जेलेंस्की से मिले जॉनसन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। यूक्रेन के राष्ट्रपति के हवाले से समाचार एजेंसी ने यीह जानकारी दी।
44 लाख से अधिक यूक्रेनियन लोगों ने युद्धग्रस्त देश छोड़ दिया है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर की ओर से शनिवार को प्रकाशित आंकड़े बताते हैं कि 24 फरवरी को रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से 4,441,663 यूक्रेनी शरणार्थी देश छोड़कर जा चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले दिन की तुलना में 59,347 अधिक था। यूक्रेन छोड़कर जाने वाले लोगों में लगभग 90% महिलाएं और बच्चे हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वालोदिमीर जेलेंस्की ने क्रैमेतोर्स्क स्थित रेलवे स्टेशन पर हुए मिसाइल हमले की एक बार फिर निंदा की। इस हमले में करीब 50 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने और अन्य नेताओं ने रूस की सेना पर स्टेशन पर जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया। वहीं, रूस ने यूक्रेन को यह कहते हुए दोषी ठहराया कि उसकी सेना ने उस तरह की मिसाइल का इस्तेमाल नहीं किया, जो स्टेशन से टकराई।
अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शर्मन ने कहा है कि अमेरिका चाहेगा कि भारत गुटनिरपेक्ष समूह में शामिल रहे देशों के संगठन जी-77 के तहत रूस के साथ अपने संबंधों और साझेदारी को घटाए और गुटनिरपेक्षता का सिद्धांत छोड़ दे। शर्मन ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के समक्ष यह बात कही और साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
बाइडन प्रशासन ने सांसदों से कहा है कि यह समय भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को और अधिक मजबूत करने का है, क्योंकि दोनों ही देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को समृद्ध और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। शर्मन ने कहा, "भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं। उसके साथ हमारे मजबूत रक्षा संबंध हैं। वे ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ क्वाड का भी हिस्सा हैं। हमने साथ मिलकर कई ऐसे कदम उठाए हैं, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र की समृद्धि और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।"
रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के ट्रेन स्टेशन पर हमला करने से इनकार किया है, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी सैनिकों ने जान-बूझकर ऐसे स्थान को निशाना बनाया जहां आम नागरिक एकत्र थे। रूस ने घटना के लिए यूक्रेन को दोषी ठहराते हुए कहा कि जिस तरह की मिसाइल से स्टेशन पर हमला किया गया वह ऐसी मिसाइल का उपयोग नहीं करता है। हालांकि, रूस के इस दावे को विशेषज्ञों ने खारिज कर दिया।
ब्रूस स्प्रिंगस्टीन, ह्यूज जैकमैन, एल्टन जॉन, जोन बोन जोवी, जोनास ब्रदर्स और बिली एलिश समेत फिल्म, टीवी, खेल व संगीत जगत के कई सितारों ने यूक्रेन के समर्थन में एक सोशल मीडिया अभियान पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘ग्लोबल सिटीजन’ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया रैली का आयोजन कर सरकारों, संस्थानों, निगमों और व्यक्तियों से यूक्रेन व दुनिया के अन्य क्षेत्रों में मानवीय प्रयासों के लिए वित्त पोषण में मदद करने का अनुरोध किया। मशहूर हस्तियों से हैशटैग ‘स्टैंड अप फॉर यूक्रेन’ का इस्तेमाल कर इस प्रयास का प्रचार करने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करने की अपील की जा रही है। स्प्रिंगस्टीन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर ‘यूक्रेन और दुनियाभर में शरणार्थियों को अब हमारी मदद की जरूरत होगी’ नामक अभियान के प्रति समर्थन जताया।
रूस के हमले के बाद अब यूक्रेन में महिलाएं जान के साथ-साथ अस्मिता बचाने के लिए भी जूझ रही हैं। खबर है कि इवानकीव शहर में महिलाएं बलात्कार से बचने के लिए अपने बाल काटने को मजबूर हो गई हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब युद्धग्रस्त देश में महिलाओं के साथ रेप की खबरें सामने आई हैं। इससे पहले एक महिला ने दावा किया था कि रूसी सैनिकों ने उनके साथ दुष्कर्म किया था।
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा कि रूसी पाबंदियों पर बाइडन प्रशासन के मुख्य शिल्पी भारतीय मूल के दलीप सिंह ने नयी दिल्ली की अपनी हाल की यात्रा के दौरान रूस से तेल आयात को लेकर भारत को कोई चेतावनी नहीं दी थी, बल्कि उन्होंने भारतीय पक्ष के साथ सकारात्मक वार्ता की थी। व्हाइट हाउस ने इसके साथ यह भी कहा कि भारत, रूस की तुलना में अमेरिका से अधिक ऊर्जा आयात करता है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति जो बाइडन के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सिंह को यूक्रेन के विरुद्ध युद्ध को लेकर रूस पर आर्थिक पांबंदियां निर्धारित करने वाला शिल्पी माना जाता है। सिंह ने भारत में संवाददताओं से कथित रूप से कहा था कि कि यदि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन करता है तो भारत को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि रूस उसकी मदद के लिए आगे आएगा।
रूसी सेना की तरफ से यूक्रेन के क्रैमेतोर्स्क स्थित रेलवे स्टेशन पर हमले में 52 लोगों की मौत की खबर है। इसे लेकर अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का बयान आया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि इस हमले की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने शुक्रवार को रूसी संघर्ष से भाग रहे यूक्रेन के शरणार्थियों के पुनर्वास की धीमी प्रक्रिया पर ‘‘निराशा’’ जाहिर की। भारतीय मूल की मंत्री ब्रिटेन के गृह विभाग के नवीनतम आंकड़ों के संदर्भ में बोल रही थीं, जो दिखाते हैं कि सरकार ने युद्ध क्षेत्र से भागने वाले यूक्रेनी नागरिकों को 41,000 वीजा दिए हैं, लेकिन उनमें से केवल एक चौथाई 12,500 ही ब्रिटेन पहुंचे हैं। पटेल ने कहा, "मैं बहुत स्पष्ट हूं, इसमें समय लगा है। किसी भी नई योजना में समय लगता है, किसी भी नई वीजा प्रणाली में समय लगता है।" उन्होंने कहा, "यह निराशाजनक रहा है। मैं निराशा के साथ खुद से माफी मांगती हूं।"
अमेरिका की विदेश उपमंत्री विंडी शर्मन ने रूस और भारत के रिश्तों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम अपनी चिंताए बड़ी साफगोई से रख रहे हैं लेकिन भारत का रूस के साथ संबंध का एक इतिहास है। उसके ज्यादातर रक्षा उपकरण मूल रूप से रूस से थे। वह उर्वरक के लिए रूस पर निर्भर करता है, जो उसके कृषि विकास के लिए अहम है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह कहना ठीक नहीं है कि उसने जो चुनाव किया, उससे हम खुश हैं। हमने उनसे कहा कि पाबंदियों के चलते वह रूसी उपकरण हासिल नहीं कर पायेंगे। वह अपने उपकरण या हथियारों की मरम्मत नहीं करवा पाएंगे।’’ शर्मन ने सांसदों से कहा कि अमेरिका ने भारत के साथ मजबूत रक्षा संबंध बनाया है, जो अमेरिकी रक्षा समुदाय, उसकी रक्षा बिक्री एवं भारत के साथ संयुक्त सहयोग के लिए अहम है।
अमेरिकी राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि रूस को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से निकाले जाने की कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि वह इस परिषद में एक वीटो ताकत रखने वाला सदस्य है। अमेरिका का यह बयान रूस के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन (यूएनएचआरसी) से निकाले जाने के एक दिन बाद आया है।