03:12 PM, 11-Jul-2026
भारत और न्यूजीलैंड ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शनिवार को पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार के निर्बाध प्रवाह की पूर्ण बहाली का आह्वान किया। उन्होंने समुद्री परिवहन पर किसी भी प्रकार की बाधा का विरोध करते हुए कहा कि मौजूदा संकट का स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के माध्यम से ही संभव है।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र को लेकर अपने-अपने दृष्टिकोण पर भी विचार-विमर्श किया और स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण तथा समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए तथा नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखा जाना चाहिए।
संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से वर्ष 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के अनुरूप समुद्री नौवहन, हवाई उड़ानों की स्वतंत्रता तथा समुद्र के अन्य वैध उपयोगों के प्रति अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानून और विशेष रूप से यूएनसीएलओएस के तहत शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।