अपने बयान में, खामेनेई ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान से लड़ाई समाप्त करने का आह्वान किया और कहा कि वह सहायता के लिए तत्पर हैं। ईरान के नए सर्वोच्च नेता ने कहा, 'हम अपने पूर्वी पड़ोसियों को अपने बहुत करीब मानते हैं। मैं अपने दो मित्र देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से एक-दूसरे के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने की अपील करता हूं… और मैं स्वयं आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार हूं।'
एक बयान में, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि तुर्किये और ओमान को निशाना बनाकर किए गए हालिया हमले किसी भी तरह से ईरान के सशस्त्र बलों या सहयोगी समूहों द्वारा नहीं किए गए थे। उन्होंने कहा कि ये झूठे हमले थे, जिनका इस्तेमाल ईरान के दुश्मन ने पड़ोसियों के बीच फूट डालने के लिए किया था, और ऐसा अन्य देशों में भी हो सकता है।
संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों द्वारा हिजबुल्ला और उसके समर्थक ईरान से जुड़े एक आतंकवादी नेटवर्क के कम से कम पांच सदस्यों की गिरफ्तारी की घोषणा के बाद, हिजबुल्ला ने देश में अपनी उपस्थिति से इनकार किया है। एक बयान में, लेबनानी समूह ने कहा कि वह 'संयुक्त अरब अमीरात के सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लगाए गए मनगढ़ंत आरोपों का खंडन करता है... हिजबुल्ला की संयुक्त अरब अमीरात या किसी अन्य देश में किसी भी रूप में, व्यावसायिक नाम से या किसी अन्य तरीके से कोई उपस्थिति नहीं है।'
इस सप्ताह की शुरुआत में, हिजबुल्ला ने कुवैत में भी अपने सदस्यों के होने से इनकार किया, जब कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने लेबनानी समूह से जुड़े 16 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने देश में तोड़फोड़ की साजिश रची थी।
ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया में तीन और युद्धपोत और लगभग 2,500 नौसैनिक तैनात कर रही है। अमेरिका के तीन अधिकारियों ने शुक्रवार को इस नौसैनिकों को भेजे जाने की पुष्टि की। एक अधिकारी ने बताया कि यूएसएस बॉक्सर और दो अन्य युद्धपोत, साथ ही 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के लगभग 2,500 नौसैनिक सैन डिएगो बंदरगाह से रवाना हो चुके हैं। ये पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहे हैं। पश्चिम एशिया में पहले से ही 50,000 अमेरिकी नौसैनिक तैनात हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने नवरोज का संदेश जारी किया है। अपन संदेश में, खामेनेई ने आगामी वर्ष को 'प्रतिरोध अर्थव्यवस्था' का वर्ष बनाने का आह्वान किया है, जिसे 'राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा की छत्रछाया में मनाया जाए।'
इराकी अधिकारी का बयान क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच नाटो ने इराक से अपने कर्मियों को वापस बुला लिया है। इराक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सईद अल जयशी ने अल जज़ीरा को बताया कि नाटो ने इराक से अपने कर्मियों को वापस बुला लिया है। उन्होंने कहा कि यह वापसी अस्थायी है और ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने और इराक में स्थिति स्थिर होने के बाद नाटो कर्मी इराक लौट आएंगे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरान की वायु सेना और नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाने के अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह बयान हकीकत से परे है। अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'अमेरिकी सरकार कुछ और कहती है, हकीकत कुछ और। जैसे ही अमेरिकी अधिकारी ईरान की वायु सेना के ध्वस्त होने का दावा करते हैं, एक F-35 विमान पर हमला होता है। जैसे ही वे ईरान की नौसेना को खत्म घोषित करते हैं, यूएसएस गेराल्ड फोर्ड वापस लौट आता है, और यूएसएस अब्राहम लिंकन और दूर चला जाता है।' ईरान के शीर्ष राजनयिक ने अमेरिकी युद्ध संबंधी उपलब्धियों के अमेरिकी दावे की तुलना 1960 और 1970 के दशक में वियतनाम युद्ध के अमेरिकी दावे से की। उन्होंने लिखा, 'अलग दशक, वही ‘हम जीत रहे हैं’।'
इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया है कि ईरानी खुफिया मंत्रालय का एक प्रमुख कमांडर, मेहदी रस्तामी श्मस्तान को उसने मार गिराया है। आईडीएफ के अनुसार, श्मस्तान दुनिया भर में इस्राइली और यहूदी नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों और हमलों को बढ़ावा देने में एक प्रमुख व्यक्ति था। इसके साथ यह भी कहा गया है कि खुफिया मंत्रालय ईरानी आतंकी शासन का प्राथमिक खुफिया संगठन है और दमन और आतंक के शासन के केंद्रीय तंत्रों में से एक के रूप में कार्य करता है।
सुरक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने कहा है कि यूक्रेन ने पांच पश्चिम एशियाई देशों में महत्वपूर्ण और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए इंटरसेप्टर यूनिट तैनात की हैं। उमेरोव ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'कवरेज क्षेत्रों का विस्तार करने का काम भी चल रहा है।'
ईरान के खिलाफ चल रहे इस्राइल-अमेरिकी युद्ध में अपनी तटस्थता का हवाला देते हुए स्विट्जरलैंड ने संयुक्त राज्य अमेरिका को हथियार निर्यात की मंजूरी रोक दी है। शुक्रवार को जारी एक बयान में सरकार ने कहा, 'ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष में शामिल देशों को युद्ध सामग्री का निर्यात संघर्ष की अवधि के दौरान अधिकृत नहीं किया जा सकता है।' बयान में आगे कहा गया, 'अमेरिका को युद्ध सामग्री का निर्यात फिलहाल अधिकृत नहीं किया जा सकता है।'
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटाने से एशिया को तीन-चार दिनों के भीतर आपूर्ति मिल जाएगी। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका जल्द ही समुद्र में टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है, क्योंकि वॉशिंगटन ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के कारण आसमान छू रही कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। राइट ने एक साक्षात्कार में कहा, 'कुछ ही दिनों में, तीन-चार दिनों के भीतर, वह तेल बंदरगाहों पर पहुंचना शुरू हो जाएगा।'
ईरान के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में 'पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल' तेहरान के दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे। ईरानी सरकारी टेलीविजन द्वारा ऑनलाइन प्रकाशित एक बयान में जनरल अबोलफजल शेखरची ने कहा, 'अब से, आपके बारे में हमारे पास मौजूद जानकारी के आधार पर, दुनिया भर में कहीं भी पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल आपके लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे।'
ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध ने दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे एशिया के लिए लंबी दूरी की उड़ानों के लिए खाड़ी देशों की एयरलाइंस पर यूरोप की भारी निर्भरता उजागर हुई है। हजारों उड़ानें रद्द होने से लाखों यात्री फंसे हुए हैं, जो अमीरात, कतर एयरवेज और एतिहाद पर एयरलाइन उद्योग की निर्भरता को दर्शाता है।
एयर फ्रांस-केएलएम के सीईओ बेंजामिन स्मिथ ने इसे एक चेतावनी बताया है, क्योंकि यूरोप की सेवा करने वाले 100 विमानों सहित 600 विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया गया है। लुफ्थांसा के सीईओ कार्सटेन स्पोहर ने चेतावनी दी है कि मनीला से प्रभावी रूप से संपर्क कट जाने के कारण यूरोप मार्गों पर अपना नियंत्रण खो रहा है। यूरोपीय एयरलाइंस अब खाड़ी देशों की एयरलाइंस पर निर्भरता कम करने के लिए यूरोप-एशिया के बीच सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ा रही हैं।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का दबाव बनाने के लिए, ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा करने या उसकी घेराबंदी करने की योजनाओं पर विचार कर रहे हैं। इस द्वीप पर, जो ईरान के 90 प्रतिशत तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है, अमेरिका और इस्राइल के हमलों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था; हालांकि, जमीन के रास्ते हमला करने से अमेरिकी सैनिक ईरान की जवाबी हमले की सीमा के भीतर आ जाएंगे।
बहरीन रक्षा बल ने कहा है कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से उसे ईरान की ओर से 141 मिसाइलों और 242 ड्रोन का सामना करना पड़ा है। बहरीन रक्षा बल ने कहा कि देश के सुरक्षा बल 'बहरीन साम्राज्य को निशाना बनाकर ईरान के निंदनीय आतंकवादी हमलों की लगातार लहरों का सामना कर रहे हैं।'
इस्राइली सेना ने कहा है कि ईरान ने दक्षिणी इस्राइल को निशाना बनाते हुए मिसाइलों की एक नई बौछार की है। सेना ने यह भी कहा कि उसकी रक्षा प्रणालियां मिसाइलों को रोकने के लिए काम कर रही हैं। वहीं इस्राइली मीडिया ने बताया है कि अगले कुछ मिनटों में देश के दक्षिणी हिस्से में सायरन बजने की आशंका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के प्रयास में अमेरिका और इस्राइल ने रात भर ईरान के तट के पास अभियान चलाया। अल जजीरा के अनुसार, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है, दर्जनों जहाज अभी भी प्रवेश द्वार पर लंगर डाले हुए हैं और ईरान की ओर से जारी धमकियों के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के तट के पास पानी के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हमलावर जेट विमान भेजे थे।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सउदी अरब की राजधानी रियाद में हुए हालिया घटनाक्रम में एक भारतीय शख्स की मौत हो गई है। भारतीय दूतावास ने इस घटना पर शोक जताते हुए सहायता का हाथ बढ़ाया है। दूतावास ने कहा कि वह परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ईरान के खुफिया विभाग के मंत्री इस्माइल खतीब की हाल ही में हुई मौत पर दुख जताया और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान को भेजे संदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का निर्देश दिया है।
इस्राइली हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई है। ईरान ने भी इसकी पुष्टि की है।
इस्राइली सेना ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने बीती रात सीरिया पर रात भर बमबारी की। यह बमबारी एक कमांड सेंटर और हथियारों के जखीरे को निशाना बनाकर की गई। आईडीएफ ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में कहा, वे द्रुज लोगों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे और उनकी रक्षा के लिए कदम उठाएंगे। आईडीएफ ने कहा कि वे लगातार दक्षिणी सीरिया के हालात पर नजर बनाए हुए हैं और राजनीतिक नेतृत्व के आदेश के अनुसार काम करेंगे। सीरिया के अस-स्वायदा इलाके में गुरुवार को द्रुज लोगों पर हमला हुआ था। संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट में कहा है कि सीरिया में अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार हो रहे हैं और उन्हें अपहरण, यौन हिंसा और अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने जैसी यातनाएं झेलनी पड़ रही हैं। द्रुज लोग सीरिया में अल्पसंख्यक हैं।
द्रुज लोगों की कुल आबादी करीब 10 लाख ही है और ये लोग सीरिया, लेबनान और इस्राइल में रहते हैं। कुछ हजार लोग यूरोप, दक्षिण अमेरिका में रहते हैं। इस्राइल ने सीरिया पर यह हमला ऐसे समय किया है, जब पश्चिम एशिया में संकट गहराया हुआ है और अमेरिका और इस्राइल मिलकर ईरान पर हवाई हमले कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया युद्ध के चलते चीन खाद निर्यात को प्रतिबंधित कर रहा है ताकि अपनी घरेलू मांग को पूरा किया जा सके। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रंखला पर और दबाव बढ़ सकता है। मार्च के मध्य में चीन ने नाइट्रोजन पोटैशियम खाद के निर्यात पर रोक लगाई थी।
सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन हमले हुए हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ड्रोन हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया। सऊदी अरब ने बताया कि करीब दो दर्जन ड्रोन्स को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया। कुवैत की सेना ने बताया कि उन पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए। हालांकि अधिकतर हमलों को नाकाम कर दिया गया। कुवैती सेना ने लोगों से सुरक्षा सलाह मानने की अपील की।
एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की धमकी दी थी। अब लगता है कि अमेरिका के छह सहयोगी देश भी सक्रिय हो गए हैं और ये देश बाधित होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए अमेरिका की मदद कर सकते हैं। इन देशों ने ऐसे समय मदद करने की बात कही है, जब ऊर्जा ठिकानों पर हमले बढ़े हैं और गुरुवार को दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट को ईरान ने निशाना बनाया। इन हमलों के चलते दुनियाभर में गैस और तेल का संकट हो सकता है। मदद करने का वादा करने वाले देशों में ब्रिटेन, जापान, नीदरलैंड्स, इटली, जर्मनी और फ्रांस शामिल हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने दुनिया के कई देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य खुलवाने की अपील की थी, लेकिन सभी देशों ने उनकी अपील पर मदद करने से इनकार कर दिया था। हालांकि अब जब वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा रहा है तो ये देश मदद के लिए तैयार हो गए हैं। इसके चलते ईरान पर दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी मीडिया के हवाले से अल जजीरा ने बताया है कि अमेरिका ईरान युद्ध में और सैनिक और युद्धपोत भेजने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका एफ-35 लड़ाकू विमान, बख्तरबंद गाड़ियां, मिसाइलें पश्चिम एशिया भेजने की योजना बना रहा है।
कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट रास लफ्फान पर ईरान के हमले के बाद इसका पूरी दुनिया पर व्यापक असर पड़ सकता है। पेरिस के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी का मानना है कि इसकी मरम्मत में लंबा समय लग सकता है। सेंटर के विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मरम्मत में महीनों लग सकते हैं। ऐसा अनुमान है कि रास लफ्फान इस साल के आखिर तक शायद शुरू नहीं हो पाएगा। इसमें पांच साल भी लग सकते हैं और ऐसे में दुनियाभर में गैस की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है।
ईरान ने गुरुवार को दावा किया कि उन्होंने अमेरिका के आधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। यह अमेरिका के सबसे मूल्यवान, आधुनिक और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक है और इसे अमेरिका की पांचवीं पीढ़ी की युद्धक क्षमताओं की रीढ़ माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने बताया कि ईरान द्वारा सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से उनके एफ-35 लड़ाकू विमान को आपात लैंडिंग करनी पड़ी। विमान का पायलट सुरक्षित है और इस घटना की जांच की जा रही है। ईरान का दावा है कि हमले के बाद लड़ाकू विमान क्रैश हो गया।
इस्राइली सेना ने अपने फारसी भाषा वाले सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि ये हमले तेहरान में आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं, हालांकि उन्होंने इसके सबूत या विस्तार नहीं बताए। इस्राइल की वायु सेना ने पहले ही बताया कि पिछले 24 घंटों में उसके विमान ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 130 से अधिक इन्फ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों पर दर्जनों हमले कर चुके हैं। सेना ने कहा कि वायु सेना लगातार बिना रुके हमले कर रही है।
इराकी समूह सराया अव्लिया अल-दम ने अपने टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट में कहा कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में देश भर में अमेरिकी ठिकानों पर तीन हमले किए।
लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्ला ने कहा है कि उसने उत्तरी इस्राइल के मार्गालियोट इलाके पर मिसाइलों से हमला किया है। इसके अलावा, हिजबुल्ला ने दावा किया कि उसने लेबनान के नबातियेह प्रांत के मारौन अल-रास कस्बे में मौजूद इस्राइली सैनिकों के एक समूह को भी निशाना बनाया।
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसकी नई हमलों की लहर में केंद्रीय और दक्षिणी इस्राइल के क्षेत्रों, जिसमें तेल अवीव भी शामिल है, को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, ईरानी सेना ने पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए हैं। यह जानकारी आईआरजीसी से जुड़े फार्स न्यूज एजेंसी ने दी।
कतर और तुर्किये ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर एकजुट रुख अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है। दोहा में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं और ईरान के हमले लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर ईरान की आक्रामक कार्रवाई की निंदा करने और इसे तुरंत रोकने की मांग करने पर सहमति जताई है।
इराक के सलाह अल-दीन प्रांत में लोकप्रिय जनकायन बल की 6वीं ब्रिगेड को हवाई हमले का निशाना बनाया गया है। मीडिया रिपोर्टस में एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि इस हमले में पीएमएफ के ठिकानों को लक्षित किया गया।
कतर की ऊर्जा कंपनी कतर एनर्जी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमलों से देश की तरल प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात क्षमता में 17% की कमी आई है। मंत्री साद शेरिदा अल-काबी के अनुसार, इस हमले के कारण कतार को सालाना लगभग $20 बिलियन का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है।
कंपनी ने कहा कि उत्पादन सुविधाओं को ठीक होने में करीब पांच साल लग सकते हैं और इस वजह से उन्हें लंबी अवधि के लिए फोर्स मैज्योर की घोषणा करनी पड़ सकती है। इससे यूरोप और एशिया के बाजारों में गैस आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान और यूनाइटेड किंगडम के नेताओं ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इन देशों ने असैनिक वाणिज्यिक जहाजों, नागरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और तेल-गैस प्रतिष्ठानों पर हमले और होर्मुज जलसंधि को लगभग बंद करने की घटनाओं की सबसे कड़ी शब्दों में निंदा की। साथ ही इन देशों ने ईरान से अनुरोध किया है कि वह अपनी धमकियां और जलसंधि बंद करने के प्रयास रोक दे। बयान में कहा गया है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मूलभूत सिद्धांत है।
लेबनान से प्राप्त खबरों के अनुसार, इस्राइल की सेना ने दक्षिण लेबनान के मारजायून क्षेत्र में कब्रिखा और टौलेन कस्बों को निशाना बनाया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलों में इलाके में तनाव बढ़ गया है, लेकिन अभी तक किसी के घायल होने या नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। यह हमले हाल ही में क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच किए गए हैं।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने देश के पूर्वी क्षेत्र में तीन ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। इससे पहले, एक ड्रोन पूर्वी बंदरगाह शहर यानबू स्थित रिफाइनरी में गिर गया था। साथ ही, यानबू बंदरगाह की ओर जा रहे एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी नष्ट कर दिया गया। सऊदी अरब ने कहा कि सभी हमलों को समय रहते रोक लिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
नेतन्याहू ने कहा कि अब ईरान के पास यूरेनियम समृद्ध करने या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ईरानी लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे या देश पर नियंत्रण हासिल करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि हवा से क्रांति नहीं की जा सकती, इसके लिए जमीन पर भी कोई कदम होना चाहिए। जमीन पर कदम उठाने के कई रास्ते हो सकते हैं, लेकिन मैं उनका विवरण साझा नहीं करूंगा।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अमेरिका को इस युद्ध में नहीं धकेला गया है। अमेरिका इस्राइल के लिए नहीं, बल्कि इस्राइल के साथ मिलकर युद्ध लड़ रहा है।
पश्चिम एशिया में युद्ध का ताप लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों से ज्वालामुखी की तरह भड़क रहे मोर्चे पर ईरान भी सख्त पलटवार कर रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यह संघर्ष अब 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।