किंग चार्ल्स III और उनकी पत्नी कैमिला क्वीन कंसोर्ट, कमिटल सर्विस के बाद सेंट जॉर्ज चैपल से बाहर आए। उन्होंने सेवा में शामिल अन्य लोगों को धन्यवाद भी दिया। इस मौके पर किंग चार्ल्स III बेहद भावुक नजर आए।
राजकीय रथ में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत अल्बर्ट रोड से विंडसर कैसल के प्रसिद्ध लॉन्ग वॉक से सेंट जॉर्ज चैपल की दिशा में ले जाया जा रहा है। यहां अंतिम संस्कार से जुड़ी एक और प्रक्रिय़ा आयोजित की जाएगी। इस दौरान किंग चार्ल्स III और शाही परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल होंगे।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में भी प्रिंस हैरी सैन्य पोशाक पहने नजर नहीं आए। दरअसल, उन्होंने खुद को शाही जिम्मेदारियों से अलग कर लिया था। इसके कारण उन्हें सैन्य पोशाक पहनने की अनुमति नहीं है। गौरतलब है कि उनके अलावा शाही परिवार का ‘ड्रेस कोड’ पहले से निर्धारित परंपरा के अनुसार था।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के ताबूत को राजकीय शवगृह में ले जाया गया है। यहां से इसे पश्चिम लंदन से होते हुए विंडसर कैसल में दफनाने के लिए एक खास कार से ले जाया जा रहा है। महारानी को यहां सेंट जॉर्ज चैपल में दफनाया जाएगा।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत बकिंघम पैलेस के पास से होते हुए वेलिंगटन आर्क पहुंच गया है। यहां परेड शाही सलामी देगी। इसके बाद महारानी के अंतिम संस्कार के लिए रवाना होने से पहले ब्रिटेन के राष्ट्रगान को बजाया जाएगा। इसके बाद किंग चार्ल्स और क्वीन कंसर्ट और वेल्स के राजकुमार और राजकुमारी के साथ ही शाही परिवार के अन्य सदस्य वहां से रवाना हो जाएंगे। जुलूस निकलने के बाद वेस्टमिंस्टर एबे में घंटियां भी बजाई जाएंगी।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत अंत्येष्टि प्रक्रिया के बाद ग्रेट वेस्ट डोर से वेस्टमिंस्टर एब्बे से बाहर लाया गया है। अब उनका ताबूत लंदन से होते हुए वेलिंगटन आर्क तक ले जाया जाएगा। यहां से महारानी को दफनाने के लिए विंडसर की ओर ले जाया जाएगा।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की अंत्येष्टि की प्रक्रिया धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। इस मौके पर पूरे ब्रिटेन में दो मिनट का मौन रखकर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि दी गई।
ब्रिटिश प्रधान मंत्री लिज ट्रस ने पवित्र पुस्तक बाइबिल का वाचन भी किया। उन्होंने यीशु मसीह के अपने अनुयायियों को स्वर्ग में एक स्थान की प्रतिज्ञा से संबंधित एक संदर्भ का पाठ किया। गौरतलब है कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का जन्म वेस्टमिंस्टर एब्बे में हुआ है।
कैंटरबरी के आर्कबिशप जस्टिन वेल्बी और द लॉर्ड्स माई शेफर्ड ने इस मौके पर धर्मोपदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं को इतना प्यार नहीं मिलता, जितना रानी को मिला।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वेस्टमिंस्टर के डीन डेविड हॉयल अंतिम संस्कार का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मौके पर कैंटरबरी के आर्कबिशप, जस्टिन वेल्बी धर्मोपदेश देंगे। यॉर्क के आर्कबिशप, वेस्टमिंस्टर के कार्डिनल आर्कबिशप और चर्च ऑफ स्कॉटलैंड की महासभा के मॉडरेटर और फ्री चर्च मॉडरेटर की ओर से भी प्रार्थना की जाएगी।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंची भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लंदन में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत वेस्टमिंस्टर एब्बे पहुंच गया है। यहां स्टेट गन कैरिज से महारानी के ताबूत को उठाकर अंदर ले जाया जाएगा।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। किंग चार्ल्स तृतीय, उनकी बहन ऐनी और भाई, प्रिंसेस एंड्रयू और एडवर्ड के अलावा महारानी के ताबूत के साथ प्रिंसेस विलियम और हैरी और पीटर फिलिप्स भी चल रहे है।
महारानी के अंतिम दर्शन के लिए आठ किलोमीटर की लंबी लाइन लगी है। इसमें प्रतिघंटा लगभग चार हजार लोग आखिरी दर्शन कर रहे हैं। फिलहाल महारानी का पार्थिव शरीर अभी पार्लियामेंट के वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा हुआ है। शाम चार बजकर 25 मिनट पर फ्यूनरल सर्विस खत्म होने के बाद 4.45 में रानी का ताबूत लंदन के सड़कों पर निकलेगा।
महारानी को अंतिम विदाई देने के लिए 4000 सैन्यकर्मी पूर्वाभ्यास कर रहे हैं। ये सभी सैन्यकर्मी राजकीय सम्मान देने के लिए अंतिम संस्कार में भाग लेंगे। बताया जा रहा है कि 1965 के बाद इस तरह को कोई बड़ा आयोजन किया जा रहा है।