संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने अहम बयान दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के तहत एजेंसी को ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने का काम सौंपा गया है। ग्रॉसी ने टोक्यो में पत्रकारों को बताया कि सही निगरानी के लिए ठिकानों पर जाकर जांच करना जरूरी है। इसके लिए तकनीकी काम शुरू हो गया है। ग्रॉसी ने उम्मीद जताई है कि उनकी टीम जल्द ही ईरान का दौरा करेगी।
इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की। ताजानी ने साफ किया कि इटली ने ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि इटली ने अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए कभी नहीं होने दिया। इसके साथ ही ताजानी ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की मांग की।
Ho parlato con il Ministro degli Esteri iraniano @araghchi. L’Italia non ha mai preso parte ad alcuna iniziativa militare e non ha mai autorizzato l’utilizzo delle basi per azioni di guerra contro l’Iran, nel rispetto più rigoroso dei trattati con gli Stati Uniti. Ho chiesto che… pic.twitter.com/9LC5ad7r9C
— Antonio Tajani (@Antonio_Tajani) June 25, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि उनका प्रशासन ईरान की मुक्त की गई संपत्तियों का उपयोग अमेरिकी कृषि उत्पादों को खरीदने के लिए करेगा। लेकिन ईरान के संसदीय अध्यक्ष और ईरानी वार्ता दल के एक प्रमुख व्यक्ति मोहम्मद बगेर गालिबफ ने इस दावे को खारिज कर दिया है। गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स लिखा 'अमेरिका झूठा दावा करता है कि हमारी मुक्त संपत्ति से हम उनकी कृषि उपज खरीद लेंगे। दिलचस्प बात है। हम जो फसल काट रहे हैं, वह तो आपने ही बोई है: दशकों का अविश्वास। यह जैविक है, प्रचुर मात्रा में है और स्वदेशी है। लेकिन जाहिर तौर पर अमेरिका सिर्फ आनुवंशिक रूप से संशोधित सोयाबीन, टूटे वादे और झूठे दावे ही निर्यात करता है।
America falsely claims our unfrozen assets will buy their agriculture. Interesting. The only crop we're harvesting is what you planted: decades of mistrust. It's organic, abundant, and homegrown. But apparently the US only exports GMO soybeans, broken promises and trash talks.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) June 25, 2026
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर कहा कि इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान, सीरिया और गाजा में 'जितने समय तक जरूरी होगा, उतने समय तक' अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी। यह बयान उन्होंने दक्षिणी इस्राइल में अधिकारियों के एक दीक्षांत समारोह के दौरान दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की जमा की गई संपत्तियों का इस्तेमाल अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने के लिए किया जाएगा। उन्होंने एक कार्यक्रम में अमेरिकी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि हम उनका कुछ पैसा लेंगे और उससे गेहूं, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें खरीदेंगे। यह प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और काफी बड़ी होगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान के जमा किए गए धन का उपयोग अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने में किया जाएगा, जिन्हें बाद में ईरान को उपलब्ध कराया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये जहाजों की निकासी की योजना को रोक दिया है। यह कदम तब उठाया गया है, जब ब्रिटिश सेना ने जानकारी दी कि गुरुवार को ओमान के तट के पास एक जहाज पर प्रक्षेप्य (प्रोजेक्टाइल) से हमला किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के प्रमुख ने कहा कि जब तक एजेंसी को निकासी सूची में शामिल जहाजों और पूरे क्षेत्र के लिए सुरक्षा की गारंटी की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इस योजना को स्थगित रखा जाएगा।
यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह प्रक्षेप्य किसने दागा और किस प्रकार के जहाज को निशाना बनाया गया था। यह हमला उस खबर के कुछ घंटे बाद हुआ, जिसमें कहा गया था कि ईरान ने बिना इजाजत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को रोकने की धमकी दी है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल के युद्ध में मदद करने के दावे को खारिज किया है। पीएम मेलोनी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान दिया।
मेलोनी ने कहा कि इटली ने ईरान संघर्ष में कभी हिस्सा नहीं लिया और केवल अमेरिकी सेना को 'तकनीकी और लॉजिस्टिक' सहायता प्रदान की है। इससे पहले, नाटो प्रमुख मार्क रूटे ने फॉक्स न्यूज को दिए एक बयान में कहा था कि 500 अमेरिकी विमान इटली में अमेरिकी ठिकानों से उड़ान भरकर अमेरिका के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को समर्थन देने गए थे, जिसे वाशिंगटन ने इस्राइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ चलाया गया संयुक्त अभियान बताया है।
दक्षिणी लेबनान के नबातियेह इलाके के बाहरी हिस्से में इस्राइली हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है। यह हमला उस समय हुआ है, जब वाशिंगटन में बातचीत जारी है। इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान के उन इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को लगातार निशाना बना रही है, जिन पर उसका कब्जा है। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मार्च में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 4,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।