पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दूतावास ने कहा है कि भारतीय लोग स्थानीय प्रशासन और दूतावास की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक बहरीन से सऊदी अरब के रास्ते भारत लौट सकते हैं, जिसके लिए ट्रांजिट वीजा की व्यवस्था की जा रही है। यह वीजा 72 से 96 घंटे तक मान्य रहेगा।
तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा कि उन्होंने और वरिष्ठ अधिकारियों ने अर्थव्यवस्था और व्यापार से लेकर सीमा सुरक्षा तक, कई क्षेत्रों में मध्य पूर्व संकट के संभावित प्रभावों का आकलन किया है। अंकारा में कैबिनेट बैठक के बाद एर्दोगन ने कहा, '28 फरवरी से ही हमारी सभी इकाइयां हाई अलर्ट पर हैं। हमने अपने देश की सभी संस्थाओं को सक्रिय कर दिया है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारा प्राथमिक लक्ष्य अपने देश को इस आग से बचाना है।' ये टिप्पणियां नाटो की हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा ईरान से तुर्किये की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने के बाद आई हैं, क्योंकि इस बात की चिंता बढ़ रही है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल का युद्ध क्षेत्रीय स्तर पर और बढ़ सकता है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि युद्ध के वैश्विक तेल और ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहे प्रभाव के मद्देनजर रूसी कंपनियों को मौजूदा स्थिति का लाभ उठाना चाहिए। क्रेमलिन में एक बैठक आयोजित करते हुए पुतिन ने कहा कि युद्ध ने विश्वव्यापी ऊर्जा संकट को जन्म दिया है और चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से परिवहन पर निर्भर तेल उत्पादन जल्द ही पूरी तरह से ठप हो सकता है। फिर भी, उन्होंने कहा कि यदि यूरोपीय खरीदार मॉस्को को राजनीति से परे दीर्घकालिक कार्य प्रदान करना चाहते हैं तो वे इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि रूस अपने"विश्वसनीय साझेदारों को ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति जारी रखेगा। रूस विश्व का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक है और उसके पास प्राकृतिक गैस का विश्व का सबसे बड़ा भंडार है।
कुवैत के अमीर ने कहा कि देश को अपनी संप्रभुता के उल्लंघन के जवाब में कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। अमीर ने कहा कि कुवैत संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार पर जोर देता है और कहा कि कोई भी जवाब उल्लंघन के अनुपात में होगा।
कुवैत के अमीर ने कहा कि उनके देश पर एक पड़ोसी देश ने हमला किया, जिसे वे अपना मित्र राष्ट्र मानते हैं, जबकि उन्होंने कभी भी अपने क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कुवैत के खिलाफ करने की अनुमति नहीं दी थी। क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर टिप्पणी करते हुए, अमीर ने कहा कि अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त रखते हुए तैयारियों का स्तर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में तेजी से घटनाक्रम घट रहे हैं और अभूतपूर्व तनाव बढ़ रहा है, और उन्होंने समाज से सतर्क रहने का आग्रह किया। अमीर ने जनता से अशांति फैलाने वाली अफवाहें या भड़काऊ बयानबाजी से बचने का भी आह्वान किया।
हिजबुल्ला ने उत्तरी इस्राइल और लेबनान सीमा के पास इस्राइली सेना पर दो रॉकेट हमले किए हैं। एक बयान में, हिजबुल्ला ने कहा कि उसने दोपहर 2:55 बजे (12:55 जीएमटी) इस्राइली शहर नाहारिया पर रॉकेटों की बौछार की। उसने बताया कि यह हमला लेबनानी शहरों और कस्बों पर इस्राइली हमलों के बाद हुआ। एक अलग बयान में, समूह ने कहा कि उसने दोपहर 3:30 बजे (13:30 जीएमटी) लेबनानी सीमावर्ती शहर मरकबा के पास इस्राइली सैनिकों को भी निशाना बनाया।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने मध्य और उत्तरी इस्राइल पर नए मिसाइल हमले किए हैं। स्थानीय मीडिया ने धमाकों और चेतावनी सायरन की आवाजों की सूचना दी।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बहरीन और कुवैत के अपने समकक्षों से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। चीनी विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, वांग ने बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल-जयानी से क्षेत्र में तेजी से बिगड़ती स्थिति पर चीन की गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा। बयान में कहा गया है कि कुवैत के अपने समकक्ष जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह से अलग से हुई बातचीत में वांग ने खाड़ी क्षेत्र में जल्द से जल्द युद्धविराम का आह्वान किया। मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि खाड़ी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए।
इस्राइली हवाई हमलों ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों को निशाना बनाया है। इन हमलों में अरब सलीम, बरघाज और मजदल सेल्म के इलाकों को निशाना बनाया गया।
जी7 देशों के वित्त मंत्रियों ने कहा है कि वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में सहायता के लिए आवश्यक उपाय करने को तैयार हैं, जिसमें भंडार जारी करना भी शामिल हो सकता है। यह घोषणा मध्य पूर्व में 10 दिनों से चल रहे युद्ध और तेल एवं गैस की कीमतों पर इसके प्रभावों के बीच आई है। फ्रांस द्वारा सोमवार को आयोजित वीडियो कॉल के बाद एक बयान में उन्होंने कहा, हम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में सहायता के लिए आवश्यक उपाय करने को तैयार हैं, जिनमें भंडार जारी करना भी शामिल है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस ने कहा कि ईरान में पेट्रोलियम संयंत्रों को हुए नुकसान से भोजन, पानी और हवा दूषित हो सकती है - जिससे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही किसी बीमारी से ग्रसित लोगों को विशेष खतरा है। टेड्रोस ने एक पोस्ट में कहा, देश के कुछ हिस्सों में तेल से लथपथ बारिश होने की खबर है। उन्होंने यह भी कहा कि हमलों से लेबनान में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जहां 28 फरवरी से अब तक नौ स्वास्थ्यकर्मी मारे जा चुके हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच नाटो ने ईरान की तरफ से तुर्किये की तरफ से दागी गई एक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया है। जानकारी के मुताबिक, नाटो की तरफ से इंटरसेप्ट किया गया ये बैलेस्टिक मिसाइल भूमध्य सागर में गिरा। इस नए घटनाक्रम के बाद से पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने की आशंका और बढ़ गई है। बता दें कि, 4 मार्च को भी नाटो ने एक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया था।
संयुक्त अरब अमीरात ने तुर्किये को निशाना बनाकर किए गए ईरानी मिसाइल हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक खतरनाक कदम बताया है। आज जारी एक बयान में यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद नाटो की हवाई रक्षा प्रणाली ने मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया।
मंत्रालय ने कहा कि यह घटना एक सप्ताह से भी कम समय में तुर्किये को निशाना बनाने का दूसरा प्रयास है और इस हमले को राज्य की संप्रभुता का घोर उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। मंत्रालय ने आगे कहा कि पड़ोसी और मित्र देशों पर लगातार हमले अस्वीकार्य हैं और चेतावनी दी कि इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
फ्रांस पश्चिम एशिया में अपने सहयोगियों को रक्षात्मक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से भूमध्य सागर, लाल सागर और संभवतः होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने विमानवाहक पोत स्ट्राइक समूह सहित नौसैनिक पोतों को तैनात कर रहा है। पिछले सप्ताह साइप्रस पर ड्रोन हमले के बाद वहां बोलते हुए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, 'जब साइप्रस पर हमला होता है, तो यूरोप पर हमला होता है।'
कुल मिलाकर फ्रांस इस क्षेत्र में आठ युद्धपोत, विमानवाहक पोत समूह और दो हेलीकॉप्टर वाहक तैनात करेगा। मैक्रों ने कहा कि इसमें अंततः वाणिज्यिक जहाजों को सहायता प्रदान करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनाती भी शामिल हो सकती है। मैक्रों ने कहा, 'हम एक विशुद्ध रक्षात्मक, विशुद्ध एस्कॉर्ट मिशन स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं, जिसे यूरोपीय और गैर-यूरोपीय दोनों राज्यों के साथ मिलकर तैयार किया जाना चाहिए और जिसका उद्देश्य संघर्ष के सबसे तीव्र चरण की समाप्ति के बाद जितनी जल्दी हो सके, कंटेनर जहाजों और टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे फिर से खोला जा सके।'
पश्चिम एशिया में बिगड़े हालात के मद्देनजर अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर ने एक बार फिर से नोटिस जारी किया है। बीएपीएस ने वहां आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए मंदिर को बंद कर दिया है। मंदिर ने इससे पहले एडवाइजरी जारी कर 9 मार्च तक के लिए मंदिर बंद किया था। वहीं अब नए नोटिस में इसे बढ़ाकर अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीएपीएस ने लिखा, 'अभी के हालात को देखते हुए और राष्ट्रीय सुरक्षा एडवाइजरी के हिसाब से बीएपीएस हिंदू मंदिर अबू धाबी सावधानी के तौर पर अगली सूचना तक विजिटर्स के लिए बंद रहेगा। सभी भक्तों और विजिटरों की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इस दौरान स्वामी मंदिर के अंदर शांति, सुरक्षा और सभी की भलाई के लिए प्रार्थना करते रहेंगे। हम सभी से गुजारिश करते हैं कि शांत रहें। अफवाहों से बचें और सरकारी चैनलों के जरिए शेयर की गई सुरक्षा गाइडलाइंस को फॉलो करें। दोबारा खुलने के बारे में आगे के अपडेट सही समय पर साझा किए जाएंगे। आइए हम विश्वास, जिम्मेदारी और भरोसे में एक रहें।'
ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच हमलों की वजह से मिडिल ईस्ट में इस वक्त हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। इस बीच जानकारी सामने आई है कि कतर में ओडिशा के रहने वाले एक भारतीय नागरिक की हार्ट फेल होने से मौत हो गई। कतर में भारतीय दूतावास ने शोक जताया है। कतर में भारतीय दूतावास ने कहा, 'ओडिशा के एक भारतीय नागरिक की 7 मार्च को कतर में हार्ट फेल होने से मौत हो गई। हम मरने वाले के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं जताते हैं। हम पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए औपचारिकता पूरी करने के लिए ओडिया समुदाय के सदस्यों और वर्कर की कंपनी के संपर्क में हैं।'
इससे पहले सऊदी अरब में ईरान के हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने इस खबर को गलत बताया और किसी भी भारतीय नागरिक की मौत न होने की पुष्टि की थी। सऊदी अरब के अल खरज के रिहायशी इलाके में प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना सामने आई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए। मृतकों की पहचान को लेकर यह चर्चा तेजी से हो रही थी कि इसमें एक भारतीय और एक बांग्लादेशी शामिल है। हालांकि सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने किसी भी भारतीय के मारे जाने की खबर को गलत बताया है।
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने भारतीय की मौत को नकारते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, 'यह राहत की बात है कि कल शाम अल खरज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भारतीय की मौत नहीं हुई है। इस मामले में दूतावास संबंधित सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है। काउंसलर (सीडब्ल्यू) वाई. साबिर कल रात अल खरज गए और इस बुरी घटना में शामिल घायल भारतीय नागरिक से मिले। उनका अभी अल खरज के एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।'
यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के अनुसार, मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध की लहरें यूरोप में पहले से ही महसूस की जा रही हैं, ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं और नाटो सहयोगी देशों को निशाना बनाया जा रहा है। मध्य पूर्वी नेताओं के साथ दोपहर की बैठक से पहले यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने यूरोपीय संघ के राजदूतों से कहा, 'हम अब एक क्षेत्रीय संघर्ष देख रहे हैं जिसके अनपेक्षित परिणाम सामने आ रहे हैं। और इसका असर आज एक वास्तविकता के रूप में दिखाई दे रहा है।'
उन्होंने कहा, 'हमारे नागरिक इस संघर्ष की चपेट में हैं। हमारे साझेदारों पर हमले हो रहे हैं।' उन्होंने यूरोपीय संघ के सदस्य साइप्रस में एक ब्रिटिश अड्डे पर ईरान निर्मित ड्रोन हमले, व्यापार में व्यवधान और लोगों के विस्थापन का हवाला दिया। ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के राजनयिकों की वार्षिक बैठक में उन्होंने कहा कि युद्ध के दीर्घकालिक प्रभाव ने अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था के भविष्य और विश्व में 27 देशों के इस समूह के स्थान पर अस्तित्व संबंधी प्रश्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा, 'यह सोचना कि हम इस अराजक दुनिया से बस पीछे हट सकते हैं और खुद को अलग कर सकते हैं, सरासर गलत धारणा है।'
इस्राइली सेना के अनुसार, उन्होंने तेहरान, इस्फहान और दक्षिणी ईरान में ईरानी आतंकी शासन के बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं।
ईरान की वायु सेना का दावा है कि उसने पर कई ड्रोन गिराए हैं, जिनमें से एक राजधानी तेहरान के ऊपर और दो दक्षिण-पूर्वी बुशहर प्रांत के जाम और खोरमोज कस्बों के पास गिराए गए। फार्स समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में, आईआरजीसी ने कहा कि ड्रोन को देश के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क के नियंत्रण में मौजूद उनके उन्नत आधुनिक रक्षा प्रणालियों द्वारा रोका और नष्ट कर दिया गया।
इस्राइली सेना बेरुत के दक्षिणी उपनगरों में स्थित अल-कर्द अल-हसन वित्तीय संस्थान की कई शाखाओं को नष्ट कर चुकी है। पिछले सप्ताह जारी किए गए निकासी आदेश के कारण यह इलाका अब निवासियों से खाली है। स्थानीय अधिकारियों ने इलाके के लोगों को इलाका छोड़ने के लिए कहा है, लेकिन पास में एक स्कूल है जहां कई लोगों ने शरण ले रखी है और उनमें से कई लोग इलाके को छोड़ने के लिए राजी नहीं हैं।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लेबनान की स्थिति पर एक आपातकालीन बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। पिछले सप्ताह इस्राइल की तरफ से लेबनान पर भीषण बमबारी की गई, जिसमें स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार लगभग 400 लोग मारे गए। बैरोट ने कहा कि फ्रांस ने लेबनान में पहले से ही कार्यरत मानवीय संगठनों के लिए लगभग 69 लाख डॉलर की आपातकालीन सहायता राशि जारी की है और कल देश में पहुंचने वाली 20 टन अतिरिक्त मानवीय सहायता सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है। फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'हम लेबनान और इस्राइल के अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं ताकि देश को अराजकता में डूबने से बचाया जा सके, युद्धविराम सुनिश्चित किया जा सके और हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण की आवश्यक प्रक्रिया को जारी रखा जा सके।'
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि दो अलग-अलग इस्राइली हवाई हमलों में दो मेडिकलकर्मी मारे गए और छह घायल हो गए। राष्ट्रीय समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ये हमले देश के दक्षिणी भाग में स्थित तायर देब्बा कस्बे और जौइया गांव में हुए। मंत्रालय ने कहा कि इस्राइली सेना ने जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया, जिसे उसने एम्बुलेंस टीमों को सुनियोजित रूप से निशाना बनाने की कार्रवाई बताया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन में देशभर में सायरन बजाए गए और सरकार ने नागरिकों व वहां रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी मनामा के पास सित्रा इलाके में ईरानी ड्रोन हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं और चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हमले में एक पानी शुद्धिकरण संयंत्र को भी नुकसान पहुंचा है।
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनके देश की पहले की कुछ टिप्पणियों को गलत समझा गया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध चाहता है और उन पर हमला करने का इरादा नहीं है, लेकिन अगर ईरान पर हमला होता है तो जवाब देना मजबूरी होगी। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से कोई समझौता तभी होगा जब वह बिना शर्त आत्मसमर्पण करे, जिसे ईरान ने सख्ती से खारिज कर दिया है।
लेबनान की संसद ने मई में होने वाले विधायी चुनावों को दो साल के लिए स्थगित कर दिया है। संसद अध्यक्ष के एक बयान के अनुसार, यह कदम इस्राइल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला समूह के बीच चल रहे युद्ध के कारण उठाया गया है। सोमवार को सांसदों की बैठक हुई, जिनमें हिजबुल्ला के संसदीय गुट के प्रमुख मोहम्मद राद भी शामिल थे। इस दौरान इस्राइली युद्धक विमान बेरूत के पास के दक्षिणी उपनगरों के ऊपर से उड़ान भरते रहे।
क्रेमलिन ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोजतबा खामेनेई को ईरान के नए सर्वोच्च नेता के रूप में उनकी नियुक्ति पर बधाई दी है। पुतिन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि खामेनेई अपने पिता के कार्यों को सम्मान के साथ आगे बढ़ाएंगे और कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए ईरानी जनता को एकजुट करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि रूस तेहरान के साथ खड़ा रहेगा और उन्होंने तेहरान के लिए अटूट समर्थन और अपने ईरानी मित्रों के साथ एकजुटता की पुष्टि करने की इच्छा व्यक्त की।
मोजतबा के ईरान में सुप्रीम लीडर चुने जाने के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें बधाई दी। पुतिन ने भरोसा जताया कि मोजतबा अपने पिता की तरह ही उनकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई ने कहा है कि ईरान क्षेत्र के देशों के साथ अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए दृढ़संकल्पित है, भले ही युद्ध शुरू होने के बाद से इनमें से कई देशों पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए हों। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता है तो ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है। बघाई ने कहा कि हमारी आत्मरक्षा की कार्रवाई को किसी भी देश के प्रति शत्रुतापूर्ण कदम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई ने अमेरिका पर ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी योजना साफ है, उनका मकसद बिल्कुल स्पष्ट है— वे हमारे देश को बांटकर हमारी तेल संपदा पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं। बघाई ने आगे कहा कि उनका उद्देश्य हमारी संप्रभुता का उल्लंघन करना, हमारी जनता को पराजित करना और हमारी मानवीय गरिमा को कुचलना है।
ईरान में इंटरनेट बंदी दसवें दिन भी जारी है। साइबर सुरक्षा निगरानी संस्था के अनुसार, ईरान के लोग अब लगातार 216 घंटे से वैश्विक इंटरनेट से कटे हुए हैं। यह भी बताया जा रहा है कि देश की लगभग 90 मिलियन जनता इस बंद के चलते इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। वर्तमान में इंटरनेट कनेक्शन केवल 1 प्रतिशत सामान्य स्तर पर है।
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने स्काई न्यूज को दिए साक्षात्कार में ईरान के हमलों को बड़ा विश्वासघात करार दिया है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के महज एक घंटे बाद ही कतर और अन्य खाड़ी देशों पर हमला कर दिया गया, जबकि इन देशों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे और कूटनीतिक समाधान के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे थे। शेख मोहम्मद ने कहा कि खाड़ी देशों पर हमला करने की ईरान की गलत गणना ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है और कतर इस तनाव के लिए दिए गए किसी भी औचित्य को पूरी तरह नकारता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह चौंकाने वाला था कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के माफी मांगने और हमले न करने के आश्वासन के बावजूद ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले जारी रखे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कतर ईरान से बातचीत जारी रखेगा और तनाव कम करने की कोशिश करता रहेगा।
चीन के विदेश मंत्रालय ने मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह ईरान का आंतरिक मामला है। प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह ईरानी पक्ष द्वारा अपने संविधान के आधार पर लिया गया फैसला है। इससे एक दिन पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने का आह्वान किया था और शासन व्यवस्था में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप के प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी थी। वांग ने कहा था कि 'रंग' क्रांति की साजिश या सरकार बदलने की कोशिश को कोई जनसमर्थन नहीं मिलेगा।
ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री अली जफरियान ने अल जजीरा को दिए साक्षात्कार में बताया है कि अमेरिका-इस्राइल के हमलों में मारे गए अधिकतर लोगों की मौत विस्फोटों में हुई है, जबकि घायलों में ज्यादातर को जलने और दबने की चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि ईरान का स्वास्थ्य तंत्र देश की जरूरतों के लिए पर्याप्त रूप से मजबूत है। जफरियान ने बताया कि देश के हर प्रांत में मेडिकल विश्वविद्यालय हैं जो स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को संभालते हैं और जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय इन सभी को सहयोग दे रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दवा कंपनियां पूरी तरह सक्रिय हैं और देश में जरूरी सभी दवाओं का उत्पादन जारी है।
ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री अली जफरियान ने अल जजीरा को बताया कि पिछले नौ दिनों में ईरान में 1,255 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों की उम्र आठ महीने से लेकर 88 साल तक है, जिनमें 200 महिलाएं और 168 बच्चे शामिल हैं। मिनाब प्राथमिक विद्यालय में 168 बच्चों की मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इसके अलावा 55 स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए हैं और 11 की जान गई है, जिनमें चार चिकित्सक, दो नर्स और तीन आपातकालीन कर्मी शामिल हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को संसद में बताया है कि ईरान ने अपने तीन जहाजों को भारतीय बंदरगाहों पर डॉक करने की अनुमति मांगी थी, जो 1 मार्च को दे दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना था कि यह अनुमति देना सही कदम था। जयशंकर ने बताया कि तीन में से एक जहाज 4 मार्च को केरल के कोच्चि बंदरगाह पर डॉक हुआ और उसके चालक दल के सदस्य भारतीय नौसेना की सुविधाओं में हैं।
तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उसने क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम को देखते हुए उत्तरी साइप्रस के तुर्की गणराज्य में छह F-16 लड़ाकू विमान और वायु रक्षा प्रणालियां तैनात की हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि आगे की परिस्थितियों के आधार पर जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाते रहेंगे।
बहरीन की प्रमुख तेल कंपनी बापको एनर्जीज ने अपने समूह संचालन पर फोर्स मेजर घोषित कर दिया है। सरकारी मीडिया के अनुसार यह घोषणा उस वक्त की गई जब बापको तेल रिफाइनरी की दिशा से घना धुआं उठते देखा गया। रॉयटर्स द्वारा उद्धृत एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ईरानी ड्रोन हमले के बाद सित्रा इलाके में हताहत और नुकसान की खबर के बाद पूरी रिफाइनरी धुएं से घिर गई। बापको बहरीन की मुख्य तेल रिफाइनरी है और देश के ऊर्जा क्षेत्र की एक अहम कड़ी मानी जाती है। गौरतलब है कि फोर्स मेजर वह कानूनी प्रावधान है जो नियंत्रण से परे परिस्थितियों में आपूर्ति बाधित होने पर कंपनी को दायित्व से मुक्त करता है।
लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरीय इलाकों में इस्राइली हवाई हमलों का सिलसिला जारी है। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया है कि घोबेरी और हारेत हरेक मोहल्लों के बीच तथा सफीर इलाके में कई हमले किए गए हैं। यह हमले उस वक्त हुए जब इस्राइली सेना पहले ही दक्षिणी बेरूत में कई दिनों से हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार हमले कर रही है।
इस्राइल की सेना ने हाल ही में ईरान से मिसाइलें इस्राइल की तरफ आते हुए देखी हैं। सेना ने बताया कि रक्षा प्रणाली सक्रिय है और खतरे को रोकने के लिए प्रयास चल रहे हैं। साथ ही, घर के लोगों को सुरक्षा निर्देश सीधे मोबाइल पर भेजे गए हैं।
बहरीन समेत खाड़ी देशों में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमला हुआ है। बहरीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ड्रोन हमले में दो महीने के मासूम समेत 32 नागरिक घायल हुए हैं। खाड़ी क्षेत्र में हुए इन हमलों में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर सुरक्षाकर्मी और विदेशी श्रमिक शामिल हैं। कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में भी रात भर हमले होने की खबर है। रियाद ने एक प्रमुख तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे ड्रोनों को नष्ट करने का दावा किया है। वहीं, अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद अमेरिका ने अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है। इस बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इस्राइल और अमेरिका ने उसके ठिकानों पर हमले जारी रखे, तो वह क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे पर हमले और तेज कर सकता है।
सऊदी अरब की रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शैबाह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहा एक ड्रोन रोककर नष्ट कर दिया गया। इससे तेल क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं हुआ। मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा बल सतर्क हैं और किसी भी खतरे को तुरंत निपटाने के लिए तैयार हैं।
कतर पर ईरानी मिसाइल हमला हुआ। राजधानी दोहा में मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं, तेज धमाके और धुएं देखे गए। बहरीन के सित्रा इलाके में ड्रोन हमले में 32 लोग घायल। सऊदी अरब के शैबाह तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमले को रोका गया, साथ ही रियाद के उत्तर में दो ड्रोन और राजनयिक क्षेत्र की ओर एक प्रोजेक्टाइल गिराया गया।
कतर की इंटीरियर मिनिस्ट्री ने 313 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने भ्रामक जानकारी शूट, फैलायी और प्रकाशित की। गिरफ्तार लोग विभिन्न राष्ट्रीयताओं के हैं।
बहरीन के सबसे बड़े तेल रिफाइनरी BAPCO पर ईरान ने मिसाइल से बड़ा हमला किया। हमले के बाद रिफाइनरी पर नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
अल जजीरा अरबी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल की सेनाओं ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर दूसरा हमला किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हमले की जानकारी जैसे ही और मिलेगी, अपडेट दी जाएगी। यह हमला पिछले कुछ घंटों में इज़राइल द्वारा बेरूत पर किए गए लगातार हमलों का हिस्सा माना जा रहा है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी टायार देब्बा पर इस्राइल के हमले में कम से कम तीन लोग मारे गए और 15 अन्य घायल हुए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब स्वास्थ्य अधिकारियों ने पास के शहर जॉया पर इस्राइल के हवाई हमले में भी कम से कम तीन लोगों की मौत और 16 घायल होने की रिपोर्ट दी थी।
इस्राइल की सेना ने कहा है कि उसने केंद्रीय ईरान में हवाई हमलों की लहर शुरू कर दी है। साथ ही लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्ला के संभावित ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं। सेना के अनुसार यह कार्रवाई सुरक्षा और खतरों से निपटने के लिए की गई।
सऊदी अरब की विदेश मंत्रालय ने ईरान द्वारा खाड़ी, अरब और इस्लामी देशों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है।मंत्रालय ने कहा कि नागरिक क्षेत्रों पर हमला (जिसमें हवाई अड्डे और तेल सुविधाएं शामिल हैं) सुरक्षा और स्थिरता को धमकाने की ठोस कोशिश को दर्शाता है और अंतरराष्ट्रीय चार्टर और कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने ईरान द्वारा हमलों के लिए दिए गए बहानों को भी खारिज कर दिया। तेहरान के दावे कि सऊदी अरब ने अपने क्षेत्र से लड़ाकू विमान और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट के संचालन की अनुमति दी, गलत हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये विमान केवल सऊदी और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा और ईरानी मिसाइल तथा ड्रोन हमलों से बचाव के लिए हवाई गश्त कर रहे थे।
विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ईरान के हमले जारी रहने का मतलब तनाव और बढ़ोतरी होगा और इसका वर्तमान और भविष्य के संबंधों पर गहरा असर पड़ेगा। मंत्रालय ने कहा हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि ईरान की वर्तमान कार्रवाइयां हमारी देशों के प्रति न तो समझदारी दर्शाती हैं और न ही तनाव के चक्र को बढ़ने से रोकने में कोई रुचि। इस स्थिति में ईरान को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।
बहरीन में कथित ईरानी ड्रोन हमले के बाद हालात चिंताजनक बताए जा रहे हैं। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस हमले में कुल 32 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार की स्थिति बेहद गंभीर है। बहरीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि गंभीर रूप से घायल लोगों में बच्चे भी शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत ऐसी है कि उन्हें तुरंत सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
लेबनानी सशस्त्र समूह ने हाल के घंटों में इस्राइली सेना पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। टेलीग्राम पर कई पोस्टों में हिजबुल्ला ने कहा कि उसके लड़ाकों का सामना इस्राइली सैनिकों से हुआ जो सरघाया मैदान में एक हेलीकॉप्टर से उतरे थे।
इसमें यह भी कहा गया है कि उसने सीमावर्ती शहर ओडाइसेह में खल्लात अल-महाफिर की ओर बढ़ रही इस्राइली सेना पर तोपखाने और मशीनगन से हमले किए, जिससे उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। हिजबुल्ला ने ऐतारौन शहर की ओर बढ़ रही इस्राइली सेना पर तोपखाने से हमले करने की जिम्मेदारी ली है।
सऊदी अरब के अल-खर्ज शहर में हुए एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे को लेकर भारतीय दूतावास ने जानकारी साझा की है। दूतावास के अनुसार इस घटना में किसी भी भारतीय नागरिक की मौत नहीं हुई है, जो राहत की बात है। दूतावास ने बताया कि इस मामले को लेकर वह सऊदी अरब के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारतीय दूतावास के काउंसलर (कम्युनिटी वेलफेयर) वाई. साबिर ने बीती रात अल-खर्ज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने घटना में घायल हुए भारतीय नागरिक से मुलाकात की और उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। दूतावास के अनुसार घायल भारतीय नागरिक का इलाज फिलहाल अल-खर्ज के एक सरकारी अस्पताल में चल रहा है और उसे आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। भारतीय दूतावास भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
बगदाद के दक्षिणी अल अलम इलाके में एक ड्रोन गिरने के बाद एक घर में आग लग गई है। इस घटना में एक महिला घायल हो गई। यह घटना उस समय घटी जब कुछ ही समय पहले एक इराकी सूत्र ने बताया कि सुरक्षा बलों ने अल-इलाम इलाके के ऊपर एक ड्रोन को मार गिराया था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि पश्चिम एशिया में ईरान के शुरुआती हमलों में घायल एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है। यह सैनिक एक मार्च को सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या अब सात हो गई है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 108.77 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होने और ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों के कारण बाजार में चिंता बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि देखने को मिल रही है।
ईरान की राजधानी तेहरान में एक बार फिर धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर सामने आई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शहर के अलग-अलग हिस्सों में विस्फोटों की आवाज सुनी गई। हालांकि इन धमाकों के कारण और नुकसान के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव के कारण हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश की सशस्त्र सेनाओं ने एक मिसाइल हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। यह हमला खाड़ी देश को निशाना बनाकर किया गया था। हमले की सूचना मिलने के बाद आंतरिक मंत्रालय ने लोगों को सतर्क करते हुए घरों के अंदर रहने की सलाह दी। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुने जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश के लिए सम्मान और ताकत के नए दौर की शुरुआत है। पेजेशकियन ने कहा कि यह चयन ईरानी जनता की एकता का प्रतीक है और इससे देश दुश्मनों की साजिशों के सामने और मजबूत होगा। इससे पहले ईरान की सशस्त्र सेनाओं, आईआरजीसी और कई वरिष्ठ नेताओं ने भी मोजतबा खामेनेई के प्रति निष्ठा जताई है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने तनाव कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कतर सभी पक्षों से बातचीत कर हालात को शांत करने की कोशिश करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद क्षेत्र में विश्वास का माहौल प्रभावित हुआ है। कतर का मानना है कि कूटनीतिक समाधान ही इस संकट से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता है।
श्रीलंका ने अपने समुद्री क्षेत्र के पास फंसे ईरानी नाविकों को एक महीने का मुफ्त वीजा देने का फैसला किया है। सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री अनादा विजेपाला ने बताया कि इन नाविकों को अस्थायी रूप से देश में रहने की अनुमति दी जाएगी क्योंकि उन्हें अपने देश लौटने में समय लग सकता है। शनिवार को 204 नाविकों को आईआरआईएस बुशेहर जहाज से श्रीलंकाई नौसैनिक अड्डे पर लाया गया था। इससे पहले अमेरिका के टॉरपीडो हमले में ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना डूब गया था, जिसमें 80 से अधिक नाविकों की मौत हुई।
ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रति अपना समर्थन जताया है। सरकारी मीडिया में जारी बयान में सेना ने खामेनेई को न्यायप्रिय, विद्वान और सक्षम नेता बताया। सेना ने कहा कि विशेषज्ञों की सभा ने उन्हें चुनकर सही और समझदारी भरा फैसला लिया है। वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने भी खामेनेई को बधाई दी और उनके प्रति सच्ची तथा आजीवन निष्ठा की घोषणा की।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान के हालिया हमलों और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर युद्ध के असर को भी लेकर चिंता जताई गई। इस बीच इस्राइल और अमेरिका के हमलों में ईरान में 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं ईरान ने जवाब में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
इस्राइल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध लंबा चल सकता है। उन्होंने कहा कि इस्राइल पिछले दो साल से आपातकाल की स्थिति में है और लोगों को धैर्य रखना होगा। ज़मीर ने कहा कि हिज्बुल्लाह को इस्राइल पर हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि सेना ने बेरूत में ईरान की कुद्स फोर्स के ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बीच हिज्बुल्लाह के हमले में दो इस्राइली सैनिकों की मौत भी हुई है।
ईरान में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मोजतबा खामेनेई के समर्थन में खुलकर बयान दिए हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर क़ालिबाफ ने कहा कि विशेषज्ञों की सभा का फैसला बिल्कुल सही और सटीक है। उन्होंने कहा कि खामेनेई के नेतृत्व का पालन करना ईरानियों का धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने भी नए नेता के समर्थन में एकजुट रहने की अपील की और फैसले के लिए विशेषज्ञों की सभा का धन्यवाद किया।