यूरोपीय संघ के देश अपने बंदरगाहों में रूसी जहाजों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं।
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रूस यूक्रेन संघर्ष के बीच अफ्रीकियों को निकालने में मदद करने के प्रयासों का आश्वासन दिया।
पोलैंड के वारसॉ में भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए एक तत्काल सलाह जारी किया है। जिसमें कहा गया है, "शेहयनी-मेड्यका सीमा पार करने से बचें, जहां भीड़भाड़ जारी है ... पश्चिमी यूक्रेन के लवीव और टेरनोपिल में फंसे भारतीय पोलैंड में प्रवेश के लिए बुडोमिर्ज सीमा की तरफ से यात्रा कर सकते हैं।"
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मास्टरकार्ड ने एक बयान जारी कर कहा, "प्रतिबंध आदेशों के परिणामस्वरूप, हमने मास्टरकार्ड भुगतान नेटवर्क से कई वित्तीय संस्थानों को अवरुद्ध कर दिया है। हम आने वाले दिनों में नियामकों के साथ काम करना जारी रखेंगे ताकि हमारे अनुपालन दायित्वों का पूरी तरह से पालन किया जा सके।"
भुगतान सेवा कंपनी मास्टरकार्ड ने अपने बयान में यह भी कहा है कि हमने मानवीय राहत के लिए रेड क्रॉस, सेव द चिल्ड्रन और हमारे कर्मचारी सहायता कोष में 2 मिलियन डॉलर (करीब 20 लाख रुपये) के योगदान की घोषणा की है। हम वैश्विक राहत प्रयासों में अपना योगदान सहायता संगठनों की मदद से समर्थन करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, दो देशों के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने 2001 में गुजरात भूकंप के मद्देनजर पोलैंड द्वारा दी गई सहायता को भी याद किया। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कई पोलैंड के परिवारों और युवा अनाथों को बचाने में जामनगर के महाराजा द्वारा निभाई गई अनुकरणीय भूमिका को भी याद किया।
यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर 'ऑपरेशन गंगा' की विशेष उड़ान पोलैंड से दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। केंद्रीय मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने रेजजो-जसियोनका हवाई अड्डे पर भारतीय छात्रों से मुलाकात की।
तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार ने अपने रूसी समकक्ष सर्गी शोइगु से कहा है कि यूक्रेन में मानवीय कारणों से युद्ध को तुरंत रोकने की आवश्यकता है। नाटो का सहयोगी तुर्की ब्लैक सी में यूक्रेन और पूर के साथ सीमा साझा करता है और दोनों देशों के साथ इसके अच्छे संबंध हैं।
यूक्रेन अपने एयर डिफेंस को सहयोग प्रदान करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ बात कर रहा है। यूक्रेन के विदेश मंत्री डिमित्रो कुलेबा ने कहा कि आप जैसे भी हमारी मदद करें, तुरंत कदम उठाना बेहतर होगा। उन्होंने नाटो से कहा कि इस बात से डरने की जरूरत नहीं है यूक्रेन की वजह से आप रूस के साथ युद्ध की स्थिति में आ जाएंगे। अगर रूस जीत जाता है तो अगली बारी आपकी होगी।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (ओएचसीएचआर) ने कहा है कि यूक्रेन में पिछले सप्ताह रूस के हमले की शुरुआत के बाद से कम से कम 136 नागरिकों की मौत हो चुकी है और 400 लोग घायल हुए हैं। मारे जाने वाले लोगों में 13 बच्चे भी शामिल हैं।कार्यालय के अनुसार असल आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।
रूस-यूक्रेन के बीच जंग में एक भारतीय छात्र की मौत की खबर है। जानकारी के मुताबिक, खारकीव में रूसी गोलीबारी में छात्र की मौत हुई है।
यूक्रेन में जंग के छठे दिन रूसी सेना ने हमले और भी तेज कर दिए हैं। राजधानी कीव को चारों ओर से घेर लिया गया है। इस बीच रूस के दो शहरों में रूस ने मिसाइलों और तोप से हमला कर यूक्रेन की सेना को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। माना जा रहा है कि, कीव में आज रात बहुत बड़ा हमला हो सकता है।
रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, रूसी मिसाइलों ने खारकीव में बनी एक सरकारी इमारत पर निशाना साधा। इस हमले में पूरी इमारत नेस्तनाबूद हो गई।
यूक्रेन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की है। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात का उद्देश्य राष्ट्रपति को यूक्रेन संकट से संबंधित सभी मुद्दों की जानकारी देना था।
यूक्रेन संकट पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इमरजेंसी डिबेट कराए जाने को लेकर वोटिंग हुई। इस वोटिंग में डिबेट के पक्ष में 29 देश रहे। वहीं भारत समेत 13 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। डिबेट के विपक्ष में पांच वोट पड़े।