पोप फ्रांसिस ने वेटिकन के बाल चिकित्सालय जाकर कुछ यूक्रेनी बच्चों से मुलाकात की, जो रूस के हमले के बाद बच निकले थे और उनका यहां इलाज चल रहा है। वेटिकन ने बताया कि बाम्बिनो गेसु अस्पताल में इस समय 19 यूक्रेनी शरणार्थियों का इलाज चल रहा है और गत हफ्तों में करीब 50 लोगों का इलाज किया गया है। वेटिकन ने बताया कि युद्ध से पहले कुछ बच्चे कैंसर, तंत्रिका तंत्र और अन्य समस्याओं से जूझ रहे थे और लड़ाई के शुरुआती दिनों में यहां आए थे, जबकि बाकी को लड़ाई में चोटिल होने के बाद इलाज के लिए लाया गया है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि रूस का यूक्रेन पर आक्रमण ‘विश्व के लिए अहम मोड़’ है। उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जीत से ‘भयभीत करने वाले एक नए युग’ की शुरुआत होगी। कंजरवेटिव पार्टी के सम्मेलन में शनिवार को जॉनसन ने दावा किया कि पुतिन ‘भयभीत’ थे, क्योंकि स्वतंत्र यूक्रेन का उदाहरण लोकतंत्र समर्थक आंदोलन को हवा दे सकता था। उन्होंने कहा, ‘‘विजेता पुतिन यूक्रेन में ही नहीं रुकेंगे और यूक्रेन की आजादी खत्म होने का अभिप्राय जॉर्जिया और उसके बाद मोल्दोवा की अजादी की किसी भी उम्मीद का खत्म होना है, इसका अभिप्राय पूरे पूर्वी यूरोप में बाल्टिक से काला सागर तक 'भयभीत' करने के नए युग की शुरुआत होगा।’’
यूक्रेन के दक्षिणी मायकोलाइव क्षेत्र के गवर्नर ने कहा कि एक हवाई हमले की जगह पर बचाव कार्य जारी है जहां यूक्रेन के सैनिक सो रहे थे। राष्ट्रीय टेलीविजन पर बोलते हुए गवर्नर विटाली किम ने कहा कि हमला शुक्रवार को हुआ था, लेकिन स्थान या संभावित हताहतों की संख्या के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी। स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट दी कि एक बैरक पर हवाई हमला हुआ है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने स्विट्जरलैंड से रूसी कुलीन वर्गों पर नकेल कसने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सुंदर स्विस शहरों की सुरक्षा के बीच यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने में मदद कर रहे थे। बर्न में युद्ध-विरोधी प्रदर्शन में भाग लेने वाले हजारों लोगों के लिए एक ऑडियो लिंक संबोधन में जेलेंस्की ने स्विट्जरलैंड को उसके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया ।
रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ने पश्चिमी मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में शामिल होने वाले रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने यूक्रेन के समर्थन में पीले सूट पहने थे। रॉस्कॉस्मोस की प्रेस सेवा ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा, कभी-कभी पीला सिर्फ पीला होता है। नए चालक दल के फ्लाइट सूट बॉमन मॉस्को स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रतीक के रंगों में बने हैं। हर जगह और हर चीज में यूक्रेनी ध्वज देखना पागलपन है।
शुक्रवार को आईएसएस से लाइव-स्ट्रीम किए गए समाचार सम्मेलन के दौरान सूट के बारे में पूछे जाने पर मिशन कमांडर ओलेग आर्तेमेयेव ने कहा, हर चालक दल एक रंग चुनता है जो अलग दिखता है। रंग चुनने की बारी
हमारी थी। सच तो यह है कि हमारे पास बहुत सारा पीला कपड़ा जमा कर लिया था, इसलिए हमें उसका इस्तेमाल करना पड़ा। इसलिए हमें पीले रंग का फ्लाइट सूट पहनना पड़ा।
रूस ने कहा है कि उसने अपनी नवीनतम हाइपरसोनिक मिसाइल किंझल का इस्तेमाल कर यूक्रेन में एक मिसाइल एवं हवाई उपकरण भंडार को नष्ट कर दिया है। दुनिया की किसी भी लड़ाई में पहली बार किसी हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है।
वलोडिमिर जेलेंस्की ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण पर सार्थक और निष्पक्ष शांति वार्ता का आह्वान किया है। जेलेंस्की ने कहा, अब मिलने का समय है। बातचीत करने का समय है। यूक्रेन के लिए क्षेत्रीय अखंडता और न्याय बहाल करने का समय है। अन्यथा रूस का नुकसान इतना बड़ा होगा कि कई पीढ़ियां इसे सुधारने के लिए पर्याप्त नहीं होंगी। युद्ध समाप्त होना चाहिए। यूक्रेन के प्रस्ताव तैयार हैं।
तीन रूसी अंतरिक्ष यात्रियों के एक दल ने अनोखे अंदाज में यूक्रेन पर किए गए हमले का विरोध किया। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तीनों अंतरिक्ष यात्री यूक्रेन के झंडे के रंग की पोशाक पहन कर पहुंचे। इन्होंने यूक्रेन पर रूस के हमले का विरोध करने के लिए यह तरीका अपनाया। पिछले महीने यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में आने वाला अंतरिक्ष यात्रियों का यह पहला दल है। यहां आते ही इन अंतरिक्ष यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहां वे अमेरिकी, रूसी और जर्मन दल से गले मिलते और उन्हें बधाई देते दिखे। तीनों रूसी अंतरिक्ष यात्री पीले और नीले रंग की पोशाक में थे। यूक्रेन का झंडा भी नीले और पीले रंग का है।
ब्लैकपूल में कंजर्वेटिव पार्टी के सम्मेलन में बोलते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि उनका देश यूक्रेन के लोगों के साथ खड़ा है। हर दिन जब यूक्रेन का साहसी प्रतिरोध जारी है, तो यह साफ है कि पुतिन ने एक भयावह गलती की है। जॉनसन ने सवाल किया कि पुतिन ने यूक्रेन पर इतना बड़ा आक्रमण क्यों किया। साथ ही इस विचार को खारिज कर दिया कि यह नाटो में शामिल होने को लेकर रूस ने अपनी चिंताओं की वजह से हमले को अंजाम दिया है। जॉनसन ने कहा, वह यूक्रेन से डर गए थे, क्योंकि यूक्रेन में एक स्वतंत्र प्रेस है और यूक्रेन में स्वतंत्र चुनाव होते हैं और हर साल यूक्रेन ने प्रगति की है। पुतिन को यूक्रेन का उदाहरण दिए जाने का डर था और अपने अंदर मौजूद तिरस्कार का डर था।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के अनुसार, 24 फरवरी को रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से कुल 816 यूक्रेनी नागरिकों के मारे जाने और 1,333 घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, वास्तविक आंकड़ों को ये बहुत कम दिखाता है। यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि हजारों लोग मारे गए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के अभियोजक जनरल के कार्यालय ने कहा कि लड़ाई शुरू होने के बाद से कुल 112 बच्चे मारे गए हैं। 140 से अधिक बच्चे घायल हो गए हैं।
शहर के मेयर के अनुसार, मारियुपोल के केंद्र में सड़क पर लड़ाई ने थिएटर के तहखाने में फंसे सैकड़ों नागरिकों का बचाव अभियान रोक दिया है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को रूस ने इस थियेटर पर बमबारी की थी। मेयर वादिम बॉयचेंको ने बीबीसी को बताया कि बचाव दल केवल उन लोगों को मलबे से बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं, जब लड़ाई में विराम दिया जाता है। उस क्षेत्र में टैंक हैं, तोपखाने की गोलाबारी चल रही है और सभी प्रकार के हथियार दागे जा रहे हैं।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन युद्ध से असंबंधित नाटो अभ्यास के दौरान एक विमान दुर्घटना में चार अमेरिकी सैनिक मारे गए। जोनास गहर स्टोर ने ट्वीट किया कि वे शुक्रवार रात दुर्घटना में मारे गए। कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने नाटो अभ्यास में भाग लिया था। हमारी गहरी संवेदना सैनिकों के परिवारों, रिश्तेदारों और उनकी यूनिट में साथी सैनिकों के साथ है। नॉर्वे के सशस्त्र बलों ने कहा कि विमान एक वी-22बी ऑस्प्रे था जो यूएस मरीन कॉर्प्स का है।
यूक्रेन में रूसी हमलों की बढ़ती तीव्रता के बीच जेपोरिज्जिया में कर्फ्यू लगा दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जेपोरिज्जिया में 21 मार्च की शाम 6 बजे तक के लिए कर्फ्यू लगा रहेगा।
जर्मनी की कंपनी बॉश (Bosch) ने रूस स्थित अपने प्लांट में उत्पादन रोक दिया है। बॉश की ओर से कहा गया है कि इस तरह की जानकारी मिली थी कि इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल सेना की ओर से किया जा रहा है. इसे देखते हुए हमने उत्पादन रोकने का फैसला किया है।.
रूस के लगभग तीन दर्जन शरणार्थियों को शुक्रवार को अमेरिका में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जबकि यूक्रेन के नागरिकों के एक समूह को सीमा पार जाने दिया गया। यह दृश्य रूस और यूक्रेन के नागरिकों के साथ चुपचाप हो रहे अचूक बदलाव को दर्शाता है। रूस और यूक्रेन के नागरिक पर्यटकों के रूप में मेक्सिको में प्रवेश करते हैं और अमेरिका जाने की उम्मीद में तिजुआना के लिए उड़ान भरते हैं। मेक्सिको के साथ सबसे व्यस्त अमेरिकी सीमा पर 34 रूसी शुक्रवार तक कई दिनों तक डेरा डाले थे, दो दिन बाद तिजुआना शहर के अधिकारियों ने विनम्रतापूर्वक उनसे वहां से चले जाने का आग्रह किया। कुछ दिन पहले तक कुछ रूसियों को सैन यसिड्रो क्रॉसिंग पर अमेरिका में प्रवेश कराया गया था, जबकि कुछ यूक्रेनियों को रोका गया था। लेकिन शुक्रवार तक रूसियों को जाने से मना कर दिया गया जबकि यूक्रेन के लोगों को कुछ समय के इंतजार के बाद वापस भेज दिया गया।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन के एक बड़े भूमिगत हथियारों के डिपो पर हाइपरसोनिक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में यूक्रेन की मिसाइलें और एयरक्राफ्ट से जुड़े हथियार नष्ट हो गए।
नॉर्वे का प्रशासन शुक्रवार को अमेरिकी नौसेना के उस विमान की तलाश करती दिखी जो प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान लापता हो गया। नॉर्वे की सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि नौसेना का विमान ‘ऑस्प्रे’ शुक्रवार रात को लापता होने के कारण आर्कटिक सर्कल नगरपालिका बोडो पर नहीं उतरा। बयान के मुताबिक इसके बाद असैन्य संयुक्त बचाव समन्वय केंद्र उत्तरी नॉर्वे ने एक खोज और बचाव अभियान शुरू किया। नॉर्वे की सेना ने शुक्रवार देर रात कहा कि बोडो के दक्षिण में खोज हवाई माध्यम से की गई। यह भी कहा गया, ‘‘मौसम की स्थिति के कारण हवाई माध्यम से मौके पर पहुंचना संभव नहीं है।’’ इस अभ्यास के तहत नाटो के सदस्य देशों के सैनिक भीषण ठंड के बीच नॉर्वे की सेना के साथ ‘‘प्रशिक्षण और संचालन’’ कर रहे थे। नॉर्वे के मुताबिक इस अभ्यास की सूचना ‘यूक्रेन युद्ध’ से बहुत पहले दे दी गई थी।
यूक्रेन के गृह मंत्री डेनिस मोनास्तिरिस्की ने शुक्रवार को कहा कि रूसी बलों द्वारा देश में बरसाये गए उन बम-गोले और बरूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने में सालों लगेंगे, जो फट नहीं पाए हैं। घिर चुके कीव में ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से बातचीत में मोनास्तिरिस्की ने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद इस भारी-भरकम काम को अंजाम देने के लिए यूक्रेन को पश्चिमी देशों की मदद की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा, “यूक्रेन पर बड़ी संख्या में बम-गोले बरसाए गए हैं। इनमें से कई में विस्फोट नहीं हो सका था। मलबे के नीचे दबे ऐसे हथियार एक वास्तविक खतरा हैं। इन्हें निष्क्रिय करने में महीनों नहीं, वर्षों लगेंगे।”
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग को वीडियो कॉल कर बताया कि अगर चीन यूक्रेनी शहरों पर भीषण हमले कर रहे रूस को मदद मुहैया कराता है, तो इसके क्या निहितार्थ और नतीजे हो सकते हैं। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों नेताओं में वीडियो कॉल पर लगभग दो घंटे तक हुई बातचीत के दौरान यूक्रेन में रूस के विशेष सैन्य अभियान पर केंद्रित थी।
यूक्रेन: युद्धग्रस्त पूर्वी यूक्रेन शहर क्रामटोरस्क की तस्वीरें।
यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने कहा है कि उनके देश का संपर्क अजोव के सागर से कट गया है। उन्होंने बताया कि रूस की फौज ने मारियूपोल के बंदरगाह पर कब्जा करने के साथ डोनेत्स्क के कई अहम केंद्रों पर कब्जा किया है, जिसके चलते यूक्रेन को दिक्कत हो रही है।
जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा शनिवार को भारत पहुंच चुके हैं। यहां वे 14वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और भारतीय समकक्ष पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। खबर है कि इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और चीन के साथ संबंधों के मुद्दा खासतौर से चर्चा होगी।
रूस ने शुक्रवार को अपने एक रॉकेट का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। इसमें तीन अंतरिक्ष यात्री सवार हैं, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) जाएंगे। रूसी अंतरिक्ष निगम रोसकॉसमोस के अंतरिक्ष यात्री ओलेग अर्तेम्येव, डेनिस मैतवेयेव और सर्गेई कोरसाकोव सोयुज एमएस-21 अंतरिक्ष यान से शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार शाम आठ बजकर 55 मिनट पर कजाकिस्तान के बैकोनेर प्रक्षेपण केंद्र से रवाना हुए और सुरक्षित तरीके से निर्धारित कक्षा में पहुंच गए हैं। यान के शुक्रवार देर रात अंतरिक्ष केंद्र पहुंचने की संभावना है। यूक्रेन के खिलाफ 24 फरवरी को शुरू की गई सैन्य कार्रवाई के बाद पहली बार रूस ने अंतरिक्ष यात्रियों को रवाना किया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से मारियूपोल की घेराबंदी हटाकर मानवीय मदद पहुंचाने की अनुमति देने और तत्काल संघर्ष विराम का आदेश देने की अपील की। मैक्रों ने पुतिन से फोन पर 70 मिनट तक बात की। इससे पहले, दिन में पुतिन ने जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्ज से फोन पर बात की थी। शोल्ज ने भी पुतिन से तत्काल संघर्ष विराम का अनुरोध किया।
यूक्रेन के अधिकारियों से वार्ता कर रहे रूसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ने कहा है कि यूक्रेन के तटस्थ दर्जे को लेकर दोनों पक्ष समझौते के करीब पहुंच गए हैं। यूक्रेन के साथ कई दौर की वार्ता करने वाले रूसी प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष व्लादिमीर मेदिंस्की ने शुक्रवार को कहा कि दोनों पक्ष यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की कोशिश को छोड़ने और तटस्थ रुख अख्तियार करने को लेकर उत्पन्न मदभेदों को पाटने के करीब पहुंच रहे हैं।