनी एयर फ्रांस केएलएम ने कहा कि उसने रविवार और सोमवार को दुबई और रियाद के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं। बता दें कि ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिकी सेना के हमलों के बाद मध्य पूर्व की यात्रा पर संकट मंडराने लगा है।
आईएईए ने कहा- अमेरिकी हमले में ईरान के इस्फाहान साइट पर सुरंगों के प्रवेश द्वार प्रभावित
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था- अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मुताबिक अमेरिकी सैन्य हमलों में ईरान के इस्फाहान परमाणु परिसर में सुरंगों के प्रवेश द्वार प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने 13 जून को ईरान के परमाणु केंद्रों पर इस्राइल द्वारा हमला करने से पहले कहा था कि ईरान के सबसे अधिक संवर्धित यूरेनियम का अधिकांश हिस्सा इस्फहान में भूमिगत रूप से संग्रहित किया गया था।
नागरिकों के लिए अमेरिकी विदेश विभाग की एडवाइजरी
ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी सेना के ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के बाद पश्चिम एशिया के हालात कितने संवेदनशील हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण अमेरिकी नागरिकों के लिए मध्य पूर्व की यात्रा में बाधा उत्पन्न हुई है। हवाई क्षेत्र को समय-समय पर बंद किया गया है। विदेश विभाग ने एक चेतावनी में कहा, अमेरिकी नागरिकों और देश के खिलाफ प्रदर्शन की आशंका है। इसलिए विदेश विभाग दुनिया भर के अमेरिकी नागरिकों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह देता है। यात्रा की योजना बनाते समय एडवाइजरी, देश की जानकारी और संबंधित सुरक्षा अलर्ट को ध्यान से पढ़ने की अपील की गई है।
ईरान दोबारा परमाणु खतरा नहीं बनेगा, पूरी दुनिया को यह गारंटी देनी चाहिए: UNSC में इस्राइली राजदूत
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में इस्राइली राजदूत डैनी डैनन ने कहा, पूरी दुनिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि ईरान फिर कभी परमाणु खतरा न बने। उन्होंने कहा, कूटनीति की बार-बार कोशिश की गई, लेकिन ईरान ने बातचीत की मेज का इस्तेमाल छल, देरी की रणनीति, मिसाइलों का निर्माण और यूरेनियम संवर्धन के लिए समय मांगने के रूप में किया।
ईरान पर इस्राइली हमलों में 950 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक मानवाधिकार समूह ने कहा है कि इस्राइली सेना की तरफ से बीते 10 दिनों में की गई गोलाबारी में 950 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समूह के मुताबिक मृतकों में 380 नागरिक और 253 सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं। इसके अलावा शनिवार को ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजरायली हमलों में लगभग 400 ईरानी मारे गए हैं और 3,056 घायल हुए हैं।
ईरान के परमाणु स्थलों के पास विकिरण रिसाव की सूचना नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय
अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद देश के परमाणु केंद्रों के पास कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं पाया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के हवाले से जारी रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के आकलन और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी का हवाला देते हुए विकिरण रिसाव न होने का आश्वासन दिया।
UNSC की बैठक में ईरान की दो टूक, इस्राइल-अमेरिका के हमले 'राजनीति से प्रेरित कार्रवाई'
यूएन में ईरान के राजदूत अली बहरीनी ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, ईरान पर इस्राइल और अमेरिका के हमले "अचानक" नहीं हुए। हमले अमेरिका और उसके यूरोपीय भागीदारों की "राजनीति से प्रेरित कार्रवाइयों" का परिणाम हैं। बहरीनी ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली परमाणु वार्ता से दो दिन पहले ईरान पर हमला कर इस्राइल ने 'कूटनीति' का रास्ता छोड़ दिया। उन्होंने कहा, पश्चिम को उम्मीद है कि ईरान वार्ता की मेज पर वापस आएगा। सवाल यह है कि ईरान ने 'कभी वार्ता छोड़ी ही नहीं। ईरानी राजदूत ने कहा कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) को 'राजनीतिक हथियार में बदल दिया गया है ... आक्रामक और गैरकानूनी कार्रवाई के बहाने के रूप में इसका इस्तेमाल किया गया है।
यूएन में पाकिस्तानी राजदूत ने अमेरिका की निंदा की
पाकिस्तान ने ईरानी परमाणु केंद्रों पर अमेरिकी हमले की निंदा की है। यूएन में पाकिस्तानी राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने यूएनएससी की आपात बैठक के दौरान कहा, इस्राइल की आक्रामकता और गैरकानूनी कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप तनाव और हिंसा में बढ़ना बेहद परेशान करने वाली है। टकराव बढ़ने के विनाशकारी परिणाम होंगे। पाकिस्तान इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान ईरान की सरकार और नागरिकों के साथ एकजुट होकर खड़ा है।
यूएन के मंच से अमेरिकी राजदूत ने चेतावनी दी
अपने नागरिकों, अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के किसी भी संभावित हमले का 'विनाशकारी प्रतिशोध' लिया जाएगा। ये चेतावनी ईरान को दी गई है। यूएन में अमेरिकी राजदूत डोरोथी शीया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक के दौरान कहा, अमेरिकी सैन्य हमले ईरानी परमाणु केंद्रों पर किए गए। इसका मकसद ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को नष्ट करना था। ईरान ने लंबे समय तक अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को छिपाया और हाल की वार्ताओं में भी सद्भावना भरे प्रयासों को बाधित किया। अपने सहयोगी और अपने नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए अमेरिका ने निर्णायक कार्रवाई का फैसला लिया। उन्होंने आगाह किया कि ईरान को अब आगे नहीं बढ़ना चाहिए... अगर उसने अमेरिकियों या अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ़ किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हमले किए तो इसके नतीजे विनाशकारी होंगे। ईरान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
रूस ने कहा- अमेरिकी हमले ‘पेंडोरा बॉक्स’ खोलने की तरह
संयुक्त राष्ट्र में पश्चिम एशिया के तनाव पर चर्चा के दौरान रूस के राजदूत वसीली नेबेन्ज़्या ने यूएन सुरक्षा परिषद की आपात बैठक के दौरान कहा, ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले करना ऐसा है जैसे अमेरिका ने पेंडोरा बॉक्स खोल दिया हो। अमेरिका ने 'एक बार फिर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति अवमानना प्रदर्शित की है। रूसी राजदूत के मुताबिक न केवल हजारों फलस्तीनी महिलाओं, बच्चों और बूढ़ों की हत्याओं की अनदेखी की जा रही है, बल्कि पूरी मानवता की सुरक्षा और भलाई के साथ भी समझौता हो रहा है। अमेरिका के हमले के बाद 'कोई नहीं जानता कि क्या नई तबाही और त्रासदी आने वाली है।
चीन तनाव बढ़ने से ‘गहरी चिंता’ में है: चीन के यूएन दूत
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चीन के राजदूत फू कांग ने भी चिंता जताई। यूएनएससी की आपात बैठक में चर्चा के दौरान चीन ने कहा, ईरान पर अमेरिकी हमलों और परमाणु केंद्रों पर बमबारी की चीन कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा, हम तत्काल युद्ध विराम की मांग करते हैं। उन्होंने कहा 'चीन स्थिति के नियंत्रण से बाहर होने के जोखिम को लेकर बहुत चिंतित है। फू कांग ने कहा, संघर्ष में शामिल पक्षों, खास तौर पर इस्राइल को तत्काल युद्ध विराम पर करना चाहिए ताकि 'युद्ध बढ़ने' से बचा जा सके।
यूएन में ब्रिटिश राजदूत ने कहा- हम ‘ईरान से संयम बरतने का आग्रह करते हैं’
संयुक्त राष्ट्र में यूनाइटेड किंगडम- UK के राजदूत बारबरा वुडवर्ड ने सुरक्षा परिषद के आपातकालीन विशेष सत्र में देश का पक्ष रखा। उन्होंने यूएनएससी से कहा, संघर्ष क्षेत्रीय और अंतराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। अब हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता तनाव कम करने का समर्थन करना होनी चाहिए। यूके ने अमेरिका या इस्राइल के हमलों में भाग नहीं लिया। केवल सैन्य कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में चिंताओं का स्थायी समाधान नहीं कर सकती। हम ईरान से संयम बरतने का आग्रह करते हैं और हम सभी पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने और कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह करते हैं।
खामनेई के सलाहकार ने कहा- अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान का समृद्ध यूरेनियम महफूज
ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई के एक सलाहकार ने कहा कि प्रमुख परमाणु स्थलों पर अमेरिका द्वारा हमलों के बावजूद देश के पास अभी भी समृद्ध यूरेनियम का भंडार है। एक्स पर एक पोस्ट में अली शमखानी ने कहा, "भले ही परमाणु स्थल नष्ट हो जाएं, लेकिन खेल खत्म नहीं हुआ है, समृद्ध सामग्री, स्वदेशी ज्ञान, राजनीतिक इच्छाशक्ति बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और परिचालन से जुड़ी पहल अब उस पक्ष के पास होती है जो चतुराई से खेलता है, अंधाधुंध हमलों से बचता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आश्चर्य जारी रहेगा!
न्यूयॉर्क में युद्ध-विरोधी प्रदर्शन, हाई अलर्ट पर कई शहर
अमेरिका के न्यूयॉर्क समेत कई प्रमुख शहर हाई अलर्ट पर हैं। ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद न्यूयॉर्क में युद्ध-विरोधी प्रदर्शन भी हुए।
UN महासचिव गुटेरस ने कहा, अमेरिकी हमले ‘पहले से ही जूझ रहे क्षेत्र में खतरनाक मोड़’ आने के संकेत
पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSS) का आपातकालीन विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा, अमेरिका ने ईरानी परमाणु सुविधाओं पर जो बमबारी की है, वह पहले से ही अशांति से जूझ रहे इस देश में खतरनाक मोड़ आने का संकेत दे रही है। इससे बचने के लिए कूटनीति को बढ़ावा देना होगा, नागरिकों की सुरक्षा करनी होगी, सुरक्षित समुद्री परिवहन की गारंटी देनी होगी।
अमेरिका के प्रति प्रतिक्रिया ‘युद्ध की स्थितियों’ पर निर्भर
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत ने IRNA के हवाले से जारी एक बयान में कहा, 'युद्ध की स्थितियों' के आधार पर तेहरान यह तय करेगा कि वह अमेरिकी आक्रामकता का जवाब कैसे देगा। उन्होंने इस्राइल की अमेरिका पर निर्भरता को ईरान की मिसाइल और रक्षा क्षमताओं के सामने उसकी कमजोरी का संकेत बताया।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से बोले ईरानी समकक्ष- अमेरिका को ‘उनके आक्रमण का जवाब मिलना चाहिए’
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कहा, अमेरिका को उसके परमाणु स्थलों पर हमलों का 'जवाब मिलना चाहिए।' ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, पेजेशकियन ने फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्ष से कहा है कि अमेरिकियों को हर हाल में उनके आक्रमण का जवाब मिलना ही चाहिए।
ब्रिटेन ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने का आह्वान किया
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से चिंतित ब्रिटिश विदेश सचिव डेविड लैमी ने कहा, अमेरिका ने परमाणु हथियार संपन्न ईरान के खतरे से निपटने के लिए कार्रवाई की है। ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, लेकिन अमेरिकी सेना के हमलों में ब्रिटेन शामिल नहीं है। लैमी ने कहा कि तनाव कम करने के लिए उन्होंने ईरान और इस्राइल में अपने समकक्षों से बात की है। संकट को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक, बातचीत से समाधान की अपील भी की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- बी-2 विमान के पायलट सुरक्षित अमेरिका लौटे
ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम गिराने के बाद अमेरिकी विमान बी-2 अमेरिका में स्वदेश लौट आए हैं। महान बी-2 पायलट अभी-अभी मिसौरी में सुरक्षित रूप से उतर गए हैं। अच्छी तरह से किए गए काम के लिए धन्यवाद!!!
ट्रंप ने एक अन्य ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा, 'शासन परिवर्तन' शब्द का प्रयोग करना राजनीतिक रूप से सही नहीं है, लेकिन यदि वर्तमान ईरानी शासन ईरान को एक बार फिर महान बनाने में असमर्थ है, तो शासन परिवर्तन क्यों नहीं होना चाहिए?
हिजबुल्ला ने कहा- अमेरिका ने नियंत्रण और अहंकार के भ्रम से प्रेरित होकर धोखा दिया
ईरान समर्थित लेबनानी समूह हिजबुल्ला ने ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा की। हालांकि, उसने तेहरान की जवाबी कार्रवाई में शामिल होने की धमकी नहीं दी है। हिजबुल्ला ने एक बयान में कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियंत्रण और अहंकार के भ्रम से प्रेरित होकर धोखा दिया है। अमेरिका, अहंकारी अत्याचारियों के साथ मिलकर इस्लामिक गणराज्य की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा बन चुका है।
ईरान को भारी नुकसान हुआ; अमेरिकी सेना की कार्रवाई पर बोले राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल लिखा, 'ईरान में परमाणु स्थलों को जो नुकसान हुआ है, वह 'बहुत बड़ा' है। हमले जोरदार और सटीक थे। हमारी सेना ने बहुत अच्छा कौशल दिखाया। धन्यवाद!'
ईरान परमाणु अप्रसार संधि का सम्मान करे : गुटेरस
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि ईरान को परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विश्वसनीय, समग्र, सत्यापन योग्य समाधान की आवश्यकता है। इसमें परमाणु सामग्रियों तक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की पूर्ण पहुंच भी शामिल होनी चाहिए। गुटेरस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र पश्चिम एशिया में संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है। ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमले पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यग पहले से ही संकटग्रस्त क्षेत्र के लिए एक खतरनाक मोड़ है। उन्होंने कहा कि लड़ाई रोककर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर और निरंतर वार्ता के रास्ते पर लौटना चाहिए।
ईरान का 60 फीसदी यूरेनियम कहां है, हमें पता है: पीएम नेतन्याहू
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने अपना 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम कहां रखा है इसके बारे में इस्राइल के पास पुख्ता जानकारी है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि उनका देश ईरान में अपना लक्ष्य हासिल करने के करीब है। नेतन्याहू ने कहा, हम अपने लक्ष्य हासिल करने से इतर इस मामले को और नहीं खींचना चाहते लेकिन हम इसे बहुत जल्दी खत्म भी नहीं करने जा रहे। हम ईरान के परमाणु खतरे और बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को खत्म के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा है कि उनका देश अमेरिका को निर्णायक तरीके से जवाब देगा। उनका यह बयान इस्राइल के साथ बढ़ते टकराव के बीच अमेरिकी सेना के हवाई हमलों यानी ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के बाद आया है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सटीक हमलों के बाद ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को बर्बाद कर दिया गया है। अब अगर ईरान जवाबी हमले करने का दुस्साहस करेगा तो अंजाम और भी भयावह होंगे। ओमान ने अमेरिकी हमले की निंदा करते हुए क्षेत्रीय तनाव कम करने की अपील की है। चीनी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच जारी परमाणु वार्ता के बीच ट्रंप के आदेश पर सेना का ऑपरेशन मिडनाइट हैमर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। हालांकि, चीन की सरकार ने ईरान में अमेरिकी सेना के हमलों के बाद अभी तक आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि उनका इरादा जमीनी लड़ाई में उतरने का नहीं है। ऐसे में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।