ईरान के बुशहर प्रांत के स्थानीय अधिकारी एहसान जहानियां ने बड़ा आरोप लगाया है। सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' के हवाले से अमेरिका पर देश के एकमात्र बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास दोपहर के वक्त एक संवेदनशील हवाई हमला करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है, जबकि अमेरिकी सैन्य मुख्यालय सेंट्रल कमांड ने कुछ ही घंटों पहले ईरान पर अपने हमलों को समाप्त करने का दावा किया था; हालांकि इस कथित बमबारी पर अमेरिकी अधिकारियों ने फिलहाल पूरी तरह चुप्पी साध रखी है और रूसी तकनीशियनों द्वारा संचालित इस प्लांट को किसी सीधे नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरान की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के बीच गुरुवार को बहरीन में तीसरी बार हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजे हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर धोखा देने और युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया। ईरान ने कहा कि अमेरिकी हमले में उसके दो रेलवे ब्रिज को नुकसान हुआ। ईरान ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज में जहाजों पर हमले का आरोप लगाकर हमला बोला, जबकि ये आरोप झूठे हैं। ईरान ने ये भी कहा कि अमेरिका की कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर और युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन है।
मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ लंबे युद्ध की तैयारी कर रही है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, यह युद्ध हफ्तों से लेकर महीनों तक खिंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल के युद्धविराम के दौरान बड़ी संख्या में तेल टैंकर होर्मुज से निकले, जिसके चलते अमेरिका के पास मौका है कि वह थोड़ा लंबे समय तक हमलों को जारी रख सकता है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं। ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे। हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान इराक के कर्बला शहर में जनसैलाब उमड़ पड़ा और सड़कें पूरी तरह से लोगों से भर गईं। इस दौरान खामेनेई के ताबूत को कंधा देते हुए लोग रोते हुए देखे गए। कर्बला के बाद खामेनेई का ताबूत ईरान लौटेगा, जहां उन्हें सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा।
बहरीन की सेना ने कहा है कि उनके एयर डिफेंस ने ईरान के कई हवाई हमलों को नाकाम कर दिया है। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए थे।
अमेरिका के हमले में ईरान में 78 लोग घायल
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के हमले में ईरान में 78 लोग घायल हुए हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से यह दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें से 47 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कहा कि आज दुनिया में कई संघर्ष चल रहे हैं और अस्थिरता का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी संघर्ष सिर्फ बातचीत और कूटनीति के जरिए ही सुलझाया जा सकता है।
सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने गुरुवार को एक स्थानीय अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान के पश्चिमी हिस्से में अमेरिकी हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, खुजेस्तान में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए डिप्टी गवर्नर वलीओल्लाह हयाती ने पत्रकारों को बताया कि अहवाज शहर के बाहरी इलाके में अमेरिकी हमले में तीन लोग मारे गए और कई घायल हो गए।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के नौ जहाज अब भी होर्मुज जलडमरूमध्य मौजूद हैं। इन जहाजों पर कुल 198 भारतीय नाविक सवार हैं। शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, सभी भारतीय जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी जहाज पर हमला नहीं हुआ है। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से मंगलवार तक भारत से जुड़े 50 भारतीय और विदेशी ध्वज वाले जहाज, जिनमें भारत के लिए माल ले जाया जा रहा था, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित होकर गुजर चुके हैं।
अल जजीरा ने ईरानी राज्य समाचार एजेंसी 'IRNA' के हवाले से बताया कि दक्षिण-पूर्वी ईरान के ईरानशाह हवाई अड्डे पर हुए हमले में ऑन-ड्यूटी दमकलकर्मी की मौत हो गई। स्थानीय गवर्नर के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे शहर में चार जोरदार धमाके सुने गए। जांच में सामने आया कि मिसाइलें/गोले हवाई अड्डे के उड़ान सुविधा भवन और मौसम स्टेशन पर गिरे, जिससे दोनों संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने अपने हमले नहीं रोके, तो अमेरिका की ओर से की जा रही बमबारी और ज्यादा भयानक होगी। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हालिया अमेरिकी हवाई हमले दरअसल ईरान द्वारा एक दिन पहले जहाजों पर की गई बमबारी के जवाब में किए गए हैं। ट्रंप ने लिखा, 'यह कल ईरान द्वारा जहाजों पर की गई बमबारी का बदला है। अगर ऐसा दोबारा हुआ, तो अंजाम बहुत बुरा होगा!' इस पोस्ट के साथ उन्होंने कुछ तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि ये ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों के बाद के दृश्य हैं।
अल जजीरा ने ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के हवाले से बताया है कि, ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर में आठ विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जिसके परिणामस्वरूप हवाई रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया गया।
अमेरिका ने ईरान पर एक और चरण के हमले करने की पुष्टि कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 'X' (ट्विटर) पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के खिलाफ अतिरिक्त हवाई हमले शुरू किए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक क्रू के खिलाफ हाल ही में ईरान द्वारा की गई अकारण आक्रामकता के लिए उसे पूरी तरह जिम्मेदार ठहराता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान से एक बार फिर धमाकों की खबर आ रही है। अल जजीरा ने मेहर समाचार एजेंसी के हवाले से बताया है कि, दक्षिण-पूर्वी ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण तटीय शहरों कोनरक और चाबहार के पास विस्फोट की आवाज सुनी गई।
मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के बंदर अब्बास शहर में विस्फोट की आवाज सुनी गई।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिकी सेना इसका कड़ा जवाब देगी। वाशिंगटन डीसी में एक मीडिया वार्ता के दौरान वेंस ने कहा, अगर ईरान इस जलमार्ग को बंद करने की कोशिश करता है, तो अमेरिकी सेना की तरफ से जवाबी कार्रवाई होगी। यही तय हुआ है।
उन्होंने आगे कहा, हमारा सीधा सा समझौता यह था कि अगर आप जहाजों पर हमला करना बंद कर देंगे, तो हम अपनी नाकेबंदी हटा लेंगे। लेकिन अगर आप जहाजों पर हमला करेंगे, तो हम भी पलटवार करेंगे। वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के पास दो ही रास्ते हैं। वह या तो इस समझौते को माने, या फिर वही भुगते जो पिछली रात हुआ था। उन्होंने साफ किया कि जब तक ईरान इस समुद्री रास्ते को नहीं खोलता और जहाजों पर हमला करना बंद नहीं करता, तब तक अमेरिकी कार्रवाई जारी रहेगी।