हम व्यापार समझौते पर कर रहे काम- कमला प्रसाद
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने कहा, 'हम आंशिक दायरे वाले व्यापार समझौते पर भी काम कर रहे हैं। यह कैरीकॉम देश से होने वाला पहला समझौता होगा, और हम एक नई द्विपक्षीय निवेश संधि की नींव रख रहे हैं'।
पीएम मोदी ने त्रिनिदाद-टोबैगो की जनता को किया धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैं राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू, प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर, सरकार और त्रिनिदाद और टोबैगो के अद्भुत लोगों के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित किया। यह सम्मान हमारे दोनों देशों के बीच शाश्वत मित्रता का प्रतीक है। हर कदम पर, कोई भी हमारे देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव देख सकता है। मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि यह सम्मान पहली बार किसी विदेशी नेता को दिया गया है। यह सम्मान त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ संबंधों को गहरा करने के हमारे संकल्प को मजबूत करेगा।'
पीएम मोदी ने एक दूसरे पोस्ट में लिखा- त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद को संबोधित करना सम्मान की बात थी। मैंने इतिहास, संस्कृति और हमारे लोगों की जीवंत भावना में निहित हमारी साझा यात्रा के बारे में बात की। मुझे विश्वास है कि यह साझेदारी आने वाले समय में भी जारी रहेगी। आज के संबोधन में भाग लेने वाले संसद सदस्यों को मेरा हार्दिक धन्यवाद।
त्रिनिदाद-टोबैगो के सांसदों ने पीएम का किया अभिवादन
त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद की संयुक्त सभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के सदस्यों का अभिवादन किया।
'महिलाओं के प्रति सम्मान भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा, 'मुझे इस सदन में इतनी सारी महिला सदस्यों को देखकर बहुत खुशी हो रही है। महिलाओं के प्रति सम्मान भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है। हमारे महत्वपूर्ण पवित्र ग्रंथों में से एक, स्कंद पुराण में कहा गया है कि एक बेटी दस बेटों के बराबर खुशी लाती है। हम अपने आधुनिक भारत के निर्माण के लिए महिलाओं के हाथ मजबूत कर रहे हैं। अंतरिक्ष से लेकर खेल तक, स्टार्टअप से लेकर विज्ञान, शिक्षा से लेकर उद्यम, विमानन से लेकर सशस्त्र बलों तक - वे विभिन्न क्षेत्रों में भारत को एक नए भविष्य की ओर ले जा रही हैं।'
'180 साल पहले भारतीय कठिन यात्रा के बाद यहां पहुंचे थे'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '180 साल पहले, पहले भारतीय समुद्र पार एक लंबी और कठिन यात्रा के बाद इस भूमि पर पहुंचे थे। भारतीय धुनें कैरेबियाई लय के साथ खूबसूरती से मिश्रित हुईं...राजनीति से लेकर कविता तक, क्रिकेट से लेकर वाणिज्य तक - वे हर क्षेत्र में योगदान देते हैं'।
भारतीय वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के प्रशंसकों में से हैं- पीएम मोदी
त्रिनिदाद और टोबैगो के संसद में संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मुझे कहना होगा कि भारतीय वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के सबसे उत्साही प्रशंसकों में से हैं। हम पूरे दिल से उनका उत्साहवर्धन करते हैं, सिवाय उस समय के जब वे भारत के खिलाफ खेल रहे हों।'
हमारे लिए लोकतंत्र जीवन जीने का एक तरीका है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हम भारतीयों के लिए लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिक मॉडल नहीं बल्कि हमारे लिए यह जीवन जीने का एक तरीका है। इस संसद में भी कुछ ऐसे सदस्य हैं जिनके पूर्वज भारत के बिहार राज्य से आए थे, जो महाजनपदों - प्राचीन गणराज्यों की भूमि है'।
इस राष्ट्र के लोगों ने दो महिला नेताओं को चुना- पीएम मोदी
त्रिनिदाद एवं टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'इस महान राष्ट्र के लोगों ने दो उल्लेखनीय महिला नेताओं को चुना है - राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री। वे गर्व से खुद को प्रवासी भारतीयों की बेटियां कहती हैं। उन्हें अपनी भारतीय विरासत पर गर्व है... हमारे दोनों राष्ट्र औपनिवेशिक शासन की छाया से ऊपर उठे और साहस को अपनी स्याही और लोकतंत्र को अपनी कलम बनाकर अपनी कहानियां लिखीं।'
त्रिनिदाद-टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र में पीएम मोदी का संबोधन
त्रिनिदाद एवं टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं इस प्रतिष्ठित लाल सदन में बोलने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं'।
त्रिनिदाद-टोबैगो की संसद को संबोधित करेंगे पीएम
प्रधानमंत्री मोदी कुछ ही देर में त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद को संबोधित करेंगे।
त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद पहुंचे, वहां पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
सम्मान से सम्मानित होने वाले पहले विदेशी नेता बने पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'इस सम्मान का पहली बार किसी विदेशी नेता को दिया जाना हमारे विशेष संबंधों की गहराई को दर्शाता है। यह संबंध हमारे साझा इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित है। 180 साल पहले भारत से जो लोग यहां आए थे उन्होंने हमारी मित्रता की नींव रखी थी, भले ही उनके हाथ खाली थे लेकिन उनके मन भारतीय सभ्यता संस्कृति और विविधता से समृद्ध थे, उन्होंने आपसी सौहार्द्र और सद्भाव के जो बीज बोए थे वह आज त्रिनिदाद और टोबैगो के प्रति साकार हो रहे हैं'।
ये 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान- पीएम मोदी
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा- सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित किए जाने पर मैं आपका आपकी सरकार और आपके लोगों का हृदय से बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं। यह सम्मान हमारे दोनों देशों की साश्वत और गहन मित्रता का प्रतीक है। मैं इस सम्मान को 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से एक साझागौरव के रूप में स्वीकार करता हूं।'
पीएम मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित
त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्रिनिदाद और टोबैगो का सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' प्रदान किया।
कांग्रेस ने कहा- इंदिरा गांधी ने 1968 में की थी त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो में मौजूदगी के बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1968 की इस द्वीपीय गणराज्य की यात्रा को याद किया। रमेश ने एक्स पर गांधी की यात्रा पर एक वीडियो फिल्म का लिंक भी साझा किया। रमेश ने एक्स पर लिखा कि सुपर प्रीमियम फ्रीक्वेंट फ्लायर प्रधानमंत्री त्रिनिदाद और टोबैगो में होंगे। त्रिनिदाद और टोबैगो एक छोटा जुड़वां द्वीपीय गणराज्य है, जिसने कई विश्व हस्तियों को जन्म दिया है। हम भारत में इसे उन स्थानों में से एक के रूप में जानते हैं, जहां 19वीं शताब्दी में अंग्रेज हजारों लोगों को बंधुआ मजदूरों के रूप में ले गए थे।
उन्होंने कहा कि उनके कुछ वंशजों ने राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जैसे बासदेव पांडे जो 1995-2001 के दौरान प्रधानमंत्री थे और वर्तमान प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर, साहित्य में वीएस नायपॉल और उनके भाई शिव नायपॉल और क्रिकेट में स्पिनर सन्नी रामाधीन, जिन्हें जून 1950 में लॉर्ड्स में वेस्टइंडीज द्वारा इंग्लैंड को पहली बार हराने के बाद रचित शानदार विक्ट्री कैलिप्सो में अमर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि त्रिनिदाद और टोबैगो का भारत से संबंध के अलावा भी बहुत कुछ है। उन्होंने कहा कि त्रिनिदाद और टोबैगो के पहले प्रधानमंत्री विलियम्स अक्टूबर 1968 में जब वे पोर्ट ऑफ स्पेन में मिले थे तो इंदिरा गांधी ने इस विषय पर उनसे लंबी बातचीत की थी और मेजबानों ने उनकी यात्रा पर एक सुंदर फिल्म भी बनाई थी। त्रिनिदाद और टोबैगो ने लेरी कॉन्स्टेंटाइन और ब्रायन लारा जैसे महानतम क्रिकेटरों को जन्म दिया है। भारत के बेहतरीन लेग स्पिनरों में से एक सुभाष गुप्ते 1960 के दशक की शुरुआत में यहीं बस गए और अपना परिवार बसाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर द्वारा आयोजित रात्रिभोज में सोहारी पत्ते पर भोजन परोसा गया। इसका त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों, खासकर भारतीय मूल के लोगों के लिए बहुत सांस्कृतिक महत्व है। यहां, त्योहारों और अन्य विशेष कार्यक्रमों के दौरान अक्सर इस पत्ते पर भोजन परोसा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मैंने अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिकृति और सरयू नदी के साथ-साथ प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का पवित्र जल भेंट किया। वे भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों के प्रतीक हैं।
युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा
पीएम मोदी ने अपनी दो दशक पुरानी यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा, 'जब मैं पिछली बार आया था, तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं... हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हों, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां हर्ष, उल्लास और गर्व के साथ मनाई जाती है। चौताल और भिटक गण यहां खूब फलते-फूलते हैं। मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं। मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो एक-दूसरे को जानने और साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हैं। हमारे रिश्ते भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।
उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं...
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैं कुछ समय पहले ही गुनगुनाते पक्षियों की इस खूबसूरत भूमि पर आया हूं। मेरा पहला संवाद यहां के भारतीय समुदाय के साथ है। यह पूरी तरह से स्वाभाविक लगता है क्योंकि हम एक परिवार का हिस्सा हैं... त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस से भरी है। आपके पूर्वजों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसने सबसे मजबूत आत्माओं को भी तोड़ दिया होगा। लेकिन उन्होंने उम्मीद के साथ कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिलों में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं। वे केवल प्रवासी नहीं थे; वे एक शाश्वत सभ्यता के संदेशवाहक थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है।
भारत अवसरों की भूमि है
त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान भारत के बदले परिदृश्य को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, आज का भारत अवसरों की भूमि है। पूर्वजों की जिजीविषा और संघर्षों को याद कर पीएम मोदी ने कहा, इस बात पर जोर दिया कि प्रवासियों के पूर्वजों ने जो कष्ट झेले, वैसी यातनाएं 'सबसे मजबूत आत्मबल वाले लोगों को भी तोड़ सकती थीं।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर उत्साहित दिखे युवा
पीएम मोदी के आगमन पर त्रिनिदाद और टोबैगो की नागरिक कमला बद्री ने खुशी का इजहार किया। भारतीय मूल की इस नागरिक ने कहा, आज प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत और सांस्कृतिक कार्यक्रम में आकर बहुत खुश हूं। त्रिनिदाद और टोबैगो में ईस्ट इंडियन डायस्पोरा के एक सदस्य एड्रियन ने कहा, हम अपने द्वीप पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए बहुत उत्साहित हैं... हम इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनकर बहुत खुश हैं। खबरों के मुताबिक पीएम मोदी इसी सामुदायिक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित भी करेंगे।
26 साल बाद कोई भारतीय पीएम त्रिनिदाद एंड टोबैगो की यात्रा पर
त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे पीएम मोदी के दौरे की अहमियत को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत के प्रधानमंत्री अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर और उनके अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने किया। भारत की तरफ से यह यात्रा ऐतिहासिक है क्योंकि 26 साल बाद कोई प्रधानमंत्री यहां आया है।
इस कैरेबियन देश का यूपी-बिहार से खास नाता
विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस देश में कुल 13 लाख लोग रहते हैं। इनमें से 45 फीसदी लोग भारतीय मूल के हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के बीच संबंध बहुत मजबूत और खास हैं। यहां रहने वाले 45% लोगों में से ज़्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोग हैं। इनमें से अधिकांश लोग भोजपुरी भाषी जिलों जैसे छपरा, आरा, बलिया, सीवान, गोपालगंज, बनारस, आज़मगढ़ से आए हैं।
क्विज के विजेताओं से मिले प्रधानमंत्री
त्रिनिदाद एंड टोबैगो में पीएम मोदी ने 'भारत को जानो' क्विज़ के विजेता शंकर रामजतन, निकोलस मराज और विंस महतो से भी मुलाकात की। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि इस क्विज़ ने दुनिया भर में व्यापक भागीदारी को बढ़ावा दिया है और भारत के साथ हमारे प्रवासी समुदाय के जुड़ाव को और गहरा किया है।
पोर्ट ऑफ स्पेन में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की
सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
पोर्ट ऑफ स्पेन में स्वागत के बाद पीएम मोदी ने कहा, वे प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर, उनकी कैबिनेट के विशिष्ट सदस्यों और सांसदों को हवाई अड्डे पर स्वागत के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के बाद भारत और त्रिनिदाद एंड टोबेगो के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी अब से कुछ घंटों बाद एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने पीएम मोदी के स्वागत पर जानकारी दी
पीएम मोदी के आगमन पर भोजपुरी संस्कृति की झलक भी दिखी
सात समंदर पार भारत से हजारों किलोमीटर दूर त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचने के बाद पीएम मोदी के स्वागत में स्थानीय लोक कलाकारों ने भोजपुरी चौताल पेश किया। पीएम मोदी ने भी इस वीडियो को सोशल मीडिया हैंडल से साझा किया।
पीएम मोदी को देश का सर्वोच्च सम्मान मिलेगा, मजबूत होगा दोनों देशों का रिश्ता
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को त्रिनिदाद एंड टोबैगो के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के फैसले पर भी टिप्पणी की। देव दुग्गल ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है कि त्रिनिदाद और टोबैगो ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है। यह बहुत विचार-विमर्श के बाद किया गया है... यह सम्मान दोनों देशों को एक साथ लाएगा। दोनों देश एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। त्रिनिदाद एंड टोबैगो की 50% आबादी भारतीय मूल की है... ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के लिए फायदेमंद है।
कृषि मंत्रालय में पूर्व स्थायी सचिव ने बताई पीएम मोदी के दौरे की अहमियत
प्रधानमंत्री मोदी की त्रिनिदाद एंड टोबैगो यात्रा पर देश के कृषि मंत्रालय में पूर्व स्थायी सचिव रहे देव दुग्गल ने कहा, हमें बहुत गर्व है कि प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद एंड टोबैगो की यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
दुग्गल ने बताया कि वे देश की सरकार में कृषि मंत्रालय में रहे। इसके बाद मंत्री का सलाहकार भी रहा। पिछली बार नरेंद्र मोदी 22 साल पहले त्रिनिदाद आए थे। उस समय वे भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि विश्व हिंदू सम्मेलन में भाग लेने आए थे। ऐसे में अब बतौर प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का एक अलग महत्व है।
पीएम मोदी के स्वागत में 38 मंत्री और चार सांसद पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्रिनिदाद एंड टोबैगो में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर और उनकी पूरी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने पोर्ट ऑफ स्पेन के पियार्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 38 मंत्री और चार सांसद पहुंचे।
सांस्कृतिक नृत्य-संगीत के बीच पीएम मोदी का स्वागत, प्रवासी भारतीयों से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब त्रिनिदाद एंड टोबैगो की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचने पर औपचारिक स्वागत किया गया। पीएम मोदी ने पियार्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका इंतजार कर रहे भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात की।