Iran Israel US Conflict Live Updates: पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इस्राइल के हमले तीव्र हो गए हैं, मिसाइलें आसमान में झूल रही हैं और धमाके शहरों में भय और तबाही फैला रहे हैं। तेल और गैस की आपूर्ति खतरे में है, वैश्विक बाजार अस्थिर हैं। होर्मुज जलसंधि की ब्लॉकिंग से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बढ़ रहा है। हर पल संघर्ष और विकराल होता जा रहा है और शांति के संकेत कहीं नजर नहीं आते। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
ईरान की ओर से बातचीत के सभी कूटनीतिक चैनल बंद कर दिए जाने की खबरों के बीच व्हाइट हाउस की प्रसे सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा, ईरानी शासन के पास पूर्वी समयानुसार रात आठ बजे तक अमेरिका के साथ समझौता करने का समय है। केवल राष्ट्रपति ही जानते हैं कि स्थिति क्या है और वे आगे क्या करेंगे।
ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स अखबार ने मंगलवार को खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई ईरान के कोम शहर में इलाज करा रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि खामनेई अचेत हैं और उनकी हालत गंभीर है। वह शासन के किसी भी निर्णय में शामिल होने में असमर्थ हैं।
सर्वोच्च नेता बनने के बाद से मोजतबा खामनेई सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं। उनके नाम से जारी किए गए संदेश ईरानी सरकारी मीडिया की ओर से प्रसारित किए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अयातुल्ला अली खामनेई के पार्थिव शरीर को कोम में दफनाने की तैयारी की जा रही है। मोजतबा के बारे में कहा जाता है कि युद्ध के पहले दिन तेहरान में हुए हमले में वह घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता और तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई समेत कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे।
ईरान ने अमेरिका के साथ संचार के सभी राजनयिक और अप्रत्यक्ष चैनल बंद कर दिए हैं और सभी प्रकार के संदेशों का आदान-प्रदान भी निलंबित कर दिया है। तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ जारी युद्धविराम वार्ता अब तक सकारात्मक रही है। लेकिन पूर्व निर्धारित समयसीमा तक समझौता हो पाएगा या नहीं, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। अधिकारी ने कहा, हम ईरान के संपर्क में हैं। बातचीत सकारात्मक रही है। अगर किस्मत ने साथ दिया तो तय समयसीमा के खत्म होने तक कोई नतीजा सामने आ सकता है।
ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह में एक इमारत पर मिसाइल से हमला किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
शारजाह शहर के अधिकारियों ने कहा कि ईरानी मिसाइल सैटेलाइट दूरसंचार ऑपरेटर थुरैया टेलीकम्युनिकेशंस की प्रशासनिक इमारत पर हमला हुआ। शारजाह के मीडिया कार्यालय ने बताया कि इस हमले में दो पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए। जिन्हें अस्पताल ले जाया गया।
ईरान के रॉकेट हमले के बाद इस्राइल के पेटाह टिक्वा में एक इमारत गिर गई। घायलों या हताहतों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस्राइल के हिब्रू भाषी दैनिक इस्राइल हायोम के मुताबिक, गिवआत शमूएल में भी नुकसान हुआ है।
मारीव समाचार पत्र ने पेटाह टिक्वा के मेयर के हवाले से बताया कि शहर में 28 फरवरी से अब तक लगभग 150 हमले हुए। एक हजार से अधिक अपार्टमेंट को नुकसान हुआ। दो लोगों की मौत हुई और करीब 160 लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। कन्न न्यूज ने नहरिया शहर में तीन हमले दर्ज किए। एक वाहन में आग लगी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान के पुलों और पावर प्लांट को निशाना बनाने की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। दरअसल, ईरान के आर्थिक और सैन्य बुनियादी ढांचे की रीढ़ माने जाने वाले शहीद कलंतरी उर्मिया झील, वेरेस्क रेलवे, तबियात, कारून-4 और गोतूर जैसे पांच प्रमुख मेगा-स्ट्रक्चर्स पर हमले का खतरा पैदा हो गया है। अगर इन पुलों को निशाना बनाया जाता है, तो ईरान का परिवहन और रसद नेटवर्क पूरी तरह ठप हो सकता है।
ईरान के खर्ग द्वीप पर कई हमले किए गए हैं। कोम शहर के पास एक पुल को भी निशाना बनाया गया। आईआरजीसी ने अमेरिका को लक्ष्मण रेखा पार न करने की चेतावनी दी है। प्रांत के उप-राज्यपाल मोर्तेजा हेदरी ने जानकारी दी कि मंगलवार को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कोम शहर के पास एक पुल पर हमला किया।
सरकारी टेलीविजन चैनल के अनुसार, तेहरान के दक्षिण में स्थित कोम के बाहर यह हमला हुआ। हेदरी ने कहा, कुछ मिनट पहले कोम की संपर्क लाइनों में आने वाले एक पुल को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह हमला अमेरिकी और जायनिस्ट दुश्मनों के प्रोजेक्टाइल से किया गया। हमले के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के मिसाइल हमले से इस्राइल के रामत हाशरॉन में कारों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की समझौते न करने पर भीषण हमलों की धमकियों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि 1.4 करोड़ ईरानी स्वेच्छा से अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से पहले ईरान के युवा मंत्रालय ने युवाओं, कलाकारों और अन्य लोगों से अपील की थी कि वह अमेरिका-इस्राइल के संभावित हमलों से पहले ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर मानव शृंखला बनाने का आह्वान किया था। इसके बाद ईरान के ऊर्जा ठिकानों के पास काफी लोगों के इकट्ठा होने की खबरें सामने आई हैं।
ईरानी मीडिया ने बताया कि देश में रात भर चले अमेरिकी-इस्राइली हमलों में 15 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। वहीं, ईरान के अल्बोर्ज प्रांत पर मंगलवार को हुएअमेरिकी-इस्राअली हमले में मारे गए 18 लोगों में दो बच्चे भी शामिल हैं।
दक्षिणी लेबनान के नबातीह प्रांत में इस्राइली हमलों में दो लोगों के मारे जाने की खबर है। राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया कि दीर जहरानी कस्बे में ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, जिबदीन कस्बे में तड़के एक और व्यक्ति की मौत हो गई। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ऐन काना और अरब सलीम में भी इस्राइली हवाई हमले और नबातीह अल-फौका में ड्रोन हमले की खबरें सामने आई हैं।
सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल किंग फहद कॉजवे ईरानी हमलों के खतरे के मद्देनजर मंगलवार को सुबह बंद कर दिया गया था। हालांकि, अब इसे फिर से खोल दिया गया है। सुबह इसे बंद किए जाने के दौरान कहा गया था कि सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमलों के मद्देनजर एहतियाती उपाय के तौर पर वाहनों की आवाजाही निलंबित कर दी गई है। 25 किलोमीटर (15.5 मील) लंबा यह पुल बहरीन को, जो अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का ठिकाना है, अरब प्रायद्वीप से सड़क मार्ग से जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग है।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार इस्राइली सेना ने फारसी भाषा में ईरानियों को चेतावनी जारी की है कि वे स्थानीय समयानुसार कम से कम रात 9 बजे तक ट्रेनों में यात्रा करने से बचें।
अमेरिका और इस्राइल के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता चुने गए मोजतबा खामेनेई की सेहत पर संशय बरकरार है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बमबारी में वे गंभीर रूप से घायल हुए, जिसके बाद उनके कई अंगों को नुकसान पहुंचा। कुछ खबरों में मोजतबा के कोमा में होने और यहां तक की एक पैर काटने की नौबत आने की बात भी सामने आई। हालांकि, ईरान की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। युद्ध के 39वें दिन आई कुछ और रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। संघर्षविराम और युद्ध को लेकर मोजतबा किसी तरह की प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं है। यहां तक कि उनके सटीक ठिकाने का भी पता लगाया जा चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समयसीमा नजदीक आने से पहले ईरान ने बड़ी योजना बनाई है। तेहरान ने कथित तौर पर युवा ईरानियों से ईरान के प्रमुख बिजली संयंत्रों के चारों ओर प्रतीकात्मक मानव शृंखला बनाने का आह्वान किया है। ईरान के खेल और युवा मंत्रालय ने एथलीटों, कलाकारों और छात्रों सहित देश के युवाओं से मंगलवार को दोपहर दो बजे (स्थानीय समय) से इन स्थलों के आसपास इकट्ठा होने का आह्वान किया है। ईरान के युवा मामलों के उप मंत्री अलीरेजा रहीमी ने एक वीडियो संदेश में कहा, "कई विश्वविद्यालय के युवाओं, युवा कलाकारों और युवा संगठनों ने प्रस्ताव दिया कि हम देश के बिजली संयंत्रों के चारों ओर एक मानव घेरा या मानव शृंखला बनाएं।"
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने ईरानी नागरिक अवसंरचना के खिलाफ ट्रंप की हालिया धमकियों को निरर्थक बताया है। उन्होंने कहा कि यह मददगार नहीं है, क्योंकि और अधिक सैन्य कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मूल बात यह है कि इस संघर्ष को और अधिक फैलने से रोकने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि इस सप्ताह वॉशिंगटन में होने वाली बैठक में न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स का अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को संदेश होगा कि संघर्ष को कम किया जाए।
जापान ने मंगलवार को कहा कि जनवरी से ईरान में हिरासत में लिए गए एक जापानी नागरिक को रिहा कर दिया गया है। मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने पत्रकारों को बताया कि उनकी रिहाई की पुष्टि सोमवार को हुई थी। जिस व्यक्ति को रिहा किया गया है, वह जापान के एनएचके सार्वजनिक टेलीविजन में पत्रकार बताया जा रहा है। किहारा ने कहा कि व्यक्ति स्वस्थ है, लेकिन उन्होंने आगे कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।
अमेरिकी सेना ने ईरान युद्ध में अब तक 13,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार और ईरान पर हमलों का नेतृत्व कर रही अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसकी सेनाओं ने 13,000 से अधिक ईरानी ठिकानों पर हमला किया है। सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि 155 से अधिक ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है या नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत और पनडुब्बियां ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में भाग ले रही हैं। इसके साथ ही एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट से लेकर बी-52 बमवर्षक विमानों तक का एक बेड़ा भी इसमें शामिल है।
इराक के उत्तरी हिस्से में एक बड़ा हमला सामने आया है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, एरबिल प्रांत में ईरान की ओर से आए ड्रोन हमले में दो नागरिकों की मौत हो गई। बताया गया कि यह हमला देर रात हुआ, जब एक विस्फोटक से भरा ड्रोन एरबिल के दराशाकरान इलाके के जरका ज़ोय गांव में एक घर पर गिरा। इस हमले में एक शादीशुदा जोड़े की जान चली गई। एरबिल के गवर्नर ओमिद खोशनॉव ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया है। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां इस हमले की जांच कर रही हैं और मामले को गंभीर मान रही हैं।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने चेतावनी दी है कि नागरिक इलाकों पर हमले करने से शांति नहीं मिलेगी। उनका कहना है कि केवल कूटनीति और बातचीत ही संघर्ष को खत्म करने का सही तरीका है। कोस्टा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि केवल वार्ता और क्षेत्रीय साझेदारों के प्रयासों से ही समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि युद्ध और बढ़ता है तो सबसे ज्यादा नुकसान ईरान की आम जनता को होगा।
अमेरिकी सेना ने IRGC (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड) के उस दावे को गलत बताया है जिसमें कहा गया था कि उन्होंने अमेरिकी हमलावर जहाज पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान में कहा कि USS त्रिपोली जहाज पर कोई हमला नहीं हुआ है और यह अरब सागर में अपनी सेवा जारी रखे हुए है। यह जहाज अमेरिकी युद्ध प्रयासों का समर्थन कर रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका और इस्राइल पर आरोप लगाया है कि वे अंधा हत्या अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि इसका मकसद अपनी युद्ध की विफलताओं को छिपाना है। अराघची ने कहा कि इस तरह के हमले ईरानी जनता की हिम्मत नहीं तोड़ सकते, बल्कि इसके विपरीत लोग और अधिक प्रतिरोध की राह पर अडिग रहेंगे।