ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने होरमुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिका से जुड़े एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया। गार्ड के अनुसार ATHE NOVA नामक टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। यह कार्रवाई अमेरिका-इस्राइल हमलों के जवाब में की गई बताई गई है। इससे पहले ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को बंद करने का भी दावा किया था। दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि अमेरिकी बी-1 बॉम्बर विमानों ने ईरान के अंदर गहराई तक जाकर सैन्य ठिकानों पर हमला किया। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना था। सेंट्रल कमांड ने बताया कि कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशों के तहत की गई। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर क्षेत्रीय खतरे को कम करने की कोशिश की जा रही है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश की नई परमाणु रणनीति के तहत बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस अब सहयोगी देशों को अपने परमाणु हथियारों से लैस विमानों की अस्थायी तैनाती की अनुमति देगा। मैक्रों ने कहा कि इस रुख के तहत हमारी रणनीतिक वायु सेना के कुछ हिस्सों को सहयोगी देशों में अस्थायी रूप से तैनात किया जा सकेगा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के संबंध में किसी भी अन्य देश के साथ निर्णय लेने में कोई साझेदारी नहीं होगी। मैक्रों ने बताया कि इस तरह की व्यवस्थाओं को लेकर ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, नीदरलैंड, बेल्जियम, ग्रीस, स्वीडन और डेनमार्क के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है।
नाटो महासचिव मार्क रुटे ने स्पष्ट किया है कि ईरान को लेकर जारी क्षेत्रीय संघर्ष में नाटो गठबंधन सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा। ब्रसेल्स में जर्मनी के एआरडी टीवी से बातचीत में रुटे ने अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना महत्वपूर्ण है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नाटो के तौर पर युद्ध में शामिल होने की कोई योजना नहीं है, भले ही कुछ सदस्य देश अलग से समर्थन दें।
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में एक ईंधन भंडारण स्टेशन पर ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। अबू धाबी मीडिया कार्यालय के अनुसार मुसाफ्फाह स्थित फ्यूल टैंक टर्मिनल को निशाना बनाया गया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और ईंधन आपूर्ति या संचालन पर भी कोई असर नहीं पड़ा है। मामले की जांच जारी है।
ईरान में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मुंबई स्थित ईरान के कॉन्सुलेट जनरल सईद रेजा मोतलाग ने कहा कि भारतीय छात्रों को देश छोड़ने के लिए किसी विशेष अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट बंद हैं, इसलिए छात्र अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों की जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान से बाहर जा सकते हैं। छात्रों को केवल पासपोर्ट साथ रखना होगा और निकासी प्रक्रिया में सहयोग दिया जाएगा।
भारत में इस्राइल के राजदूत रियुवेन अजार ने दावा किया है कि इस्राइल और अमेरिका मिलकर ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए हुए हैं और अब तक 2500 से अधिक सैन्य ठिकाने निशाने पर हैं। उन्होंने कहा कि इस्राइल अधिकांश मिसाइल और ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट करने में सफल रहा है। अजार ने उम्मीद जताई कि ईरान में सत्ता परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि इस्राइल क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा चाहता है तथा सैन्य कार्रवाई ईरान की हमलावर क्षमता कमजोर करने के लिए जारी रहेगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पश्चिम एशिया में ईरानी हमलों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान जान गंवाने वाले चार सैनिकों के परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है। ट्रंप ने कहा कि इन सैनिकों की याद में अमेरिकी सेना पूरी दृढ़ता और ताकत के साथ अपना मिशन जारी रखेगी। उन्होंने ईरान को अमेरिका के लिए खतरा बताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना इस खतरे को खत्म करने के लिए संकल्प के साथ कार्रवाई कर रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान की अवधि को लेकर बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कितने समय तक चलेगा, इससे फर्क नहीं पड़ता। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना तय समय से आगे बढ़ चुकी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अभियान चार से पांच सप्ताह से भी ज्यादा समय तक जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास लंबे समय तक कार्रवाई जारी रखने की पूरी क्षमता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन में उन्हें कोई थकान या ऊब महसूस नहीं होती।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर समझौतों से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से सैन्य कार्रवाई जरूरी हुई। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ परमाणु समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में ले जा रहा था। ट्रंप के अनुसार अमेरिका को लगा था कि ईरान के साथ समझौता हो गया है, लेकिन तेहरान ने दो बार अपने वादों से पीछे हटकर भरोसा तोड़ा। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन बाहरी क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों को समर्थन देता रहा है, जिसे रोकना जरूरी था। ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका यह सुनिश्चित कर रहा है कि ईरान की क्षमताएं सीमित रहें और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत हो।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान अपेक्षा से ज्यादा लंबा चल सकता है। अपने हालिया बयान में उन्होंने कहा कि यह युद्ध चार से पांच सप्ताह तक जारी रह सकता है। ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका इससे भी लंबे समय तक अभियान चलाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई कर रही है और युद्ध की अवधि हालात पर निर्भर करेगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि संघर्ष लंबा खिंचने पर भी अमेरिका पीछे नहीं हटेगा और अपने रणनीतिक लक्ष्य पूरे करेगा।
यूएई में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए इटली सरकार ने निकासी अभियान शुरू किया है। विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी के अनुसार सैकड़ों इतालवी नागरिकों को सुरक्षित देशों के रास्ते वापस भेजा जा रहा है। 98 लोग पहले ही ओमान पहुंच चुके हैं, जबकि दुबई में फंसे लगभग 200 छात्रों को विशेष उड़ान से मिलान लाया जाएगा। इटली सरकार दूतावास नेटवर्क और चार्टर्ड फ्लाइट्स के जरिए मालदीव से लौट रहे हजारों यात्रियों की भी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रही।
ईरान पर हुए संयुक्त हमलों को लेकर मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह कदम मजबूरी में उठाया गया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन से पैदा हो रहे खतरे को खत्म करने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी हो गई थी। ट्रंप के मुताबिक यह हमला क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया और अमेरिका के सहयोगी देशों ने भी इस निर्णय का समर्थन किय
ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने कहा है कि देश लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि पिछले 300 वर्षों की तरह ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया और उसकी सेना केवल आत्मरक्षा में कार्रवाई कर रही है। लारिजानी ने कहा कि ईरान अपनी हजारों साल पुरानी सभ्यता की रक्षा के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार है और दुश्मनों को उनकी गलत गणना पर पछताना पड़ेगा।
एक अन्य बयान में लारिजानी ने मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध नीति को “भ्रमपूर्ण” बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी नीतियों ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं आक्रामक नहीं बल्कि रक्षात्मक भूमिका में हैं।
लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हुए इस्राइली हवाई हमलों में फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद के एक वरिष्ठ कमांडर की मौत होने का दावा किया गया है। संगठन की सशस्त्र शाखा अल-कुद्स ब्रिगेड्स ने बताया कि मारे गए कमांडर की पहचान 41 वर्षीय अधम अल-ओथमान के रूप में हुई है। वहीं इस्राइली सेना ने कहा कि हमलों के दौरान लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े 70 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कतर ने बड़ा दावा किया है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कतर अमीरी वायुसेना ने ईरान से आए दो एसयू-24 लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। मंत्रालय के अनुसार देश की वायु रक्षा प्रणाली ने सात बैलिस्टिक मिसाइलों और पांच ड्रोन को भी सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि खतरे का पता चलते ही तुरंत कार्रवाई की गई और सभी मिसाइलों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में मार गिराया गया। अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई के दौरान कतर की वायुसेना और नौसेना दोनों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया।
मंत्रालय ने दावा किया कि कतर की सशस्त्र सेनाएं देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं और किसी भी बाहरी खतरे का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं। साथ ही नागरिकों, निवासियों और पर्यटकों से शांत रहने, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अभी तक ईरान पर पूरी ताकत से हमला शुरू नहीं हुआ है और बड़ी सैन्य कार्रवाई अभी बाकी है। ट्रंप ने कहा किसबसे बड़ा हमला जल्द आने वाला है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरान में नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और फिलहाल यह नहीं पता कि वहां अगला नेता कौन होगा। बयान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने स्पष्ट किया है कि उनका देश ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल के सैन्य हमलों में शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने क्षेत्र में अमेरिकी कार्रवाई के लिए अपने सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है, लेकिन यह केवल रक्षात्मक उद्देश्यों तक सीमित रहेगा। स्टार्मर ने कहा कि यह फैसला सहयोगी देशों की सामूहिक सुरक्षा और ब्रिटिश नागरिकों की रक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। हालांकि ब्रिटेन क्षेत्र में अपनी रक्षात्मक गतिविधियां जारी रखेगा।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 26 लोगों की मौत पर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गहरी चिंता जताई है। संगठन ने इन घटनाओं की तत्काल, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। एमनेस्टी के दक्षिण एशिया उप-क्षेत्रीय निदेशक बाबू राम पंत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर घातक बल और गोलीबारी के आरोप गंभीर हैं। उन्होंने जोर दिया कि तनावपूर्ण हालात में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
दुनिया में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने का एलान किया है। उत्तर-पश्चिम फ्रांस के एल-इल लॉन्ग सैन्य अड्डे पर उन्होंने कहा कि मौजूदा 300 से कम परमाणु वारहेड की संख्या में वृद्धि की जाएगी। 1992 के बाद यह पहली बार होगा जब फ्रांस अपना परमाणु जखीरा बढ़ाएगा। मैक्रों ने कहा कि यह कदम यूरोप की सुरक्षा मजबूत करने और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए उठाया गया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर पाकिस्तान की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। पिछले तीन दिनों में पाकिस्तान से आने-जाने वाली 500 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री फंस गए हैं। हवाई कार्गो सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे खाद्य सामग्री और अन्य सामान की आपूर्ति बाधित हुई है। लाहौर, कराची, इस्लामाबाद समेत कई शहरों से खाड़ी देशों की उड़ानें रद्द हुई हैं। फिलहाल केवल सऊदी अरब के लिए सीमित उड़ान संचालन जारी है।
लेबनान में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को देश की यात्रा न करने की सलाह दी है। बेरूत स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जो अमेरिकी नागरिक लेबनान में मौजूद हैं, वे उपलब्ध व्यावसायिक उड़ानों के रहते तुरंत देश छोड़ दें। दूतावास के अनुसार लेबनान की सुरक्षा स्थिति बेहद अस्थिर और अप्रत्याशित हो गई है। दक्षिणी इलाकों, बेका घाटी और राजधानी बेरूत के कुछ हिस्सों में लगातार हवाई हमले होने से खतरा बढ़ गया है।
स्पेन ने सैन्य अड्डे का इस्तेमाल करने से अमेरिका को इनकार कर दिया। इससे पहले ब्रिटेन ने भी मिलेट्री बेस का प्रयोग करने से मना किया था।
ओमान के मस्कट तट से करीब 52 समुद्री मील दूर एमकेडी व्योम नामक तेल टैंकर पर विस्फोटकों से भरी मानवरहित नाव से हमला किया गया, जिसमें एक भारतीय चालक दल सदस्य की मौत हो गई। ओमान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार हमले के बाद इंजन रूम में आग और विस्फोट हुआ। टैंकर पर मौजूद 21 अन्य क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। ओमान नौसेना जहाज टैंकर की निगरानी कर रहा है, जबकि भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है।
दुबई स्थित एयरलाइन अमीरात ने घोषणा की है कि वह आज शाम से सीमित संख्या में उड़ान संचालन शुरू करेगी। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि पहले से बुकिंग कराने वाले यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी और जिन यात्रियों की नई बुकिंग इन उड़ानों में की गई है, उनसे सीधे संपर्क किया जाएगा। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि सूचना मिलने तक एयरपोर्ट न पहुंचे। एमिरेट्स ने स्पष्ट किया कि अन्य सभी उड़ानें अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी।
ईरान युद्ध के चलते खाड़ी क्षेत्र में हवाई सेवाएं प्रभावित होने का असर अब भारतीय यात्रियों पर भी दिखने लगा है। महाराष्ट्र के जालना से कांग्रेस सांसद कल्याण काले दुबई में फंस गए हैं। उनके भाई जगन्नाथ काले ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सांसद शुक्रवार को अपने कुछ दोस्तों के साथ दुबई गए थे, लेकिन क्षेत्रीय तनाव बढ़ने और एयरस्पेस बंद होने के कारण उनकी वापसी फिलहाल संभव नहीं हो पा रही है।
जगन्नाथ काले के अनुसार कल्याण काले को 3 मार्च को अबू धाबी के रास्ते भारत लौटना था, लेकिन उड़ानें रद्द होने से वह दुबई में ही रुक गए हैं। उन्होंने कहा कि सांसद पूरी तरह सुरक्षित हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। परिवार की ओर से उनकी जानकारी वहां स्थित भारतीय दूतावास को भी दे दी गई है।
चीन ने ईरान को सीएम-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल बेचने के कथित समझौते की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस तरह की रिपोर्ट गलत सूचना अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि चीन एक जिम्मेदार देश के तौर पर अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता है और किसी भी तरह की भ्रामक खबरों का विरोध करता है।
पश्चिम एशिया में हमलों के बाद कतर एनर्जी द्वारा एलएनजी उत्पादन रोकने से यूरोप में गैस कीमतों में तेज उछाल आया है। डच और ब्रिटिश थोक गैस कीमतें करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। यूरोप के प्रमुख टीटीएफ हब पर गैस कीमत 46.52 यूरो प्रति मेगावाट घंटा तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि कतर से गैस आपूर्ति प्रभावित रहने पर एशिया और यूरोप के बीच एलएनजी कार्गो को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में और अस्थिरता आ सकती है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा- ईरान में युद्ध अंतहीन नहीं
इस्राइल की सेना ने लेबनान के 18 गांवों और कस्बों के लोगों को तत्काल इलाका खाली करने की चेतावनी जारी की है। सेना का दावा है कि इन क्षेत्रों का इस्तेमाल हिज्बुल्लाह द्वारा सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। यह कदम तब उठाया गया जब हिज्बुल्लाह ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के जवाब में इस्राइल पर हमला किया। इसके बाद इस्राइल ने बेरूत के उपनगरों और दक्षिण लेबनान में बमबारी की, जिसमें 30 से अधिक लोगों की मौत और 149 घायल हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस व प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद से अलग-अलग टेलीफोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। साथ ही उन्होंने बहरीन और सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कुशलक्षेम को लेकर भी चर्चा की। क्षेत्रीय हालात और मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर भी नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ।
अमेरिका के ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान के दौरान एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने बताया कि यह चौथा अमेरिकी सैन्य कर्मी है जिसकी इस ऑपरेशन से जुड़ी घटनाओं में जान गई है। सेना के अनुसार यह सैनिक ईरान के शुरुआती हमलों में गंभीर रूप से घायल हुआ था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।सेंटकॉम ने कहा कि घायल सैनिक को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपनी चोटों से उबर नहीं सका। इससे पहले भी इस अभियान में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि हो चुकी है।
रूस ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच सभी पक्षों से तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि क्षेत्र में नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। मंत्रालय ने कहा कि चाहे हमला ईरान में हो या किसी अरब देश में, आम नागरिकों को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। रूस ने सभी पक्षों से हिंसा रोकने और हालात को शांत करने के लिए तत्काल सैन्य कार्रवाई बंद करने की मांग की है।
इस्राइल की सेना ने दावा किया है कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत में किए गए सटीक हवाई हमले में हिज्बुल्ला के खुफिया मुख्यालय प्रमुख हुसैन मकलद को मार गिराया है। सेना के अनुसार यह कार्रवाई रात के दौरान की गई। इस्राइली सैन्य बयान में कहा गया कि हमले का लक्ष्य संगठन की खुफिया गतिविधियों से जुड़ा प्रमुख अधिकारी था। हालांकि हिज्बुल्लाह की ओर से इस घटना पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की अपील की है। जिनेवा में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्थायी और दीर्घकालिक समाधान केवल बातचीत से ही संभव है। ग्रोसी ने कहा कि मौजूदा संघर्ष खत्म होने के बाद ऐसा समझौता जरूरी होगा जिससे ईरान और उसके पड़ोसी देशों को स्थिरता और भरोसे का माहौल मिल सके।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जनरल माजिद एबनेलरेजा को देश का कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पूर्व रक्षा मंत्री की इस्राइल और अमेरिका के हमलों में मौत के बाद की गई है। राष्ट्रपति संचार उप प्रमुख मेहदी तबातबाई ने इसकी जानकारी दी। सरकार ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी तुरंत नए नेतृत्व को सौंपी गई है।
साइप्रस सरकार के प्रवक्ता कॉन्स्टेंटिनोस लेटिम्बियोटिस ने बताया कि ब्रिटेन के अक्रोटिरी सैन्य अड्डे की ओर बढ़ रहे दो ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। सरकारी बयान के अनुसार दोपहर के आसपास बेस पर सायरन बजने के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था। राज्य मीडिया ने भी खतरे की पुष्टि की थी। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र में सैन्य सतर्कता बढ़ा दी गई है।
भारत के विदेश मंत्री ने जानकारी दी है कि ईरान में जारी संकट को लेकर भारत और कनाडा के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों ने क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की। इस बातचीत का उद्देश्य कूटनीतिक समाधान तलाशना और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर सहयोग बढ़ाना है। दोनों देश संकट के असर को कम करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति एवं संतुलन बनाए रखने के लिए साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान के दो ड्रोन ने रास लाफान औद्योगिक शहर में ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया। एक ड्रोन ने मेसईद स्थित बिजली संयंत्र के पानी के टैंक को निशाना बनाया, जबकि दूसरा ड्रोन कतर एनर्जी की ऊर्जा सुविधा से टकराया। मंत्रालय के अनुसार हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जांच के बाद विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
ऊर्जा कंपनी शेवरॉन ने बताया कि इस्राइल के ऊर्जा मंत्रालय के निर्देश पर भूमध्य सागर में स्थित लेवियाथन गैस फील्ड का उत्पादन अस्थायी रूप से बंद किया गया है। यह गैस परियोजना मिस्र के साथ बड़े निर्यात समझौते का हिस्सा है और इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा था। कंपनी ने कहा कि लेवियाथन और तामार गैस फील्ड दोनों की सुविधाएं सुरक्षित हैं। क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया कि मस्कट गवर्नरेट से करीब 52 समुद्री मील दूर एमकेडी व्योम नामक तेल टैंकर पर विस्फोटकों से भरी नाव से हमला किया गया। हमले के बाद इंजन रूम में आग और जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें एक क्रू सदस्य की मौत हो गई। बाकी 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। ओमान नौसेना जहाज टैंकर की निगरानी कर रहा है और आसपास के जहाजों के लिए नेविगेशन चेतावनी जारी की गई है।
अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर नाराजगी जताई है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह इस बात से बहुत निराश हैं कि ईरान पर हमले के लिए अमेरिका को चागोस द्वीप समूह स्थित डिएगो गार्सिया एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति देने में ब्रिटेन ने काफी देर कर दी। ट्रंप का कहना है कि इस फैसले में हुई देरी ने सैन्य कार्रवाई की रणनीति को प्रभावित किया। इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव की चर्चा तेज हो गई है।
कुवैत में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान फ्रेंडली फायर की घटना में अमेरिकी वायुसेना के तीन एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान गिर गए। जानकारी के अनुसार सक्रिय सैन्य कार्रवाई के बीच कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने गलती से इन विमानों को निशाना बना लिया। उस समय ईरानी विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ था। सभी छह एयरक्रू सुरक्षित बाहर निकल गए और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। घटना के कारणों की जांच जारी है।
जॉर्डन ने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद करने का फैसला किया है। जॉर्डन की सिविल एविएशन रेगुलेटरी कमीशन ने बताया कि आज से अगले आदेश तक हर दिन शाम छह बजे से सुबह नौ बजे तक सभी विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद रहेगा। आयोग ने कहा कि यह फैसला मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत किए गए जोखिम आकलन के आधार पर लिया गया है। सुरक्षा स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसके ताजा मिसाइल हमले में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दफ्तर और इस्राइली वायुसेना प्रमुख के ठिकाने को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह हमला अचानक किया गया। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि हमले के बाद नेतन्याहू की स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि इस्राइल की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इस्राइल ने इस हमले को खारिज किया है।
इस्राइल की सेना ने दावा किया है कि 28 फरवरी को ईरान पर किए गए शुरुआती हमलों में ईरान के दो वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों की मौत हुई है। सेना के अनुसार मारे गए अधिकारियों की पहचान सैयद याह्या हमीदी और जलाल पोर हुसैन के रूप में हुई है। इस्राइल ने कहा कि हमीदी इस्राइल मामलों से जुड़े खुफिया उपमंत्री थे, जबकि हुसैन ईरान के खुफिया मंत्रालय के जासूसी विभाग के प्रमुख थे। हमले में अन्य वरिष्ठ लोगों के मारे जाने का भी दावा किया गया है।
कतर ने दावा किया है कि ईरान ने उसके नागरिक ढांचे को निशाना बनाकर हमला किया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल था। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा कि कतर की सुरक्षा प्रणाली ने इन हमलों को इंटरसेप्ट कर लिया। उन्होंने कहा कि नागरिक ठिकानों पर हमला गंभीर मामला है और इसका जवाब दिया जाएगा। फिलहाल कतर और ईरान के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं चल रही है।
ईरान के ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरामको ने अपनी रास तानूरा रिफाइनरी को बंद कर दिया। यह ईरान पर अमेरिका-इस्राइल के हमले के जवाब में तेहरान की ओर से शुरू किए गए हमलों के तीसरे दिन एक तीव्र वृद्धि का संकेत है। सोमवार को ड्रोन हमले में सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरब की अरामको के स्वामित्व वाली रास तनुरा रिफाइनरी पर हमला होने के बाद वहां परिचालन रोक दिया गया। सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित यह रिफाइनरी मध्य पूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता 550,000 बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) है और यह सऊदी कच्चे तेल के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात टर्मिनल के रूप में कार्य करती है। रास तानूरा रिफाइनरी तेल निर्यात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संभालता है। सससे आमतौर पर चीन, जापान और दक्षिण कोरिया सहित यूरोप और एशिया के प्रमुख बाजारों में तेल की खेप भेजी जाती है।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफाएल ग्रोसी ने बताया कि इस्राइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बावजूद, एजेंसी के पास कोई संकेत नहीं है कि ईरान के परमाणु स्थलों को नुकसान हुआ है। ग्रोसी ने 35 देशों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को बताया हमें कोई जानकारी नहीं है कि किसी भी परमाणु स्थापना को हानि या हमला हुआ हो। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास जारी है, लेकिन अब तक कोई उत्तर नहीं मिला है।
इस्राइल के सेना प्रवक्ता एफी डेफरिन ने कहा है कि इस्राइल ने देश की उत्तर सीमा पर लगभग 1 लाख रिजर्व सैनिक तैनात किए हैं। इन सैनिकों में दर्जनों बटालियन शामिल हैं, जो रक्षा और आक्रमण दोनों की सभी संभावनाओं के लिए तैयार हैं। डेफरिन ने बताया सभी विकल्प टेबल पर हैं।
ईरानी रेड क्रेसेंट सोसायटी ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर चलाए जा रहे हवाई हमलों में अब तक कम से कम 555 लोग मारे गए हैं। इस जानकारी के अनुसार 131 से अधिक शहरों पर यह हमले जारी हैं।
ब्रिटेन की विदेश मंत्री कोपर ने बताया कि साइप्रस में स्थित यूके के सैन्य अड्डे पर एक ड्रोन ने हमला किया और रनवे को निशाना बनाया। कोपर ने एक न्यूज से बातचीत में कहा यह एक बिना पायलट के ड्रोन हमला है, जो विशेष रूप से हवाई अड्डे की रनवे पर लक्षित किया गया। फिलहाल हम और जानकारी साझा नहीं कर सकते, लेकिन अड्डे के आसपास सभी सावधानीपूर्वक उपाय किए जा रहे हैं।
इस्राइल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि हिजबुल्लाह के महासचिव नाइम कासेम अब इस्राइल के लिए लक्ष्य बन गए हैं। यह बयान उस समय आया है जब इस्राइली जेट्स ने लेबनान में बमबारी की, जिसमें कम से कम 31 लोग मारे गए। यह हमला हिजबुल्लाह द्वारा उत्तरी इस्राइल के हाइफा के पास एक सैन्य ठिकाने पर रॉकेट और ड्रोन हमला करने के जवाब में किया गया।
सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद अपनी रास तनुरा रिफाइनरी को बंद कर दिया है। यह घटना तेहरान द्वारा ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के जवाब में पूरे क्षेत्र में हमले शुरू करने के बाद हुई। सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित रास तनुरा परिसर में मध्य पूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता 550,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) है। यह सऊदी कच्चे तेल के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात टर्मिनल के रूप में कार्य करता है।
ईरान में इंटरनेट सेवा बंद हुए 48 घंटे से अधिक समय हो गया है। निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, अमेरिका-इस्राइल के जारी हमलों के बीच देशभर में व्यापक इंटरनेट व्यवधान बना हुआ है। नेटब्लॉक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इंटरनेट शटडाउन सरकार द्वारा अक्सर अपनाई जाने वाली रणनीति है। संस्था ने याद दिलाया कि इससे पहले जनवरी में भी लंबी अवधि तक इंटरनेट बंद रखा गया था, जिसके दौरान गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरें सामने आई थीं।
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश में कई अमेरिकी लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इन विमानों में सवार सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हादसों के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।
इराक की राजधानी बगदाद के दक्षिण में स्थित जुर्फ अल-सखर इलाके में ईरान समर्थित अर्धसैनिक संगठन कताइब हिजबुल्ला के ठिकानों पर अमेरिका और इस्राइल की ओर से संयुक्त मिसाइल हमला किए जाने की खबर है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, हमले में कई ठिकानों, वाहनों और गोदामों को गंभीर क्षति पहुंची है तथा कुछ स्थानों पर आग लगने की सूचना है। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि कुवैत में अमेरिकी सेना का एक F-15 लड़ाकू विमान क्रैश हो गया है। इस विमान के क्रैश होने का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें विमान में आसमान में ही आग लगते हुई देखी जा सकती है। F-15 फाइटर जेट दुनिया के सबसे घातक और आधुनिक लड़ाकू विमानों में एक माना जाता है। हालांकि विमान में आग लगते ही पायलट पैरासूट लेकर कूद गया जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि, अभी तक इस खबर की किसी ने पुष्टि नहीं की है। पढ़ें एक क्लिक पर...
चीन ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर जारी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है। चीन ने सभी पक्षों से तुरंत सैन्य कार्रवाई बंद करने, तनाव कम करने और संवाद एवं बातचीत की ओर लौटने का आह्वान किया है।
इराक के एरबिल एयरपोर्ट के पास जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। यह एयरपोर्ट उस सैन्य ठिकाने के लिए जाना जाता है जहां अमेरिका-नेतृत्व वाली गठबंधन सेना तैनात है। स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक, इससे पहले दिन में एयर डिफेंस सिस्टम ने एयरपोर्ट के आसपास उड़ रहे ड्रोन को मार गिराया था।
अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद से एरबिल के ऊपर कई बार ड्रोन गतिविधियां देखी गई हैं। यह शहर एक बड़े अमेरिकी वाणिज्य दूतावास परिसर का भी केंद्र है, जिससे सुरक्षा को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
कतर की एयरलाइन कतर एयरवेज ने घोषणा की है कि देश के हवाई क्षेत्र के बंद रहने के कारण इसकी सभी उड़ानें स्थगित रहेंगी।एयरलाइन ने बताया कि जैसे ही कतर सरकार हवाई क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करेगी, उड़ानों का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ऑपरेशन रॉरिंग लायन की शुरुआत से अब तक 777 लोग अस्पतालों में लाए गए, जिनमें से 86 लोग वर्तमान में अस्पताल या इमरजेंसी रूम में भर्ती हैं। मंत्रालय के अनुसार, चार लोग गंभीर स्थिति में हैं, जिनमें से दो मिसाइल हमलों के सीधे प्रभाव से नहीं जुड़े हैं। 20 लोग मध्यम स्थिति में हैं और 58 लोग सुरक्षित स्थिति में हैं। इसके अलावा, चार लोगों की अतिरिक्त चिकित्सा जांच की जा रही है।
कुवैत में अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी दी है कि देश में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है। दूतावास ने एक बयान में कहा कुवैत में अमेरिकी नागरिकों से अनुरोध है कि वे सुरक्षित स्थान पर रहें, किसी हमले की स्थिति में सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करें और संभावित हमलों के प्रति सतर्क रहें। बयान में यह भी बताया गया कि दूतावास का सारा स्टाफ फिलहाल सुरक्षित स्थानों में मौजूद है और स्थिति पर निगरानी जारी है।
ईरान की न्यूज एजेंसी के अनुसार, केंद्रीय शहर सनंदज में हमले के दौरान कम से कम दो लोग मारे गए। रिपोर्ट में बताया गया कि शहर को शत्रु की मिसाइलों द्वारा निशाना बनाया गया और शहर के पुलिस स्टेशन के पास कई आवासीय इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गईं। एजेंसी ने कहा कि अमेरिकी और इस्राइली सेनाओं ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छह मिसाइलें दागीं, जिनमें घनी आबादी वाले इलाके भी शामिल थे।
ईरान के कर्मानशाह शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास से भारी धुएं के बादल उठते हुए देखे गए हैं। स्थानीय जनता द्वारा साझा किए गए वीडियो में इमारतों के पीछे से धुएं का गुबार आसमान में फैलता दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्र की गंभीर स्थिति का संकेत मिलता है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस्राइल के हवाई हमलों में कम से कम 31 लोग मारे गए और 149 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि घायल लोगों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
कुवैत न्यूज एजेंसी के अनुसार, कुवैत सिटी के पास मिना अल अहमदी रिफाइनरी में मलबा गिरने से दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी में अमेरिकी परिसंपत्तियों पर ईरानी हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। कुवैत और बहरीन में एयर रैड सायरन बजाए गए, जबकि कतर की राजधानी दोहा और संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में धमाके सुने गए।
मीडिया एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास से धुआं उठते देखा गया। यह घटना उस समय सामने आई है जब कुछ घंटे पहले खाड़ी देश में एयर रैड सायरन की चेतावनी कई इलाकों में बजाई गई थी।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने एयर रैड अलर्ट जारी किया और नागरिकों से निकटतम सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया। मंत्रालय ने बताया कि शेख खलीफा बिन सलमान ब्रिज, जो मनामा को आसपास के शहरों से जोड़ता है, को बंद कर दिया गया है और निवासियों को केवल आवश्यक होने पर मुख्य सड़कों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में धमाकों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया और सूत्रों के अनुसार, शहर में अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं, जिससे नागरिकों में डर और चिंता बढ़ गई। पहले की खबरों के अनुसार, पड़ोसी कतर की राजधानी दोहा में भी आधा दर्जन से अधिक धमाके सुने गए थे।
इस्राइली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान ने फिर से मिसाइलें इस्राइल की ओर भेजी हैं और इसकी वायु रक्षा प्रणाली उन प्रक्षेपणों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस्राइली सेना ने नागरिकों से अलर्ट और सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है, जब तक कि स्थिति नियंत्रण में आ जाए।
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को बदलकर 'इस्राइल फर्स्ट' बना दिया है और इस प्रक्रिया में अमेरिकी सैनिकों को इस्राइल की महत्वाकांक्षाओं के लिए बलिदान कर दिया।
लारिजानी ने एक्स पर लिखा 'ट्रंप ने अपनी भ्रमपूर्ण कल्पनाओं से पश्चिम एशिया को अराजकता में डाल दिया है और अब अमेरिकी हताहतों के बढ़ने का डर महसूस कर रहे हैं। अमेरिकी सैनिक और उनके परिवार इसका भारी मूल्य चुकाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए संरक्षण और आत्मरक्षा जारी रखेगा और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
कतार की राजधानी दोहा में आधा दर्जन से अधिक तेज धमाके सुने गए हैं। इसी बीच, कुवैत में भी एयर रैड सायरन बजने की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह हाल के घंटों में तीसरी बार है जब कुवैत में सायरन बजा है।
कुवैत के अधिकारियों ने बताया कि राजधानी की ओर बढ़ रहे ड्रोन में से अधिकांश को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया है। हालांकि खतरे की संभावना को देखते हुए नागरिक सतर्क रहें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
कुवैत की वायु रक्षा बलों ने सोमवार सुबह राजधानी की ओर बढ़ रहे अधिकांश दुश्मन ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया, जैसा कि राज्य मीडिया ने बताया। ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अल-मानसूरी के अनुसार, ड्रोन सलवा और हावाली क्षेत्रों के पास कुवैत सिटी के नज़दीक तड़के तटस्थ कर दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और देश की स्थिति पूरी तरह स्थिर है।
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट कर दिया है कि तेहरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत या समझौते का पक्ष नहीं लेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि अमेरिका के साथ कोई भी वार्ता या नेगोशिएशन नहीं होगा और देश अपनी नीति पर दृढ़ता से कायम रहेगा।
यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया था कि खामेनेई की हत्या के बाद लारिजानी ने ओमानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ वार्ता की पहल की।
ईरानी न्यूज एजेंसी के अनुसार, अस्थायी नेतृत्व परिषद की दूसरी बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, न्यायपालिका प्रमुख घोलामहुसैन मोहसनी-एजीई और अलीरेजा अराफी की उपस्थिति रही। बैठक का उद्देश्य नेतृत्व समन्वय और महत्वपूर्ण निर्णय प्रक्रिया पर चर्चा करना बताया गया है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि हिजबुल्ला द्वारा लेबनानी क्षेत्र से इस्राइल पर किए गए हमले सरकार के प्रयासों को कमजोर करते हैं, जो देश को क्षेत्रीय सैन्य टकरावों से दूर रखने के लिए किए जा रहे हैं।
उन्होंने साथ ही इस्राइल की आक्रामकता की भी कड़ी निंदा की। राष्ट्रपति औन ने कहा हम लेबनानी क्षेत्रों पर इस्राइली हमलों की निंदा करते हैं और चेतावनी देते हैं कि हमारे देश का फिर से किसी अन्य युद्ध के समर्थन के लिए मंच के रूप में इस्तेमाल किया जाना, हमारे देश को गंभीर जोखिम में डाल सकता है।
साइप्रस की सरकार ने पुष्टि की है कि देश के दक्षिणी तट पर स्थित ब्रिटिश एयरबेस RAF अक़्रोतिरी पर ईरान समर्थित ड्रोन ने हमला किया। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले से केवल सीमित नुकसान हुआ और कोई बड़ा खतरा नहीं पैदा हुआ। साइप्रस के प्रवक्ता कॉन्स्टेंटिनोस लेतिम्बियोटिस ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं और ब्रिटेन के साथ मिलकर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने यह नहीं बताया कि ड्रोन किस प्रकार का था या कहां से लॉन्च किया गया।
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ सोमवार सुबह 8 बजे (भारतीय समय शाम 6:30 बजे) प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। यह अमेरिका और इस्राइल द्वारा शनिवार को ईरान पर हमले के बाद किसी शीर्ष ट्रंप अधिकारी का पहला मीडिया सामना होगा। हेगसेथ जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ चेयरमैन जॉन केन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। पेंटागन के अनुसार, इस दौरान वे ईरान पर किए गए हमलों, जिन्हें ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कहा गया है, पर विस्तार से बात करेंगे। ट्रंप ने हमलों के बाद कई इंटरव्यू दिए और दो वीडियो भाषण जारी किए हैं, लेकिन अब तक उन्होंने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।
बगदाद, इराक में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाते हुए एक ड्रोन हमले का दावा एक शियाई मिलिशिया समूह ने किया है। इस हमले का मकसद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद बढ़ते बदले के क्रम को और तेज करना बताया जा रहा है। हमले का दावा करने वाला समूह सराया औलिया अल-दम है, जो 2003 में अमेरिकी नेतृत्व वाले इराक आक्रमण के बाद सक्रिय शियाई मिलिशियाओं में से एक है, जिसने उस समय सद्दाम हुसैन का शासन खत्म किया था।
अमेरिकी कांग्रेस की ईरानी वंश की दो सदस्यों में से एक, यासमिन अंसारी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। सोशल मीडिया पर लिखते हुए अंसारी, जो एरिजोना के एक जिले का प्रतिनिधित्व करती हैं और डेमोक्रेट हैं, ने कहा कि उन्हें ट्रंप की सकारात्मक मंशा या ठोस योजना पर भरोसा नहीं है।
अंसारी ने कहा यह विश्वास इसलिए है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के भविष्य और अंतरराष्ट्रीय मामलों में अच्छी मंशा या स्पष्ट योजना नहीं दिखाई है। मैं सच में आशा करती हूं कि मैं गलत साबित हो जाऊं। उन्होंने आगे कहा नौ करोड़ ईरानियों को बेहतर भविष्य का अधिकार है और अमेरिकी जीवन भी इस पर निर्भर हैं।
इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार राजधानी बगदाद के दक्षिण में स्थित जुरफ अल-सखर इलाके में हवाई हमले की सूचना मिली है। फिलहाल हमले की व्यापकता और नुकसान का विवरण सामने नहीं आया है। सुरक्षा बल इलाके की निगरानी कर रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच हुई गोलीबारी के बाद देश के दक्षिणी हिस्से से लोगों का भारी पलायन शुरू हो गया है। टायर क्षेत्र से बेरूत और उत्तरी लेबनान की ओर बड़ी संख्या में लोग जा रहे हैं। नागरिक सुरक्षा दल इस समय सड़क यातायात को नियंत्रित कर रहे हैं ताकि पलायन सुरक्षित तरीके से हो सके।
इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कम से कम 53 गांवों और कस्बों के निवासियों को अपने घर खाली करने का आदेश दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।
कतर ने ईरानी हमलों के जवाब में अपनी सुरक्षा रणनीति में बदलाव किया है। पिछले 48 घंटों में देश ने पैट्रियट डिफेंस सिस्टम तैनात किया था ताकि मिसाइल और ड्रोन को रोक सके, लेकिन इससे गिरते मलबे का खतरा भी बना रहता था। अब कतर की रक्षा मंत्रालय ने फैसला किया है कि लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर मिसाइलों को सीधे शहर दोहा के ऊपर नहीं, बल्कि गल्फ के पानी में नष्ट किया जाएगा।
अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने अब ईरान पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं। अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के मुख्यालय को पूरी तरह मलबे में बदल दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस बड़े हमले की पुष्टि की है। यहां पढ़ें...
ईरान की राजधानी तेहरान के विभिन्न हिस्सों में लगातार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं हैं, जिससे शहर में तनाव और भय का माहौल बन गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मिसाइल और हवाई हमलों के कारण राजधानी के उत्तरी, पश्चिमी और केंद्रीय इलाकों में धमाके गूंज रहे हैं और आसमान में धुएं के गुबार उठते देखे गए हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अमेरिका और इस्राइल द्वारा की गई हत्याओं की निंदा की है।पत्र में खामेनेई की हत्या को कायरतापूर्ण आतंकवादी कृत्य और खतरनाक व अभूतपूर्व सैन्य वृद्धि बताया गया है, जो राष्ट्रों के बीच संवैधानिक और सभ्य आचार के मूल सिद्धांतों पर हमला करती है।
अराघची ने कहा कि इस तरह का व्यवहार केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं करता, बल्कि गंभीर रूप से पंडोरा का बक्सा खोलता है, जो सार्वभौमिक समानता और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की स्थिरता को कमजोर करता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से तत्काल, ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की ताकि अमेरिका और इज़राइल को इस भयंकर आतंकवादी कृत्य के लिए पूरी तरह जवाबदेह बनाया जा सके और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखी जा सके।
एक मार्च की देर रात बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास इराकी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की।
इस्राइली सेना ने बिन्त जबील कस्बे सहित दक्षिणी लेबनान के दर्जनों गांवों के लोगों से अपने घरों को खाली करने और इमारतों से कम से कम 1 किलोमीटर दूर रहने का आह्वान किया है। इतने विशाल क्षेत्र के लिए जारी की गई यह चेतावनी, गाजा पर इस्राइल के नरसंहार युद्ध के दौरान जारी किए गए सामूहिक विस्थापन के आदेशों की तरह प्रतीत होती है।
यूएस सेंट्रल कमांड ने पोस्ट किया कि ईरानी शासन का बैलिस्टिक मिसाइलों का लापरवाह इस्तेमाल और उनका प्रसार दशकों से खतरनाक रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी बल इस खतरे को खत्म कर रहे हैं।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के हुसैन केर्मनपुर ने बताया कि मीनाब में रविवार को लड़कियों के स्कूल पर इस्राइली हमले में लगभग 180 बच्चे मारे गए। उन्होंने कहा कि यही प्रकार का मिसाइल हमले कुछ घंटे पहले तेहरान के गांधी अस्पताल पर भी किया गया था।
कुवैत की सेना ने कहा कि देश के मध्य हिस्सों में आज सुबह कई दुश्मन के हवाई लक्ष्यों को रोककर नष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि उनकी एयर डिफेंस ने इन्हें प्रभावी ढंग से इंटरसेप्ट किया।
इस्राइली जेट्स ने लेबनान की राजधानी बेरूत में बमबारी की। यह कार्रवाई हिजबुल्ला द्वारा उत्तर इस्राइली के हाइफा के पास एक सैन्य अड्डे पर रॉकेट और ड्रोन हमले के बाद हुई। हिजबुल्ला ने कहा कि उनका यह हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला था। उन्होंने इसे लेबनान और उसके लोगों की रक्षा और इस्राइल की लगातार आक्रामकता का जवाब बताया।
यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कालास ने पोस्ट किया कि मध्य पूर्व के कई देशों पर ईरान के हमले अक्षम्य हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को और बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए, क्योंकि इससे क्षेत्र, यूरोप और पूरी दुनिया पर अनियंत्रित असर पड़ सकता है। कालास ने कहा कि यूरोपीय संघ अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है। साथ ही, यूरोप कूटनीतिक प्रयासों में योगदान जारी रखेगा ताकि तनाव कम हो और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सके।
बढ़ते इस्राइल और ईरान के बीच तनाव के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसके चलते यात्री इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं और अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। एयरपोर्ट और एयरलाइंस ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है।
इस्राइल ने सोमवार सुबह लेबनान से दागे गए एक रॉकेट को अपने क्षेत्र में प्रवेश से पहले ही रोक दिया इस्राइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने बताया। सेना ने बताया कि कई रॉकेट खुले इलाकों में गिरे और किसी को कोई चोट या नुकसान नहीं हुआ। उत्तरी इस्राइल के कई इलाकों में ड्रोन अलार्म भी बजे। अभी यह साफ नहीं है कि इस हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है।
हालांकि, हिजबुल्ला ने रविवार को चेतावनी दी थी कि वे आक्रमण का मुकाबला करने का अपना कर्तव्य पूरा करेंगे। अगर हिजबुल्ला इस हमले के पीछे है, तो यह नवंबर 2024 के बाद उनका पहला हमला होगा, जब इस्राइल और हिज़बुल्लाह के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में शांति समझौता हुआ था।
सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने नई नेतृत्व परिषद बना दी है। विदेश मंत्री ने कहा कि एक या दो दिन में नया सर्वोच्च नेता चुना जाएगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार ट्रंप बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सैन्य अभियान फिलहाल जारी रहेगा। खामेनेई के रहते ईरान में अंतिम फैसला उन्हीं का होता था। अब नए नेतृत्व के आने से क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।
तेहरान में नागरिक भारी हमलों के बीच घरों में सुरक्षित रहने को मजबूर हैं। सड़कों पर भीड़ नहीं थी और कई इलाकों में सैन्य चेकपोस्ट लगाए गए। दो तेज धमाके नीवरान इलाके में सुने गए। एक स्कूल पर हमले में कम से कम 165 लोग मारे गए, कई घायल हुए। वीडियो फुटेज में धुएँ के गुबार और इमारतों को हुए नुकसान के दृश्य दिखे। लोगों ने खिड़कियों में कंपन महसूस किया और सुरक्षित रहने के लिए घरों से बाहर निकले।
रविवार को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और नौसेना के युद्धपोत नष्ट हुए। अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जवाब में ईरान ने इस्राइल और खाड़ी देशों में मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेना ने बताया कि तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और पांच गंभीर रूप से घायल हुए।
इस्राइल ने 100 लड़ाकू विमानों से हमले बढ़ाए। अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बमबाजों ने भारी बम गिराए। राष्ट्रपति ट्रंप ने सैनिकों की मौत का बदला लेने की चेतावनी दी। यूरोप ने ज्यादातर दूरी बनाए रखी, लेकिन ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने कहा कि वे अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के हमलों को रोकने में मदद करेंगे।
अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद दुनिया पहले से बेहतर और सुरक्षित हो गई है। ग्राहम ने कहा कि आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक देश अब कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व खत्म हो चुका है और शासन ढहने के करीब है।
दूसरी ओर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। अमेरिकी सेना ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि बैलिस्टिक मिसाइल से अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि दागी गई मिसाइलें लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंचीं।
ईरान के हमलों के बाद खाड़ी देशों ने कड़ा रुख अपनाया है। खाड़ी सहयोग परिषद की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई, जिसमें सभी सदस्य देशों ने एकजुट होकर स्थिति पर चर्चा की। बैठक में संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इन सभी देशों को हाल में ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। मंत्रियों ने हमलों से हुए नुकसान की समीक्षा की और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के कदमों पर विचार किया।
बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि खाड़ी देश अपनी सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। जरूरत पड़ी तो हमले का जवाब भी दिया जाएगा। साथ ही खाड़ी देशों ने ईरान से तुरंत हमले रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए यूएई ने अपने प्रमुख शेयर बाजार बंद करने की घोषणा की है। देश के वित्तीय बाजार सोमवार 2 मार्च और मंगलवार 3 मार्च को बंद रहेंगे। इसमें अबू धाबी सिक्योरिटीज एक्सचेंज (ADX) और दुबई फाइनेंशियल मार्केट (DFM) शामिल हैं।
तेहरान के गांधी स्ट्रीट इलाके में स्थित अस्पताल से नर्सों ने मरीजों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। यह जानकारी दो गवाहों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दी। अस्पताल को उसी दिन अमेरिका या इस्राइल के सैन्य हमले में गंभीर नुकसान हुआ था। इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इसके अलावा सऊदी अरब की राजधानी और दुबई में भी हमले किए गए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लोगों से अपने देश को बचाने और शासन को बदलने की अपील की है। यह बयान उस दिन आया जब अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत हुई। ट्रंप ने वीडियो संदेश में कहा कि सभी ईरानी नागरिक जो आजादी चाहते हैं, उन्हें इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें बहादुर और साहसी बनना होगा और अपने देश को फिर से अपने हाथ में लेना होगा। ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि अमेरिका उनके साथ है और उनका समर्थन करेगा। उन्होंने ईरानी लोगों से हिम्मत और साहस दिखाने की भी अपील की।
पश्चिमी यरुशलम में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में छह लोग घायल हो गए हैं। इस्राइली एम्बुलेंस सेवा के अनुसार, 50 साल के एक व्यक्ति की स्थिति मध्यम है और पांच अन्य लोग हल्की चोटों के साथ मौके पर उपचार ले रहे हैं। इस्राइली मीडिया के अनुसार, हमले की वीडियो फुटेज में देखा गया कि मिसाइल का असर सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बना गया और एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। सुरक्षा बलों ने इलाके को सील कर दिया है और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। यह हमला ईरान-इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का नया संकेत माना जा रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में कहा है कि इस संघर्ष में और भी अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की संभावना है, इससे पहले कि यह युद्ध खत्म हो। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध में परेशानी और बलिदान आम बात है और इससे देशों को आगे बढ़ने में कठिन फैसले लेने पड़ते हैं।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री ने बहरीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मेजर जनरल से फोन पर बातचीत की। सोशल मीडिया पर जारी बयान में खालिद बिन सलमान ने कहा कि दोनों नेताओं ने ईरान की उस आक्रामक कार्रवाई पर चर्चा की, जिसने सऊदी अरब और बहरीन को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित करने वाले कदमों के खिलाफ दोनों देश एकजुट हैं।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि ईरान की ओर से किए गए हमले में मीना सलमान के पास एक समुद्री सुविधा को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने बताया कि नागरिक सुरक्षा बल आग को नियंत्रित करने और नुकसान को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, राजधानी तेहरान के बाहरी इलाके में स्थित एक पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ है। इस हमले में कुछ लोगों की मौत होने की खबर है, हालांकि मृतकों की सही संख्या अभी साफ नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि शहर-ए-रे (रेय) में हुए हमले के बाद रे पुलिस मुख्यालय की इमारत और आसपास की रिहायशी इमारतें भी प्रभावित हुईं। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, कई नागरिकों की जान गई है और कुछ लोग इमारत के मलबे में दबे हुए हैं। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। घटना के बारे में फिलहाल अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा दागा गया एक रॉकेट यरुशलम शहर में सीधे आकर गिरा है। इससे कुछ देर पहले खबर आई थी कि पश्चिमी यरुशलम में हवाई हमले के सायरन बजे और धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इस्राइली सेना ने कहा था कि उसे ईरान की ओर से इस्राइली की तरफ दागी गई मिसाइलों का पता चला है। इस्राइली सेना ने बताया कि खतरे को रोकने के लिए हमारी रक्षा प्रणाली काम कर रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों और शेल्टर में ही रहें। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अधिक जानकारी का इंतजार है।
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आईडीएफ को आदेश दिया है कि तेहरान पर हमलों की गति और तीव्रता दोनों बढ़ाई जाए। उनका यह बयान स्पष्ट संदेश देता है कि इस संघर्ष में कोई रुकावट नहीं आने वाली। ऐसे में क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में है, नागरिक भयभीत हैं और हर पल नए हमले की आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही बढ़े, तो पूरे मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
पश्चिम एशिया में तनाव अब रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। अमेरिका और इस्राइल की ओर से लगातार ईरान पर हवाई हमले किए जा रहे हैं। बात यही तक नहीं थमी है, इस्राइल और अमेरिका के इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई ईरान के वरिष्ठ अधिकारी की अब तक मौत भी हो चुकी है। इसके जवाब में ईरान ने दुबई, कतर और अन्य खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। इस लगातार बढ़ते संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है।
ताजा जानकारी के अनुसार, हाल ही में किए गए हवाई हमलों में ईरान के सात वरिष्ठ सैन्य कमांडर मारे गए हैं, जिनमें बेसिज के मेजर जनरल शाहिद मोहम्मद शिराजी और इंटेलिजेंस के डिप्टी जनरल शाहिद सालेह असदी शामिल हैं। उनकी मौत ने ईरान के सैन्य नेतृत्व को गंभीर झटका दिया है और युद्ध की तीव्रता को और बढ़ा दिया है।