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सब्सक्रिप्शन लें, अतिरिक्त 4 महीने फ्री {{/show_subscribe}}अमेरिका में संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा है कि डेमोक्रेट्स का मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से राजनीतिक बदला लेना नहीं, बल्कि लोगों की बढ़ती जीवनयापन लागत को कम करने पर ध्यान देना होगा। जनवरी में सदन का नियंत्रण मिलने के बाद जेफ्रीज के स्पीकर बनने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि पार्टी ट्रंप प्रशासन में किसी भी संभावित गड़बड़ी की जांच से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर जांच करना, कानून और संविधान के मुताबिक कार्रवाई करना तथा दोषियों को जवाबदेह ठहराना उनकी जिम्मेदारी होगी। वहीं, हाउस ओवरसाइट कमेटी के संभावित नए अध्यक्ष और कैलिफोर्निया के डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने ट्रंप के करीबियों को दो टूक संदेश देते हुए कहा, 'वकील कर लीजिए।'
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रदर्शन पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने खुशी जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई मुद्दों पर मतभेद रखने वाले सांचेज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि अमेरिकी जनता ने ऐसी नीतियों के खिलाफ मतदान किया है, जो लोगों को सिर्फ गरीबी की ओर धकेलती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने नफरत, लिंगभेद, जलवायु परिवर्तन को नकारने वाली सोच और अभिजात वर्ग के विशेषाधिकारों के खिलाफ अपना फैसला सुनाया है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बाद दुनिया के शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और डॉलर भी संभल गया। दरअसल, निवेशकों को आशंका थी कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली अमेरिकी संसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र पर निगरानी और नियमन बढ़ा सकती है। इसी चिंता के चलते मंगलवार रात एशियाई बाजारों में एआई कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई थी और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्पों का रुख किया था। हालांकि, चुनाव नतीजे सामने आने के बाद यूरोपीय बाजारों में तेजी दिखी। एमएससीआई का ऑल-वर्ल्ड इंडेक्स 0.13 प्रतिशत और यूरोप का स्टॉक्स 600 इंडेक्स 0.5 प्रतिशत चढ़ गया। अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में भी तेजी लौटी, जो रात में दो प्रतिशत तक गिर गया था।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमजोर पड़ने से यूरोपीय देशों में खुशी का माहौल है। यूरोप के राजनयिकों को उम्मीद है कि चुनाव नतीजों से ट्रंप के कार्यकाल का अंत करीब आ सकता है। ब्रसेल्स में राजनयिकों ने नतीजों का स्वागत किया है। एक राजनयिक ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि यूरोप में इस बात को लेकर राहत है कि यह ट्रंप युग के अंत की शुरुआत हो सकती है और यूरोपीय देशों से ज्यादा खुश कोई नहीं है। दरअसल, ट्रंप की टैरिफ नीतियों, यूक्रेन के प्रति उनके रुख और ग्रीनलैंड को लेकर दी गई धमकियों से यूरोपीय देश चिंतित रहे हैं। हालांकि, चुनाव नतीजों के बाद भी अमेरिकी नीतियों में बड़े बदलाव की कोई गारंटी नहीं है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत मिलने के बाद बुधवार को दुनिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में भी बढ़त दर्ज की गई। एसएंडपी 500 का वायदा कारोबार 0.2 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज का वायदा 0.4 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि तेल की कीमतों में गिरावट आई। चुनाव नतीजों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के शासन के खिलाफ जनता के बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। इससे अब अमेरिकी संसद में ट्रंप के फैसलों और नीतियों का विरोध बढ़ने की संभावना है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा कि अमेरिका में विविधता, समानता और समावेश (डीईआई) की वापसी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत का जिक्र किया। खन्ना ने कहा कि अमेरिका में अब तीन अश्वेत गवर्नर हैं। टेक्सास को पहली लैटिना महिला गवर्नर मिली हैं। इसके अलावा देश को पहला मुस्लिम अमेरिकी सीनेटर और पहला खुले तौर पर समलैंगिक सीनेटर भी मिला है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे इस अमेरिका से प्यार है।'
दरअसल, डीईआई का पूरा नाम डायवर्सिटी, इक्विटी और इन्क्लूजन है, जिसका मतलब विविधता, समानता और समावेश से है। इसके तहत समाज और कार्यस्थलों पर अलग-अलग नस्ल, धर्म, लिंग और समुदाय के लोगों को समान अवसर देने पर जोर दिया जाता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सरकारी संस्थानों में डीईआई से जुड़ी कई पहलों को खत्म करने के कदम उठाए थे। ऐसे में चुनाव में अल्पसंख्यक समुदायों के उम्मीदवारों की जीत को रो खन्ना ने इन नीतियों के खिलाफ एक अहम संदेश के तौर पर पेश किया।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी चुनाव के नतीजे दुनिया के देशों के आपसी रिश्तों को प्रभावित करेंगे और वैश्विक संबंधों में नया अध्याय शुरू हो सकता है।
अमेरिका के मिशिगन राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीत लिया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया है। अब्दुल अल-सईद अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं। अब्दुल अल-सईद ने जनता का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वे लोगों की सेवा उसी प्यार, खुले विचारों, मेहनत और ईमानदारी के साथ करना चाहते हैं, जो उन्हें जनता से मिली है। अब्दुल ने कहा कि उनके जीवन के सबसे मुश्किल समय में लोगों ने उनका साथ दिया। जनता ने उन्हें हिम्मत, भरोसा और आगे बढ़ने की उम्मीद दी। अब वे इस प्यार और विश्वास को वाशिंगटन तक लेकर जाना चाहते हैं और वहां लोगों की आवाज बनकर काम करना चाहते हैं।
#WATCH | #USMidtermElections 2026 | Michigan Democratic Senate Nominee Abdul El-Sayed says, "I cannot wait to serve you with the same big-heartedness, open-mindedness, grit, and earnestness that you've shown me... You gave me grace and strength in my lowest moments, and the hope and inspiration that powered my best. I hope I can bring it all with me to Washington in your service. The last month has brought the stakes of this election into sharp relief. Ours, this beautiful movement, was built over the past year and a half, campaigning across Michigan's biggest cities and its smallest towns. We spoke of a brighter, a bigger, more hopeful Michigan. Theirs, an astroturfed, corporate-funded advertising campaign built to deceive and distract..." (Source: Reuters)
— ANI (@ANI) November 4, 2026
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस) में डेमोक्रेटिक पार्टी को 224 सीटों पर बढ़त हासिल है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 128 सीटों पर आगे है। डेमोक्रेट्स ने अब तक रिपब्लिकन की 27 सीटों पर भी जीत दर्ज कर ली है। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी ने कुल 53 सीटें जीतकर सीनेट पर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में अपना बहुमत खो दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत पर उन्हें बधाई दी है। चुनाव नतीजों के बाद ट्रंप का यह संदेश सामने आया है। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स ने कई अहम सीटों पर जीत दर्ज की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना है कि ईरान के साथ युद्ध का असर मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ा। इन चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, में उनकी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद इससे ट्रंप के विधायी एजेंडे को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को फोन पर दिए एक इंटरव्यू में कहा, मुझे लगता है कि इसका एक कारण ईरान था। हालांकि, लोगों ने ईरान को लेकर मेरे किए गए कामों के महत्व को भी समझा। उन्होंने कहा कि संभव है कि मतदाता पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के तत्काल प्रभावों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे। ट्रंप ने यह भी कहा कि कैबिनेट में बदलाव करने की उनकी संभावना नहीं है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव फिर जीत लिया है। इस जीत के साथ उन्होंने सदन में अपनी सीट बरकरार रखी है। रो खन्ना इस्राइल को लेकर ट्रंप की नीतियों के मुखर आलोचकों में शामिल हैं। उन्होंने ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए आगे और फंडिंग रोकने की भी मांग की थी।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस) में डेमोक्रेटिक पार्टी को 206 सीटों पर बढ़त हासिल है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 123 सीटों पर आगे है। डेमोक्रेट्स ने अब तक 22 सीटों पर जीत दर्ज कर रिपब्लिकन की सीटें अपने कब्जे में ली हैं। फिलहाल सदन पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण है।
टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टैलेरिको की बड़ी जीत दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को सीनेट चुनाव में जीताने के लिए टेक्सास के दो सुपर पीएसी (राजनीतिक कार्रवाई समितियों) में 168 मिलियन डॉलर खर्च किए थे।
मस्क ने अपनी राजनीतिक संस्था 'अमेरिका पीएसी' के जरिए टेक्सास में मतदाताओं तक पहुंच बनाने के अभियान पर भी लाखों डॉलर खर्च किए। इसके अलावा, उन्होंने टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट को भी 5 मिलियन डॉलर से अधिक की मदद दी थी। एबॉट भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीना हिनोजोसा से पीछे चल रहे हैं और हार के करीब हैं। इस चुनाव में मस्क ने संघीय राजनीतिक समितियों में करीब आधा अरब डॉलर खर्च किए हैं। इसके साथ ही वह देश के सबसे बड़े सार्वजनिक रूप से घोषित राजनीतिक चंदा देने वाले व्यक्ति बन गए हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी की इल्हान उमर ने मिनेसोटा के 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया है। इस जीत के साथ उन्होंने एक बार फिर सदन में अपनी सीट बरकरार रखी है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अक्तूबर को इल्हान उमर से अमेरिकी कांग्रेस से इस्तीफा देने की मांग की थी। ट्रंप ने दावा किया था कि मिनेसोटा की इस सांसद का नाम 'इल्हान नूर सईद एल्मी' है, लेकिन उन्होंने इल्हान उमर के नाम से शपथ ली। इसके साथ ही ट्रंप ने सांसद की शादी पर सवाल खड़े करते हुए दावा किया था कि 'उनका सरनेम उनके भाई, अहमद नूर सईद एल्मी के सरनेम से बिल्कुल मेल खाता है। कहा जाता है कि उन्होंने अपने भाई से ही शादी की थी और उनके बच्चे भी हैं, खैर, ऐसा करना कानूनी है या नहीं, मुझे नहीं पता।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस) में डेमोक्रेटिक पार्टी को 197 सीटों पर बढ़त हासिल है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 114 सीटों पर आगे है। डेमोक्रेट्स ने अब तक 18 सीटों पर जीत दर्ज कर रिपब्लिकन की सीटें अपने कब्जे में ली हैं। फिलहाल सदन पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक नई सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। ट्रंप ने कहा है कि अब वह राजनीतिक विश्लेषक (पॉलिटिकल पंडित) बनने जा रहे हैं। वह चुनाव में जीतने और हारने वाले उम्मीदवारों के प्रदर्शन के कारणों पर अपनी राय रखेंगे। उन्होंने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा की।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा "मैं एक राजनीतिक विश्लेषक बनने जा रहा हूं। अच्छे और बुरे, दोनों पहलुओं से उन कारणों पर चर्चा करूंगा, जिनकी वजह से ये उम्मीदवार जीते या हारे।" ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में 'VETO' लिखी लाल टोपी की तस्वीर भी साझा की।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को एकतरफा जीत मिल रही है। पार्टी को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों- सीनेट और हाउस में कंट्रोल हासिल करने जा रही है। अब तक आए नतीजों में हाउस में डेमोक्रेट के पास 168 सीटें आ चुकी हैं, जबकि 93 सीटों पर आगे चल रही है। ऐसे में वह बहुमत के लिए 218 सीटों के आंकड़े को पार कर रही है।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी ने कुल 51 सीटें जीतकर सीनेट पर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में अपना बहुमत खो दिया है।
अमेरिका के ओहियो राज्य में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार शेरोड ब्राउन ने सीनेट चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार और मौजूदा सीनेटर जॉन हस्टेड को हरा दिया है। इस जीत के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी ने ओहायो की सीनेट सीट रिपब्लिकन पार्टी से छीन ली है।
अमेरिका के आयोवा राज्य में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार रॉब सैंड ने गवर्नर पद का चुनाव जीत लिया है।
अमेरिका के 2026 के मध्यावधि चुनावों में अब तक डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन पार्टी से सीनेट की दो और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की छह सीटें छीनी हैं। इसके अलावा, जॉर्जिया के गवर्नर पद पर भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। डेमोक्रेट्स ने अब तक सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की कुल आठ सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीनी हैं। इसके अलावा, जॉर्जिया में गवर्नर पद पर भी जीत दर्ज की है।
अमेरिकी सीनेट: दो सीटों पर जीत
- नॉर्थ कैरोलिना: रॉय कूपर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल व्हाटली को हराया।
- साउथ कैरोलिना: एनी एंड्रयूज ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को हराया।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स: डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन पार्टी से छह सीटें छीनीं
- पेंसिल्वेनिया: 3 सीटें
- न्यू जर्सी: 1 सीट
- केंटकी: 1 सीट
- नॉर्थ कैरोलिना: 1 सीट
गवर्नर पद: जॉर्जिया में डेमोक्रेट्स की जीत
जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स ने रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन को हराकर गवर्नर पद पर जीत हासिल की।
अभी तक आए नतीजों में डेमोक्रेटिक के 12 उम्मीदवार और रिपब्लिकन के तीन उम्मीदवार जीत हासिल कर चुके हैं।
सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर इस बार चुनाव हो रहे हैं। इन नतीजों को मिलाकर सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास फिलहाल 50 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 39 सीटें हो गई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत से सिर्फ एक सीटें दूर है। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बीच अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया कि अगर वह भी चुनाव में उम्मीदवार होते तो उनकी पार्टी को बड़ी जीत मिलती।
ट्रंप ने लिखा, "मैं चुनाव में उम्मीदवार नहीं था। अगर मैं उम्मीदवार होता तो हम बहुत बड़े अंतर से जीतते।"
रिपब्लिकन पार्टी के भारतवंशी नेता विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर चुनाव में पीछे चल रहे हैं। अब तक 82% वोटों की गिनती हो चुकी है। इसमें उन्हें 46% वोट मिले हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार एमी एक्टन को 50% वोट मिले हैं।
अमेरिका में सीनेट चुनाव में दोबारा जीत हासिल करने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जॉन ओसॉफ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ने बड़े अंतर से जीत दिलाकर ट्रंप के नेतृत्व की नाकामी, भ्रष्टाचार और गलत कामों को खारिज कर दिया है।
#WATCH | #USMidtermElections2026 | After winning reelection to the U.S. Senate, Jon Ossoff says, "In sweeping and decisive victories, the American people have rebuked the depravity, corruption, and incompetence of the failed lame duck President Donald J. Trump..." He adds, "If at times these last two years, amidst the ceaseless onslaught of brutality and indecency, you doubted whether our Republic would survive, let tonight's results give you courage that the first light of dawn is on the horizon..." (Source: Jon Ossoff/'X')
— ANI (@ANI) November 4, 2026
ओसॉफ ने कहा कि पिछले दो वर्षों में देश ने कई मुश्किल हालात देखे हैं। इस दौरान लगातार हिंसा, कठोरता और गलत व्यवहार की घटनाएं सामने आईं। कई बार लोगों के मन में सवाल उठा कि क्या अमेरिका का लोकतंत्र इन हालात से बच पाएगा। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के नतीजे लोगों को नई उम्मीद और हिम्मत देते हैं। यह संकेत है कि मुश्किल दौर अब खत्म होने की ओर बढ़ रहा है और अच्छे दिनों की पहली किरण दिखाई देने लगी है।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पार्टी के उम्मीदवार जैक डेम्बो ने केंटकी के छठे कांग्रेसनल जिले से जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली सीट पर जीत दर्ज कर बड़ा उलटफेर किया है।
इस जीत के साथ डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी की एक मजबूत मानी जाने वाली सीट अपने नाम कर ली है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। डेमोक्रेट्स लगातार रिपब्लिकन के कब्जे वाली सीटों पर जीत दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं।
435 सीटों वाले अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने जबरदस्त वापसी की है। ट्रंप की पार्टी यहां भी बुरी तरह से पिछड़ती नजर आ रही है। शुरुआती रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी 116 सीटों पर आगे चल रही है। शुरुआती रुझानों में बहुमत से सिर्फ दो सीट पीछे है। राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी 64 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यहां पर भी डेमोक्रेट छह सीटों पर उलटफेर करने वाले है।
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट, दोनों में बढ़त बना ली है। सीनेट में डेमोक्रेट्स को अब तक 45 सीटें मिली हैं, जबकि रिपब्लिकन 36 सीटों पर आगे हैं। यहां 19 सीटों के नतीजे आने बाकी हैं। वहीं, हाउस में डेमोक्रेट्स ने 96 और रिपब्लिकन ने 52 सीटें जीती हैं। हाउस की 287 सीटों पर अभी नतीजे घोषित होने बाकी हैं। सीनेट में बहुमत का आंकड़ा 50 और हाउस में 218 सीटें हैं। ऐसे में दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने की लड़ाई अभी जारी है।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी ने अब तक सीनेट की 11 सीटों पर जीत हासिल की है। हालांकि, पार्टी को सीनेट में बहुमत पाने के लिए अभी छह और सीटों की जरूरत है। इसके लिए बची हुई 20 सीटों में से डेमोक्रेट्स को छह सीटें जीतनी होंगी।
अब तक जीतने वाले डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों में नॉर्थ कैरोलिना से रॉय कूपर, न्यू हैम्पशायर से क्रिस पप्पास और जॉर्जिया से जॉन ओसॉफ शामिल हैं। इसके अलावा डेलावेयर से क्रिस कून्स, न्यू जर्सी से कोरी बुकर, रोड आइलैंड से जॉन रीड और मैसाचुसेट्स से एड मार्की ने भी जीत दर्ज की है। इलिनॉय से जुलियाना स्ट्रैटन, कोलोराडो से जॉन हिकेनलूपर, न्यू मैक्सिको से बेन लुजान और वर्जीनिया से मार्क वॉर्नर भी चुनाव जीत चुके हैं।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी की पिया डांडिया ने फ्लोरिडा में जीत हासिल की है। उन्होंने मंगलवार को हुए चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार केसी असकर को हराया। पिया फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई हैं।
पिया डांडिया पहले स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी हैं। उन्होंने ऐसे क्षेत्र से चुनाव जीता है, जिसे नए सिरे से तय किया गया था। यह सीट रिपब्लिकन पार्टी के लिए अनुकूल मानी जा रही थी। इसके बावजूद पिया ने जीत दर्ज की।
उनके प्रतिद्वंद्वी केसी असकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर काम करने का वादा किया था। ट्रंप ने चुनाव से पहले निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं दोबारा तय करने की कोशिश की थी, ताकि उनकी पार्टी प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत बनाए रख सके।
अमेरिका में हुए चुनावों के नतीजों के बीच विभिन्न राज्यों की कई अहम सीटों पर उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार:
फ्लोरिडा से रिपब्लिकन पार्टी के जिम श्वार्टजेल ने फ्लोरिडा के 19वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) का चुनाव जीत लिया है।
जॉर्जिया से डेमोक्रेटिक पार्टी की लूसी मैकबैथ ने जॉर्जिया के 6वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा जीत दर्ज की है और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपनी सीट बरकरार रखी है।
इलिनॉय से डेमोक्रेटिक पार्टी की जुलियाना स्ट्रैटन ने इलिनॉय से अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीत लिया है।
वर्जीनिया से डेमोक्रेटिक पार्टी के सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा चुनाव जीतकर अपनी सीट बरकरार रखी है।
फ्लोरिडा से रिपब्लिकन पार्टी की लॉरेल ली ने फ्लोरिडा के 15वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से फिर से जीत हासिल की है।
मिसौरी से डेमोक्रेटिक पार्टी के वेस्ली बेल ने मिसौरी के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा चुनाव जीत लिया है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजे आने ले हैं। कई जगहों से साफ हुई नतीजों की तस्वीरों के आधार पर कहां-किसे सफलता मिली, संक्षेप में जानिए:
मिशिगन सीनेट के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार, अब्दुल अल-सईद ने कहा, 'हमने मतदाताओं के साथ बातचीत के दौरान पाया कि मेरे अपने विरोधी के हारने से 2024 के नतीजों पर असर पड़ेगा। हम सभी नतीजों के लिए तैयार हैं, लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि नतीजा ऐसा निर्णायक होगा, जिसे कोई व्यक्ति चुनौती न दे सके।' उन्होंने कहा, 'मैं हेली स्टीवंस के बारे में नहीं सोच रहा हूं... नतीजे ये तय करेंगे कि मिशिगन कैसी राजनीति चाहता है। मैं मिशिगन का अगला सेनेटर बनने की दौड़ में शामिल हूं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि इस चुनाव नतीजे से यह भी पता चलेगा कि अमेरिका काफी बड़ा है। जिस बात को मैं गंभीरता से लेता हूं। मेरा हमेशा से यही तर्क रहा है कि अमेरिका एक बड़ी जगह है जिसके विचार बड़े हैं। हमेशा कुछ छोटी सोच वाले लोग होते हैं जो अमेरिका को अपनी तरह छोटा बनाना चाहते हैं। लेकिन अमेरिका इससे कहीं अधिक बड़ा है। मुझे उम्मीद है कि आज का नतीजा यह दिखाएगा कि अमेरिका कितना बड़ा है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में उत्तरी वर्जीनिया के एशबर्न में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। मतदाताओं ने प्रवासियों के खिलाफ बढ़ती बयानबाजी, आव्रजन अधिकारों और घरेलू खर्च में बढ़ोतरी को प्रमुख मुद्दा बताया। कई भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों, खासकर सांसद सुहास सुब्रमण्यम और सीनेटर मार्क वार्नर का समर्थन करने की अपील की। उनका कहना था कि चुनाव का असर देश में प्रवासी समुदायों की सुरक्षा, स्वीकार्यता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ेगा।
भेदभाव के खिलाफ मजबूत नेतृत्व की मांग
एक मतदाता ने कहा कि भारतीयों के खिलाफ देशभर में हो रही टिप्पणियां और हमले चिंता का विषय हैं। उन्होंने ऐसे नेताओं को चुनने की जरूरत बताई जो भारतीय-अमेरिकियों को देश का हिस्सा मानते हों। वहीं, श्रीधर नागारेड्डी ने कहा कि मौजूदा चुनाव प्रवासी समुदायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आव्रजन अधिकारों के साथ गैस की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया और लोगों से सुहास सुब्रमण्यम तथा मार्क वार्नर का समर्थन करने की अपील की। इस बीच सुब्रमण्यम भी स्टर्लिंग के मतदान केंद्र पर समर्थकों से मिले।
मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में पात्र नागरिकों, खासकर प्रवासी समुदायों से मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव ट्रंप-वेंस प्रशासन को जवाबदेह ठहराने और अपने हितों की रक्षा करने वाले प्रतिनिधियों को चुनने का अवसर है। मिलर के मुताबिक, देश में संघीय नौकरियों में कटौती, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, टैरिफ और आव्रजन नीतियों को लेकर लोगों में चिंता है। हालांकि, मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लोगों की राजनीतिक बदलाव की उम्मीद भी दिखाती हैं।
मध्यावधि चुनाव में वर्जीनिया के मनासस में मतदाताओं ने आव्रजन नीति, बंदूक हिंसा, विदेशियों के प्रति भेदभाव और राजनीतिक विभाजन पर चिंता जताई। चुनाव में स्वयंसेवक जॉर्ज एलिस ने कहा कि इस बार पिछले चुनावों की तुलना में अधिक लोग स्वयंसेवक के रूप में काम कर रहे हैं और निर्दलीय मतदाताओं की भागीदारी भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मतदान का उत्साह देखकर लगता है कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा मतदान प्रतिशत हो सकता है।
आव्रजन और आर्थिक असमानता पर चिंता
मतदान करने पहुंचीं नैन्सी हडलस्टन और पामेला फर्ग्यूसन ने कहा कि अमेरिका में बंदूक हिंसा रोकने और प्रवासियों के लिए आव्रजन प्रक्रिया आसान बनाने की जरूरत है। हडलस्टन ने डेमोक्रेटिक पार्टी से प्रतिनिधि सभा और सीनेट में दोबारा नियंत्रण हासिल करने की अपील की। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर अमीरों को फायदा पहुंचाने और गरीबों की मुश्किलें बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कनाडा और यूरोप के साथ अमेरिका के बिगड़ते संबंधों पर भी चिंता जताई। हडलस्टन ने कहा कि कमजोर और जरूरतमंद समुदायों की मदद करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव के दौरान कुछ अप्रत्याशित प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। मसलन, रिपब्लिकन समर्थक डेना-मैरी माइल्स ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की पहचान केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अपने सिद्धांत, विचार और मूल्य हैं, जो किसी एक नेता से कहीं व्यापक हैं। माइल्स के मुताबिक, ट्रंप पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख जरूर हैं, लेकिन उनकी सरकार के सभी फैसलों से हर रिपब्लिकन सहमत हो, यह जरूरी नहीं है।
उम्मीदवारों की नीतियों को परखने की सलाह
माइल्स ने कहा कि वह रूढ़िवादी विचारधारा, पारिवारिक मूल्यों और वित्तीय जिम्मेदारी में विश्वास करती हैं। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज को नियंत्रित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, अब कई मतदाता केवल पार्टी के नाम पर वोट देने के बजाय उम्मीदवारों के विचारों और नीतियों को समझ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मतदान से पहले उम्मीदवारों के बारे में पूरी जानकारी जुटाएं। माइल्स ने कहा कि मतदाताओं को यह पता होना चाहिए कि वे किस व्यक्ति को सत्ता सौंप रहे हैं और उसके चुनावी वादे क्या हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को गुआम के गवर्नर चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार टोनी अदा की जीत के शुरुआती अनुमान पर उन्हें बधाई दी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि गुआम को पारंपरिक रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। उन्होंने वहां राज्य सीनेट में रिपब्लिकन बहुमत का भी जिक्र किया। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह नतीजा देश के अन्य हिस्सों में भी रिपब्लिकन पार्टी के लिए अच्छे संकेत देगा।
माइक लॉरल के समर्थन में यहूदी समुदाय से अपील
ट्रंप ने न्यूयॉर्क के मॉन्सी और आसपास के इलाकों में रहने वाले यहूदी समुदाय से रिपब्लिकन सांसद माइक लॉरल को वोट देने की अपील की। लॉरल प्रतिनिधि सभा में दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में इस समुदाय ने उन्हें बड़ा समर्थन दिया था। उन्होंने लॉरल की तारीफ करते हुए कहा कि वह यहूदी समुदाय के साथ खड़े रहे हैं और यहूदी-विरोधी भावना के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के बीच ट्रंप की ये अपीलें सामने आईं।
अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने मंगलवार को वर्जीनिया के मनासस स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर भारतीय-अमेरिकियों से 2026 के मध्यावधि चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में नफरत और भेदभाव बढ़ने की चिंताओं के बीच भारतीय-अमेरिकियों की आवाज और उनका वोट पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले से दोबारा चुनाव लड़ रहे सुब्रमण्यम ने राज्य में रिकॉर्ड मतदान होने का दावा किया। सुब्रमण्यम ने कहा कि बड़ी संख्या में डेमोक्रेट समर्थक मतदान कर रहे हैं और कुछ रिपब्लिकन मतदाता भी डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन कर सकते हैं। उन्होंने भारतीय-अमेरिकियों से मतदान करने के साथ राजनीतिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोगों को चुनाव लड़ने से भी नहीं हिचकना चाहिए।
अमेरिका में ओहायो के रिपब्लिकन गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ने मंगलवार को मतदाताओं से अपने चुनावी वादों के समर्थन में वोट देने की अपील की। उन्होंने संपत्ति कर और बिजली बिल कम करने, किफायती आवास उपलब्ध कराने तथा सड़कों को सुरक्षित बनाने का वादा किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि मतदाता आज उनके पक्ष में मतदान करें और चुनाव के बाद उन्हें वादे पूरे करने के लिए जवाबदेह ठहराएं।
परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर जोर
रामास्वामी ने कोलंबस में मतदान करने के बाद कहा कि ओहायो के परिवार आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। लोग केवल रोजमर्रा के खर्च पूरे नहीं करना चाहते, बल्कि आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर भी तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि गवर्नर चुनाव का मुख्य मुद्दा यही है कि कौन सा नेतृत्व परिवारों का जीवन बेहतर बना सकता है। उन्होंने मतदाताओं से अपने साथ चुनाव लड़ रहे अन्य उम्मीदवारों को भी उनके वादों के लिए जवाबदेह बनाने की अपील की।
रिपब्लिकन-नियंत्रित राज्यों में पारित तीन दर्जन से अधिक मतदान कानून इस साल पहली बार लागू हो रहे हैं, उनमें से कई में उन प्रस्तावों के तत्व शामिल हैं जिन्हें ट्रंप ने कांग्रेस के माध्यम से सफलतापूर्वक पारित कराने की कोशिश की थी। राज्य स्तर पर, परिवर्तनों में नागरिकता का प्रमाण दिखाना अनिवार्य किया गया है। न्यू हैम्पशायर में कॉलेज के छात्र कॉलेज पहचान पत्र का उपयोग नहीं कर पाएंगे। आयोवा के मतदाता बिना पहचान पत्र के अन्य मतदाताओं पर उनके लिए गवाही देने के लिए भरोसा नहीं कर सकते। मिसिसिपी के कुछ मतदाताओं को सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। कई ऐसे नागरिक भी मतदान से वंचित रह सकते हैं, क्योंकि उनके नाम हटा दिए गए हैं। इन मामलों में मतदाता पंजीकरण सूची और नागरिकता की जांच के लिए उपयोग किए जाने वाले डेटाबेस को पुराना बताया जा रहा है। विरोधियों का कहना है कि ये प्रतिबंध पात्र मतदाताओं के लिए मतदान करना कठिन बनाते हैं। रिपब्लिकन सांसद ऐसे कड़े मतदान कानूनों, विशेष रूप से मतदाता पहचान पत्र के आसपास, का समर्थन करते हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्रांति के बीच अमेरिका भर के समुदायों में डाटा सेंटर्स का विरोध एक स्थानीय मुद्दे से बढ़कर चुनाव का हथियार बन गया है। टेक्सास, ओहियो से फ्लोरिडा तक तमाम उम्मीदवारों ने अपने विरोधियों को डेटा केंद्र का पिट्ठू बताने के लिए लाखों खर्च किए हैं। प्रचार के दौरान "डेटा नेट" जैसे जुमले चर्चा में रहे। दरअसल, एक समय के डेटा केंद्र समर्थक खुद को दूर करने या इस उद्योग पर सख्ती जैसे बयान दे रहे थे। फिर ट्रंप ने इन समुदायों से डाटा सेंटर को स्वीकार करने का आग्रह किया। अब क्योंकि इस उद्योग से जुड़ी हस्तियों ने अपनी छवियां सुधारने के लिए लाखों खर्च किए, यह मुद्दा पारंपरिक वैचारिक सीमाओं को लांघ गया। श्रम संघ तकनीकी दिग्गजों के सहयोगी बन गए, क्योंकि वे विशाल परियोजनाओं के निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे थे। स्वच्छ ऊर्जा समर्थक डेटा केंद्रों के कट्टर आलोचक बन गए, क्योंकि ऊर्जा की खपत और खर्चीले सर्वर सेंटर के कारण प्राकृतिक गैस से चलने वाले बिजली संयंत्रों के निर्माण में तेजी आई। पशुपालक और किसान पानी की कमी या कृषि भूमि खोने को लेकर चिंतित हैं।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मतदान के दौरान एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने मतदाताओं को ट्रंप प्रशासन के पिछले डेढ़ साल से कर कटौती के प्रयासों के बारे में याद दिलाने की कोशिश की। उन्होंने लिखा, हमने अतिरिक्त समय के काम पर कर समाप्त कर दिए। हमने बख्शीश (Tips) और सामाजिक सुरक्षा पर पर टैक्स समाप्त किए।' हालांकि, ये फैसला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि ट्रंप की तरफ से टैक्स कानून में किए गए बदलाव बहुत स्पष्ट नहीं हैं। 40 से अधिक राज्यों में बख्शीश पर टैक्स समाप्त करने वाले संघीय कानून को लागू नहीं किया है। इसका अर्थ है कि जो कर्मचारी बख्शीश या अतिरिक्त समय के काम के लिए संघीय कर कटौती का लाभ प्राप्त करते हैं, उन्हें अभी भी ऐसी आमदनी पर राज्यों को टैक्स देना होगा। सामाजिक सुरक्षा पर टैक्स वाले कानून से वरिष्ठ नागरिकों की आय पर असर पड़ा, जो एक अस्थायी लाभ की तरह देखा गया।
कोलोराडो और वाशिंगटन जैसे डेमोक्रेट-शासित राज्यों के मतदाता मतपत्रों पर कानूनी पहलू पर भी अपनी राय देंगे। दरअसल, नियमों में बदलाव के कारण ट्रांसजेंडर समुदाय को लड़कियों की खेल प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित करने की तैयारी के खिलाफ कई जगह असंतोष दिख रहा है। इस नियम के समर्थकों और विरोधियों दोनों का कहना है कि बदलाव लागू होने पर डेमोक्रेट-शासित राज्यों में और उपाय किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। एरिजोना में भी मतदाताओं के सामने कठिन सवाल हैं। मौजूदा प्रतिबंध को निजी स्कूलों पर लागू करने के लिए कहा जा रहा है। नेब्रास्का में मौजूदा प्रतिबंध राज्य के संविधान में जोड़ने की तैयारी हो रही है। ऐसे सभी राज्य जहां विधायिका और गवर्नर के कार्यालय रिपब्लिकन खेमे के पास हैं, पहले ही इस तरह के कानून पारित कर चुके हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी राज्य ने मतपत्र में प्रश्न के माध्यम से ऐसा नहीं किया है। अब मध्यावधि चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब डेमोक्रेटिक खेमे के राजनेताओं की संख्या बढ़ रही है। इनका कहना है कि ट्रांसजेंडर लड़कियों को लड़कियों के खेल खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, ऐसे में मतदाताओं की राय निर्णायक साबित हो सकती है।
अमेरिका के कुल 36 राज्यों में गवर्नर चुने जाने हैं। चुनाव से पहले रिपब्लिकन के पास 26-24 का बहुमत था। डेमोक्रेट्स को बहुमत हासिल करने के लिए दो और राज्य जीतने की आवश्यकता है। डेमोक्रेट्स ने आखिरी बार 2006 में बहुमत हासिल किया था। चार साल बाद उन्हें सीनेट में बहुमत गंवाना पड़ा था। मौजूदा मध्यावधि चुनाव में दोनों खेमों का मानना है कि लगभग एक दर्जन राज्यों में कड़ी प्रतिस्पर्धा तय है। डेमोक्रेट्स के जीतने के सबसे अच्छे अवसर अलास्का, जॉर्जिया, आयोवा, नेवादा और ओहियो में हैं। रिपब्लिकन खेमे के पास सबसे अच्छा अवसर कंसास में है। विस्कॉन्सिन और मिशिगन में भी ट्रंप को समर्थन मिलने के आसार हैं। डेमोक्रेट्स टेक्सास, फ्लोरिडा, ओक्लाहोमा और नेब्रास्का में भी मौके देख रहे हैं।
फ्लोरिडा में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण 21 मतदान स्थलों को आठ काउंटी में स्थानांतरित करना पड़ा। चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं को टेक्स्ट और ईमेल से सूचित किया, और नए स्थलों पर जाने के लिए संकेत भी लगाए गए। हालांकि, कुछ निवासियों ने सोशल मीडिया पर निराशा व्यक्त करते हुए लिखा कि बाढ़ के कारण वे मतदान स्थलों तक नहीं पहुंच पाएंगे।
न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर काउंटी में मतदान उपकरण के प्रोग्राम अपडेट के कारण मतगणना में दिक्कतें आईं। राज्य चुनाव बोर्ड के अनुसार, मतगणना मशीनें चुनाव के ठीक पहले मतपत्रों को पहचानने में विफल रहीं। अधिकारी वेस्टचेस्टर काउंटी के साथ मिलकर मतपत्र-स्कैनिंग क्षमता बहाल करने का प्रयास करते रहे। खबर लिखे जाने तक मतदान आपातकालीन मतपत्र प्रक्रियाओं के माध्यम से जारी रही। वेस्टचेस्टर काउंटी के कार्यकारी केन जेनकिन्स ने कहा कि "विफलता" की द्विदलीय जांच कराई जाएगी।
दक्षिण कैरोलिना के सबसे दूरस्थ मतदान केंद्र, डौफस्की द्वीप से सैकड़ों मतपत्र प्राप्त हुए। गिनती मंगलवार रात (स्थानीय समय) को स्थानीय शेरिफ कार्यालय के हेलीकॉप्टर की मदद से कराई गई, क्योंकि इस द्वीप तक जाने के लिए कोई पुल नहीं है। पिछली बार मतदान अधिकारियों को मतपत्र और अन्य उपकरण इकट्ठा करने के लिए नियमित फेरी या नाव का इंतजार करना पड़ा था। इस कारण परिणाम पांच घंटे देरी से आते थे। स्थानीय लोगों के बीच ऐसी कहानी भी चर्चित है कि एक बार डौफस्की द्वीप मतदान केंद्र ने सभी को सुबह तक इंतजार कराया क्योंकि मत लाने वाला व्यक्ति मछली पकड़ने के लिए रुक गया था।
जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक सीनेटर ओसॉफ दूसरे कार्यकाल के लिए रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइक कॉलिन्स के खिलाफ मैदान में हैं। एक साल पहले ओसॉफ को डेमोक्रेट्स का सबसे कमजोर मौजूदा सदस्य माना जा रहा था, लेकिन अभियान वैसा नहीं रहा। ओसॉफ का कोई प्राथमिक प्रतिद्वंद्वी नहीं था और वह तेजी से धन उगाही का एक बड़ा जरिया बन गए। उन्होंने ट्रंप के खिलाफ अपने तीखे हमलों से राष्ट्रीय स्तर पर डेमोक्रेट्स को उत्साहित किया। उन्होंने कम से कम 109 मिलियन डॉलर जुटाए, जो सभी सीनेट उम्मीदवारों में सबसे अधिक है।
न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर काउंटी में वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी से लेकर जॉर्जिया में सीनेट की कांटे की टक्कर तक, हर जगह चुनावी सरगर्मी तेज रही। ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के खेल में भागीदारी पर प्रतिबंध और डेटा केंद्रों के विरोध जैसे सामाजिक व आर्थिक मुद्दों ने भी मतदाताओं का ध्यान खींचा। डेमोक्रेट्स को उम्मीद है कि वे राज्यों के गवर्नर पद पर बहुमत हासिल करने में सफल रहेंगे। कुछ राज्यों में बाढ़ और नए मतदान कानूनों ने मतदाताओं के लिए मुश्किलें खड़ी कीं।
फीनिक्स के एक मतदान केंद्र पर पहुंचे वोटर जॉन शॉ ने कहा वे 'अमेरिकी मूल्यों' और 'देशभक्ति वाली चीजों' का समर्थन करने के लिए चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं। उम्मीद है कि चुनाव के बाद सरकार 'थोड़ी अधिक कंजर्वेटिव' होगी। कुल मिलाकर 'सरकार' की अकड़ कम होगी। बता दें कि एरिजोना में डेमोक्रेटिक गवर्नर केटी हॉब्स दूसरा मौका चाहती हैं। हालांकि, उन्हें रिपब्लिकन नेता एंडी बिग्स से चुनौती मिल रही है।
अमेरिका के कई राज्यों में मतदान खत्म होने में कुछ ही घंटे बचे हैं। मतदान के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया कवरेज को लेकर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने कहा, लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल के पास एक दिन पहले दिए गए भाषण की रिपोर्टिंग को लेकर नाखुशी जाहिक करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि रिपोर्टरों ने उनके सम्मान में पूल का नाम बदलने के बारे में उनके मजाक का गलत मतलब निकाला। उनकी टिप्पणी ऐसे वक्त आई जब एक प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि व्हाइट हाउस में चुनाव के दिन माहौल 'बहुत सकारात्मक' है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक कई मतदाताओं ने कहा कि ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को और समय मिलना चाहिए। ट्रंप को उनके कार्यकाल के केवल दो साल बाद सजा नहीं मिलनी चाहिए। 56 साल के पूर्व सैनिक शॉन हॉल के मुताबिक टैरिफ से आर्थिक नुकसान हो रहे हैं लेकिन लंबी अवधि में ये 'हमारे देश के हित में है।' स्थानीय पुलिस अधिकारी जेरेड गेंगर के मुताबिक मध्यावधि चुनाव में उन्हें ओवरऑल तस्वीर 'बेहतर दिख रही है।' गेंगर ने महंगाई का जिक्र कर कहा, 'मुझे गैस की ऊंची कीमतें पसंद नहीं हैं, लेकिन मुझे पता है कि यह केवल कुछ समय की बात है, दाम कम हो जाएंगे।
एक मतदान केंद्र पर वोट डालने आईं 60 साल की एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट जिल यूंट ने कहा, यहां के लोग 12 साल में पहली बार सीनेट में किसी डेमोक्रेट को भेजने का मन बना रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि लोग वाशिंगटन में चल रही शरारतों से थक चुके हैं और वे एक ब्लू वेव (डेमोक्रेट खेमे के चुनाव चिह्न का रंग) आते देखना चाहते हैं।'
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक आयोवा के पालो में मतदाताओं के सामने ईंधन की कीमत और ट्रंप की आर्थिक नीति जैसे मुद्दे हैं। वोट देने के बाद एक मतदाता अमांडा मैकडोनेल ने कहा, कुछ बदलाव की जरूरत है। रिपब्लिकन जानते हैं कि गवर्नर का पद बरकरार रखने के लिए खेती करने वाले इलाकों और पालो जैसे छोटे शहरों में अधिक वोटिंग और बड़ी बढ़त की जरूरत होगी। रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से सुबह वोटिंग की रफ्तार धीमी रही।
मिशिगन में मतदाताओं पर नजरें, सीनेट में निर्णायक हो सकता है इनका रुख। यहां कुछ वोटर पार्टी लाइन से परे जाकर भी मतदान करने से परहेज नहीं कर रहे। डेमोक्रेट अब्दुल अल-सईद और रिपब्लिकन माइक रोजर्स के बीच कांटे की टक्कर है।
डेट्रॉइट शहर के सभी 156 मतदान केंद्र आज सुबह (स्थानीय समय) सफलतापूर्वक खुल गए। शहर में मतदान से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक ने बताया कि शहर में 45 फीसदी मतदाता मतदान की उम्मीद है। यह डेट्रॉइट में मिडटर्म चुनाव के लिए एक रिकॉर्ड होगा। शहर में न्याय विभाग के 26 मॉनिटर दो-दो की टीमों में कुछ मतदान स्थलों पर तैनात हैं। कुछ कांग्रेस मॉनिटर भी मौजूद हैं, हालांकि उनकी संख्या नहीं बताई गई। मॉनिटरों की संख्या पहले से अधिक है, पर कोई समस्या नहीं आई है। डेट्रॉइट डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्शंस के मुख्य ऑपरेशंस अधिकारी डैनिएल बैक्सटर के अनुसार, कुल वोटों का 90 से 95 फीसदी हिस्सा रात 11:00 बजे तक आने की उम्मीद है। बाकी अनुपस्थित मतपत्रों की गिनती के बाद पूर्ण परिणाम सुबह 4:00 बजे तक अपेक्षित हैं।
अमेरिका के इस साल होने वाले चुनाव में कई राज्यों को पहली बार महिला गवर्नर मिल सकती हैं। अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन की ओर से जारी सूची के मुताबिक, चार राज्यों में महिला उम्मीदवार जीतकर नया इतिहास बना सकती हैं।
मिशिगन में सीनेट चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों ने अपने समर्थकों से वोट डालने की आखिरी अपील की है। उन्होंने लोगों से मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान करने का आग्रह किया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के अब्दुल अल-सईद और रिपब्लिकन पार्टी के माइक रोजर्स के बीच मुकाबला है। यह चुनाव की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली और तनावपूर्ण सीटों में से एक है।
अब्दुल अल-सईद ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, अब समय आ गया है। देश को यह दिखाना हमारे हाथ में है कि क्या-क्या संभव है। पूरी दुनिया देख रही है। उन्होंने इसके साथ अपना एक वीडियो भी साझा किया। इसमें चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से मिलते हुए उनके कई दृश्य हैं। वीडियो में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ उनकी मुलाकात भी दिखाई गई है।
माइक रोजर्स ने एक्स पर लिखा, हमें अपने राज्य को बचाना है। मतदान की अपील के साथ रोजर्स ने एक वीडियो भी साझा किया। इसमें कई लोगों के इंटरव्यू हैं, जो उनका समर्थन कर रहे हैं। वीडियो के एक हिस्से में एक व्यक्ति ने अल-सईद को 'चरमपंथी' बताया है।
मध्यावधि चुनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत अमेरिका इस साल के अंत के बाद इस्राइल को 4 अरब डॉलर की आर्थिक मदद देना बंद कर देगा।
फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि इस्राइल को अब इस मदद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, कुछ डेमोक्रेट और वामपंथी नेता रिपब्लिकन की आलोचना करने के लिए इस्राइल को अमेरिका की ओर से दी जाने वाली आर्थिक मदद का मुद्दा उठा रहे हैं।
अमेरिका के कई राज्यों में खराब मौसम का असर मतदान पर पड़ा है। फ्लोरिडा में रातभर हुई भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई। इसके बाद कम से कम 18 मतदान केंद्रों को दूसरी जगह भेजना पड़ा। यह बारिश सोमवार देर रात से मंगलवार तक हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमानकर्ताओं ने मंगलवार को अलबामा, टेनेसी, अर्कांसस और मिसिसिपी के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई थी।
अमेरिका में न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर काउंटी के कई मतदान केंद्रों पर मशीनों में तकनीकी खराबी आ गई है। इस वजह से मशीनें मतदाताओं के मतपत्र स्वीकार नहीं कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार सुबह मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद मतपत्रों को स्कैन करने वाली मशीनों में दिक्कत आने लगी।
न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने कहा कि उनका कार्यालय वेस्टचेस्टर में स्कैनर की समस्या पर नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि उनका कार्यालय राज्य और स्थानीय चुनाव बोर्ड के संपर्क में है। ये बोर्ड समस्या का समाधान निकालने के लिए काम कर रहे हैं।
जेम्स ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, वेस्टचेस्टर के मतदाता अब भी अपने मतदान केंद्रों पर सुरक्षित तरीके से मतपत्र भरकर जमा कर सकते हैं। आपके वोट गिने जाएंगे।
मंगलवार को दुनिया के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट पर तकनीकी कंपनियों के शेयरों में एआई से जुड़ी चिंताओं के कारण एक बार फिर बिकवाली हुई। इसके बाद निवेशकों का ध्यान अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर चला गया।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 3.6 फीसदी गिर गया। एसके हाइनिक्स और सैमसंग के शेयरों में भारी गिरावट आई। लंदन, पेरिस और फ्रैंकफर्ट के शेयर बाजार भी नीचे रहे। वहीं, टोक्यो का शेयर बाजार छुट्टी के कारण बंद था।
कच्चे तेल के दाम क्यों बढ़े?
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.7 फीसदी बढ़कर 106.58 डॉलर प्रति बैरल हो गई। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स में बताया गया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित ईरान के एक द्वीप पर सीमित हमले किए हैं। इससे पहले सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीदें थीं।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कैलिफोर्निया के हजारों विवादित डाक मतपत्रों को अलग रखने की मांग की थी।
वहीं, मिशिगन में सीनेट चुनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। डेमोक्रेटिक पार्टी की कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवंस ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल एल सैयद के बजाय रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स का समर्थन किया।
शुरुआती मतदान की रफ्तार पिछले मध्यावधि चुनावों के आंकड़े को पार कर सकती है। जनमत सर्वेक्षणों में रिपब्लिकन पार्टी के मुकाबले डेमोक्रेटिक पार्टी के मतदाताओं में ज्यादा उत्साह दिखाई दे रहा है। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन ट्रंप ने अमेरिका को 'तेजी से फलता-फूलता' (तेजी से विकास) देश बताया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण है। डेमोक्रेटिक पार्टी को कम से कम एक सदन में बहुमत हासिल करने के लिए पर्याप्त सीटें जीतनी होंगी। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत मिलता है, तो ट्रंप के लिए राष्ट्रपति कार्यकाल के बाकी समय में अपने फैसलों और विधेयकों को मंजूरी दिलाना मुश्किल हो सकता है।
चुनाव के जानकारों के मुताबिक, आयोवा, कंसास और ओहायो में सीनेट की सीटों पर रिपब्लिकन पार्टी को कड़ी टक्कर मिल सकती है। वहीं, टेक्सस और मिशिगन में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत रहने का अनुमान है।
अमेरिका में मंगलवार को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया। इसकी शुरुआत वरमोंट और पूर्वी तट के कई राज्यों से हुई। इनमें न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, वर्जीनिया और केंटकी शामिल हैं। इस चुनाव से तय होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अपने कार्यकाल के बाकी समय में कितनी ताकत रहेगी।
प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर चुनाव हो रहा है। सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर भी मतदान हो रहा है। इसके अलावा, 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए चुनाव हो रहे हैं। करीब 21 करोड़ लोग मतदान के लिए पंजीकृत हैं।