पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर जारी चिंताओं के बीच एयर फ्रांस ने पेरिस और तेल अवीव के बीच उड़ानों पर रोक बढ़ा दी है। पेरिस और तेल अवीव के बीच उड़ानें 15 अक्तूबर और पेरिस और बेरूत के बीच उड़ानें 26 अक्तूबर तक निलंबित रहेंगीं।
अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे ऑस्टिन III ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि हमास की ओर से सात अक्तूबर को इस्राइल पर किए गए आतंकवादी हमले को आज एक साल हो गया। हम इस्राइल की सुरक्षा, हमास से लड़ने और ईरान की आक्रामकता को रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेंगे। हमारा उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा देना है।
हिजबुल्ला ने दावा किया कि उसने इस्राइल के हाइफा शहर के उत्तरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रॉकेट दागे। अलजजीरा के मुताबिक हिजबुल्ला ने कहा कि कई रॉकेट हवाई रक्षा प्रणालियों को चकमा देकर जमीन पर गिरे। इससे कम से कम 10 लोग घायल हो गए।
इस्राइल ने एक बार फिर दक्षिणी लेबनान के बेरूत में एयर स्ट्राइक की है। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियाह में हिजबुल्ला ठिकानों पर इस्राइल ने हमले किए हैं।
इस्राइल की सेना ने एलान किया कि लेबनान सीमा पर हिजबुल्ला के हमले में इस्राइल के रिजर्व सैनिक की मौत हो गई। द टाइम्स ऑफ इस्राइल के मुताबिक सैनिक हेरूट निवासी 43 वर्षीय वारंट ऑफिसर (सेवानिवृत्त) अवीव मैगन को सीमा पर मोर्टार से मारा गया। वहीं दक्षिण लेबनान के एक अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में रात को हुए इस्राइली हमले में आठ अग्निशमन कर्मी मारे गए। इस्राइली हमले में बाराशीट में एक स्थानीय अग्निशमन केंद्र को निशाना बनाया गया। जहां 10 नागरिक सुरक्षा सदस्य मौजूद थे। इनमें से आठ के शव बरामद किए जा चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यह वैश्विक समुदाय के लिए हमास के घृणित कारनामों की निंदा करने का दिन है। साथ ही उन्होंने सभी पीड़ितों और उनके प्रियजनों के साथ एकजुटता भी व्यक्त की। सात अक्टूबर के हमले ने इंसानों को झकझोर दिया और आज हम उन सभी को याद करते हैं जो क्रूरता से मारे गए और यौन हिंसा सहित अकथनीय हिंसा का सामना करना पड़ा क्योंकि वे बस अपना जीवन जी रहे थे।'
हमास ने हमले की बरसी पर एक बार फिर तेल अवीव पर गाजा से रॉकेट दागे।
इस्राइल का कहना है कि गाजा से दागी गईं मिसाइलों के कारण तेल अवीव में सायरन बजे।
इस्राइल के महावाणिज्य दूत शोशानी ने कहा, 'इस तरह के हालातों में यह पहचाना जा सकता है कि कौन हमारा दोस्त है और कौन नहीं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र के महासचिव होने के लायक नहीं हैं। इसका कारण यह है कि वह ईरान से दागी जाने वाली एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की निंदा नहीं कर पा रहे हैं। कुछ यूरोपीय नेता इस्राइली सेना के काम को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। यह पाखंड है। अगर मिसाइलों को पेरिस, ओस्लो, आयरलैंड या स्पेन भेजा गया तो यह विनाशकारी होगा। मैं न केवल भारत सरकार बल्कि यहां के लोगों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि भारत में हमें जो प्यार और समर्थन मिलता है वह बहुत महत्वपूर्ण है। मैं 26/11 के बाद यहां आया था। मुझे कोलाबा में बारूद की गंध, ताज होटल की दीवारों में गोलियों के छेद, जनता की आंखों में डर याद है। भारत समझता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ना क्या होता है।'
कोब्बी शोशानी ने कहा, 'हमास का पहले ही खात्मा हो चुका है। हमने ईरान के प्रॉक्सी हिजबुल्ला के सदस्यों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाए हैं। हर उस देश के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो इस्राइल की ओर रॉकेट भेजने की कोशिश करेगा। हम इस बारे में बहुत स्पष्ट हैं। सरकार का उद्देश्य इस्राइल के दक्षिणी भाग और उत्तरी भागों से शरणार्थियों को वापस लाना है। विचार उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने का है।'
इस्राइली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने सोमवार को कहा कि शांति लाने के लिए दुनिया को इस्राइल का समर्थन करना चाहिए। दुनिया को यह समझना होगा कि इतिहास के पाठ्यक्रम को बदलने और क्षेत्र में शांति, बेहतर भविष्य लाने के लिए, उसे अपने दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई में इस्राइल का समर्थन करना चाहिए।
इस्राइल की सेना ने सोमवार को कहा कि लेबनान की सीमा पर हुए हमले में उसका एक सैनिक मारा गया और दो सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
माउंट लेबनान गवर्नरेट के सिन एल फिल में भारी विस्फोट
इस्राइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष के बीच माउंट लेबनान गवर्नरेट के सिन एल फिल में भारी विस्फोट हुआ। आज इजराइल पर हमास के हमले की पहली वर्षगांठ है।
इस्राइल की सुरक्षा शील्ड आयरन डोम इनमें से कई हमलों को रोकने में असफल रहा है। वहीं दूसरी ओर इस्राइल की ओर से भी गाजा, लेबनाना और सीरिया के कई इलाकों को निशाना बनाकर हमले किए गए है। इस्राइली सेना ने कहा कि लड़ाकू विमानों ने बेरूत में हिजबुल्ला के खुफिया मुख्यालय के लक्ष्यों पर हमला किया, जिसमें खुफिया जानकारी जुटाने के साधन, कमांड सेंटर और अतिरिक्त बुनियादी ढांचा स्थल शामिल थे।