प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर न्यूजीलैंड पहुंचे हैं। 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला न्यूजीलैंड दौरा है। पीएम की इस यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लग सकती है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पीएम मोदी के कार्यक्रमों से जुड़े तमाम अपडेट्स...
भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद लोगों के साथ ही न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और वहां के नेताओं को कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने वहां मौजूद लोगों से 'भारत माता की जय' का नारा लगवाने के साथ ही वंदे भारत बोलकर अपने संबोधन को खत्म किया।
भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भारत के चंद्रयान ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी, तब पूरे न्यूजीलैंड ने भी उस उपलब्धि का जश्न मनाया था। इस मिशन की सफलता में न्यूजीलैंड की तकनीक का भी योगदान रहा और वहां की एक अंतरिक्ष कंपनी ने भारत के साथ कई परियोजनाओं में सहयोग किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश अब अंतरिक्ष क्षेत्र में इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के कारोबार को नई गति देगा और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में इस साझेदारी को और मजबूत बनाएगा।
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत रग्बी के क्षेत्र में न्यूजीलैंड से सीखना चाहता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत को अनुभवी कोचों और विशेषज्ञों की जरूरत है, जिसमें न्यूजीलैंड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में भुवनेश्वर में न्यूजीलैंड रग्बी और रग्बी इंडिया के संयुक्त कोचिंग कार्यक्रम को दोनों देशों के खेल सहयोग की शानदार शुरुआत बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और न्यूजीलैंड स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी मिलकर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। मोदी ने कहा कि दोनों देशों का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है और खेल सहयोग इस साझेदारी को नई मजबूती देगा।
पीएम मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि न्यूजीलैंड ऐसा देश है, जहां भारतीय मूल के लोगों को अपनी प्रतिभा के दम पर सर्वोच्च स्थान हासिल करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि निखिल रविशंकर एयर न्यूजीलैंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बने, आनंद सत्यानंद गवर्नर-जनरल के पद तक पहुंचे, वहीं रचिन रवींद्र, ईश सोढ़ी और एजाज पटेल जैसे खिलाड़ियों ने न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीम में अपनी अलग पहचान बनाई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की गहराई का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि न्यूजीलैंड में कई सड़कों और स्थानों के नाम भारतीय शहरों और स्थानों पर रखे गए हैं। उन्होंने खंडाला, बॉम्बे हिल्स, कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट और अमृतसर स्ट्रीट जैसे नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रतीक हैं।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि उनका भारत से जुड़ाव राजनीति में आने से बहुत पहले का है। उन्होंने बताया कि जब वह करीब 25 वर्ष के थे और हिंदुस्तान यूनिलीवर में युवा अधिकारी के रूप में काम कर रहे थे, तभी पहली बार भारत आए थे। उस समय उन्होंने मजदूरों को दिनभर की मजदूरी सिक्कों में लेते हुए देखा था। लक्सन ने कहा कि आज का भारत पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि हर बार भारत आने पर यहां के लोगों की ऊर्जा, नवाचार और विकास की गति उन्हें प्रभावित करती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि आज का दिन दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक है। आज रात न्यूजीलैंड इतिहास रच रहा है। पिछले 40 वर्षों में पहली बार भारत के किसी प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की धरती पर कदम रखा है। प्रधानमंत्री मोदी, मैं 50 लाख न्यूजीलैंडवासियों की ओर से आपका स्वागत करता हूं और कहना चाहता हूं कि आपका इंतजार करना सार्थक रहा।
पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे की तरह ही न्यूजीलैंड में भी प्रवासी भारतीयों के बीच पहुंचे। ऑकलैंड में मिनी इंडिया की झलक दिखी। उनकी मौजूदगी में भारत के राष्ट्रीय गान से माहौल पूरी तरह देसी हो गया। गौरतलब है कि न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के करीब 2.92 लाख लोग रहते हैं। जिस कार्यक्रम में पीएम मोदी पहुंचे हैं, यहां भारतीय समुदाय के करीब 40 हजार लोग मौजूद हैं। ऑकलैंड के 'स्पार्क एरिना' (Spark Arena) में आयोजित 'किया ओरा मोदी' (Kia Ora Modi) नाम के इस कार्यक्रम में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने माओरी समुदाय को नववर्ष मातारिकी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिस तारामंडल को न्यूजीलैंड में मातारिकी कहा जाता है, भारत में उसे प्राचीन काल से कृत्तिका नक्षत्र के रूप में जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह वर्ष दोनों देशों के संबंधों को सितारों की तरह नई चमक देगा। प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन की मित्रता और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए रग्बी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह रग्बी में टीमवर्क और भरोसा जरूरी होता है, उसी तरह भारत और न्यूजीलैंड भी आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,'हम एक ही टीम में हैं, इसलिए टैकल केवल चुनौतियों को करेंगे।'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड वैश्विक मंचों पर भरोसेमंद साझेदार और करीबी मित्र हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार समय की आवश्यकता है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई पर जोर देते हुए बताया कि दोनों देशों ने इस विषय पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत दोनों देशों के लोगों के बीच का संबंध है। उन्होंने न्यूजीलैंड में बसे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने न्यूजीलैंड सरकार का भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही बताया कि दोनों देशों के बीच हुए सांस्कृतिक सहयोग समझौते (MoU) से कला, संस्कृति, विरासत और रचनात्मक उद्योगों में आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष दोनों देशों के खेल संबंधों की 100वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में 100 वर्ष पहले न्यूजीलैंड आई भारतीय हॉकी टीम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वही इतिहास आज भी दोनों देशों की खेल साझेदारी को प्रेरित करता है। क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में सहयोग बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स जॉइंट एक्शन प्लान भी तैयार किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश अपनी-अपनी ताकत को व्यावहारिक सहयोग में बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिनटेक के क्षेत्र में भारत के UPI और न्यूजीलैंड के भुगतान तंत्र को जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग में व्यापक सहयोग का खाका तैयार किया गया है, जिससे किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा। पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई है। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष हुए रक्षा सहयोग समझौते ने मजबूत आधार तैयार किया है। अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सहयोग, नौसैनिक अभ्यास, लॉजिस्टिक सपोर्ट और हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को आधिकारिक तौर पर स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर पर ले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब दोनों देश स्पष्ट लक्ष्यों और ठोस परिणामों के साथ हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड समय में दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हुआ है, जिससे उद्योग, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। मोदी ने कहा कि दोनों देश केवल व्यापार ही नहीं बल्कि ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी और टैलेंट पर भी मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और उम्मीद है कि FTA अगले पांच वर्षों में व्यापार को दोगुना करने का आधार बनेगा। उन्होंने न्यूजीलैंड की ओर से भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता का भी स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में अपने औपचारिक स्वागत की झलकियां साझा कीं। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'ऑऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में औपचारिक स्वागत पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। पारंपरिक माओरी पोविरी न्यूजीलैंड की समृद्ध विरासत और परंपराओं का एक भावपूर्ण प्रतिबिंब था।'
Delighted to witness a vibrant celebration of India’s rich cultural heritage during the community welcome in Auckland this evening. The performances showcased the cultures of Punjab, Tamil Nadu, a fusion of Carnatic and Hindustani classical music and a stirring rendition of Vande… pic.twitter.com/GlG5h73ObF
— Narendra Modi (@narendramodi) July 10, 2026
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की झलकियां साझा कीं, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई अपनी मुलाकात की झलकियां भी साझा कीं। अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने लिखा, 'न्यूजीलैंड और भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दो छोरों पर स्थित हैं, लेकिन यह दूरी हमारी अर्थव्यवस्थाओं को विकसित करने के लिए मिलकर काम करने में कोई बाधा नहीं है। यही हम अपने मुक्त व्यापार समझौते के माध्यम से कर रहे हैं, जिसके तहत भारत को बेचे जाने वाले हमारे 57% सामानों पर पहले ही दिन से सीमा शुल्क (टैरिफ) समाप्त हो जाएगा।
New Zealand Prime Minister Christopher Luxon shares glimpses of PM Modi's visit to Government House in Auckland where he recevied ceremonial welcome and Guard of Honor. He also shared glimpses of his meeting with PM Modi on the sidelines delegation level talks.
— ANI (@ANI) July 11, 2026
In his tweet,… pic.twitter.com/F0sYKYiAii
प्रतिनिधिमंडल मंडल की बैठक न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा, 'आज यहां आपकी मेजबानी करना मेरे लिए खुशी और सम्मान की बात है। यह वास्तव में एक ऐतिहासिक घटना है। जिसके बारे में हमने कल रात बात की थी, क्योंकि 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की यह पहली यात्रा है। यह यात्रा न्यूजीलैंड-भारत संबंधों में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जब मैंने पिछले साल भारत का दौरा किया था, तो आपने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का बड़े ही गर्मजोशी और उदारता से स्वागत किया था, और इसलिए मुझे यहां आपका स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। हमारे संबंधों के लिए धन्यवाद और आपने व्यक्तिगत रूप से इसमें जो योगदान दिया है, उसके लिए भी धन्यवाद।' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि हमने व्यापार के एजेंडे पर बहुत कम समय में जबरदस्त प्रगति की है। लेकिन आज का फोकस सिर्फ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से कहीं अधिक है। यह इस बात पर है कि हम इस रिश्ते में आगे कहां जाते हैं और इसे कैसे व्यापक बनाते हैं। मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि हम एक रणनीतिक साझेदारी बनाएंगे जो इस रिश्ते को और अधिक ढांचा और विस्तार प्रदान करेगी ताकि हम आगे बढ़ते हुए इसका विस्तार जारी रख सकें।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि 40 वर्षों के बाद एक भारतीय प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड का दौरा किया है। आपकी आर्थिक राजधानी में इस कार्यक्रम का आयोजन करके आपने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को नई मजबूती प्रदान करने का अवसर दिया है। मैं अत्यंत आभारी हूं। न्यूजीलैंड के लोगों का भारत के प्रति स्नेह देखना एक अत्यंत भावपूर्ण अनुभव है जो मेरे हृदय को छू जाता है, और इसके लिए भी मैं आपका बहुत आभारी हूं। यह हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो हमारे संबंधों को पुनर्जीवित करता है और मित्रता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। जब आपने भारत का दौरा किया, तब मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) प्रक्रिया शुरू हुई, जिस तरह से पूरे न्यूजीलैंड ने इतने कम समय में एफटीए को साकार करने के लिए एकजुट होकर काम किया, शायद इतनी तेजी से सफलता प्राप्त करने का यह एक वैश्विक उदाहरण है। इस उपलब्धि के लिए मैं आपके नेतृत्व, आपकी सरकार और आपकी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'आपने पिछले वर्ष होली के त्योहार के दौरान भारत का दौरा किया था। आपकी यात्रा ने हमारे संबंधों में होली के रंगों की तरह नए रंग भर दिए। आज हम एक रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से अपने संबंधों को और मजबूत कर रहे हैं। यह उपलब्धि हमें और अधिक ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। लोकतांत्रिक मूल्यों में हमारी दृढ़ आस्था हमें स्वाभाविक साझेदार बनाती है। इसके अलावा, दो समुद्री राष्ट्रों के रूप में हमारा घनिष्ठ सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र को नई शक्ति प्रदान करता है, और हमारा संबंध शांति के हमारे साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी और वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षा में हमारे संयुक्त योगदान को बढ़ाएगी। हम शांति के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं, शांति की वकालत कर सकते हैं और शांति के माध्यम से वैश्विक कल्याण की दिशा में काम कर सकते हैं।
#WATCH | Auckland, New Zealand: Prime Minister Narendra Modi holds delegation level talks with New Zealand Prime Minister Christopher Luxon.
— ANI (@ANI) July 11, 2026
Speaking on the occasion, he says, "...It gives me great pleasure that an Indian Prime Minister has visited New Zealand after 40 years; by… pic.twitter.com/s2paMbycpa
भारत और न्यूजीलैंड ने शनिवार को ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की उपस्थिति में कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया।
#WATCH | India and New Zealand exchange MoUs in the presence of Prime Minister Narendra Modi and New Zealand PM Christopher Luxon.
— ANI (@ANI) July 11, 2026
(Video: ANI/DD) pic.twitter.com/1nbx2fkFvC
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान घोषणा की कि भारत और न्यूजीलैंड एक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा को 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा बताते हुए लक्सन ने इसे द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। पीएम लक्सन के अनुसार, दोनों देशों ने व्यापारिक एजेंडे पर तेजी से प्रगति की है और यह नई साझेदारी प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से भी आगे बढ़कर द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक और मजबूत ढांचा देगी।
#WATCH | Auckland, New Zealand: Prime Minister Narendra Modi hold delegation level talks.
— ANI (@ANI) July 11, 2026
Speaking on the occasion, New Zealand Prime Minister Christopher Luxon says, "It is a pleasure and honour to host you here today. It's a truly historic event, you and I have talked about… pic.twitter.com/NF0eFNAeFY
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग को उनके बधाई संदेश के लिए धन्यवाद दिया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ली जे-म्यंग के हार्दिक बधाई संदेश के लिए धन्यवाद। मित्रों के ऐसे भावपूर्ण संदेश मेरे लिए हमेशा अनमोल होते हैं और मैं उन्हें अपने दिल के करीब रखता हूं।
이재명 대통령님의 따뜻한 축하 말씀에 감사드립니다. 친구들의 이처럼 사려 깊은 메시지는 언제나 소중하게 간직됩니다.@Jaemyung_Lee https://t.co/EcPP57aWM2
— Narendra Modi (@narendramodi) July 10, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में वहां के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना था।
#WATCH | New Zealand | Prime Minister Narendra Modi holds bilateral talks with New Zealand Prime Minister Christopher Luxon in Auckland.
— ANI (@ANI) July 10, 2026
(Source: DD/ANI) pic.twitter.com/FxqTgmzgbf
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को ऑकलैंड के गवर्नमेंट हाउस में औपचारिक स्वागत के दौरान 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। इस औपचारिक स्वागत के साथ ही न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी के आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है।
#WATCH | Auckland, New Zealand: Prime Minister Narendra Modi receives a Guard of Honour during a ceremonial welcome at the Government House in Auckland.
— ANI (@ANI) July 10, 2026
(Source: DD/ANI) pic.twitter.com/rkeJM2D6vz
न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में औपचारिक स्वागत किया गया। यह स्वागत उनकी न्यूजीलैंड यात्रा के हिस्से के रूप में हुआ। भारत के प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी पहली न्यूजीलैंड यात्रा है। इस औपचारिक स्वागत के साथ ही देश में उनके आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
#WATCH | Auckland, New Zealand | Prime Minister Modi receives a ceremonial welcome at Government House in Auckland during his New Zealand visit.
— ANI (@ANI) July 10, 2026
(Source: DD/ANI) pic.twitter.com/0aw2TbZzq2
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपनी तीन देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर न्यूजीलैंड पहुंचे। अपनी इस यात्रा के दौरान वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ बातचीत करेंगे। इसके साथ ही वह वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित करेंगे।