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West Asia LIVE: अमेरिकी हमले में जान गवाने वाले भारतीय नाविकों के शव पहुंचे भारत, दूतावास ने की पुष्टि

Wed, 17 Jun 2026 01:57 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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लाइव अपडेट

01:50 PM, 17-Jun-2026

अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों के शव पहुंचे भारत

ओमान में भारतीय दूतावास ने बुधवार को पुष्टि की कि जहाज एमटी सेट्टेबेलो (MT Settebello) पर हुए अमेरिकी हमले में जान गवाने वाले भारतीय नागरिकों के पार्थिव शव भारत भेज दिए गए हैं। इनके नाम आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया हैं। दूतावास ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। पिछले बुधवार को अमेरिकी सेना ने इस जहाज पर हमला किया था। अमेरिका ने आरोप लगाया था कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के नियमों का उल्लंघन कर रहा है। इस जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीयों की मौत हो गई थी।



भारत सरकार ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की और इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी तरह से जायज नहीं है। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत को भी तलब किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी G7 शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने समुद्री व्यापार में हो रही बाधाओं और भारतीय नागरिकों की मौत पर चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने तनाव खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया।
 

06:54 AM, 17-Jun-2026

ट्रंप को समझने के लिए ईरानी वार्ता में थे मनोवैज्ञानिक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पल में तोला, पल में माशा वाले स्वभाव से दुनिया में हर कोई वाकिफ है। वह अचानक कोई वादा करते हैं और थोड़ी ही देर में उससे पलट भी जाते हैं। ईरान ने इसे ही ध्यान में रखकर अमेरिका के साथ परोक्ष बातचीत के दौरान अनूठी तरकीब अपनाई और मनोविज्ञानियों को वार्ता का हिस्सा बनाया। दो वरिष्ठ मनोवैज्ञानिकों ने न केवल ट्रंप के व्यवहार का गंभीरता से आकलन किया बल्कि ईरानी टीम को यह सलाह भी दी कि उन्हें किस तरह के संदेश भेजे जाएं। एक ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी वार्ता से जुड़े रहे एक ईरानी अधिकारी के हवाले से दी गई है। ड्रॉप साइट की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की द्विपक्षीय बातचीत के बाद तेहरान ने अपने सलाहकार दल में दो वरिष्ठ मनोवैज्ञानिकों को शामिल किया। इनका काम ईरानी वार्ताकारों को ट्रंप के व्यवहार का आकलन करने में मदद करना था। साथ ही, वे ऐसे संदेश तैयार कर रहे थे जिन्हें क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए ट्रंप तक पहुंचाया जा सके।

06:54 AM, 17-Jun-2026

चीन ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को सराहा 

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की है। चीनी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान यह बात कही। 

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06:53 AM, 17-Jun-2026

होर्मुज से आवाजाही में हफ्तों लगेंगे

जापानी कंपनी मित्सुई ओएसके लाइन्स के सीईओ ने मंगलवार को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जहाज के मालिक होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही तब तक शुरू नहीं करेंगे, जब तक उन्हें यह भरोसा न हो कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता ठोस है। होर्मुज खुलने में कम से कम कुछ हफ्ते या शायद एक महीना भी लग सकता है।
 

06:46 AM, 17-Jun-2026

अब तेल बेच सकेगा ईरान

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होते ही तेहरान को तेल और ईंधन की बिक्री शुरू करने की अनुमति मिल जाएगी। ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंधों में छूट समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही प्रभावी हो जाएगी। इसके तहत तेल निर्यात को सुगम बनाने के लिए बैंकिंग, परिवहन और बीमा जैसी सेवाओं पर भी राहत दी जाएगी।एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने मंगलवार को यह भी कहा कि यह प्रदर्शन-आधारित समझौता है। इसी बीच समझौते के ढांचे में 300 अरब डॉलर के एक निजी निवेश फंड का भी प्रावधान किया गया है। रॉयटर्स को एक सूत्र ने बताया कि इस राशि में आधे से अधिक के लिए पहले ही प्रतिबद्धताएं मिल चुकी हैं। यह फंड ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और परिवहन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देगा।

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06:44 AM, 17-Jun-2026

हमने विनाश का खतरा टाला : नेतन्याहू

इस्राइल में अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर बढ़ती नाराजगी के बीच पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने कदमों का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को समझौते के साथ या उसके बिना भी परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा, ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे, न आज और न कल। लोग मुझसे पूछते हैं कि हमने क्या हासिल किया? मेरा जवाब है कि हमने अपने ऊपर मंडरा रहे विनाश के तत्काल खतरे को टाल दिया है। हमने इस्राइल राष्ट्र को पूर्ण विनाश के खतरे से बचाया है। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्हें विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों की भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

06:44 AM, 17-Jun-2026

अमेरिका से संघर्ष खत्म करने के लिए इस्राइल को लेबनान छोड़ना होगा : ईरान

ईरान के शीर्ष राजनयिक और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को साफतौर पर कहा कि अमेरिका से युद्ध खत्म करने वाले समझौते के तहत इस्राइल को लेबनान से भी अपनी सेना हटानी ही होगी। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि समझौते में बहुत स्पष्ट है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा। हालांकि इस्राइल के लेबनान में अपनी सेना रखने के चलते समझौते की शर्तों पर असहमति से युद्धविराम पर सवाल उठ रहे हैं।

अराघची ने कहा, दक्षिणी लेबनान पर इस्राइली कब्जा जारी रहना अमेरिका-ईरान समझौते (एमओयू) का उल्लंघन माना जाएगा। वह बोले, लेबनान में युद्ध का अंत, पूरे युद्ध के अंत का एक अभिन्न अंग है। अमेरिका ने यह नहीं कहा है कि लेबनान अंतिम समझौते का हिस्सा है या नहीं। लेकिन अराघची का बयान युद्ध खत्म करने के समझौते के बारे में इस्राइली अधिकारियों के बयानों से मेल नहीं खाता है। इस्राइल इस समझौते का पक्षकार नहीं है। लेकिन उसने साफ कर दिया है कि वह लेबनान से अपनी सेना को फिलहाल वापस नहीं बुलाएगा। हालांकि ट्रंप के दबाव में नेतन्याहू के सुर कुछ नरम हुए हैं। दरअसल, इस्राइल में नेतन्याहू ईरान युद्ध को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं। ऐसे में वह लेबनान में संघर्ष जारी रखकर खुद का राजनीतिक बचाव भी करने की रणनीति अपनाी रहे हैं।

06:08 AM, 17-Jun-2026

हालिया घटनाक्रम पर एक नजर

  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लेबनान में की गई कार्रवाई पर नाराजगी जता ई। ट्रंप ने कहाकि उन्हें और अधिक जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। 
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते में जब्त की गई ईरानी संपत्तियों की वापसी, प्रतिबंधों में राहत और लेबनान से इस्राइली सेना की वापसी शामिल होनी चाहिए।
  • ईरान की सेना ने आरोप लगाया कि इस्राइल ने पिछले दो दिनों में दक्षिणी लेबनान में 84 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। ईरानी सेना ने आगे हमले जारी रहने पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।
  • इस्राइली सेना के हमलों में दक्षिणी लेबनान के नबातिये क्षेत्र में कम से चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें वाहनों पर किए गए ड्रोन हमले भी शामिल हैं।
  • जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि जी7 देश शांति बनाए रखने के मुद्दे पर एकजुट हैं और जर्मनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को निकालने के लिए नौकाएं पहले ही भेज दी हैं।
  • इस्राइल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने 1997 के हेब्रोन समझौते को रद्द करने का दावा किया है, जिससे कब्जे वाले वेस्ट बैंक के सबसे बड़े शहर हेब्रोन में निर्माण परियोजनाओं पर फलस्तीनी निकाय का अधिकार प्रभावित हो सकता है।

03:05 AM, 17-Jun-2026

बिना शर्त होर्मुज खोलना बेहद जरूरी: आईईए प्रमुख

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के फिर से खोलना ऊर्जा संकट को खत्म करने के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।

बिरोल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस समस्या का सबसे जरूरी समाधान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और बिना शर्त नौवहन के लिए खोलना है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए हुए समझौते में इस जलमार्ग को खोलने की बात शामिल है। लेकिन ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस अहम मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल या 'सेवा शुल्क' लगाया जा सकता है।  

02:51 AM, 17-Jun-2026

West Asia LIVE: अमेरिकी हमले में जान गवाने वाले भारतीय नाविकों के शव पहुंचे भारत, दूतावास ने की पुष्टि

 ईरान ने मंगलवार को कहा कि उसके परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में राहत को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत इस सप्ताह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

अधिकारियों के अनुसार, एक अंतिम समझौते पर बातचीत उस 60 दिन की समय-सीमा के भीतर होगी, जो अमेरिका-इस्राइल के हमलों से शुरू हुए करीब चार महीने के युद्ध को समाप्त करने के लिए बने समझौता ज्ञापन के औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने के बाद शुरू होगी।

स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका-ईरान समझौते पर शुक्रवार (19 जून) को स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह स्थल मध्य स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न के पास पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां पहुंचना कठिन है और इसलिए सुरक्षा आसान रहती है। स्विस विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस स्थान का प्रस्ताव पाकिस्तानी और कतर के मध्यस्थों के साथ-साथ अमेरिका और ईरान की ओर से भी दिया गया था।

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