यूरोपीय संघ (ईयू) के ऊर्जा मंत्रियों की अगले सप्ताह डिजिटल माध्यम से बैठक होगी, जिसमें अमेरिका-इस्राइल और ईरान के युद्ध के असर पर चर्चा होगी। साइप्रस के प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में मुख्य विषय पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा होगी। हालांकि, यूरोपीय आयोग ने आपूर्ति को समस्या नहीं बताया। लेकिन तेल की ऊंची कीमतों ने चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते कई देशों ने कर में छूट और ईंधन मूल्य सीमा जैसे उपाय अपनाए हैं।
इस्राइल ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि वह ईरान पर अपने हमलों का दायरा और बढ़ाएगा। जबकि, तेहरान लगातार इजराइल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइलें दाग रहा है। इस बीच, अमेरिकी सेना भी ईरान पर हमले जारी रखे हुए है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने के कारण ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को तबाह करने की अपनी धमकी को फिलहाल टाल दिया।
इस्राइल ने लेबनान सीमा पर हजारों सैनिक तैनात कर दिए हैं। इस्राइली अधिकारियों का कहना है कि वे लिटानी नदी के दक्षिण के पूरे इलाके पर नियंत्रण करना चाहते हैं, जो सीमा से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर में स्थित है।
शेयर बाजार में गिरावट के बीच ट्रंप ने गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की चेतावनी की समयसीमा 6 अप्रैल तक बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि ईरान ने समय मांगा है और बातचीत 'काफी अच्छी' चल रही है, जबकि ईरान सार्वजनिक रूप से अब भी यह कह रहा है कि वह व्हाइट हाउस के साथ किसी प्रस्ताव पर बातचीत नहीं कर रहा है।
इस युद्ध में ईरान में 1,900 से अधिक और लेबनान में करीब 1,100 लोगों की मौत हो चुकी है। इस्राइल में 18 लोगों की जान गई है। जबकि लेबनान में चार इस्राइली सैनिक भी मारे गए हैं। इसके अलावा, 13 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है और खाड़ी क्षेत्र में जमीन और समुद्र पर कई नागरिक भी मारे गए हैं। लाखों लोग ईरान और लेबनान में अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
कोलंबो में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को जानकारी दी कि भारत से श्रीलंका के लिए 38 हजार मीट्रिक टन डीजल और पेट्रोल की संयुक्त खेप शनिवार को आने वाली है। यह ईंधन कोलंबो हार्बर पर पहुंचे। दूतावास ने कहा कि 24 मार्च को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीत टेलीफोन पर बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप यह संभव हुआ।
38 हजार मीट्रिक टन की इस खेप में 20 हजार मीट्रिक टन डीजल और 18 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल शामिल है, जो भारतीय तेल निगम (आईओसी) की स्थानीय शाखा लंका आईओसी(एलआईओसी) के माध्यम से आपातकालीन सहायता के रूप में पहुंचाई जाएगी। श्रीलंका ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर से मदद मांगी थी, खासकर पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए। युद्ध के प्रभाव के कारण ईंधन पर सीमित रोक को लागू किया गया और सार्वजनिक सेवाओं में चार दिन का कार्य सप्ताह अपनाया गया।
28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए और युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को हिंद महासागर से जोड़ता है। यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम मार्ग है और युद्ध के कारण यह लगभगत बंद हो गया है, जिससे हर दिन सैकड़ों, जहाजों, कंटेनर, तरल मालवाहक जहाजों का संचालन प्रभावित हुआ है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मिनाब में स्कूल पर हुए हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित किया। इस दौरान अपने संबोधन में ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान पर दो परमाणु संपन्न देशों अमेरिका और इस्राइल ने अवैध युद्ध थोपा है।
आईआरजीसी की धमकी- जहां अमेरिकी सैनिक वो इलाका खाली कर दें आम नागरिक
ईरान के आईआरजीसी ने नागरिकों से अपील की है कि खाड़ी क्षेत्र में जहां भी अमेरिकी सैनिक हैं, उस इलाके को खाली कर दें। आईआरजीसी ने अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों पर हमले की बात कही।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रियाद की तरफ छह मिसाइलें दागी गईं, लेकिन इनमें से दो मिसाइलों को सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया। जबकि चार मिसाइलें गैर आबादी वाले इलाकों में गिरीं, जिनसे किसी तरह के नुकसान की फिलहाल खबर नहीं है।
सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के चलते पैदा हुए हालात से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। इस समिति की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस अंतर मंत्रालयी समिति के अन्य सदस्यों में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ अन्य मंत्री शामिल हैं।
इस्राइली मीडिया यरूशलम पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अतिरिक्त 10 हजार सैनिकों की तैनाती करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस तैनाती में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के अलावा पैदल सेना और बख्तरबंद वाहनों को शामिल किया जा सकता है। एयरबोर्न डिवीजन की तैनाती को ईरान के खर्ग द्वीप पर हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि ये साफ नहीं है कि अन्य सैनिकों की कहां तैनाती की जाएगी। यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की डेडलाइन 6 अप्रैल तक टाल दी है।
तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास के पास धमाका हुआ है। इस धमाके में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। धमाका किसने किया, इसकी जांच की जा रही है।
ईरान युद्ध की रिपोर्टिंग को लेकर अमेरिकी मीडिया बंट गया है। मुख्य धारा का मीडिया ईरान युद्ध को लेकर सरकार पर हमलावर है। जिसके चलते ट्रंप प्रशासन मुख्य धारा के मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगा रहा है। वहीं सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीडिया पर सरकार का पक्ष लिया जा रहा है। इससे अमेरिका में भ्रम की स्थिति है।
खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष अमेरिका की इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) रणनीति को कमजोर कर सकता है। इससे भारत जैसे देशों की चिंता बढ़ रही है, क्योंकि अमेरिका का ध्यान और सैन्य संसाधन एशिया से हटकर खाड़ी की ओर जा रहे हैं। अमेरिका के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने यह चेतावनी दी है। एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि इस संकट का असर अब अमेरिका की अन्य क्षेत्रों, खासकर एशिया से जुड़ी योजनाओं पर दिखने लगा है, जहां अमेरिका चीन के खिलाफ अपनी ताकत मजबूत करना चाहता था।
ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट के मुद्दे पर आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक बंद दरवाजों के पीछे होगी। रूस ने इस बैठक की मांग की है और आरोप लगाया है कि अमेरिका और इस्राइल, ईरान के नागरिक ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। फिलहाल सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता अमेरिका कर रहा है।
ईरानी सेना ने हाइफा पोर्ट में रणनीतिक और संवेदनशील लक्ष्यों पर ड्रोन से हमला किया। IRGC ने 82वें रिटैलियरी ऑपरेशन का ऐलान किया, जिसमें मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। यह हमला अमेरिका और इस्राइल के पहले हवाई हमलों का जवाब है।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में 'टोल बूथ' व्यवस्था लागू करने का संकेत दिया है, जिससे तेल परिवहन की वैश्विक धारा प्रभावित हो रही है। मार्च में केवल 150 जहाज जलडमरूमध्य से गुजर पाए, जिससे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
इस्राइल रक्षा बलों ने घोषणा की कि हिजबुल्ला के वरिष्ठ एंटी-टैंक कमांडर हसन मोहम्मद बशीर को मार गिराया गया। आईडीएफ के अनुसार, बशीर ने इस्राइल की सेना और नागरिकों पर कई हमलों का संचालन किया। इसी तरह, ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स की नौसेना कमान के शीर्ष अधिकारी भी निशाना बनाए गए।
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने 27 मार्च के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का अपडेटेड शेड्यूल जारी किया है। एयरलाइन ने पुष्टि की कि भारत और पश्चिम एशिया के प्रमुख गंतव्यों के बीच कुल 22 निर्धारित और अनिर्धारित उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसमें जेद्दा और रियाद के लिए चार-चार शेड्यूल्ड फ्लाइटें शामिल हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली और मुंबई से मस्कट, जबकि बंगलूरू और कोझिकोड से रियाद के लिए चार-चार उड़ानें संचालित करेगा।
साथ ही, यूएई के लिए आठ अतिरिक्त गैर-निर्धारित उड़ानों का भी संचालन किया जाएगा, जो स्लॉट उपलब्धता और उड़ान की स्थिति पर निर्भर करेगा। एयरलाइन ने कहा कि अन्य सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जैसे अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के लिए निर्धारित समयानुसार ही संचालित होंगी।
लेबनान में इस्राइल के लगातार हमलों में अब तक 1,116 लोग मारे जा चुके हैं और 3,229 लोग घायल हुए हैं। डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट यूनिट के अनुसार करीब 1,36,000 लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से 34,973 परिवार राहत शिविरों में रह रहे हैं। नेशनल न्यूज एजेंसी ने भी मरने वालों की संख्या की पुष्टि की है।
पश्चिम एशिया में युद्ध की चपेट में आए देशों को आर्थिक मदद देने का एलान वर्ल्ड बैंक ने किया है। संस्था ने कहा कि बढ़ती तेल कीमतों और आर्थिक दबाव से जूझ रहे देशों को जल्दी फंड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिए प्रभावित देशों को आर्थिक हालात संभालने और विकास पटरी पर लौटाने में मदद मिलेगी।
फ्रांस ने कहा कि उसके सैन्य प्रमुख ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए भविष्य में मिशन आरंभ करने के लिए साझेदार तलाश करने के लिए बृहस्पतिवार को लगभग 35 देशों के साथ बातचीत की है। फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय के एक बयान में उन देशों के नाम नहीं बताए गए जिन्होंने सशस्त्र बलों के प्रमुख फैबियन मंडन के साथ सामूहिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में बातचीत की, लेकिन कहा गया कि वे सभी अलग-अलग महाद्वीपों से थे। अमेरिका के पश्चिमी सहयोगियों ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही निर्बाध रखने में मदद के ट्रंप के आह्वान पर सीधे मना कर दिया है लेकिन पर्दे के पीछे की गतिविधियां पश्चिम की चिंता को रेखांकित करती हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार के अनुरोध पर घोषणा की है कि पश्चिम एशिया में ऊर्जा संयंत्रों पर संभावित हमलों को 10 दिन के लिए स्थगित किया गया है। अब यह अवधि सोमवार, 6 अप्रैल 2026, शाम 8 बजे तक के लिए बढ़ा दी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस बीच बातचीत जारी हैं और मीडिया में गलत सूचना फैलाने वाले दावों के बावजूद वार्ता बहुत अच्छे ढंग से चल रही है।
पाकिस्तान ने ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद इस पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सभी पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है और युद्ध को खत्म कर शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम कर रहा है।
अमेरिका ने बेलारूस से जुड़ी कुछ वित्तीय और उर्वरक (पोटाश) कंपनियों पर लगे प्रतिबंधों को आंशिक रूप से कम कर दिया है। यह कदम बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और वॉशिंगटन के बीच सुधरते संबंधों का संकेत माना जा रहा है।दरअसल, ईरान युद्ध के कारण फारस की खाड़ी से नाइट्रोजन उर्वरकों का निर्यात लगभग ठप हो गया है, जिससे अमेरिकी किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उर्वरकों की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण कई किसान इन्हें खरीदने में असमर्थ हो गए हैं। इसी को देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही अमेरिकी किसानों के समर्थन में कई नई नीतियां लागू करेगी।
हाल ही में बेलारूस की राजधानी मिंस्क में अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने अमेरिकी दूत जॉन कोल से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद बेलारूस ने 250 राजनीतिक कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया, जिसके बदले अमेरिका ने कुछ प्रतिबंधों में राहत देने का संकेत दिया।