वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को हुए दर्दनाक नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी आशीष कुमार ने बताया कि स्पीडबोट द्वीप से केवल 300-400 मीटर ही आगे बढ़ी थी, तभी अचानक पलट गई। आशीष कुमार ने पीटीआई से फोन पर बातचीत में बताया कि वह मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर, विक्रेता और कर्मचारी घूमने के लिए 9 जुलाई को वियतनाम पहुंचे थे और रविवार को भारत लौटने वाले थे। उन्होंने बताया कि पर्यटकों को तीन अलग-अलग नावों में बैठाकर द्वीप तक ले जाया गया था। हादसे के समय 32 भारतीय पर्यटकों वाली एक नाव दूसरे द्वीप के लिए रवाना हुई थी, जबकि बाकी दो नावों के यात्री होन मे रुट नगोआई द्वीप पर फोटो खिंचवा रहे थे।
आशीष के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे नाव ने द्वीप से मुश्किल से 300-400 मीटर की दूरी तय की थी कि वह अचानक पलट गई। उन्होंने कहा, 'हम फोटो खींच रहे थे। कुछ समझ पाते, उससे पहले ही नाव पलट गई। हम सभी मदद के लिए चिल्लाने लगे'। उन्होंने बताया कि उस समय मौसम ज्यादा खराब नहीं था। थोड़ी हवा चल रही थी, लेकिन किसी द्वीप पर यह सामान्य बात है। आशीष ने दावा किया कि बचाव दल जल्दी मौके पर पहुंच गया और घायलों व शवों को किनारे ले आया, लेकिन शुरुआत में वहां मेडिकल टीम मौजूद नहीं थी। उन्होंने कहा, 'सीपीआर देने के लिए भी कोई चिकित्सा टीम तुरंत नहीं थी। हम सभी अभी भी सदमे में हैं'। उन्होंने बताया कि वह अकेले यात्रा कर रहे थे, लेकिन कई लोग अपने परिवार के साथ आए थे। उनके एक परिचित डिस्ट्रीब्यूटर अपनी पत्नी के साथ उसी नाव में थे। हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि वह अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इस हादसे के बाद सभी बचे हुए पर्यटकों को होटल वापस ले जाया गया।
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुन ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने केंद्र और स्थानीय अधिकारियों से राहत और बचाव अभियान तेज करने, घायलों का बेहतर इलाज कराने और मृतकों के परिवारों की हर संभव मदद करने को कहा है। वियतनाम के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूतावास ने बयान जारी कर हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि इस मुश्किल समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को हादसे के कारणों की पूरी जांच करने, सुरक्षा व्यवस्था में हुई किसी भी कमी का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। वियतनाम के विदेश मंत्रालय को भारत के दूतावास के साथ मिलकर काम करने और प्रभावित भारतीय परिवारों को हर जरूरी सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस मामले में मोबाइल बनाने वाली कंपनी लावा ने पुष्टि की है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 लोग उसकी कंपनी से जुड़े थे। सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कंपनी लिखा- हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि आज वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास एक नाव दुर्घटना में हमारे 14 चैनल पार्टनर और लावा टीम के एक सदस्य की दुखद मौत हो गई है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं। यह एक ऐसी त्रासदी है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, और दुख की इस घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं। हम वियतनाम में भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और शवों को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। हमारी पहली प्राथमिकता हर प्रभावित परिवार की मदद करना है, और भारत व वियतनाम में हमारी टीमें उनके साथ हैं और हर संभव सहायता दे रही हैं। हो ची मिन्ह सिटी में भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने जानकारी या मदद चाहने वाले परिवारों के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया है। +84 36 281 7930 | +84 91 552 3714 | +84 33 452 0414
तमिलनाडु के पलानी में मृतक मुरुगा प्रभु अरुमुगम के रिश्तेदार कार्तिकेयन ने कहा, 'मेरा छोटा भाई, मुरुगा प्रभु अरुमुगम, तीन दिन पहले वियतनाम के दौरे पर गया था। दुख की बात है कि हमें यह चौंकाने वाली खबर मिली कि वहां एक नाव दुर्घटना में उसकी मौत हो गई है। हमने राज्य सरकार से अनुरोध किया है और राज्य व केंद्र सरकार, दोनों से अपील करते हैं कि वे मेरे भाई के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के लिए तुरंत कदम उठाएं'।
तिरुचिरापल्ली में मृतक अलगुराजा के चाचा थंगवेलु ने कहा, 'मेरा भतीजा अलगुराजा, जिसकी शादी मेरी बेटी से हुई थी, एक मोबाइल कंपनी में असिस्टेंट सेल्स मैनेजर के तौर पर काम करता था। वह कंपनी की तरफ से आयोजित एक ट्रिप पर अपने साथियों के साथ 8 जुलाई की सुबह वियतनाम के लिए निकला था। उसने आज सुबह ही हमसे फोन पर बात भी की थी। बाद में आज शाम हमें इस दुखद हादसे के बारे में पता चला। हम इस नुकसान से बहुत दुखी और सदमे में हैं'।
तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के पलानी के रहने वाले मोबाइल फोन डिस्ट्रीब्यूटर मुरुगाप्रभु अरुमुगम की मौत हो गई। वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों को ले जा रही नाव पलट गई थी। वियतनाम के अधिकारियों ने 15 लोगों (13 पुरुष और दो महिलाओं) की मौत की पुष्टि की है; ये सभी भारतीय पर्यटक थे। 21 लोगों (17 यात्री और चार क्रू मेंबर) को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचे हुए लोगों में से दो की हालत गंभीर है और उन्हें गहन चिकित्सा देखभाल दी जा रही है।
#WATCH | Tamil Nadu | Murugaprabhu Arumugam, a mobile phone distributor from Palani in Dindigul district, lost his life after the boat carrying Indian tourists capsized near Phu Quoc Island in Vietnam.
— ANI (@ANI) July 11, 2026
Vietnamese authorities have confirmed 15 fatalities (13 men and 2 women), all… pic.twitter.com/8aecyQOZIL
तमिलनाडु की तिरुचिरापल्ली के मृतक अलगुराजा के दोस्त बालाजी ने कहा, 'सेल्स टारगेट पूरा करने के बाद हमारी मोबाइल कंपनी ने वियतनाम के लिए एक टूर आयोजित किया था। यह बहुत दुखद है कि इस दर्दनाक नाव हादसे में हमारी तिरुचिरापल्ली टीम के तीन कर्मचारियों की जान चली गई। हम सभी गहरे सदमे और दुख में हैं'।
तमिलनाडु के निवासी -
It is with profound grief that we share the list of 15 Indian nationals who have lost their lives in the tragic boat accident near Phuc Quoc Island today. The list has been recieved from the Vietnamese authorities.
— India in Vietnam (@AmbHanoi) July 11, 2026
Our prayers are with the families of the deceased.
The Embassy… pic.twitter.com/2fr2TjXuPp
वियतनाम में भारतीय दूतावास ने 15 भारतीय पर्यटकों की मौत के मामले में बताया कि- इसमें तमिलनाडु से 10, आंध्र प्रदेश से तीन और केरल से दो लोग शामिल थे। 21 लोगों (17 यात्री और चार क्रू मेंबर) को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉ. अर्जा श्रीकांत, स्पेशल कमिश्नर और नई दिल्ली में आंध्र प्रदेश भवन में आंध्र प्रदेश सरकार के विशेष प्रतिनिधि, ने बताया कि दो बचे हुए लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें गहन चिकित्सा देखरेख में रखा गया है।
वियतनाम नाव हादसे में केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने दो मलयाली लोगों के साथ हुई दुर्घटना के मामले में अनिवासी केरलवासी मामलों का विभाग के सीईओ को निर्देश दिया है कि वे वियतनाम दूतावास से संपर्क करें और अधिक जानकारी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री कार्यालय विदेश मंत्रालय के साथ भी बातचीत कर रहा है। केरल हाउस के रेजिडेंट कमिश्नर को इन प्रयासों में समन्वय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भारतीय दूतावास के जरिए उन तमिलों के शव वापस लाने के लिए कार्रवाई करें, जिनकी वियतनाम में नाव पलटने से मौत हो गई है; इस घटना में राज्य के कई पर्यटकों के मारे जाने की आशंका है। मुख्यमंत्री ने विदेश में नाव पलटने की घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की।
राज्य के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि वियतनाम में नाव पलटने की घटना में तमिलनाडु के 10 पर्यटकों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि इस घटना में मारे गए तमिलनाडु के पर्यटकों के शवों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर हर संभव कोशिश की जा रही है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ट्वीट करके इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्हें खबर मिली कि वियतनाम घूमने गए तेलुगु राज्यों के कुछ पर्यटकों की वहां एक नाव दुर्घटना में मौत हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, वियतनाम के फु क्वोक द्वीप पर गए भारतीयों की नाव दुर्घटना में मौत की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को सतर्क कर दिया। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना की पूरी जानकारी लेने के साथ-साथ मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे विदेश मंत्रालय और वियतनाम में भारतीय दूतावास के अधिकारियों से बात करें, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके और जरूरी कदम उठाए जा सकें।
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने की घटना में बचे पलानी के निर्मल कुमार ने फोन पर दुखद घटना के बारे में बताया है। उनके अनुसार, 15 लोगों की मौत हो गई, दो की हालत गंभीर है और बाकी बचे लोगों का मेडिकल चेक-अप किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रुप लंच के लिए निकला था, तभी अचानक कुछ ही सेकंड में नाव पलट गई; माना जा रहा है कि ऐसा तेज लहरों और शायद क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार होने की वजह से हुआ। नाव पर 39 लोग सवार थे, जिनमें से ज्यादातर तमिलनाडु से थे। उन्होंने बताया कि 20 लोग तो बच निकले, जबकि 15 लोग नाव के अंदर ही फंस गए। कोस्ट गार्ड को सूचना मिलने के बाद, बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और बचे हुए लोगों को बचाया। उन्होंने बताया कि 15 लोगों की मौत हो गई और दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि बाकी लोगों की जांच के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
AUDIO | Nirmal Kumar from Palani, a survivor of the boat capsizing near Vietnam's Phu Quoc Island, recounts the tragic incident in this audio recording. According to him, 15 people lost their lives, two are in critical condition, and the remaining survivors are undergoing medical… https://t.co/lu9i2Xna1n pic.twitter.com/a92Uy3HbZk
— Press Trust of India (@PTI_News) July 11, 2026
वियतनाम नाव हादसे में मशहूर बिजनेसमैन गेल्ली किशोर की पत्नी जयश्री की मौत हो गई; आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में उनके घर पर सन्नाटा पसरा है। आंध्र प्रदेश सरकार के सूत्रों ने बताया कि वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट के पलटने से आंध्र प्रदेश के दो लोगों की मौत हो गई और राज्य के तीन अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने आगे बताया कि 32 भारतीय पर्यटकों और चार क्रू सदस्यों को ले जा रही टूरिस्ट स्पीडबोट फू क्वोक द्वीप के पास अन थोई पोर्ट लौटते समय पलट गई।
VIDEO | Andhra Pradesh: Jayashree, wife of prominent businessman Gelly Kishore, dies in tragic speedboat accident in Vietnam; visuals from her residence in Machilipatnam.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 11, 2026
Two people from Andhra Pradesh were killed and three others from the state were hospitalised in Vietnam… pic.twitter.com/sMl6gLMKFg
डॉ. अर्जा श्रीकांत, विशेष आयुक्त और नई दिल्ली में आंध्र प्रदेश भवन में आंध्र प्रदेश सरकार के विशेष प्रतिनिधि, ने बताया कि पर्यटकों में तेलुगु राज्यों के सात लोग भी शामिल थे। खोज और बचाव अभियान पूरा हो चुका है और वियतनाम के अधिकारियों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। खराब मौसम, समुद्र में तेज लहरें और संभवतः किसी तकनीकी खराबी को दुर्घटना के संभावित कारणों के तौर पर देखा जा रहा है। भारत सरकार, हनोई में भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी में भारत के महावाणिज्य दूतावास के माध्यम से, वियतनाम सरकार के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आधिकारिक जानकारी मिलने पर आगे की पुष्टि की गई जानकारी जारी की जाएगी।
वियतनाम में नाव के पलटने की घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गहरा दुख जताया है। दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार से वियतनाम के अधिकारियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित भारतीय परिवारों को हर संभव मदद देने की अपील की है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों से भरी नाव के पलटने की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की कामना की। राहुल ने कहा कि विदेश मंत्रालय और भारत सरकार वियतनाम के अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव अभियान में हर संभव सहयोग करें और प्रभावित परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराएं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और लापता लोगों के परिवारों के लिए हिम्मत और धैर्य की कामना की। खरगे ने विदेश मंत्रालय से स्थिति पर लगातार नजर रखने और वियतनाम सरकार के साथ समन्वय बनाकर बचाव कार्य में तेजी लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रभावित भारतीय परिवारों को हर संभव सहायता और सहयोग मिलना चाहिए।
मीडिया सूत्रों के अनुसार, वियतनाम में नाव पलटने से आंध्र प्रदेश के दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती रिपोर्टों से पता चला है कि मरने वालों में आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम की रहने वाली जललक्ष्मी और जयश्री भी शामिल थीं। सूत्रों ने बताया कि प्रभावित अन्य भारतीय नागरिकों की पहचान की पुष्टि की जा रही थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाव हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- वियतनाम के फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों की नाव दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल बचे लोगों के जल्द ठीक होने की मैं प्रार्थना करता हूं। हमारा दूतावास और वाणिज्य दूतावास हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। हमारे अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के भी लगातार संपर्क में हैं।
Extremely saddened to learn about the tragic news of a boat accident involving Indian nationals near Phu Quoc, Vietnam.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 11, 2026
My sincere condolences to the families who lost their loved ones. My prayers for the early recovery of the injured survivors.
Our Embassy and Consulate are…
रिपोर्ट के मुताबिक, फु क्वोक विशेष आर्थिक क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ, जब ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की स्पीडबोट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और वह पलट गई। आसपास मौजूद कई पर्यटक नौकाएं तुरंत बचाव के लिए मौके पर पहुंचीं। एन थोई पोर्ट बॉर्डर गार्ड स्टेशन के अनुसार, हादसे में 15 लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। वहीं, बचाए गए 21 लोगों को आपात चिकित्सा उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक, बचाव अभियान के लिए बॉर्डर गार्ड स्टेशन ने 35 अधिकारियों और जवानों के साथ दो जहाज तैनात किए हैं। नौसेना और तटरक्षक बल भी राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं। फु क्वोक के पास स्थित मे रुट न्गोआई द्वीप कोरल रीफ डाइविंग के लिए प्रसिद्ध है। यहां पहुंचने के लिए पर्यटक आमतौर पर 20 से 40 मिनट की स्पीडबोट या नाव यात्रा करते हैं।
नौका में भारतीय पर्यटकों की सूची: लिस्ट के मुताबिक इस स्पीट बोट में 30 पुरष और दो महिलाएं सवार थीं।
क्रमांक
पहला नाम
अंतिम नाम
1
बालासुब्रमणि
पलानीसामी
2
सेल्वम
पिचियाह
3
सेंथिल कुमार
जयवेल
4
शिवकुमार
मुथुकुमारसामी
5
निर्मल कुमार
सेतुरामन
6
मुरुगा प्रभु
अरुमुगम
7
रुबन सेल्वा नाथन
जैकब येसुपाथम
8
श्रीधर
धर्मराजन
9
विग्नेश्वर
राधाकृष्णन गोपाल
10
रामासुब्बु
अन्नावी
11
अबुथालखा
जाहिरुद्दीन
12
श्रीधर
सुंदरराजन
13
वंशीधर
सेल्लूर रामराज
14
सेंजादैवेल
कुप्पुसामी
15
नागलामाडुगु
सोहन
16
नल्लापेटा अदिशेशैया
रवितेजा
17
शेख अब्दुल्ला
अब्दुल मजीद
18
राजीव
कलैवानन
19
बालाजी
नटेशन
20
विनय कुमार
चिथापुरम भास्करा
21
रविशंकर
सुगुमरन
22
विपुल
उत्तम चंद
23
संतोष कुमार
शांतिलालजैन
24
बाबू
कुप्पुस्वामी
25
अलागुराजन
शिवासामी
26
वसंथा कुमार
आनंदन
27
श्रीधर
मुदियम
28
जया लक्ष्मी
गेल्ली
29
किशोर
गेल्ली
30
एविकॉट चेरियन
थॉमस
31
लोवेनी
थॉमस
32
रमेश कुमार
पचियप्पन
भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, हादसे के संबंध में सूचना और सहायता के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास के नियंत्रण कक्ष पर फोन किया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए वियतनाम के दूतावास ने कहा कि हनोई में भी एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सभी नंबर हादसे से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता और पूछताछ के लिए उपलब्ध है।
इन नंबरों पर करें संपर्क
थाईलैंड की खाड़ी में स्थित 'फू क्वोक' वियतनाम के सबसे लोकप्रिय बीच डेस्टिनेशन में से एक है। 'होन मे रुट' द्वीप 'फू क्वोक' से लगभग 10 किलोमीटर (छह मील) दक्षिण में है। ये द्वीप अपनी सफेद रेत वाले समुद्र तटों और साफ पानी के लिए जाने जाते हैं और हर साल लाखों घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास कई भारतीयों को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट के पलटने पर, आंध्र प्रदेश के एनआरआई सशक्तिकरण और संबंध राज्य मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने कहा, 'हम इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि वियतनाम में हुए बोट हादसे में आंध्र प्रदेश के कितने लोगों की मौत हुई है। हम दिल्ली से स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मंत्री नारा लोकेश और आंध्र प्रदेश सरकार घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। अभी हमारे पास आंध्र प्रदेश के पीड़ितों की सही संख्या नहीं है'।
वियतनाम में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट में कहा- आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास कुछ घंटे पहले पलटी नाव पर ये 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। हम हताहतों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं और जल्द ही अपडेट देंगे।
वियतनाम में फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गयी। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है। वहीं 18 से अधिक पर्यटक बचाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नाव में 32 पर्यटक और चार क्रू मेंबर सवार थे। भारतीय दूतावास ने कहा कि तलाश और बचाव अभियान जारी है तथा उसने इस घटना के सिलसिले में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।