रूसी एयरलाइंस एयरोफ्लोत ने कहा कि यूरोप के लिए सभी उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं।
यूक्रेन ने रूसी संघ के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के समक्ष कार्यवाही शुरू करने और अनंतिम उपायों को इंगित करने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर इंग्लैंड ने रूस के खिलाफ सभी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैचों के बहिष्कार करने का फैसला किया है। इंग्लैंड फुटबॉल एसोसिएशन ने यह जानकारी दी है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने पहले किए गए समझौतों के अलावा 3,000 मशीनगन और 200 एंटी टैंक ग्रेनेड लांचर भेजने के लिए बेल्जियम के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू को धन्यवाद दिया।
यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को बताया है कि रूस की जो मिसाइलें कीव में न्यूक्लियर प्लांट के रेडियोएक्टिव वेस्ट पर गिरी थीं, उनसे फिलहाल कोई तबाही नहीं हुई है। आईएईए के डीजी राफेल मारियानो ग्रोसी ने कहा कि फिलहाल इससे किसी इमारत को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने नहीं आई है।
भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने बताया कि उनकी विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के साथ सौहार्दपूर्ण प्रारंभिक बैठक हुई। सामयिक द्विपक्षीय, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और यूक्रेन में भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। माना जा रहा है कि रूसी राजदूत यूएनएससी में आज होने वाली बैठक को लेकर भारत का समर्थन जुटाने के लिए विदेश सचिव से मिलने पहुंचे।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को कहा कि यूक्रेन संकट को लेकर भारत का रुख अडिग है और उसके पास यह मानने के तमाम कारण हैं कि इस मामले में सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में रहना चाहिए। श्रृंगला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर भारत के रूख का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने निश्चित तौर पर इस ओर इशारा किया है कि 'मानव जीवन की हानि स्वीकार्य नहीं है।' भारत ने शुक्रवार को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया था, लेकिन साथ ही नयी दिल्ली ने राज्यों की 'संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता' का सम्मान करने का आह्वान करते हुए 'हिंसा व शत्रुता' को तत्काल समाप्त करने की मांग की थी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उन्हें रूस से होने वाली बातचीत के किसी नतीजे तक पहुंचने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे अपने देश की शांति के लिए बातचीत की मेज पर जाना चाहते हैं। वे कोशिश करना चाहते हैं कि रूस हमले रोके। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने देश के लिए लड़ रहे हैं, अपनी आजादी को बनाए रखने के लिए लड़ रहे हैं क्योंकि हमें ऐसा करने का अधिकार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछली रात कठिन थी। भीषण गोलाबारी हुई, रिहायशी क्षेत्रों में भी बमबारी की गई और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। हमलावर सैन्य-असैन्य सभी स्थानों को निशाने पर ले रहे हैं।’’
यूरोपीय संघ ने रूस के ऊपर प्रतिबंधों को और कड़ा कर लिया है। ईयू के अध्यक्ष ने कहा है कि 27 सदस्य देशों वाले इस गठबंधन ने रूसी विमान सेवाओं के लिए अपने हवाई मार्ग को बंद कर लिया है। इसके अलावा रूस के सरकारी मीडिया चैनलों को भी यूरोप में बैन करने का फैसला किया गया है। ईयू ने बयान जारी कर कहा कि रूस के हमले के बीच वह यूक्रेन को हथियार पहुंचाना जारी रखेगा।
यूक्रेन के कई हवाई अड्डों, ईंधन केंद्रों और अन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद रविवार को रूसी सेना ने दक्षिण क्षेत्र में स्थित रणनीतिक बंदरगाहों पर भी नियंत्रण करन का प्रयास किया लेकिन शहरों में उसे जबरदस्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। राजधानी कीव सुबह धमाकों से दहल उठी। अधिकारियों ने एक हवाई अड्डे पर विस्फोट की सूचना दी है। शहर की सुनसान पड़ी मुख्य सड़कों पर गिनती की कारें ही दिखीं। कीव में 39 घंटे के कर्फ्यू के कारण लोग सड़कों से दूर रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यूक्रेन की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। इसमें उनके साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला भी शामिल हुए। बैठक में यूक्रेन में फंसे छात्रों को जल्द से जल्द भारत लाने पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि उसकी तरफ से पोलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाक गणराज्य के साथ सीमा पार करने वाले बिंदुओं के माध्यम से भारतीय नागरिकों को निकालने में सहायता के लिए 24x7 नियंत्रण केंद्र स्थापित किए गए हैं। मंत्रालय ने इससे पहले एलान किया था कि उसने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की मदद के लिए एक ट्विटर हैंडल भी बनाया है।
व्लादिमीर पुतिन की ओर से परमाणु सेना को अलर्ट करने को लेकर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने एक समाचार कार्यक्रम में बयान दिया। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन इस युद्ध को जिस तरीके से बढ़ा रहे हैं वह पूरी तरह अस्वीकार्य है।” उन्होंने कहा, “हमें उनकी इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए।” पुतिन के आदेश का व्यावहारिक अर्थ क्या है यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूस के हमले के बीच यूक्रेन में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक ट्विटर हैंडल बनाया है। इसके जरिए फंसे हुए छात्र और नागरिक अपनी जानकारी दे सकेंगे और सरकार उन्हें निकालने में पूरी मदद करेगी।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने यूक्रेन के पड़ोसी देशों के रास्ते यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ानों की सूची का ब्योरा दिया है। सभी छात्रों से अपील की गई है कि या तो वे हंगरी और रोमानिया के बॉर्डर तक पहुंचें या अगर वे निकलने की स्थिति में नहीं हैं, तो दूतावास की तरफ से अगले निर्देशों का इंतजार करें।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से परमाणु बचाव सेना को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर अमेरिका समेत सभी यूरोपीय देशों ने चिंता जताई है। अब सामने आया है कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की परमाणु निगरानी एजेंसी रूस के रुख को लेकर बुधवार को आपात बैठक करेगी। यूएन की इस एजेंसी में फिलहाल 35 देश शामिल हैं।
यूक्रेन में हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जानकारी के अनुसार यह बैठक अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चुनावी शंखनाद का आयोजन करने गए प्रधानमंत्री की वहां से वापसी के तुरंत बाद होगी। इससे पहले गुरुवार को भी प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक हुई थी। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य कई मंत्री शामिल हुए थे। पढ़ें पूरी खबर...
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उनके अधिकारी रूस के साथ बेलारूस बॉर्डर पर सुलह के लिए बातचीत करेंगे। उन्होंने इसका एलान बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको से बातचीत के बाद किया। जेलेंस्की ने बताया कि जिस दौरान दोनों देशों के डेलिगेशन बातचीत करेंगे, उस दौरान लड़ाकू विमानों या हथियारों का कोई इस्तेमाल नहीं होगा। साथ ही यह बातचीत बिना शर्तों के होगी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति भवन की तरफ से कहा गया है कि वह रूस के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन बेलारूस में नहीं। यूक्रेन ने विकल्प दिया कि रूस चाहे तो बेलारूस की सीमा पर बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। इससे पहले जेलेंस्की ने रूस को इस्तांबुल, बुडापेस्ट समेत ऐसे देशों में चर्चा का विकल्प दिया था, जहां रूस का खासा प्रभाव नहीं है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने परमाणु बचाव बल को तैयार रहने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि रूसी सेना अब तक यूक्रेन पर पूरी तरह से कब्जा करने में असफल रही है। वहीं, पश्चिमी देश लगातार यूक्रेन को सैन्य मदद पहुंचाने में जुटे हैं। ऐसे में पुतिन की ओर से परमाणु ताकत के इस्तेमाल की आशंकाएं एक बार फिर बढ़ने लगी हैं।
रूस की ओर से यूक्रेन पर किए गए हमले में सैकड़ों जानें जा चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक दोनों देश युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत भी शुरू नहीं कर सके हैं। हालांकि, इस युद्ध के बीच कई ऐसी तस्वीरें और कहानियां सामने आ रही हैं, जिनकी वजह से पूरी दुनिया यूक्रेन के लिए संवेदना व्यक्त कर रही है। इस बीच जर्मनी के एक टीवी चैनल का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के भाषण का अनुवाद कर रही एक ट्रांसलेटर को बीच में ही सुबकते हुए सुना जा सकता है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
इस्राइल के प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट ने यूक्रेन की उस मांग पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें मांग की गई थी कि इस्राइल को युद्ध को शांत करने के लिए पहल करनी चाहिए और मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए। बेनेट ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत में मध्यस्थता में दिलचस्पी दिखाई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उन्होंने आज शाम को ही बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको से बात की है। हालांकि, उनकी तरफ से बातचीत का कोई ब्योरा नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि बेलारूस ने भी आज ही बयान जारी कर कहा था कि वह यूक्रेन में रूस की मदद के लिए सैनिक भेज सकता है।
भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया है कि यूक्रेन से हमारे लगभग 1000 नागरिकों को रोमानिया और हंगरी के रास्ते निकाला जा चुका है। 1000 अन्य को लैंड रूट के माध्यम से यूक्रेन से निकाला गया है।
यूक्रेन पर आक्रमण के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन बेवजह बातचीत के मौके गंवा रहा है। गौरतलब है कि रूस की तरफ से यूक्रेन को बेलारूस में बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि, यूक्रेन का साफ कहना है कि वह रूस के प्रभाव वाले देशों से दूर किसी भी और शहर में बैठक के लिए तैयार है।
यूक्रेन के गवर्नर ने दावा किया है कि उसकी सेना ने खारकीव से रूसी सेना को पीछे धकेल दिया है और अब देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर एक बार फिर यूक्रेन के कब्जे में है। इस बीच खारकीव में आम लोगों के लिए अब भी कर्फ्यू लगा है।
रूस के हमले के बीच यूक्रेन में फंसे छात्रों के लिए भारतीय दूतावास ने एक और एडवायजरी जारी की है। इसमें अब तक यूक्रेन छोड़ने में असफल रहे और पड़ोसी देशों तक न पहुंच पाने वाले छात्रों के लिए निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि जिन्हें भी ऐसा लग रहा है कि स्थितियां सफर लायक नहीं हैं, या वे जो कुछ और कारणों से फिलहाल नहीं निकल पा रहे हैं, वे आगे होने वाले घटनाक्रमों पर नजर रखें और इंतजार करें।
जर्मनी के प्रधानमंत्री ओलाफ शोल्ज ने कहा है कि वे यूक्रेन पर आक्रमण रोकने के लिए रूस से बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मॉस्को को असल बातचीत के लिए तैयार होना चाहिए, वर्ना बाकी सब बातें सिर्फ गैरजिम्मेदाराना होंगी।
यूरोप के अधिकतर देशों ने सख्त प्रतिबंधों के साथ रूस के लिए एयरस्पेस को बंद करना भी जारी रखा है। इनमें फिनलैंड और बेल्जियम के बाद अब डेनमार्क का नाम भी जुड़ा है। डेनमार्क ने कहा है कि वह रूसी फ्लाइटों को यूरोप आने से रोकने के लिए पूरे यूरोपिय संघ को एयरस्पेस बैन के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी की तरफ से दावा किया गया है कि रूस से तनाव शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 68 हजार लोग यूक्रेन छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं। यूएन ने कहा कि उसे 40 लाख लोगों के यूक्रेन से निकलने की आशंका है। इस बीच पोलैंड के बॉर्डर गार्ड्स ने कहा है कि अकेले उसकी सीमा से 1 लाख 56 हजार लोग पोलैंड पहुंच चुके हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एलान किया है कि उनकी तरफ से अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में रूस के खिलाफ याचिका डाली गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि रूस ने युद्ध के बहाने मासूम नागरिकों के खिलाफ नरसंहार किया है। यूक्रेन ने रूस को सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश और सजा देने की मांग उठाई है। बताया गया है कि रूस के खिलाफ इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है।
रूस के हमले के बीच यूक्रेन के नागरिकों का पलायन जारी है। अब तक 43 हजार से ज्यादा यूक्रेनी नागरिक रोमानिया भाग चुके हैं। यूक्रेन की बॉर्डर पुलिस के डेटा के मुताबिक, चार जमीनी बॉर्डर के जरिए लोगों का रोमानिया जाना अभी भी बाकी है। इसके अलावा कई और लोग बुल्गारिया और हंगरी तक जाने को मजबूर हुए हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने पर बात की। उन्होंने कहा कि लगातार काम किया जा रहा है। हम लोग प्रतिबद्ध हैं कि यूक्रेन में जितने भी भारतीय हैं, उन्हें सुरक्षित भारत लाया जाएगा। सभी सरकारी खर्च पर भारत लाए जाएंगे।:
यूक्रेन की रक्षा मंत्री हैन्ना माल्यार ने दावा किया है कि हमले के दौरान रूस ने अब तक करीब 4300 सैनिकों को गंवाया है। हालांकि, उन्होंने इस संख्या की अभी पुष्टि न होने की भी बात कही। हैन्ना ने कहा कि रूसी सेना अब तक अपने 146 टैंक्स, 27 एयरक्राफ्ट्स और 26 हेलिकॉप्टर भी गंवा चुकी है।
भारत में पोलैंड के राजदूत एडम बुराकोव्स्की ने कहा है कि मानवता के नाते पोलैंड अब रूसी हमले से बचने के लिए यूक्रेन छोड़ने वाले छात्रों को बिना वीजा के एंट्री देगा।
रूस की तरफ से यूक्रेन पर किए जा रहे हमलों को लेकर आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक और विशेष सत्र बुलाया गया है। भारतीय समयानुसार यह विशेष सत्र रविवार देर रात 1.30 बजे होगा। इस सत्र में इस मुद्दे को लेकर वोटिंग की जाएगी कि क्या यूक्रेन संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में चर्चा होनी चाहिए या नहीं।
यूक्रेन पर हमलावर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अंतरराष्ट्रीय जूडो फेडरेशन ने मानद अध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर दिया है।
यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए एक और राहत भरी खबर आई है। यूक्रेन रेलवे ने कीव से आपातकालीन ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। साथ ही प्रवासी भारतीयों को पश्चिमी क्षेत्रों में जाने की सलाह दी गई है।
रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग में सैंकड़ों लोग मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की ओर से पुष्टि की गई है कि रूस की ओर से किए गए हमले में अभी तक 240 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है।
डेली मेल के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के चेचन स्पेशल फोर्स के शीर्ष कमांडर मैगोमेद तुशैव को मार गिराया है।
रूस- यूक्रेन के बीच जंग खतरनाक मोड़ पर आ गई है। रूस हमलावर है तो यूक्रेन भी पूरी ताकत से मैदान में उतर चुका है। इस बीच यूक्रेन की ओर से दावा किया गया है कि, उसने कीव के बाहर 56 टैंकों वाली चेचन विशेष बलों की मजबूत दीवार को भी तोड़ दिया है।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचे। भारत वापस आईं एक छात्रा ने बताया कि रोमानिया और यूक्रेन में भारतीय दूतावासों ने शानदार काम किया, वे सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री समेत पूरी भारत सरकार का बुहत धन्यवाद करते हैं।
कीव में तेल डिपो पर मिसाइल हमले के बाद जहरीला धुआं फैल गया है। इससे लोगों को सांस लेने तक में समस्या हो रही है। इस बीच चेतावनी जारी की गई है कि, लोग घरों से बाहर न निकलें और घर की खिड़की तक न खोलें।