थाईलैंड में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन सी फेलन के इस्तीफे पर डोनाल्ड ट्रंप सरकार पर तीखा तंज कसा है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका में बदलाव जारी है। इससे पहले श्रम सचिव लोरी चावेज-डेरेमर के इस्तीफे पर भी दूतावास ने मजाक उड़ाते हुए कहा था कि अमेरिका दूसरे देशों के बजाय खुद अपने यहां सत्ता परिवर्तन देख रहा है। पेंटागन ने पुष्टि की है कि नौसेना सचिव जॉन फेलन ने इस्तीफा दे दिया है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में किसी सैन्य प्रमुख का यह पहला इस्तीफा है। यह इस्तीफा युद्ध सचिव पीट हेगसेथ की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वे सेना के शीर्ष अधिकारियों को हटा रहे हैं। इससे पहले जनरल रैंडी जॉर्ज और कई अन्य बड़े जनरलों को भी पदों से हटाया जा चुका है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दक्षिण कोरिया के विशेष दूत चांग ब्योंग-हा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में अस्थिरता के लिए अमेरिका और इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया। अराघची ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका-इस्राइल की आक्रामकता ही असुरक्षा की असली जड़ है। उन्होंने इन देशों के कामों को अपराध बताया और अन्य देशों से इनकी निंदा करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने अपनी सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कदम उठाए हैं। अराघची ने कहा कि, किसी भी परिणाम के लिए हमलावर देश ही जिम्मेदार होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है। पाकिस्तान ने बातचीत के दूसरे दौर की मेजबानी करने का प्लान बनाया था, लेकिन ईरान के बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिशों को मना करने पर व्हाइट हाउस ने वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस की इस्लामाबाद की प्लान की गई यात्रा को रोक दिया। ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार, ईरान ने युद्धविराम बढ़ने की बात तो मानी है, लेकिन वह नई बातचीत के लिए तैयार नहीं है।
इस बीच, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीसरे जहाज पर हमला किया, जिससे युद्ध खत्म करने की कोशिशों पर सवाल उठ रहे हैं। जिस जहाज पर हमला हुआ उसका नाम यूफोरिया है। मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि यह जहाज ईरानी तट पर फंस गया था, लेकिन उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। इससे पहले ईरान ने दो अन्य जहाजों पर हमला करके उन्हें अपने कब्जे में ले लिया था।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका को एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि वे बातचीत और समझौते के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक कूटनीति के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके लिए अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकाबंदी तुरंत खत्म करनी होगी। राष्ट्रपति ने साफ किया कि अमेरिका की यह पाबंदी उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने अमेरिका की धमकी भरी भाषा और पुराने वादे तोड़ने पर भी नाराजगी जताई।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हवाई हमले में लेबनानी पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई। वह इस्राइल-हिजबुल्ला संघर्ष की रिपोर्टिंग कर रही थीं और हमले के दौरान एक घर में शरण ली हुई थी। बचावकर्मियों के अनुसार, उनका शव मलबे से कई घंटे बाद निकाला गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला दक्षिणी गांव अल-तिरी में हुआ। खलील इससे पहले एक अन्य हवाई हमले के बाद अपने सहयोगी के साथ कार से उतरकर इस घर में छिप गई थीं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पहले हमले में दो लोगों की मौत हुई, जबकि दूसरे हमले में उसी घर को निशाना बनाया गया जहां खलील और उनकी सहयोगी जैनब फराज मौजूद थीं।
बचावकर्मी शुरुआत में फराज को गंभीर हालत में निकालने में सफल रहे। लेकिन इस्राइली गोलीबारी के कारण उन्हें खलील तक पहुंचने का प्रयास रोकना पड़ा। कई घंटों बाद लेबनानी सेना, पुलिस और रेड क्रॉस की मदद से उनका शव निकाला जा सका।
इस्राइली सेना ने कहा कि गांव में कुछ लोगों ने युद्धविराम का उल्लंघन किया था, जिससे उनके सैनिकों को खतरा था। हालांकि, सेना ने पत्रकारों को निशाना बनाने और बचाव कार्य में बाधा डालने के आरोपों से इनकार किया है और मामले की जांच की बात कही है।
लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी मारियो नौफल ने एक ईरानी न्यूज के हवाले से दावा किया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों का विस्तृत नक्शा जारी किया है और दावा किया है कि 97 फीसदी से अधिक इंटरनेट ट्रैफिक इन्हीं केबलों से होकर गुजरता है। यदि संघर्ष जारी रहा तो वह वैश्विक इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह तबाह कर सकता है।
मारियो ने ईरान की अर्धसरकारी न्यूज तस्नीम के हवाले से बताया कि नक्शे के अनुसार होर्मुज से कम से कम सात प्रमुख समुद्री केबले गुजरती हैं, जो ई-कॉमर्स, क्लाउड सेवाओं और संचार के लिए अहम हैं। रिपोर्ट में होर्मुज को खाड़ी देशों की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए संवेदनशील बताया गया है।
ईरान ने बुधवार को एक शख्स को फांसी दी। ईरान की न्यायपालिका की न्यूज एजेंसी मिजान के मुताबिक,मेहदी फरीद को कोम प्रांत में इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद से संबंध रखने का दोषी ठहराया गया। उस पर आरोप लगाया गया कि एक संवेदनशील सरकारी संगठन के साथ काम करने के साथ ही मोसाद को खुफिया जानकारी साझा करता था। मानवाधिकार कार्यकर्ता लंबे समय से ईरान में बगैर खुद के बचाव का मौका दिए सजा देने के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं।
यहां होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के बारे में क्या ज्ञात है और क्या ज्ञात नहीं है, उसका एक विवरण दिया गया है-
■ जहाजों पर हमलों में फिर से बढ़ोतरी हुई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट्स में बताया है कि अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने बुधवार को जलडमरूमध्य में तीसरे जहाज पर हमला किया।
■ नूर न्यूज, फार्स और मेहर ने बताया कि गार्ड ने एक जहाज यूपोरिया पर हमला किया। उन्होंने कहा कि वह जहाज ईरानी तट पर फंस गया था। लेकिन इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई।
■ ईरानी सरकारी टेलीविजन ने अलग रिपोर्ट में बताया कि आईआरजीसी ने पहले दो जहाजों को जब्त किया, जिन पर हमला हुआ था। यह घटना शनिवार को दो जहाज पर हमलों के बाद हुई, जिससे मार्च के मध्य से चला आ रहा शांति का दौर समाप्त हो गया।
■ जिन जहाजों को जब्त किया गया, उनमें लाइबेरिया के ध्वज वाला जहाज एपामिनोंडास और पनामा के ध्वज वाला जहाज एमएससी फ्रांसेस्का शामिल था। दोनों मालवाहक जहाज थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये जहाज किस शर्त पर इस जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे।
■ ईरान के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि यह जलडमरूमध्य खुला है। लेकिन अगले ही दिन आईआरजीसी ने इसका खंडन कर दिया।
■ छह क्रूज जहाज फरवरी के अंत से फारस की खाड़ी में फंसे हुए थे। उन्होंने इस संकरे जलमार्ग के खुला रहने पर जलडमरूमध्य को पार कर दिया था। लेकिन इसके बाद से समुद्री यातायात लगभग बंद हो गया।
■ जोखिम विश्लेषण कंपनी वेरिस्क मैपलक्रॉफ्ट में पश्चिम एशिया के विश्लेषक टोर्बजॉर्न सॉल्टवेड्ट ने कहा कि जहाजों पर हमले फिर से इसलिए बढ़े हैं, क्योंकि लोगों में भ्रम की स्थिति है कि समुद्री रास्ता वास्तव में खुला है या बंद। ट्रंप की तरफ से कहा गया कि समुद्री रास्ता पूरी तरह खोल दिया गया है। लेकिन ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि इसे सिर्फ सीमित रूप से खोला गया है। इसके बाद शनिवार को हालात अचानक बदल गए और आईआरजीसी ने कहा कि यह जलडमरूमध्य अब बंद है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बुधवार को स्थिति उस समय और खराब हो गई, जब ईरान ने तीन जहाजों पर हमला किया। यह वही जलमार्ग है, जिसके बंद होने से दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। इसी मार्ग से दुनिया का के तेल का लगभग एक-पाचवां हिस्सा टैकरों के जरिये जाता है। हस जलमार्ग का इस्तेमाल बंद हो जाने से टैंकर रुक गए हैं और ऊर्जा संकट गहरा गया है।
हमले ऐसे समय हुए, जब एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के साथ दो हफ्ते का युद्धविराम बढ़ाएंगे। ईरान ने कहा कि उसने तीन बाहर जा रहे जहाजों पर गोली चलाई और दो को जब्त कर लिया। ईरान ने इसे अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी का जवाब बताया।
उसका कहना है कि अमेरिका ने उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी की है और एक ईरानी जहाज पर भी कार्रवाई की गई, जो नहीं रुका था। मार्च के मध्य से जहाजों पर हमले कम हो गए थे, क्योंकि ईरान ने इस जलमार्ग पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित कर लिया था। जहाजों पर हमले का डर ही उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए काफी था।
ईरान की ओर से अनुमति मिलने के बाद कुछ जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने दिया गया था। ईरान जहाजों से माल, स्वामित्व और चालक दल की जानकारी मांग रहा था। कुछ मामलों में उसने तेल पर प्रति बैरल एक डॉलर का कर लगाया या बड़े टैंकर पर लगभग दो मिलियन डॉलर तक शुल्क वसूला गया।