शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान के समरकंद से भारत के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के पहले राष्ट्रपति इस्लाम करीमोव को पुष्पांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से मुलाकात की।
हमने भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों और विभिन्न मुद्दों पर भी कई बार फोन पर बात की। हमें खाद्य, ईंधन सुरक्षा और उर्वरकों की समस्याओं के समाधान के तरीके खोजने चाहिए। यूक्रेन से हमारे छात्रों को निकालने में हमारी मदद करने के लिए मैं रूस और यूक्रेन को धन्यवाद देना चाहता हूं: पीएम मोदी
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा, आज का युग युद्ध का नहीं है और मैंने इस बारे में आपसे फोन पर बात की है। आज हमें बात करने का अवसर मिलेगा कि हम शांति के पथ पर कैसे आगे बढ़ सकते हैं। भारत-रूस कई दशकों से एक-दूसरे के साथ रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा, मैं यूक्रेन में संघर्ष पर आपकी स्थिति और आपकी चिंताओं के बारे में भी जानता हूं। हम चाहते हैं कि यह सब जल्द से जल्द खत्म हो। हम आपको वहां क्या हो रहा है, इसकी जानकारी देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर द्विपक्षीय वार्ता की।
एक पत्रकार ने जब पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से आतंकी मसूद अजहर पर कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा, एससीओ की अध्यक्षता अब भारत जा चुकी है। अगले एससीओ शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान की भागीदारी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। साथ ही जरदारी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान एफएटीएफ (FATF) की सूची से बाहर हो जाएगा। हम आतंकवाद से निपटना चाहते हैं। यह हमारी प्राथमिकता एफएटीएफ के कारण नहीं बल्कि पाकिस्तान के लोगों के लिए और हमारे अपने संकल्प के लिए भी है।
देश में बाढ़ की स्थिति पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि हमने भारत से मदद नहीं मांगी है। हम अपने लोगों की मदद कर रहे हैं और कई लोग पाकिस्तान की मदद के लिए आगे आए हैं। राहत और बचाव अभियान जारी।
पीएम नरेंद्र और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक चल रही है। इसमें रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग मजबूत करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि बैठक में भारत-रूस के बीच रुपये और रूबल में कारोबार पर भी चर्चा हो रही है।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को पाकिस्तान से देश में सीपीईसी परियोजनाओं पर काम कर रहे सैकड़ों चीनी लोगों को ठोस सुरक्षा प्रदान करने और सभी मौसम के सहयोगियों की रणनीतियों के विकास के बीच मजबूत तालमेल बनाने का आह्वान किया। चीन की सरकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि शी और शरीफ ने समरकंद में शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की, जिसके दौरान दोनों देशों ने रेलवे, ई-कॉमर्स और अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। समझौतों के विवरण का खुलासा नहीं किया गया।
जिनपिंग ने शरीफ से कहा कि चीन को उम्मीद है कि पाकिस्तान में चीनी नागरिकों और संस्थानों की सुरक्षा के साथ-साथ चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों और हितों के लिए पाकिस्तान ठोस सुरक्षा प्रदान करेगा। चीन ने पाकिस्तान में 60 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की कई परियोजनाओं में अपने सैकड़ों कर्मियों को तैनात किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में SCO शिखर सम्मेलन के मौके पर तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएमओ ने बताया कि दोनों नेताओं ने विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।
हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण पाकिस्तान में हुई तबाही पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को अपने देश को पानी का समुद्र बताया। उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों (एससीओ-सीओएचएस) के प्रमुखों की परिषद के 22वें शिखर सम्मेलन के विस्तारित बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पानी के समुद्र की तरह दिख रहा है और बाढ़ के बाद जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्यवाही का आह्वान किया। उन्होंने कहा, मैंने पहले कभी इस तरह की तबाही नहीं देखी है। पाकिस्तान में ये विनाशकारी बाढ़ निश्चित रूप से जलवायु परिवर्तन से प्रेरित है। पाकिस्तान पानी के समुद्र की तरह दिख रहा है। रुके हुए पानी से मलेरिया जैसी जलजनित बीमारियों में वृद्धि हो रही है, उन्होंने एससीओ सदस्यों को इस जरूरत के समय में अपना समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारत को अगले साल एससीओ समिट की मेजबानी के लिए बधाई दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ समरकंद में आयोजित संगठन के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को हिस्सा लिया।
शिखर सम्मेलन के परिसर पर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। शिखर सम्मेलन के बाद पीएम मोदी के कुछ द्विपक्षीय बैठकें भी करने का कार्यक्रम है। वह पुतिन, मिर्जियोयेव और रईसी से मुलाकात करेंगे।
एससीओ में इस समय रूस, ताजिकिस्तान, चीन, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान का इस समूह में साल 2017 में प्रवेश हुआ। इस साल ईरान के साथ डायलॉग पार्टनर के तौर पर चार अरब देशों समेत छह नए देशों की एंट्री हुई है। इस प्रकार 15 देशों का एससीओ सबसे बड़ा क्षेत्रीय सहयोग संगठन बन जाएगा।