ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि हाल ही में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 35 लोगों की मौत हो गई है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने यह जानकारी दी।
अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि उसने ईरान पर दिन के उजाले में फिर से हमले किए हैं, जो हमलों की बढ़ती रफ्तार का हिस्सा है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
ईरानी सेना ने कहा है कि इरानशहर के बम्पूर गैरीसन पर हुए अमेरिकी हमले का उचित समय पर निर्णायक जवाब दिया जाएगा। सेना ने इस हमले को कायरतापूर्ण आक्रामकता करार दिया है।
सेना के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने बम्पूर स्थित सैन्य बैरक पर 13 मिसाइलें दागीं। इस हमले में 388वीं ब्रिगेड के सात सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। ईरानी सेना ने दावा किया कि 'निष्क्रिय रक्षा उपायों' की वजह से जनहानि को सीमित रखने में मदद मिली।
सेना का आरोप है कि अमेरिकी हमलों का उद्देश्य अधिकतम जनहानि पहुंचाना था। इसके तहत सैन्य अड्डे के गेस्ट हाउस, सुरक्षा चौकियों और आवासीय सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में हाल के दिनों में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है। यह जानकारी ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बुधवार को दी। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि रातभर हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालांकि, फातेमेह मोहाजेरानी ने यह साफ नहीं किया कि उन्होंने 30 से अधिक मौतों का आंकड़ा किस अवधि के दौरान में दिया है। अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी संघर्ष के दौरान ईरान ने हताहतों के आंकड़े केवल सीमित अंतराल के साथ ही सार्वजनिक किए हैं।
मध्य गाजा पट्टी के शहर दीर अल-बलाह में एक घर पर इस्राइली हेलीकॉप्टर से किए गए हवाई हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। मृतकों में छह साल की एक बच्ची भी शामिल है। बुधवार तड़के हुए इस हमले में एक परिवार के घर को सीधे निशाना बनाया गया। हमले में 33 वर्षीय उमर सामी अहमद अबू कासिम, उनकी पत्नी अस्मा गाजी अबू कासिम और उनकी छह वर्षीय बेटी हबीबा उमर सामी अबू कासिम की मौत हो गई। बताया गया कि इस हमले के बीच गाजा पट्टी के कई इलाकों में लगातार गोलाबारी और हवाई हमले जारी हैं।
ईरान के पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत के होविजेह इलाके में अमेरिका ने एक गेहूं भंडारण केंद्र पर हमला किया है। प्रांत के उप-गवर्नर ने सरकारी समाचार एजेंसी फार्स को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, रात के समय हुए हमले में अमेरिकी मिसाइल ने गेहूं भंडारण केंद्र को प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जॉर्डन ने बुधवार को दावा किया कि उसकी सेना ने उनके देश को निशाना बनाकर ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों को मार गिराया। इससे पहले तेहरान ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। जॉर्डन की सेना ने सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के जरिए जारी बयान में कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई तीनों मिसाइलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के कहा कि उसने ईरान को निशाना बनाकर किए गए हमलों का अपना ताजा दौर पूरा कर लिया है। ये हमले ऐसे समय किए गए जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान पर दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि यह सैन्य अभियान करीब सात घंटे तक चला। इस दौरान ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ तटीय रक्षा प्रणालियों और नौसैनिक संसाधनों को निशाना बनाया गया। वहीं, ईरान की ओर से फिलहाल इन हमलों में हुए किसी भी तरह के नुकसान या हताहतों की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
ईरान ने समुद्री नाकाबंदी बहाल करने के अमेरिकी फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह का दबाव या सैन्य कार्रवाई तेहरान को बातचीत के लिए मजबूर नहीं कर सकती। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि वाशिंगटन का यह कदम क्षेत्र के संकट को और ज्यादा गहरा कर देगा।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश में सुरक्षा चेतावनी के सायरन सक्रिय कर दिए गए हैं। मंत्रालय ने सभी निवासियों से पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की अपील की है। यह घोषणा क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव और खाड़ी देशों में अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाकर किए जा रहे ईरानी हमलों के बीच की गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर पूरे क्षेत्र में जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि, पिछले सात दिनों में ईरान ने पूरे इलाके में सात कमर्शियल जहाजों पर हमला करके जान-बूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाया है, जिससे लगभग एक दर्जन क्रू मेंबर मारे गए, लापता हो गए या घायल हो गए। ईरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन भी दागे हैं। अमेरिकी सेना ईरान को इस गैर-जरूरी आक्रामकता के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, जिससे बेगुनाह लोगों की जान को खतरा बना हुआ है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान की समाचार एजेंसी फार्स ने दक्षिणी ईरान के बंपुर और चाबहार में कई विस्फोटों की सूचना दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन विस्फोटों का सटीक स्थान तुरंत पता नहीं चल सका।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच दक्षिणी ईरान से नए धमाकों की खबरें आ रही हैं। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी (IRIB) की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी ईरान के अहवाज शहर में एक और धमाका हुआ और केशम द्वीप पर कई धमाकों की आवाज सुनी गई।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फिर से शुरू कर दी है, और CENTCOM का कहना है कि वर्तमान में 20 से अधिक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान मध्य पूर्व में सक्रिय हैं।
U.S. forces resumed the naval blockade against vessels transiting to and from Iranian ports and coastal areas today at 4 p.m. ET.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 14, 2026
There are currently more than 20 U.S. Navy warships and hundreds of military aircraft operating across the Middle East. American forces remain… pic.twitter.com/ATRJHlLQNo
अमेरिकी सेना ने ईरान में सैन्य ठिकानों पर एक और दौर के हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू होने से कुछ घंटे पहले की गई है। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इस सैन्य अभियान की जानकारी दी है। अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इन हमलों का मुख्य लक्ष्य उभरते हुए खतरों को खत्म करना था। अमेरिका और ईरान के बीच यह ताजा सैन्य टकराव पिछले हफ्ते शुरू हुआ था। यह टकराव होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर ईरान के हमलों के बाद शुरू हुआ था।
At 3 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching an additional round of strikes against Iran to continue degrading Iranian capabilities used to attack commercial shipping in the Strait of Hormuz. The strikes are taking place as American forces prepare to resume the…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 14, 2026