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West Asia Tension LIVE: इस्राइली PM नेतन्याहू US दौरे पर, तेहरान के तेवर उग्र; क्या ईरान में फिर छिड़ेगी जंग?

Mon, 27 Jul 2026 04:12 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

03:37 PM, 27-Jul-2026

ईरान ने राजनयिक की हिरासत को लेकर फ्रांसीसी राजदूत को तलब किया

तेहरान ने इस महीने की शुरुआत में ईरान के सुरक्षा बलों द्वारा दो फ्रांसीसी राजनयिकों की हिरासत के मामले को संबोधित करने के लिए फ्रांसीसी राजदूत को तलब किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा, "इस बात पर जोर दिया गया कि फ्रांसीसी सरकार को भ्रामक नामों के तहत ईरान के आंतरिक मामलों में इस तरह की कार्रवाई और हस्तक्षेप बंद करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि राजनयिकों की कार्रवाई "नागरिक समाज के साथ बातचीत करने के बहाने" की गई थी।

19 जुलाई को दो फ्रांसीसी राजनयिकों को हिरासत में लिया गया और कई घंटों तक पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें दूतावास लौटने की अनुमति दी गई। राजनयिकों में से एक ने बताया कि उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया गया था। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने इस घटना को "धमकी का एक अत्यंत गंभीर कृत्य" बताया।

02:40 PM, 27-Jul-2026

गाजा में इस्राइली सेना की गोलीबारी, दो फलस्तीनी मारे गए

गाजा में इस्राइली हमले जारी हैं। इस बीच, खान यूनिस के दक्षिण में सहायता वितरण केंद्रों के बाहर इस्राइली सेना की गोलीबारी में दो फलस्तीनी लोगों की मौत हो गई।

अल जजीरा को मेडिकल सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। इस मामले पर इस्राइली सेना की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अक्तूबर 2025 से गाजा पट्टी में युद्धविराम समझौता लागू है।

इसके बावजूद इस्राइली सेना युद्ध से तबाह फलस्तीनी इलाके के करीब 70 फीसदी हिस्से पर नियंत्रण बनाए हुए है।

02:36 PM, 27-Jul-2026

कैस्पियन सागर में हमले को ईरान और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ा

कैस्पियन सागर में एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर हुए घातक हमले को लेकर ईरान और यूक्रेन के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दोनों देश इस हमले को लेकर अपने-अपने पक्ष को मजबूती से सामने रख रहे हैं।

अरब पर्सपेक्टिव्स इंस्टीट्यूट के संस्थापक निदेशक जायदोन अल कनानी ने कहा कि इस हमले को लेकर ईरान और यूक्रेन की सोच बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि अगर यह जहाज ईरान से रूस भेजा गया था, तो यूक्रेन का तर्क है कि वह केवल अपनी रक्षा कर रहा था।

अल कनानी ने एक दूसरे संभावित कारण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शायद ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वह समर्थन देने की कोशिश कर रहे हैं, जो उन्हें यूरोपीय देशों से नहीं मिला।

उनके अनुसार, यूक्रेन की कोशिश हो सकती है कि इससे अमेरिका रूस पर सीधे ज्यादा दबाव बनाए। अल कनानी ने कहा कि अगर कैस्पियन सागर की स्थिति और बिगड़ती है तो यूक्रेन का सामना सिर्फ रूस से नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इसका मतलब होगा कि यह अब केवल क्षेत्रीय युद्ध नहीं रहेगा, बल्कि एक ऐसा संघर्ष बन जाएगा जिसका असर कई क्षेत्रों पर पड़ेगा।

 

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07:38 AM, 27-Jul-2026

ईरान युद्ध की सूची से हटाए गए चार अमेरिकी सैनिकों के नाम

हाल के हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों के नाम अब पेंटागन की आधिकारिक ईरान युद्ध हताहतों की सूची में नहीं हैं। अब उन्हें एक नई और अलग श्रेणी में रखा गया है। इस बदलाव के बाद सवाल उठ रहे हैं कि युद्ध में अमेरिकी सैनिकों को हुए नुकसान की सही गिनती हो रही है या नहीं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान पर हमले तेज कर रहा है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया है कि इस युद्ध को कैसे खत्म किया जाएगा। कई अमेरिकी इस युद्ध के पक्ष में नहीं हैं। 

07:32 AM, 27-Jul-2026

ट्रंप के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं: नेतन्याहू

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को अमेरिका जाएंगे और वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात फरवरी में वाशिंगटन में हुई थी। उसके कुछ ही हफ्ते बाद ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू हुआ, जिसमें उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेताओं की मौत हुई।

युद्ध शुरू होने के दो दिन बाद ईरान समर्थित हिजबुल्ला ने इस्राइल पर हमला किया था। इसके जवाब में इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले किए और थल सेना भेजी। इसके बाद से अमेरिका लेबनान और इस्राइल के बीच सीधे संवाद कराने की कोशिश कर रहा है, ताकि तनाव कम हो और हिजबुल्ला को हथियार छोड़ने का रास्ता निकाला जा सके।

नेतन्याहू ने रविवार को फॉक्स न्यूज से कहा कि वह ईरान को कमजोर करने और उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए ट्रंप के प्रयासों का पूरी तरह समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप बिना बड़े सैन्य संघर्ष में लौटे यह लक्ष्य हासिल कर सकते हैं, तो यह अच्छी बात होगी। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि वह अपने 'अच्छे मित्र' ट्रंप को कोई नई जानकारी नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वह यह जानना चाहेंगे कि ट्रंप आगे क्या सोच रहे हैं, क्योंकि कई मामलों में फैसला उन्हीं को करना है। हालांकि, नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने फिर से सीधे या अपने समर्थक सशस्त्र समूहों के जरिये इस्राइल पर हमला किया, तो वह बहुत बड़ी गलती करेगा।
 

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07:28 AM, 27-Jul-2026

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही तीन हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर

होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर से जुड़े बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बनी हुई है। पिछले हफ्ते ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने वहां सऊदी अरब के जहाजों की आवाजाही रोकने की धमकी दी थी। दुनियाभर में ऊर्जा की आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ रहा है। पेट्रोल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाली एक समुद्री संस्था ने रविवार को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की संख्या तीन हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। संस्था ने कहा कि पिछले 72 घंटों में किसी नए हमले की पुष्टि नहीं हुई है। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है।

07:22 AM, 27-Jul-2026

West Asia Tension LIVE: इस्राइली PM नेतन्याहू US दौरे पर, तेहरान के तेवर उग्र; क्या ईरान में फिर छिड़ेगी जंग?

अमेरिका ने रविवार को लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमला नहीं किया। ईरान ने भी कहा कि उसने भी हमले रोक दिए हैं। इस बीच, दोनों देशों को फिर से अंतरिम युद्धविराम समझौते पर बातचीत की मेज पर लाने की कोशिशें जारी हैं। हाल के दिनों में दोनों तरफ से हुई गोलीबारी और हमलों के कारण यह समझौता काफी कमजोर पड़ गया था।

यह साफ नहीं है कि अमेरिका ने हमले क्यों रोके हैं। पिछले करीब दो हफ्तों में अमेरिका ने ईरान के तटीय इलाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था। यह तनाव तब शुरू हुआ था, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी की थी। अमेरिका के रक्षा विभाग ने रविवार को इस बारे में पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने फॉक्स न्यूज से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बातचीत को आगे बढ़ने का मौका दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओमान, ईरान और कई अन्य बातचीत में शामिल पक्ष पिछले कुछ हफ्तों से लगातार संपर्क में हैं। वरिष्ठ स्तर से लेकर तकनीकी स्तर तक बातचीत चल रही है।  
 

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