Israel Iran War News in Hindi Live: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 29वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव अब भी चरम पर है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना की ओर से की गई एयरस्ट्राइक में दो पत्रकारों की मौत हो गई। ईरानी मीडिया के मुताबिक हमलों में पत्रकार अली शोएब और महिला पत्रकार फातिमा फातुनी की मौत हो गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से पश्चिम एशिया संकट को लेकर बातचीत की।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय पोलित ब्यूरो के सदस्य, विदेश मंत्री वांग यी ने 27 मार्च को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बात की। इस दौरान इशाक डार ने ईरान की ताजा स्थिति और पाकिस्तान के रुख से अवगत कराया। पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों में चीन के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युद्धविराम, युद्ध की समाप्ति और शांति की बहाली विभिन्न पक्षों की साझा आकांक्षाएं हैं। शांति वार्ता को फिर से शुरू करने का यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान और चीन के लक्ष्य और रुख एक जैसे हैं। पाकिस्तान चीन के साथ शांति को बढ़ावा देने और युद्ध की समाप्ति में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए उत्सुक है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ एक महत्वपूर्ण टेलीफोन वार्ता की। इस दौरान शहबाज शरीफ ने पश्चिम एशिया संकट के साथ ईरान पर इस्राइल की ओर से किए जा रहे लगातार हमलों की कड़ी निंदा की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच एक घंटे से अधिक समय तक चली विस्तृत बातचीत में क्षेत्र में चल रहे संघर्षों और शांति स्थापना के प्रयासों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति को पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों से अवगत कराया। इसमें उप-प्रधानमंत्री ईशाक डार और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। पाकिस्तान अमेरिका, खाड़ी देशों और इस्लामिक देशों के साथ मिलकर शांति वार्ता के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है।
ओमान की खाड़ी के पास ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने एक अमेरिकी जहाज पर हमला किया है। इस घटना के साथ ही युद्ध का दायरा पूरे पश्चिम एशिया में फैलने की आशंका गहरा गई है।
दक्षिणी लेबनान के कफर तबनित इलाके में इस्राइल के हमले में एक नर्स की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हमला सिविल डिफेंस की एंबुलेंस को निशाना बनाकर किया गया। हमले के बाद स्थानीय अधिकारियों ने इसे गंभीर घटना बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही तय करने की मांग की है। इस घटना को युद्ध के नियमों के उल्लंघन के तौर पर देखा जा रहा है। इलाके में तनाव बना हुआ है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
ओमान के दक्षिणी प्रांत की राजधानी सलालाह के बंदरगाह पर ड्रोन हमला हुआ है, जिसमें एक विदेशी कर्मचारी घायल हो गया। ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, दो ड्रोन ने पोर्ट को निशाना बनाया। इस हमले में एक व्यक्ति को मध्यम चोटें आईं, जबकि बंदरगाह पर मौजूद एक क्रेन को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा एजेंसियों ने घटना के बाद इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच इस घटना को गंभीर माना जा रहा है।
भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर जा रहे दो और व्यापारी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन जहाजों की सुरक्षा के लिए स्टैंडबाय पर तैनात हैं। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में ऐसे और जहाज इस मार्ग से गुजरने वाले हैं।
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में शनिवार को मिसाइल इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से पांच लोग घायल हो गए और दो जगह आग लग गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना खलीफा इकोनॉमिक ज़ोन्स अबू धाबी (KEZAD) के पास हुई, जहां सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। मीडिया ऑफिस ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक लिया गया था, लेकिन उसके टुकड़े गिरने से नुकसान हुआ। एडी पोर्ट्स समूह के इस औद्योगिक इलाके में आग पर काबू पाने के लिए फायर टीमें तैनात की गईं। स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।
ईरान ने थाईलैंड के तेल जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने बताया कि तेहरान के साथ समझौते के बाद यह फैसला हुआ है, जिससे देश की ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता कम होगी। थाईलैंड अपनी तेल जरूरतों के लिए मिडिल ईस्ट पर काफी निर्भर है। इससे पहले इसी महीने एक थाई जहाज पर हमले की घटना भी हुई थी, जिसमें ओमान की नौसेना ने चालक दल को बचाया था, जबकि तीन सदस्य अब भी लापता हैं।
बहरीन में अचानक सायरन बजने से लोगों में हड़कंप मच गया। गृह मंत्रालय ने तुरंत नागरिकों और निवासियों को शांत रहने और नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। सरकार ने कहा है कि सभी लोग सतर्क रहें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। हालांकि, सायरन बजने की वजह को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त बयान जारी कर अलर्ट की पुष्टि की, लेकिन कारण का खुलासा नहीं किया। अचानक हुए इस अलर्ट से पूरे देश में चिंता का माहौल बन गया है।
अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने पुष्टि की है कि उसके प्रमुख काश पटेल का निजी ईमेल हैक हो गया है। यह दावा ईरान से जुड़े हैकर ग्रुप ‘हंदाला हैक टीम’ ने किया था। एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं और किसी सरकारी डेटा से छेड़छाड़ नहीं हुई है। हैकर्स ने दर्जनों ईमेल और तस्वीरें जारी करने का दावा किया है। यह डेटा पुराना बताया गया है। साथ ही, इस ग्रुप ने हथियार कंपनी मार्टिन के मध्य-पूर्व स्थित कर्मचारियों की निजी जानकारी लीक करने का भी दावा किया है।
ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई में हमला किए जाने की खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया एजेंसी मेहर के मुताबिक यह हमला शनिवार तड़के किया गया, हालांकि अब तक नुकसान या हताहतों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और इस्राइल पिछले करीब एक महीने से ईरान के अलग-अलग ठिकानों पर लगातार हमले कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में कई जगहों पर विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गईं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इस्राइल के मध्य हिस्से पर शुक्रवार देर रात ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। यह दिनभर में ईरान का छठा हमला था। मिसाइल में क्लस्टर बम वारहेड था। इससे कई छोटे बम बड़े इलाके में फैल गए। पुलिस के अनुसार, 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत तब हुई जब वह बम शेल्टर में नहीं था। वहीं, एक रिहायशी इमारत पर गिरे सबम्यूनिशन से दो लोग घायल हुए। फायर सर्विस ने छह जगहों पर असर की पुष्टि की। दक्षिणी इस्राइल के कुसैफा इलाके में भी मिसाइल के टुकड़ों से दो लोग घायल हुए।
सऊदी अरब में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से दो सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं। हमले में कई अमेरिकी ईंधन भरने वाले विमान भी क्षतिग्रस्त हुए। सैटेलाइट तस्वीरों में विमान को हुए नुकसान के निशान दिखाई दिए हैं।
पश्चिमी तट में इजरायली सेना के हमले में तीन फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई है। फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय और वफा न्यूज एजेंसी के अनुसार, 15 साल के अदहम दहमान की मौत हो गई। वह बेथलेहम के दक्षिण में स्थित धेइशेह शरणार्थी कैंप में इजरायली सैनिकों द्वारा पेट में गोली मार दिए जाने के बाद घायल हुए थे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस्राइल के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस्राइल को इसकी भारी कीमत चुनानी पड़ेगी। बता दें कि ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान इस्राइल का ईरान के परमाणु स्थलों और स्टील संयंत्रों पर किए गए बड़े हमले के बाद आया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस्राइल को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस्राइल ने ईरान के दो बड़े स्टील प्लांट, एक पावर प्लांट और नागरिक परमाणु साइट्स पर हमले किए।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना के हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 17 लोग घायल हो गए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह हमला सराफंद नाम के शहर में हुआ, जो सिडोन जिले में स्थित है।
सऊदी अरब में स्थित एक अमेरिकी एयर बेस पर ईरान के मिसाइल हमले में कई अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं और कई विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी ने दी, जिन्होंने सुरक्षा कारणों से अपना नाम नहीं बताया। अधिकारी के अनुसार, यह हमला सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुआ। इस हमले में ईरान ने मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन (बिना पायलट वाले विमान) का भी इस्तेमाल किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान में युद्ध खत्म होने के बाद सऊदी अरब और इस्राइल के बीच संबंधों को सामान्य करने का समय आ गया है। ट्रम्प ने कहा कि अब समय आ गया है। हमने ईरान को बहुत कमजोर कर दिया है। अब हमें अब्राहम समझौते की दिशा में बढ़ना होगा। ट्रंप कई वर्षों से पश्चिम एशिया की दो बड़ी ताकतों, इस्राइल और सऊदी अरब, से रिश्ते सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। यह उनकी अब्राहम समझौते की योजना का हिस्सा है।
हालांकि, अभी कुछ बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। सऊदी अरब का कहना है कि वे इजरायल के साथ व्यापार और कूटनीतिक संबंध तभी सामान्य करेंगे, जब फिलिस्तीनी राज्य बनाने का एक विश्वसनीय रास्ता मौजूद होगा। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका और यूरोप के अधिकारियों के अनुसार, रूस ईरान को ड्रोन भेज रहा है। ये ड्रोन पहले ईरान ने रूस को दिए थे, लेकिन अब रूस ने इन्हें और बेहतर बना दिया है। ईरान पिछले एक महीने से अपने ड्रोन से इस्राइल, खाड़ी देशों और अमेरिकी बेस पर हमला कर रहा है। ईरान के पास पहले से ही शाहेद ड्रोन हैं, लेकिन रूस ने युद्ध के दौरान इन ड्रोन में नेविगेशन (स्थान पता करने की क्षमता) जैसी सुधार किए गए हैं।
यूरोपीय अधिकारी का कहना है कि इस महीने रूस और ईरान के बीच ड्रोन ट्रांसफर पर काफी चर्चा हुई है। अमेरिका का कहना है कि अभी स्पष्ट नहीं है कि यह एक बार का ट्रांसफर है या लगातार होगा। कितने ड्रोन भेजे गए, यह भी अभी पता नहीं चला है। एक यूरोपीय अधिकारी ने कहा कि थोड़े ड्रोन भेजने से युद्ध के नतीजे पर बहुत असर नहीं पड़ेगा।
अमेरिका के रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रूस का ईरान को उन्नत ड्रोन देने का मकसद स्पष्ट नहीं है, क्योंकि जो ड्रोन ईरान को भेजे जाते हैं, वही रूस यूक्रेन पर इस्तेमाल नहीं कर सकता। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि रूस का ईरान के लिए यह कदम अमेरिका की किसी भी कार्रवाई पर असर नहीं डालेगा।
यूरोपीय खुफिया जानकारी के अनुसार, ड्रोन की खेप रास्ते में है, लेकिन यह साफ नहीं है कि इसे कैसे भेजा जा रहा है। रूस से ईरान की तरफ हाल ही में दो काफिले ट्रकों के जरिए गए हैं, जिन्हें रूस ने मानवीय सहायता बताया है। इसमें ड्रोन भी हो सकते हैं। अजरबैजान की राजधानी बाकू में रूसी दूतावास ने कहा कि 7 ट्रक, जिनमें 150 टन खाना और अन्य मदद है, ईरान के अस्तारा शहर पहुंचे। वहीं, रूस के इमरजेंसी मंत्रालय ने कहा कि 313 टन दवाइयाँ भी अस्तारा पहुंची।
हिजबुल्ला ने घोषणा की है कि उसने किर्यात श्मोना पर मिसाइल से हमला किया है। यह हमला उस चेतावनी के हिस्से के रूप में किया गया, जो हिज़बुल्लाह ने स्थानीय बस्तियों को दी थी। समूह ने बताया कि उसने मल्किया में इस्राइली सैनिकों और उनके वाहनों के एक इकट्ठे समूह को भी मिसाइल से निशाना बनाया। यह तीसरी बार है जब हिज़बुल्लाह ने वहां हमला किया है। यह कार्रवाई इलाके में जारी तनाव और सुरक्षा खतरे को और बढ़ा सकती है।