04:08 AM, 22-Apr-2026
ट्रंप ने ईरान से आठ महिलाओं की रिहाई की अपील की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से मुकदमों का सामना कर रही आठ महिलाओं को रिहा करने की अपील की है। ट्रंप ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर छह महिलाओं और दो किशोरियों की तस्वीर साझा की, जिनके बारे में एक रूढ़िवादी कार्यकर्ता ने दावा किया था कि वे ईरानी सरकार के मुकदमों का सामना कर रही हैं।
ट्रंप ने लिखा, 'कृपया उन्हें कोई नुकसान न पहुंचाएं! यह हमारी बातचीत की अच्छी शुरुआत होगी।' मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, तस्वीर में शामिल पांच महिलाओं को इस साल की शुरुआत में हुए व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक महिला, जो ईरान के बहाई समुदाय से है, पर शैतानी नेटवर्क और इस्राइल के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया गया है।
मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, बीता हेम्मती को प्रदर्शनों में भाग लेने के बाद तेहरान में मौत की सजा सुनाई गई है। महबूबेह शबानी को मशहद में गिरफ्तार किया गया था और उस पर ईश्वर से दुश्मनी का आरोप लगाया गया है, जिसके तहत उसे मौत की सजा हो सकती है। डायना ताहेर आबादी और गजल घलंदरी, दोनों 16 वर्ष की हैं, जिन्हें क्रमशः करज और यासूज में प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
वेनेस होसैन नेजाद, जो बहाई समुदाय से हैं, को जनवरी में दक्षिण-पूर्वी ईरान में उनके कार्यस्थल से गिरफ्तार किया गया। गोलनार नरागी, 37 वर्षीय आपातकालीन चिकित्सक, को तेहरान में प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। अन्य दो महिलाओं की पहचान एन्सियेह नेजाती और पनाह मोवाहेदी सलामत के रूप में हुई है, हालांकि उनकी स्थिति को लेकर तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है।
फांसी से इनकार
ईरान के सरकारी टीवी ने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया कि इन महिलाओं को फांसी का खतरा है। न्यायपालिका की मीजान समाचार एजेंसी के हवाले से कहा गया कि कुछ महिलाओं को पहले ही रिहा किया जा चुका है, जबकि अन्य पर लगे आरोप—यदि अदालत में साबित होते हैं—तो उन्हें जेल की सजा हो सकती है, न कि मौत की सजा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किन महिलाओं को रिहा किया गया है।