पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान भारत और नॉर्वे ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक बढ़ाने का फैसला किया। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि दोनों देश जलवायु कार्रवाई, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित तकनीक, मजबूत सप्लाई चेन और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई रणनीतिक दिशा देंगे। इस साझेदारी से दोनों देशों के बीच पर्यावरण और सतत विकास से जुड़ी पहलें और मजबूत होंगी।
ब्लू इकोनॉमी में भारत-नॉर्वे साझेदारी मजबूत
पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान समुद्री सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि नॉर्वे ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल होने का निर्णय लिया है। दोनों देशों ने जहाज निर्माण, ग्रीन शिपिंग, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, मत्स्य पालन, एक्वाकल्चर, सीफेयरर ट्रेनिंग और बंदरगाहों को पर्यावरण अनुकूल बनाने जैसे क्षेत्रों में ब्लू इकोनॉमी साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
सिबी जॉर्ज ने आगे कहा कि भारत हमेशा कानून के शासन में विश्वास रखने वाला देश रहा है। उन्होंने कहा कि भारत हर परिस्थिति में नियमों का पालन करता है और हमेशा तय प्रक्रियाओं के अनुसार काम करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान एक ऐसे देश की है, जो पारदर्शिता, नियमों और कानूनी व्यवस्था का सम्मान करता है तथा वैश्विक मंचों पर जिम्मेदार रवैया अपनाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ओस्लो में भारत-नॉर्वे व्यापार एवं शोध सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज मुझे व्यापार और शोध क्षेत्र के दिग्गजों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला। इस सम्मेलन के भव्य आयोजन के लिए मैं नॉर्वे के प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। कुछ प्रतिभागियों को सुनकर यह विश्वास और मजबूत होता है कि हमारी साझेदारी की नींव बेहद मजबूत है। यह केवल संभावनाओं की बात नहीं है, बल्कि यह एक भरोसेमंद साझेदारी है। आज जब खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा वैश्विक चुनौतियां बन चुकी हैं, तब भारत और नॉर्वे मिलकर इनके समाधान पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, अब धीरे-धीरे आगे बढ़ने से ज्यादा हासिल नहीं होगा। हमें गति भी बढ़ानी होगी और बहुत बड़े लक्ष्य तय करने होंगे। दोस्तों, मेरा मानना है कि जो लोग भारत से जुड़े हैं और जिन्होंने यहां भारतीय साझेदारों के साथ चर्चा की है, उनके लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। यह सही समय पर सही अवसर का लाभ उठाने का समय है। अक्तूबर2025 में हमने यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी ईएफटीए के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) लागू किया। प्रतिभा, तकनीक और आपसी विश्वास पर आधारित हमारे बीच यह अनोखा और विशेष समझौता है। इस समझौते के जरिये अगले 15 वर्षों में ईएफटीए देशों से भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश और 10 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है। यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। लेकिन इसे हासिल किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, मैं पूरे विश्वास के साथ आपसे कहता हूं कि आज भारत में आपके निवेश को परिणामों में बदलना हमारी गारंटी है। मित्रों, मैं दो ऐसे क्षेत्रों का जिक्र करना चाहूंगा जो आपके लिए बेहद उपयोगी हो सकते हैं। भारत का तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग पोषण और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी मांग पैदा कर रहा है। नॉर्वे की खाद्य, मत्स्य और स्वास्थ्य सेवा कंपनियां इस मांग को पूरा करने में भारत की मजबूत साझेदार बन सकती हैं। इसी तरह स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाओं का दुनिया में कोई मुकाबला नहीं है। वर्ष 2030 तक हमने 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा और 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है।
नॉर्वे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया है। यह पीएम मोदी का यह 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछले वर्ष भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू किया गया था। यह समझौता भारत और नॉर्वे के बीच साझा प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने का एक खाका है। इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने आगे कहा, आज हम दोनों देशों ने इस समझौते की प्रतिबद्धताओं को परिणामों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। आज हम भारत-नॉर्वे संबंधों को एक हरित रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप दे रहे हैं। यह रणनीतिक साझेदारी स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु अनुकूलन, नीली अर्थव्यवस्था और हरित विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज विश्व एक अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारत और यूरोप अपने संबंधों के एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, नॉर्वे की यात्रा की करके मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह देश प्रकृति और इंसानों की प्रगति के बीच तालमेल का एक सुंदर उदाहरण है। सबसे पहले मैं प्रधानमंत्री जी का इस आत्मीयता भरे स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। कल नॉर्वे के संविधान दिवस के अवसर पर मैं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की ओर से नॉर्वे जैसे सुदृढ़ और जीवंत लोकतंत्र की जनता को शुभकामनाएं देता हूं। मैं पिछले वर्ष नॉर्वे आने वाला था। लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण वह यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उस कठिन समय में नॉर्वे ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत के साथ खड़े होकर सच्ची मित्रता का परिचय दिया। आज जब मैं नॉर्वे आया हूं, तो मैं इस एकजुटता के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नॉर्वे के समकक्ष संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गाहर स्टोरे ने कहा कि आज दुनिया अनिश्चितता, तेज बदलाव, ध्रुवीकरण और संघर्षों के दौर से गुजर रही है, ऐसे में उन देशों के साथ संबंध मजबूत करना जरूरी है, जिनके साथ मूलभूत मूल्य साझा किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि साझेदारी बहुत अहम है, खासकर उन लोकतांत्रिक देशों के बीच जो समान हित रखते हैं और वैश्विक नियमों का पालन करते हैं। इसी भावना के साथ यह ओस्लो यात्रा भारत-नॉर्वे संबंधों को मजबूत करने और कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम है।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे, जो इस साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता हो चुका है, जिससे बड़े स्तर पर उम्मीदें और महत्वाकांक्षाएं जुड़ी हैं।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे पहुंचने पर स्वागत किया और उनकी यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि चार दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का नॉर्वे दौरा हो रहा है, जो दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षण है।
जोनास गहर स्टोरे ने अपने संदेश में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नॉर्वे, नॉर्डिक देशों और भारत के बीच व्यापार, ग्रीन ट्रांजिशन और वैश्विक चुनौतियों से निपटने को लेकर सहयोग और मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा भारत और नॉर्वे के बीच नई साझेदारियों और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर साबित हो सकती है।
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय और वहां मौजूद लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। होटल पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बाहर एकत्रित भारतीय मूल के लोगों और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भारतीय तिरंगा और स्वागत संदेशों के साथ मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया और लोगों के उत्साह का जवाब दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंच गए हैं। पीएम मोदी 19 मई को आयोजित होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत होने की संभावना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोन्या से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेता भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट को संबोधित करेंगे, जहां आर्थिक और शोध सहयोग पर फोकस रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के शीर्ष नेता भी शामिल होंगे। भारत-नॉर्डिक समिट की शुरुआत 2018 में स्टॉकहोम से हुई थी, जबकि दूसरा सम्मेलन 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित किया गया था। इस बार की बैठक में ग्रीन एनर्जी, डिजिटलाइजेशन, रक्षा सहयोग, स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्कटिक नीति और सस्टेनेबिलिटी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को स्वीडन दौरा समाप्त करने के बाद नॉर्वे के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का नॉर्वे दौरा हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उनके पांच देशों के विदेश मिशन का चौथा चरण है। इससे पहले वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड और स्वीडन की यात्रा कर चुके हैं। नॉर्वे के बाद उनका अगला पड़ाव इटली होगा। यहां पढ़ें पीएम मोदी के नॉर्वे दौरे से जुड़े सभी अपडेट्स...