ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच कभी न भूलने वाले सबक सिखाने की चेतावनी दी है। शनिवार को खामेनेई ने कहा, अगर अमेरिकी सेना इस्लामी गणराज्य पर हमला करना जारी रखता है तो उसे 'अविस्मरणीय अंजाम' भुगतने को तैयार रहना चाहिए। खामेनेई ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को भी 'बेकार और अमान्य' करार दिया। उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब कुछ घंटे पहले शांति समझौते से जुड़े एक वार्ताकार ने कहा कि तेहरान लगभग एक महीने पहले हुई डील को खत्म कर रहा है। करीब 112 दिनों की जंग के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। अब तेहरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है। मोजतबा खामेनेई युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सामने नहीं आए हैं। उनके नाम से जारी बयान सरकारी टेलीविजन पर तब पढ़ा गया। इस बयान से पहले अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए।
अमेरिकी सेना ने बताया कि शुक्रवार को जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले में दो सैनिक मारे गए और एक लापता है। युद्ध की शुरुआत के बाद यह सीधे ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों की पहली मौत है। मारे गए सैनिकों की पहचान नहीं बताई गई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने एक नए बयान में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका हमले जारी रखता है, तो उसे 'कभी न भूलने वाले सबक' सिखाए जाएंगे। खामेनेई का यह बयान सरकारी टेलीविजन पर पढ़कर सुनाया गया; युद्ध शुरू होने के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को "बेकार और अमान्य" भी बताया। इससे पहले शनिवार को ईरान के एक वार्ताकार ने कहा था कि तेहरान उस अंतरिम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को रोक रहा है, जिस पर दोनों देशों ने लगभग एक महीने पहले हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते का मकसद युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना था।
इस्राइली सेना ने कहा है कि उसकी फोर्स ने आज लेबनान के तेबनित इलाके में हिजबुल्ला लड़ाकों पर हमला किया। एक बयान में, इस्राइली सेना ने दावा किया कि हिजबुल्ला के सदस्य उस इलाके के पास 'ड्रोन उड़ा रहे थे और छिपकर कार्रवाई कर रहे थे' जहां इस्राइली सैनिक तैनात थे; सेना के मुताबिक, यह सीजफायर समझौते का उल्लंघन था। 'सीजफायर के दौरान भी इस्राइल ने लेबनान में लगातार घातक हमले किए हैं।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के खिलाफ ईरान की लगातार बेरहम आक्रामकता की कड़ी निंदा करता है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह ईरान के हमलों के खिलाफ उन देशों द्वारा उठाए गए कदमों का पूरा समर्थन करता है; ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। सऊदी अरब का यह बयान कतर और GCC प्रमुख जसीम अल-बुदैवी द्वारा खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों पर ईरान के हालिया हमलों की निंदा किए जाने के बाद आया है।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने एक लिखित बयान जारी कर कहा है कि ईरान के साथ हुए समझौतों का अमेरिका द्वारा बार-बार उल्लंघन यह दिखाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर 'बेकार और अमान्य' हैं। यह बयान ईरान के प्रसारक IRIB ने जारी किया।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'मेहर' की रिपोर्ट के अनुसार, आज अमेरिका ने ईरान के होर्मोज़गन प्रांत में सिरिक के पास के इलाकों को निशाना बनाते हुए तीन हवाई हमले किए। मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे हालिया हमला 16:40 (13:10 GMT) बजे हुआ। होर्मोजगन के गवर्नर ने बताया कि किसी भी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 6 जुलाई से देश पर हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं और 500 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं, ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी का कहना है कि अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को रोक दिया है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी सैन्य एयरबेस पर एक साथ मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया। IRGC के अनुसार, इस हमले में लड़ाकू विमानों के शेल्टर और बड़े एयरक्राफ्ट पार्किंग क्षेत्र को निशाना बनाया गया, जिससे कम से कम दो अमेरिकी लड़ाकू विमान पूरी तरह नष्ट हो गए और कई अन्य विमानों को भारी नुकसान पहुंचा। IRGC ने अपने बयान में जॉर्डन की सेना से भी अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य बल 'वैध लक्ष्य' हैं। हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बहरीन में पिछले कुछ घंटों के दौरान पांचवीं बार एयर रेड चेतावनी सायरन बजाए गए हैं। देश के गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और तुरंत अपने नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। लगातार बज रहे सायरन क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे और तनावपूर्ण हालात की ओर इशारा कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नागरिकों से आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
कुवैत के बिजली, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि ईरान के ताजा हमलों के बाद एक बिजली और समुद्री जल विलवणीकरण (डिसैलिनेशन) संयंत्र के एक हिस्से में आग लग गई। इसके बाद एहतियात के तौर पर बिजली उत्पादन की कई यूनिटों को बंद कर दिया गया, ताकि संयंत्र, कर्मचारियों और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मंत्रालय ने कहा कि आपातकालीन योजनाएं तुरंत लागू कर दी गई हैं और बिजली व पानी की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
ईरान के होर्मोजगान प्रांत के जास्क काउंटी स्थित बुंजी गांव में अमेरिकी हमले के बाद जल विलवणीकरण संयंत्र और समुद्री जल पंपिंग स्टेशन पूरी तरह तबाह हो गए। होर्मोजगान जल एवं अपशिष्ट जल कंपनी के सीईओ हमजेह पूर के अनुसार, इस हमले से करीब 20 गांवों के लगभग 10 हजार लोगों की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को 'आतंकी हमला' बताते हुए कहा कि प्रभावित गांव गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह पर अमेरिकी नौसेना के ईंधन आपूर्ति पियर और बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, IRGC ने यह भी दावा किया कि बहरीन में अमेरिकी खुफिया डेटा सेंटर 'बटेल्को' और कुवैत में अमेरिकी सिग्नल एवं दूरसंचार केंद्र को भी नष्ट कर दिया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ईरान की ओर से हुए ताजा हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। कुवैत एयरवेज ने यात्रियों को जारी नए अपडेट में इसकी जानकारी दी और कहा कि हालात सामान्य होने तक विमान संचालन प्रभावित रहेगा। इससे पहले एयरलाइन ने हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण अपनी अधिकांश उड़ानों का समय पुनर्निर्धारित (रीशेड्यूल) करने की घोषणा की थी और यात्रियों से उड़ानों से जुड़े अपडेट पर लगातार नजर रखने की अपील की थी।
इराक सरकार ने पश्चिमी तेल कंपनियों के साथ कई अहम प्रारंभिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनका उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ तेल निर्यात के वैकल्पिक मार्ग विकसित करना है। अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी स्थित यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित अमेरिका-इराक बिजनेस समिट के दौरान हुए इन समझौतों में इराक-सीरिया कच्चा तेल पाइपलाइन के पुनर्निर्माण की योजना भी शामिल है। यह लंबे समय से बंद पड़ी पाइपलाइन उत्तरी इराक के तेल समृद्ध किर्कुक क्षेत्र को सीरिया के भूमध्यसागरीय बंदरगाह बनियास से जोड़ती है। इराक इस परियोजना के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी निर्भरता कम कर वैकल्पिक निर्यात मार्ग तैयार करना चाहता है। इराक की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, इस परियोजना को अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी शेवरॉन अंजाम देगी।
अमेरिका ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अपने नागरिकों को क्षेत्र की यात्रा को लेकर सतर्क रहने और यात्रा योजनाओं पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षा स्थिति बेहद जटिल बनी हुई है और किसी भी समय अप्रत्याशित रूप से हालात बिगड़ सकते हैं। विभाग ने अमेरिकी नागरिकों से मध्य पूर्व की यात्रा या वहां से होकर गुजरने से पहले अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा है। साथ ही, जो अमेरिकी पहले से इस क्षेत्र में मौजूद हैं, उन्हें लगातार सावधानी बरतने, ताजा घटनाक्रम पर नजर रखने और अपनी उड़ानें निर्धारित समय पर हैं या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित एयरलाइन से करने की सलाह दी गई है।
ईरान के होरमुजगान प्रांत के जास्क शहर पर हुए मिसाइल हमलों में बिजली सुविधाओं और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले (डिसैलिनेशन) पंपों को नुकसान पहुंचा है। ईरानी मीडिया के अनुसार, होरमुजगान के उप-गवर्नर ने बताया कि अमेरिकी रॉकेटों ने जास्क काउंटी के तटीय बुंजी गांव के डॉक पर लगे पंपों को निशाना बनाया, जिससे आसपास के कई गांवों की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं, होरमुजगान के एक अधिकारी ने मेहर समाचार एजेंसी से कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जिन इलाकों में बीती रात के हमलों के कारण पेयजल आपूर्ति ठप हुई है, वहां जल्द से जल्द पानी की व्यवस्था बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
कुवैती सेना ने कहा है कि वह ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। सेना ने नागरिकों से अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। पिछले कुछ घंटों में यह दूसरी बार है जब कुवैती सेना ने अपने क्षेत्र की ओर आने वाले शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों को निशाना बनाया है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बहरीन में कुछ ही घंटों के भीतर तीसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बीच बहरीन में कुछ ही घंटों के भीतर दूसरी बार हवाई हमले के सायरन गूंज उठे हैं। सायरन की आवाज सुनते ही प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी किया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों और प्रवासियों से शांत रहने और तुरंत नजदीकी सुरक्षित बंकरों या आश्रयों में जाने की अपील की है। सूत्रों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर दागे जा रहे ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण यह आपातकालीन सायरन बजाए गए हैं। स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान के ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का कहना है कि वे ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर कर रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका पर अपने हवाई अड्डे और पुलों जैसे नागरिक ठिकानों को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान के सैन्य सलाहकार ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका के हमले नहीं रुके, तो वे बहुत बड़ा आक्रामक अभियान शुरू कर देंगे। इस भारी गोलाबारी के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा गहरा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हमले नहीं रुके तो हम आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
ओमान की खाड़ी पर स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह पर एक टावर ढह गया। ये पड़ोसी देश अफगानिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है। चाबहार बंदरगाह को ईरान भारत के समर्थन से चला रहा था। अंतरिम युद्धविराम के बाद शुरू हुए टकराव के दौरान अमेरिकी हवाई हमलों में इस बंदरगाह को भी कई बार निशाना बनाया गया है। ईरान में हमले से ध्वस्त हुए टावर के संबंध में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इस केंद्र का इस्तेमाल ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के अधिकारी करते हैं। इस टावर की मदद से वाणिज्यिक जहाजों को 'ट्रैक कर निशाना बनाया' जाता था। अमेरिका ने इसे ईरान के समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा बताया है।
अमेरिका की तरफ से किए गए हमलों की जानकारी ईरान की सरकारी टेलीविजन पर दी गई। इसके अनुसार, शुक्रवार को ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान में अमेरिकी हवाई हमलों में पुलों को निशाना बनाया गया। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थित ईरान के तटीय शहर बंदर खमीर को निशाना बनाकर किए गए। ईरान के मुताबिक राजमार्ग और रेलवे पुलों पर किए गए अमेरिकी हमले ईरान के मुख्य बंदरगाह बंदर अब्बास और तेहरान के बीच सड़क संपर्क काटने के मकसद से किए गए लगते हैं। तेहरान ने स्वीकार किया है कि अमेरिकी हवाई हमले के दौरान 'बिजली के बुनियादी ढांचे' को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, किन क्षेत्रों को निशाना बनाया गया ये जानकारी सामने नहीं आई है। ऊर्जा मंत्रालय ने दक्षिणी प्रांतों में रहने वाले लोगों से कम बिजली का उपयोग करने की अपील की है।
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच चार महीने से अधिक समय से युद्ध चल रहा है। इसी साल 28 फरवरी से शुरू हुई जंग में दर्जनों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी हमले का माकूल जवाब दिया जा रहा है। अमेरिकी सेना ने भी सैन्य कर्मियों के घायल होने की पुष्टि की है। दोनों देशों का संघर्ष बढ़ने के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। शुक्रवार को तेल की कीमत 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। ये दर बीते लगभग एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब है। तनाव और बमबारी के बीच होर्मुज से होकर गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई है।
बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले कर रही अमेरिकी सेना ने सातवें दिन ईरान में और अधिक पुलों और ऊर्जा स्थलों को निशाना बनाया। एक महत्वपूर्ण ईरानी बंदरगाह पर एक टावर को ध्वस्त किए जाने की भी खबर है। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागीं। इनमें युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला कतर और कुवैत शामिल हैं। हमलों से जल विलवणीकरण संयंत्र (water desalination plant) को नुकसान पहुंचा है। अंतरिम युद्धविराम टूटने के बाद बीते सात दिनों से बमबारी जारी है। शुक्रवार देर रात अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि ईरान की सेना को कमजोर करने के उद्देश्य से लगातार सातवीं रात हमले किए गए हैं।
पश्चिम एशिया में टकराव फिलहाल थमने के कोई संकेत नहीं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि संघर्ष तेज हो चुका है और बीते छह दिनों से जारी हमले सातवें दिन भी जारी रहे। अमेरिकी सेना यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद कर रही है। ट्रंप ने तेहरान पर दबाव डालने के मकसद से भीषण बमबारी की चेतावनी दी, जिसके बाद तेहरान में लगातार हवाई हमले हो रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने पानी के प्लांट्स और पुलों जैसे बुनियादी ढांचों पर बम गिराए। ट्रंप और अमेरिका का कहना है कि ईरान अपने रवैये से विश्व ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग- होर्मुज में गतिरोध पैदा कर रहा है। उसकी पकड़ ढीली करते हुए होर्मुज से निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सेना पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है।