एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से स्थानीय गवर्नर ने कहा कि रूसी गोलाबारी में शनिवार को यूक्रेन के दो पूर्वी शहरों में पांच नागरिकों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।
ऑस्टिन ने की यूक्रेनी सैनिकों से बात
अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे ऑस्टिन ने बताया कि आज सुबह मुझे अमेरिका में प्रशिक्षण ले रहे यूक्रेनी सैनिकों के साथ बात करने का सौभाग्य मिला। ये जवान जल्द ही यूक्रेन लौट रहे हैं। उनकी बहादुरी और कौशल से मैं बहुत प्रभावित हूं। मैंने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका उन्हें वह सहायता प्रदान करना जारी रखेगा, जिसकी उन्हें आवश्यकता है।
यूक्रेन ने यूरोपीय देशों से मांगे और हथियार
रूस से जारी जंग में पिछले 46 दिन से कड़ा संघर्ष कर रहे यूक्रेन ने यूरोपीय यूनियन से रूस के ऊर्जा उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है। साथ ही उसने अमेरिका समेत पश्चिमी देशों से और सैन्य मदद की अपील की है। इस बीच यूक्रेन के कीव समेत किसी भी बड़े शहर पर कब्जा करने में नाकाम रूस ने देश के पूर्वी हिस्से में अपने हमले बढ़ा दिए हैं। वहीं यूक्रेन ने भी बड़े हमले के लिए अपनी सेनाओं को जुटाना शुरू कर दिया है और लोगों से इलाकों से हटने को कहा है।
9 वर्षीय बच्ची का मां के नाम खत ‘हम स्वर्ग में मिलेंगे’
रूसी हमले के बाद यूक्रेन की हालत बद से बदतर होती जा रही है। तबाही का मंजर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक बच्ची ने युद्ध में अपनी मां को खोने के बाद उसके नाम खत लिखा है। यूक्रेन के सांसद ने ट्विटर पर बच्ची के खत को साझा किया है। बच्ची ने लिखा, मां मैं आपसे अब स्वर्ग में मिलूंगी। मैं पूरी कोशिश करूंगी, एक अच्छी इंसान बनूंगी। ताकि मुझे स्वर्ग मिला जाए। मैं अपने बचपन के लिए आपकी बहुत आभारी हूं। आप इस दुनिया की सबसे अच्छी मां हैं और मैं आपको कभी नहीं भूल पाऊंगी। यह खत मेरी तरफ से आपके लिए गिफ्ट है। मैं चाहती हूं आप खुश रहें। आपको बहुत सारा प्यार। जानकारी के मुताबिक, जब बच्ची और उसकी मां जान बचाने के लिए देश से भागने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय मिसाइल के हमले में उसकी मां की मौत हो गई।
चीन ने सर्बिया को गुपचुप तरीके से मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति की
चीन ने रूस के सहयोगी सर्बिया को आधुनिक विमान रोधी प्रणाली की आपूर्ति की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब यूक्रेन में जारी युद्ध के चलते पश्चिमी देशों ने सर्बिया जैसे देशों में हथियारों की खेप की आपूर्ति को क्षेत्र की शांति व सुरक्षा के लिए जोखिम करार देते हुए चिंता जतायी है।
यूक्रेन छोड़कर जा रहे 2200 लोगों को हिरासत में लिया गया
यूक्रेन की बॉर्डर गार्ड एजेंसी ने बताया कि उसने युद्ध लड़ने की उम्र के 2200 यूक्रेनियाई पुरुषों को उस समय हिरासत में ले लिया जब वे मार्शल लॉ का उल्लंघन कर देश छोड़कर जाने का प्रयास कर रहे थे। एजेंसी ने रविवार को बताया कि इनमें से कुछ ने फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया था जबकि अन्य ने देश छोड़ने के लिए सीमा रक्षकों को रिश्वत देने की कोशिश की थी।
यूक्रेन से विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या 45 लाख पहुंची
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि रूसी हमले के बाद से यूक्रेन छोड़कर जाने वालों की संख्या 45 लाख हो गई है। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) द्वारा रविवार को अपने पोर्टल पर दी गई जानकारी के मुताबिक 24 फरवरी से अबतक 45.04 लाख लोग यूक्रेन छोड़ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, करीब 26 लाख लोग पोलैंड गए और 6,86,000 से अधिक रोमानिया गए हैं।
जेलेंस्की बोले- शांति के लिए प्रतिबद्ध यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि रूस ने आम नागरिकों पर हमला करके दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। इसके बाद भी यूक्रेन शांति के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही जेलेंस्की ने एक बार फिर अन्य देशों से हथियार मुहैया कराने की गुहार लगाई।
जेलेंस्की ने कहा कि कोई भी शख्स ऐसे व्यक्ति या लोगों से समझौता नहीं करना चाहेगा, जिन्होंने उसके देश के साथ अत्याचार किया हो। एक पिता और एक व्यक्ति के तौर पर मैं यह अच्छी तरह से समझता हूं। उन्होंने कहा कि लेकिन मैं कूटनीतिक समाधान के अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहता। हमें लड़ना है और जीने के लिए लड़ना है। आप उस चीज के लिए नहीं लड़ सकते, जहां कुछ भी न हो। इसलिए इस युद्ध को रोकना जरूरी है।
जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि छह सप्ताह तक युद्ध की विभीषिका झेलने के बाद भी यूक्रेन के लोग शांति को स्वीकार करेंगे। शांति की उम्मीद जताने के साथ ही यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इस वास्तविकता का ज्ञान है कि अब तक समझौते की बातचीत निचले स्तर पर हो रही है, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल नहीं हैं।
यूक्रेन के डिप्टी पीएम के मुताबिक, पूर्वी यूरोप से लोगों को निकालने के लिए नौ मानवीय गलियारों पर रूस के साथ सहमति बन गई है। वहीं मैरियूपोल में लोग निजी कार से बाहर निकल सकते हैं।