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Syria War Live: सीरिया में इतालवी राजदूत के निवास में घुसे विद्रोही; दमिश्क के चौराहों पर लोगों ने मनाया जश्न

Sun, 08 Dec 2024 10:15 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क

खास बातें

Syria Civil War Live Updates: सीरिया के चार शहरों पर विद्रोही समूह का कब्जा हो गया है और राष्ट्रपति बशर अल असद का मजबूत किला दमिश्क भी ढह गया। राष्ट्रपति बशर अल असद के सीरिया छोड़कर अज्ञात जगह पर जाने की खबरें हैं। वहीं उनका परिवार पहले ही सीरिया छोड़कर रूस जा चुका है। सीरिया सेना के दो शीर्ष अधिकारियों ने ये दावा किया है। 
 
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सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के देश छोड़कर भागने की खबर - फोटो : एक्स/डीडी न्यूज
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लाइव अपडेट

10:15 PM, 08-Dec-2024

सीरियाई विद्रोही समर्थकों ने एथेंस में मनाया जश्न, घुस गए दूतावास में
राष्ट्रपति बशर अल-असद को अपदस्थ करने वाले सीरियाई विद्रोहियों के समर्थक रविवार को एथेंस में सीरियाई दूतावास में घुस गए और छत पर विद्रोही झंडा फहराया। पुलिस ने दूतावास परिसर से चार लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन झंडा फहराते हुए छोड़ दिया। एथेंस में दूतावास परिसर के बाहर लोगों के एक छोटे समूह ने जश्न मनाया। 59 साल के अलोम्पेंट मारूफ ने कहा,हमारी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। 55 साल की भयानक तानाशाही आखिरकार खत्म हो गई और तानाशाह भाग गया और लोगों को छोड़ गया। 

09:46 PM, 08-Dec-2024


09:44 PM, 08-Dec-2024

हिजबुल्ला ने अपने लड़ाकों को वापस बुलाया
दमिश्क पर विद्रोहियों के कब्जे के तत्काल बाद ईरान समर्थित हिजबुल्ला ने सीरिया से अपने सभी लड़ाकों को वापस बुला लिया है। सूत्र ने बताया कि हिजबुल्ला ने बृहस्पतिवार व शुक्रवार की रात निगरानी बल को सीरिया भेजा था। उसे लड़ाकों की वापसी की प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए भेजा गया था।

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09:43 PM, 08-Dec-2024


08:55 PM, 08-Dec-2024

सभी भारतीय सुरक्षित, दूतावास भी काम कर रहा
सीरिया में सभी भारतीय सुरक्षित हैं। सूत्रों ने बताया कि दमिश्क में भारतीय दूतावास भी काम कर रहा है और वहां रहने वाले भारतीयों के संपर्क में है। एक दिन पहले ही विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर सीरिया में रहने वाले लोगों से जल्द से जल्द छोड़ने को कहा था। जो लोग सीरिया छोड़ने में समर्थ नहीं थे उनसे दूतावास के संपर्क में रहने को कहा गया था। सीरिया में लगभग 90 भारतीय नागरिक हैं जिनमें से 14 संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न संगठनों में काम करते हैं।

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08:06 PM, 08-Dec-2024

सीरियाई लोगों के हित में काम करे नई सरकारः रेनेर

ब्रिटेन की उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनेर ने कहा, तानाशाही व आतंकवाद सीरिया के लोगों के लिए समस्याएं पैदा करते हैं। इसलिए एक राजनीतिक समाधान की आवश्यकता है, जहां सरकार सीरियाई लोगों के हितों में काम करे। लोकतंत्र को हम दुनिया के लिए सही मानते हैं और उम्मीद है कि यह सीरियाई लोगों को मिलेगा।

08:05 PM, 08-Dec-2024

सीरिया में एकता का समयः फ्रांस
फ्रांस ने सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को अपदस्थ किए जाने की सूचना का स्वागत किया है। उसने देश में लड़ाई को समाप्त करने तथा शांतिपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन का आह्वान किया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, अब सीरिया में एकता का समय आ गया है।

06:53 PM, 08-Dec-2024


सीरिया में असद राज की समाप्ति के बाद दमिश्क के चौराहों पर लोग उमड़ पड़े। लोगों ने टैंक पर चढ़कर जश्न मनाया और अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जश्न के बीच आतिशबाजी हुई और कुछ लोगों ने आकाश में गोलियां चलाकर अपनी भावनाएं जाहिर कीं।

सूना पड़ा पुलिस मुख्यालय, अधिकारी जान बचाकर भागे
राजधानी के बाहरी इलाके में सड़क के किनारे हथियारबंद निवासियों के समूहों को देखा गया और गोलियों की आवाजें सुनीं गईं। शहर का मुख्य पुलिस मुख्यालय खाली दिखा। उसका दरवाजा खुला था और बाहर कोई अधिकारी नहीं था। सेना की चौकी भी खाली दिखी, जहां असद के पोस्टर के नीचे जमीन पर वर्दियां पड़ी दिखीं। पुलिस व सैन्य अधिकारी जान बचाने के लिए भाग निकले।

05:53 PM, 08-Dec-2024

 चीन ने विद्रोही बलों से सीरिया में चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा
 चीन ने राष्ट्रपति बशर अल-असद को अपदस्थ कर सीरिया की राजधानी पर कब्जा करने वाले विद्रोही बलों से देश में चीनी नागरिकों और उसके संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बात की है। सीरिया पर विद्रोहियों के कब्ज़े पर प्रतिक्रिया देते हुए, चीन ने कहा कि वह अरब देश की स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है। साथ ही उसने यह भी कहा कि उम्मीद है कि स्थिरता जल्द से जल्द लौटेगी।

बीजिंग में विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि चीनी दूतावास दमिश्क में खुला है और अपने नागरिकों को हर संभव सहायता दे रहा है। हम सीरिया में संबंधित पक्षों से सीरिया में चीनी संस्थानों और कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।"

02:45 PM, 08-Dec-2024

सीरिया स्थित ईरानी दूतावास में विद्रोही दाखिल हो गए हैं। साथ ही सीरिया के सरकारी टीवी केंद्र पर भी विद्रोहियों का कब्जा हो गया है। 

01:33 PM, 08-Dec-2024

डॉक्टर बनते-बनते सख्त राजनेता कैसे बन गए बशर अल असद

बशर अल असद ने मेडिकल की पढ़ाई की है और लंदन से वे आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टरी की पढ़ाई करने गए थे। उस समय तक बशर का राजनीति से कोई लेना देना नहीं था, लेकिन 90 के दशक में बड़े भाई की एक कार हादसे में मौत के बाद बशर न चाहते हुए भी राजनीति में आ गए और साल 2000 में पिता की मौत के बाद सीरिया की सत्ता पर काबिज हुए। 

12:49 PM, 08-Dec-2024

बीती रात से बशर अल असद का पता नहीं

सीरिया के प्रधानमंत्री के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति बशर अल असद और सीरिया के रक्षा मंत्री के बारे में बीती रात से कोई जानकारी नहीं है। माना जा रहा कि दोनों नेता देश छोड़कर जा चुके हैं। बशर का परिवार पहले ही सीरिया छोड़कर जा चुका है। 

12:41 PM, 08-Dec-2024

विद्रोहियों ने सरकारी टीवी पर किया कब्जा

विद्रोहियों ने सीरिया के सरकारी टीवी प्रसारण पर कब्जा कर लिया है और अपने संदेश में कहा है कि सीरिया में बशर अल असद सरकार की सरकार को सत्ता से उखाड़ दिया गया है। साथ ही जेलों से कई विद्रोहियों को भी रिहा कर दिया गया है। 

12:32 PM, 08-Dec-2024

सीरिया की यह लड़ाई क्यों है अहम

सीरिया में जारी गृह युद्ध असल में पूरे पश्चिम एशिया पर दबदबा बनाने की राजनीति का हिस्सा है। सीरिया की सीमा इराक, तुर्किये, जॉर्डन, लेबनान और इस्राइल जैसे देशों से लगती है। सीरिया पर दबदबे का मतलब है कि पश्चिम एशिया के अहम व्यापार मार्गों, ऊर्जा गलियारों तक पहुंच मिल सकती है। जिससे पूरे पश्चिम एशिया पर दबाव डाला जा सकता है। सीरिया में बशर अल असद की सरकार के सत्ता से हटने का सबसे ज्यादा असर रूस पर होगा क्योंकि पश्चिम एशिया में सीरिया ही रूस का सबसे भरोसेमंद साथी था। वहीं विद्रोही गुट को अमेरिका का समर्थन है। सीरिया गृह युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भी उछाल आने की आशंका है, जिसका असर भारत पर भी होगा। 

11:31 AM, 08-Dec-2024

सीरिया से खत्म हुआ बशर अल असद सरकार का शासन

सीरिया पर राष्ट्रपति बशर अल असद के परिवार का शासन करीब 50 साल रहा और अब 50 साल बाद सीरिया से इस परिवार का शासन खत्म हो गया है। राष्ट्रपति बशर और उनके परिवार के सीरिया छोड़कर भागने की चर्चा है। वहीं विद्रोहियों ने पूरे देश पर कब्जा कर लिया है। प्रधानमंत्री ने भी विद्रोहियों से मिलकर नई सरकार का गठन करने की बात कही है। विद्रोही गुट एचटीएस ने कहा है कि अब नया सीरिया बनेगा, जहां सब शांति से रहेंगे। दमिश्क की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग उतर बशर सरकार के पतन का जश्न मना रहे हैं। 

10:53 AM, 08-Dec-2024

सीरिया गृह युद्ध में जा चुकी है पांच लाख से ज्यादा लोगों की जान

बशर अल असद सरकार और विद्रोही गुटों के बीच जारी संघर्ष में अब तक पांच लाख से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है। साथ ही बीते 13 वर्षों में सीरिया से करीब 68 लाख लोग देश छोड़कर जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर लोग तुर्किये और यूरोपीय देशों में रह रहे हैं। सीरिया के 30 फीसदी हिस्से पर पहले भी विद्रोहियों का कब्जा था, लेकिन अब अधिकतर हिस्से पर उनका कब्जा हो गया है। सीरिया के मौजूदा हालात में आतंकी संगठन आईएसआईएस के अगले कदम पर भी सभी की निगाहें हैं। 

10:47 AM, 08-Dec-2024

इस्राइल को युद्ध का एक और मोर्चा खुलने की आशंका

सीरिया में विद्रोहियों के लगातार मजबूत होने और बशर अल असद सरकार के कमजोर पड़ने के बाद इस्राइल को एक और युद्ध का मोर्चा खुलने का डर सता रहा है। दरअसल सशस्त्र बलों ने गोलन हाइट्स इलाके में बफर जोन में प्रवेश कर लिया है और उनके द्वारा संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक बलों पर हमले किए जा रहे हैं। इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इस्राइल-सीरिया पर बढ़ रहे तनाव पर चिंता जाहिर की। इस्राइल को गोलान हाइट्स इलाके में मौजूद अपने लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता हो रही है।

10:03 AM, 08-Dec-2024

सार्वजनिक संस्थानों पर भी विद्रोहियों का कब्जा

सीरिया में बशर अल असद सरकार ढह गई है और सीरिया के सार्वजनिक संस्थानों पर भी विद्रोही गुट का कब्जा हो गया है। विद्रोही नेता अहमद अल शारा ने कहा है कि देश के सार्वजनिक संस्थान 'पूर्व प्रधानमंत्री' की देखरेख में रहेंगे, जब तक नई सरकार सत्ता पर काबिज नहीं हो जाती। वहीं प्रधानमंत्री मोहम्मद गाजी अल जलाली ने भी नई सरकार के सत्ता पर काबिज होने में मदद की बात कही। राष्ट्रपति बशल अल असद के देश छोड़कर भागने की खबर है। 

09:43 AM, 08-Dec-2024

कौन है एचटीएस प्रमुख अबु मोहम्मद अल जोलानी

सीरिया के विद्रोही गुट हयात तहरीर अल शाम का प्रमुख अबु मोहम्मद अल जोलानी एक इस्लामिक नेता है, लेकिन वह खुद के आधुनिक होने का दावा करता है। जिसका मकसद सीरिया की सत्ता से बशर अल असद सरकार को हटाना है। जोलानी बीते कई वर्षों से खुफिया तरीके से गुट का नेतृत्व कर रहा था, लेकिन अब वह खुलकर दुनिया के सामने आ गया है और वैश्विक मीडिया को इंटरव्यू दे रहा है। 

अबु जोलानी का जन्म 1982 को हुआ था और उसका लालन-पालन सीरिया की राजधानी दमिश्क के माजेह इलाके में हुआ। जोलानी के परिवार का ताल्लुक गोलान हाइट्स इलाके से है और उसका दावा है कि उसके दादा को साल 1967 में गोलान हाइट्स इलाके से भागना पड़ा था, जब गोलान हाइट्स पर इस्राइल का कब्जा हो गया था।  

09:09 AM, 08-Dec-2024

सीरिया सरकार के खिलाफ बिगुल बजाने वाला विद्रोही संगठन क्या है

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार के खिलाफ लड़ रहा विद्रोही गुट हयात तहरीर अल शाम आंतकी संगठन अल कायदा की शाखा रहा है। हालांकि बाद में इस संगठन ने खुद को अल कायदा से अलग कर लिया था। इस गुट का नेतृत्व अबु मोहम्मद अल जोलानी द्वारा किया जा रहा है, जिसे बेहद कट्टरपंथी माना जाता है। एचटीएस ने साल 2016 में अल कायदा से अपना नाता तोड़ लिया था और जोलानी ने खुद को गुट का नेता घोषित कर दिया था। पश्चिमी देश एचटीएस को आतंकी संगठन मानते हैं।  

08:48 AM, 08-Dec-2024

सीरिया के प्रमुख शहर होम्स पर विद्रोहियों का कब्जा

सीरिया में गृह युद्ध बीते 12 साल से चल रहा है, लेकिन हाल के समय में विद्रोही गुट ने जिस तेजी से सीरिया पर कब्जा जमाया है, उससे सभी हैरान हैं। बीते 24 घंटे में ही विद्रोही गुट एचटीएस ने सीरिया के प्रमुख शहर होम्स पर कब्जा कर लिया और होम्स में मौजूद राष्ट्रपति बशर अल असद के पिता की प्रतिमा को तोड़ दिया। विद्रोहियों ने होम्स पर कब्जा होने का दावा किया है। इसके बाद हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और खुशी मनाई। 

संबंधित वीडियो

08:28 AM, 08-Dec-2024

Syria War Live: सीरिया में इतालवी राजदूत के निवास में घुसे विद्रोही; दमिश्क के चौराहों पर लोगों ने मनाया जश्न

वहीं विद्रोही गुट हयात तहरीर अल शाम के लड़ाकों ने राजधानी दमिश्क में दाखिल होना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियो प्रसारित हो रही है, जिनमें सीरिया सेना के जवान सड़कों पर अपनी वर्दी उतारकर विद्रोही गुट को अपना समर्थन देते दिखाई दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सेदनाया जेल में बंद कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया है। सेदनाया जेल राष्ट्रपति बशर अल असद के कार्यकाल में कथित निर्दयता का प्रतीक मानी जाती है। आरोप है कि वहां हजारों की संख्या में विद्रोही कैद हैं, जिन्हें अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया जाता था। 

 

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