पीएम मोदी ने कहा कि सब सुखी रहें यही भारतीय संस्कार हैं। अब मेक इन इंडिया वैश्विक ब्रांड बन चुका है। भारत में बनने वाले रक्षा उत्पादों की क्षमता पूरी दुनिया में साबित हो चुकी है। चिप से शिप तक सब कुछ भारत में बन रहे हैं। अपने कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं को रेखांकित करते हुए अंत में पीएम मोदी ने 'भारत-माता की जय' उद्घोष के साथ भाषण का समापन किया।
प्रवासी भारतीयों से वादा करने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कुछ समय पहले 'भारत को जानो' क्विज की शुरुआत की गई थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले लोगों, स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले साथियों को प्रतियोगिता से जोड़ने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा, आप सबने भारत-ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते मजबूत बनाने में मदद की है।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज सिडनी के कार्यक्रम में भी साथ थे। आज यहां मेलबर्न में भी भारतीय समुदाय के बीच आए। ऐसे में एक प्रकार से, यह एक पूरा चक्र बन गया है। अहमदाबाद, जहां दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मैदान है और मेलबर्न, जहां एक मशहूर स्टेडियम है हम दोनों साथ रहे हैं। हम सबने देखा है जब प्रधानमंत्री अल्बानीज बोलते हैं, तो वे भारतीयों के दिल और दिमाग में छा जाते हैं।
खेल जगत में किए जा रहे काम का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। युवाओं के बीच कौशल विकास में इसका असर दिख रहा है। सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों का नतीजा है कि 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे। भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी का भी दावेदार है। उन्होंने कहा, भारत-ऑस्ट्रेलिया जो भी प्रयास करते हैं, वह दोनों देशों के लिए शुभ होता है।
वेनेजुएला में भूकंप के बाद भारतीय सेना के ऑपरेशन अमिस्ताद का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत हमेशा आपदा में मदद करता है। हम जब मदद करते हैं तो नागरिकों के पासपोर्ट नहीं देखते। दुनिया आज भारत पर भरोसा करती है। पीएम मोदी ने तुर्किये और सीरिया में आए भूकंप के दौरान भी भारत की तरफ से भेजी गई मदद का जिक्र किया। उन्होंने खेल के क्षेत्र में दिए गए योगदान का भी जिक्र किया।
पीएम मोदी ने दुनियाभर में अलग-अलग टाइम जोन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, यहां कई साथी ऐसे होगें जिनके घरों में कम से कम दो टाइम जोन चलते हैं। यहां बच्चे स्कूल से घर तो ऑस्ट्रेलियाई समय के हिसाब से आते हैं, लेकिन भारत में दादा-दादी, नाना- नानी वीडियो कॉल पर इंतजार कर रहे होते हैं। जब यहां वीकेंड होता है, तो भारत में किसी शादी की लाइव-स्ट्रीमिंग चल रही होती है। यानी, दूरी हजारों किलोमीटर की है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी अब भी भारत से जुड़ी हुई है।
मेलबर्न में पीएम मोदी ने कहा, एक सपना पूरा होता है तो दूसरा जन्म लेता है। 140 करोड़ लोगों की एस्पिरेशन से भरे राष्ट्र होने के अलावा हम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, 'दोस्तों, आपने सुना होगा कि भारत में आजकल 'भजन क्लबिंग' का नया ट्रेंड चल रहा है। हमारी जेन जी (Gen Z) इसे आगे बढ़ा रही है। और यहाँ ऑस्ट्रेलिया में भी, मैंने सुना है कि आपके वीकेंड भी आस्था और आध्यात्मिकता से भरे होते हैं। कहीं किसी के घर में भगवान सत्यनारायण की कथा हो रही है, तो कहीं गुरुद्वारे में प्रार्थना, कहीं बच्चे भांगड़ा कर रहे हैं या भरतनाट्यम की प्रस्तुति दे रहे हैं, या फिर कोई क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा है।'
विक्टोरिया की प्रीमियर का आभार प्रकट करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मेलबर्न ने मैदान मार लिया है। प्रवासी भारतीय लोगों ने 2023 में सिडनी में भी धूम मचाई थी, वे आज यहां भी छा गए। ये शो हाउसफुल है। पीएम मोदी ने कहा, यहं के बाजार भारतीयता से भरे हैं। पिछले 12 साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया आने को लेकर मैं बेहद गौरवान्वित हूं। हम भारतीय ऐसे हैं, जैसे दूध में चीनी मिल जाती है। इस मिठास की तरह ही हम भारतीय दुनियाभर में प्रेम का रंग घोलते हैं।
अपनी वाकपटुता और भाषण के लिए दुनियाभर में मशहूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजराती भाषा में वहां मौजूद जनता से उनका हाल भी पूछा। पीएम मोदी ने 'केम छो' और वणक्कम जैसे भारतीय अभिवादनों के साथ प्रवासी भारतीयों के साथ संवाद की शुरुआत करते हुए सिडनी में हुए कार्यक्रम को भी याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि जिस गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया ये अद्भुत है। उन्होंने कहा कि वे इतने शानदार स्वागत के लिए अपने दोस्त और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बानीज के आभारी हैं।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बानीज ने पीएम मोदी के संबोधन से पहले उनके आगमन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस देश के सच्चे दोस्त हैं। अल्बानीज ने भारत यात्रा की यादों को साझा करते हुए कहा कि भारत में उनका भव्य स्वागत किया गया था। वे अहमदाबाद में मिले सम्मान को भुला नहीं सकते। आज मेलबर्न में दो लोकतांत्रिक देशों की दोस्ती का जश्न मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय संस्कृति को महसूस करना बेमिसाल है। अगर कोई भारत को समझना चाहता है तो उसे इस देश की यात्रा करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान आज 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मोदी-मोदी और भारत माता की जय की गूंज सुनी गई। स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज भी मौजूद हैं। पीएम मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।
यहां पढ़ें पीएम मोदी का पूरा भाषण
पीएम मोदी के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए, पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन कहते हैं, 'यह हमेशा से बहुत अहम रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और मेरे बीच बहुत अच्छे निजी और पेशेवर संबंध रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय प्रधानमंत्रियों के बीच संबंधों में करी और क्रिकेट को लेकर थोड़ी-बहुत हंसी-मजाक आम बात थी। लेकिन हम 'क्वाड' और इंडो-पैसिफिक में सकारात्मक भूमिका निभाने में इसकी अहमियत को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।' पश्चिम एशिया के संघर्ष और परमाणु सहयोग पर वे आगे कहते हैं, 'यह पहले से ही था। और यह पिछले दशक की शुरुआत में एबॉट सरकार के समय हुआ था, जब सिविल न्यूक्लियर पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू किया गया था। और इसकी शुरुआत तब हुई थी जब हमने भारत को यूरेनियम बेचना शुरू किया थ।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (स्थानीय समय) को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन से मुलाकात की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में विदेश सचिव विक्रम मिसरी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने और अपने प्रतिनिधिमंडल के स्वागत लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार को धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने खासी प्रगति की है। 2022 में इकॉनोमिक कॉपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट से व्यापार का दायरा बहुत बढ़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि हम इनोवेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दिशा में लगातार सहयोग कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आज हमने एक अहम समझौता किया है, इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम सप्लाई का रास्ता खुलेगा और हमारे क्लीन एनर्जी के संकल्प को नई दिशा मिलेगी। यह हमारे क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को बल मिलेगा।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पीएम एंथनी अल्बानीज से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने सेल्फी भी ली, जिसमें दोनों नेताओं की दोस्ती की झलक मिली।
पीएम मोदी ने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात की।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi meets former Australian Prime Minister Scott Morrison in Melbourne
— ANI (@ANI) July 9, 2026
Prime Minister Narendra Modi is on a three-nation visit to Indonesia, Australia, and New Zealand.
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/Aj7cWKHThr
पीएम मोदी ने कहा, ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार और विशेषज्ञता भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के पूरक हैं। उन्होंने भारत के बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़कों, रेलवे और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में दीर्घकालिक ऑस्ट्रेलियाई निवेश को आमंत्रित करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की प्रौद्योगिकी, पूंजी और संसाधन भारत के विकास पथ को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंद प्रशांत महासागर में रणनीति के लिए दोनों देशों का साझा विजन है। हम अपनी व्यापारिक साझेदारी को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। इसमें आप लोगों (सीईओ) की भूमिका अहम है और मुझे विश्वास है कि ये बैठक नए विचारों, नई साझेदारी को जन्म देगी।
कुछ समय पहले भारत ने SHANTI Act से न्यूक्लियर सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया है। हमने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम रिजर्व भारत की न्यूक्लियर यात्रा से सीधे रूप से जुड़ते हैं। हमारे लिए इस क्षेत्र में सहयोग बढाने के लिए ऐतिहासिक अवसर हैं।
इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने साल 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा और 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है।
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी सिर्फ कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हमारे राज्यों छोटे-बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों आदि सभी को इस विकास गाथा में हिस्सेदार बनना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ऑस्ट्रेलिया आज 4 खरब डॉलर के पेंशन फंड मैनेज करता है। भारत में पेंशन को पवित्रता के साथ देखा जाता है और यह करोड़ों लोगों के विश्वास को दिखाता है। ऑस्ट्रेलिया के ये पेंशन फंड भारत की विकास गाथा से लाभान्वित हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया अस्थिरता, सप्लाई चेन बाधा और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक और विश्वसनीय पार्टनर हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में दोनों देशों ने भावी साझेदारी का एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। 2022 में रिकॉर्ड समय में ईसीटीए समझौता किया गया, जिससे हमारी आर्थिक साझेदारी और मजबूत हुई। इससे भारत से ऑस्ट्रेलिया को निर्यात दोगुना हुआ है और दोनों देशों के बिजनेस को नए बाजार मिले हैं।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित किया। इसमें पीएम बोले कि आज यहां भारत और ऑस्ट्रेलिया की व्यापारिक शक्ति और व्यापारिक महत्वाकांक्षा के दर्शन एक साथ हो रहे हैं। आप सबकी उपस्थिति हमारे साझा विश्वास और साझा आकांक्षाओं का प्रतीक है। आज दुनिया अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का प्राकृतिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में आगे बढ़ना स्वाभाविक भी है और आवश्यक भी है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, बीते वर्षों में हमने दोनों देशों की क्षमताओं के साथ भविष्य की साझेदारी का एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। साल 2022 में रिकॉर्ड समय में किए गए ईसीटीए समझौते से हमारी आर्थिक साझेदारी और सशक्त हुई है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत से ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात दोगुना हुआ है। इसके साथ ही दोनों देशों के व्यवसायों को नए बाजार पहुंच का लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण के तहत ऑस्ट्रेलिया पहुंचे। इससे पहले उन्होंने अपने इस दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया की यात्रा पूरी की। ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज के साथ मुलाकात की। इसके साथ ही, पीएम मोदी वहां रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगे।