ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के लिए काम करने के आरोप में 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। खुफिया मंत्रालय के अनुसार, मार्काजी प्रांत में 23 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन पर सैन्य ठिकानों की जानकारी साझा करने और देश में अशांति फैलाने की साजिश का आरोप है। वहीं, गोलस्तान प्रांत में दो अन्य लोगों को पुलिस केंद्रों पर हमले की योजना बनाने के आरोप में पकड़ा गया। ईरान ने यह भी दावा किया कि विदेश में बैठे 15 लोगों की गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार कर न्यायपालिका को सौंपा गया है। अधिकारियों ने विदेश में रह रहे ईरानियों को अमेरिका और इस्राइल से जुड़े संगठनों से दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी है।
इस्राइल की सेना ने बताया है कि ईरान की ओर से एक और मिसाइल हमला किया गया है। सेना के मुताबिक यह हमला आधी रात के बाद से अब तक की आठवीं मिसाइल बौछार है। जैसे ही मिसाइलों का पता चला, दक्षिणी इस्राइल के कई इलाकों में सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट जारी किया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला लगातार बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जहां ईरान बार-बार मिसाइल हमले कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दक्षिणी इलाकों में खतरे की चेतावनी जारी की गई है और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं।
अमेरिका में इस्राइल के राजदूत येचिएल लेइटर ने ईरान के खिलाफ कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस्राइल अपनी सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रखेगा, जब तक ईरान को “घुटनों पर” नहीं ला दिया जाता। यह बयान ईरान की ओर से डिमोना और अराद शहरों पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद आया है।
लेइटर ने कहा कि इस्राइल ऐसे देश के साथ नहीं रह सकता जो उसे लगातार खत्म करने की धमकी देता है और पड़ोसी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल दाग रहा है। उन्होंने ईरान पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया और कहा कि ईरान अपनी मिसाइल क्षमता को लेकर दुनिया को गुमराह करता रहा है।
यूएई से भारत के लिए रविवार को 90 उड़ानें अनुसूचित हैं। इसके साथ ही, सऊदी अरब और ओमान से भी विमानों का आना जारी है। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई। बयान में कहा गया है कि हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से फिर से खुलने के साथ, कतर एयरवेज द्वारा रविवार को भारत के लिए लगभग 9-10 नॉन-शेड्यूल्ड कमर्शियल उड़ानें संचालित किए जाने की उम्मीद है।
कुवैत का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है, जबकि जजीरा एयरवेज ने सऊदी अरब के अल कैसुमा हवाई अड्डे से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं। इसके अलावा, बहरीन का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है, जबकि गल्फ एयर सऊदी अरब के दम्माम हवाई अड्डे से भारत के लिए विशेष नॉन-शेड्यूल्ड कमर्शियल उड़ानें संचालित करना जारी रखे हुए है। बयान में कहा गया है कि कुवैत, बहरीन और इराक से उड़ानों पर लगे प्रतिबंधों को देखते हुए, भारतीय नागरिकों की यात्रा सऊदी अरब के रास्ते सुगम बनाई जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह नहीं खोलेगा, तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों को पूरी तरह से नष्ट कर देगा। ईरान ने इसका जवाब देने की धमकी दी है और कहा कि किसी भी हमले का बदला अमेरिकी और इस्राइली ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर हमलों से लिया जाएगा।
सऊदी अरब ने ईरान की लगातार कार्रवाईयों की कड़ी निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान द्वारा सऊदी अरब और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों, खासकर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों और अन्य अरब व इस्लामिक राष्ट्रों पर लगातार किए जा रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि इन हमलों में सऊदी अरब की संप्रभुता, नागरिक इलाक़े, नागरिकों, आर्थिक हितों और कूटनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। सऊदी अरब इसे सभी अंतरराष्ट्रीय संधियों और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्तों के सिद्धांतों का उल्लंघन मानता है। सऊदी अधिकारियों ने यह भी कहा कि ईरान की सैन्य गतिविधियां "बीजिंग समझौता" और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) के प्रत्यक्ष उल्लंघन में आती हैं।
इस्राइली सेना ने कहा है कि दक्षिण लेबनान में उसका जमीनी अभियान जारी है और उसने कई हिजबुल्ला ठिकानों पर हमला किया। सेना के अनुसार, कम से कम 10 हिजबुल्ला लड़ाके मारे गए, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि ये हमले कब और कहां हुए। इस दौरान रिपोर्ट्स में कहा गया कि खियम और तैयबेह जैसे रणनीतिक शहरों के आसपास भारी संघर्ष हुआ। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने रातभर कम से कम 12 हमले किए, जिनमें कई रॉकेट हमले भी शामिल थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान द्वारा इस्राइल पर मिसाइल हमले के बाद मध्य इस्राइल में धमाके सुने गए। मीडिया ने बताया कि ये धमाके ईरान से दागी गई मिसाइलों के कुछ ही समय बाद हुए। फिलहाल, किसी के घायल होने या नुकसान की खबर नहीं है।
ईरानी सेना ने घोषणा की है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान के ऊपर एक अमेरिकी-इस्राइली हथियारबंद ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, इससे पहले कि यह कोई हमला कर पाता। यह जानकारी ईरानी समाचार एजेंसी ने दी। ईरानी सेना ने बताया कि हाल की जंग के दौरान अब तक 127 उन्नत ड्रोन को उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है। इससे पहले, आईडीएफ ने तेहरान पर नए हमलों की शुरुआत करने की घोषणा की थी। शहर के लोग इसकी ओर-पूर्व और पश्चिम दिशा में जोरदार विस्फोट की आवाज सुनने की भी पुष्टि कर रहे हैं।
इराक की संगठन इराक में इस्लामी प्रतिरोध ने कहा है कि उसने पिछले 24 घंटे में देश और आसपास के क्षेत्रों में अमेरिकी ठिकानों पर 21 हमले किए हैं। संगठन ने बताया कि इन हमलों में उसने कई ड्रोन और रॉकेट का इस्तेमाल किया। अभी तक अमेरिकी पक्ष की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इराक की राजधानी बगदाद के पश्चिमी इलाके से जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, ये विस्फोट काफी बड़े थे और अचानक हुए। इससे कुछ ही देर पहले एक इराकी सुरक्षा अधिकारी ने बताया था कि बगदाद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास मौजूद एक अमेरिकी लॉजिस्टिक कैंप के नजदीक एयर डिफेंस सिस्टम ने दो ड्रोन को हवा में ही रोककर मार गिराया। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि इन धमाकों और ड्रोन के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। जैसे-जैसे और जानकारी सामने आएगी, अपडेट दी जाएगी।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश के पूर्वी इलाके (ईस्टर्न प्रोविंस) में पिछले एक घंटे के भीतर पांच ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। मंत्रालय के अनुसार, ये ड्रोन संदिग्ध थे और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते थे, इसलिए उन्हें तुरंत कार्रवाई करते हुए मार गिराया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये ड्रोन कहां से आए थे और इनके पीछे किसका हाथ है। मामले की जांच जारी है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश की सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए सेना तैयार है।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एक हेलिकॉप्टर नियमित ड्यूटी के दौरान तकनीकी खराबी की वजह से समुद्र में गिर गया।मंत्रालय ने कहा कि हेलिकॉप्टर में मौजूद क्रू और यात्रियों की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, यूएई के शारजाह से लगभग 28 किमी उत्तर में एक जहाज (टैंकर) के पास धमाका हुआ। एजेंसी ने बताया कि विस्फोट किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल के कारण हुआ। राहत की बात यह है कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हालिया मिसाइल हमलों में इस्राइल के कई शहरों (अराद, डिमोना, इलात, बेर्शेबा और किरयात गात) में सैन्य ठिकानों और सुरक्षा केंद्रों को निशाना बनाने का दावा किया है। आईआरजीसी ने कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस और यूएई के अल-मिनहाद व अल-धाफरा एयरबेस पर हमले होने की भी जानकारी दी। ईरान का दावा है कि इन हमलों में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं।
हालांकि, इस्राइल ने किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है। इस्राइली एम्बुलेंस सेवा के अनुसार, अराद में 88 लोग घायल हुए हैं और डिमोना में 39 घायलों को अस्पताल भेजा गया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान समझौता करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने इस दावे के पीछे कोई ठोस प्रमाण साझा नहीं किया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध और रणनीति में समय से आगे है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह स्वयं ईरान के साथ कोई समझौता करने के इच्छुक नहीं हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की नेतृत्व व्यवस्था कमजोर हो गई है और उसकी नौसेना तथा वायुसेना पहले जैसी प्रभावशाली नहीं रही।
पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने सीमा के पास इस्राइली सैनिकों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया। संगठन के अनुसार, मार्काबा इलाके में गश्त कर रहे सैनिकों पर रॉकेट दागे गए। यह जानकारी उसके आधिकारिक मंच अल मनार पर जारी बयान में दी गई।
हिजबुल्ला ने यह भी कहा कि एक अलग हमले में अल अदाइसेह सीमा क्षेत्र में भी इस्राइली सैनिकों और वाहनों को निशाना बनाया गया। हालांकि, दोनों हमलों में किसी के हताहत होने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर तीखी चेतावनी जारी की है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के पूरी तरह नहीं खोलता है, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा और कार्रवाई सबसे बड़े संयंत्र से शुरू होगी। पढ़ें पूरी खबर...
ईरानी अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमले नहीं किए। यह ठिकाना ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है और यूके ने इसे अमेरिका को रक्षात्मक ऑपरेशन के लिए उपलब्ध कराया है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने अपने पूर्वी प्रांत में एक और ड्रोन को मार गिराने की घोषणा की है। यह घटनाएं पिछले चार घंटे में नियमित अंतराल पर हुई कई इंटरसेप्शन की श्रृंखला का हिस्सा हैं। सऊदी अरब ने साथ ही ईरानी दूतावास के कुछ कर्मियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। इससे पहले, कतार ने भी अपने देश में ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अटैचे को अवांछित व्यक्ति घोषित किया था।
ईरानी राज्य समाचार एजेंसी IRIB ने कतर की राजधानी दोहा में कथित निकासी आदेश की अफवाह फैलाने के लिए माफी मांगी है। एजेंसी ने अपने टेलीग्राम पेज पर स्पष्ट किया कि ईरान ने दोहा के लिए कोई निकासी आदेश जारी नहीं किया।
इस्राइल के दक्षिणी शहर अराद में हालिया मिसाइल हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वे आपात राहत और बचाव बलों को और अधिक सशक्त बना रहे हैं। इस हमले में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। नेतन्याहू ने कहा यह हमारे भविष्य की लड़ाई में बेहद कठिन शाम है। हम अपने दुश्मनों पर हर मोर्चे पर हमला जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइली वायु सेना ने अराद में मिसाइल के सीधे हमले को रोकने में हुई विफलता की जांच शुरू कर दी है। समाचार एजेंसियों के अनुसार, दो इंटरसेप्शन प्रयास असफल रहे।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद-बाकर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि डिमोना पर हाल के मिसाइल हमले यह दिखाते हैं कि इस्राइल का हवाई सुरक्षा तंत्र कमजोर पड़ रहा है। उनका दावा है कि अब इस्राइल का आसमान सुरक्षित नहीं है और युद्ध नए चरण में प्रवेश कर चुका है।
इस्राइल के दक्षिणी शहर अराद में ईरानी मिसाइल हमले ने भयावह रूप ले लिया है। स्थानीय दमकल विभाग ने बताया कि यह हमला सीधे शहर के बीचों-बीच गिरा, जिससे सिटी सेंटर और आसपास के रिहायशी इलाके में भारी नुकसान हुआ। राहत और बचाव कार्य मौके पर जारी हैं।
हमले के बाद इस्राइल सरकार ने अराद में आपातकाल घोषित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में कम से कम 70 लोग घायल हुए हैं। इस्राइल की आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि घायलों का इलाज किया जा रहा है, जिसमें एक 5 साल की बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। दमकल विभाग के अनुसार, मिसाइल सीधे घनी आबादी इलाके में गिरी, जिससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और इलाके में भारी तबाही देखी गई। स्थानीय प्रशासन ने सभी नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 4,292 से अधिक लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। वहीं डिमोना में हुए मिसाइल हमले में दर्जनों लोग घायल हुए थे।
ईरान के तेहरान, करज और इस्फहान शहरों में हवाई हमलों की खबर है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कई इलाकों को निशाना बनाया गया है, जिससे हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इराक के एरबिल एयरपोर्ट के पास तीन ड्रोन को रोका गया, जिससे आसपास के इलाके में आग लग गई। वहीं बगदाद के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में एक ड्रोन गिरने से चार लोग घायल हो गए।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पूर्वी क्षेत्र में एक के बाद एक छह ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इससे पहले भी एक ड्रोन को मार गिराया गया था।
इस्राइली सेना के मुताबिक, ईरान की ओर से एक और मिसाइल हमला किया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को मोबाइल अलर्ट जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह G7 ने बड़ा संकेत दिया है। समूह के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को तैयार हैं। कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने संयुक्त बयान में ईरान और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने नागरिकों और ऊर्जा ढांचे पर हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए समुद्री मार्गों, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को बेहद अहम बताया।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने इस्राइल के डिमोना शहर में कथित मिसाइल हमले की खबरों पर प्रतिक्रिया दी है। एजेंसी ने बताया कि उसे इस घटना की जानकारी है, लेकिन अब तक नेगेव स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी प्रकार के नुकसान के संकेत नहीं मिले हैं।
IAEA के अनुसार, क्षेत्रीय देशों से मिली जानकारी में भी किसी तरह के असामान्य रेडिएशन स्तर का पता नहीं चला है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। एजेंसी ने कहा कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने इस दौरान सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से परमाणु ठिकानों के आसपास सैन्य गतिविधियों में अधिकतम सतर्कता और संयम रखने पर जोर दिया।
इस्राइल के दक्षिणी शहर डिमोना में मिसाइल हमले से कई लोग घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में 20 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। घटना के वीडियो में आसमान से गिरती मिसाइल और उसके बाद जोरदार धमाका साफ देखा गया।
ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में भी धमाकों की खबर है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने शत्रु लक्ष्यों को इंटरसेप्ट किया। इसके अलावा गिलान प्रांत के लंगरूद इलाके के पास भी एक अलग विस्फोट की सूचना मिली है।
पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में इराक की राजधानी बगदाद के एयरपोर्ट के पास स्थित एक अमेरिकी कूटनीतिक परिसर को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस हमले के बीच शहर में कई धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, बगदाद एयरपोर्ट क्षेत्र में स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास विस्फोट हुआ, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है।
Israel Iran War News in Hindi Live: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...