ट्रंप से मुलाकात के बाद पीएम मोदी अमेरिका से भारत वापस आने के लिए रवाना हो गए।
इस साल के अंत तक फ्री ट्रेड समझौते को पूरा करने का टीमों को निर्देश
साझा बयान के मुताबिक, बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच टैरिफ और व्यापार को लेकर दोनों पक्षों की चिंताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने समग्र संदर्भ में इन मुद्दों को संबोधित करने के तरीकों और साधनों पर चर्चा की। इसे लेकर उन्होंने अपनी-अपनी टीमों के एक साथ मिलकर काम करने, पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर काम करने, इन चिंताओं को दूर करने और इस साल के अंत से पहले इस तरह के समझौते को समाप्त करने का निर्देश दिया है।
जो अवैध प्रवासी वास्तव में भारत के नागरिक हम उन्हें ही वापस लेंगे- मोदी
अवैध आप्रवासन मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग अवैध रूप से दूसरे देशों में रहते हैं, उन्हें वहां रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। जहां तक भारत और अमेरिका का सवाल है, हमने हमेशा कहा है कि जो लोग सत्यापित हैं और वास्तव में भारत के नागरिक हैं, अगर वे अवैध रूप से अमेरिका में रहते हैं, तो भारत उन्हें वापस लेने के लिए तैयार है।
उन्होंने मानव तस्करी पर बोलते हुए कहा कि ये सामान्य परिवारों के लोग हैं। इन्हें बड़े सपने दिखाए जाते हैं और उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जिन्हें गुमराह किया जाता है और यहां लाया जाता है। इसलिए, हमें मानव तस्करी के इस पूरे तंत्र पर हमला करना चाहिए। अमेरिका और भारत का प्रयास होना चाहिए कि हम ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र को जड़ से नष्ट कर दें ताकि मानव तस्करी समाप्त हो जाए। हमारी लड़ाई उस पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ है। हमें विश्वास है कि राष्ट्रपति ट्रम्प मानव तस्करी करने वाले इस पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने में भारत का पूरा सहयोग करेंगे।
व्यापार समझौते को जल्द किया जाएगा पूरा
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी टीमें जल्दी ही एक व्यापार समझौते को पूरा करने पर काम करेंगी, इससे दोनों देशों को पारस्परिक रूप से लाभ होगा। हम भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेल और गैस व्यापार को मजबूत करेंगे। ऊर्जा बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ेगा। परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में, हमने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों की दिशा में अपने सहयोग को गहरा करने की बात की। अमेरिका भारत की रक्षा तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदारों के रूप में, हम संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं। नई तकनीक और उपकरण हमारी क्षमता बढ़ाएंगे।
भारत के साथ व्यापार पर सख्त रुख अपनाएंगे तो चीन से कैसे लड़ेंगे?
इस दौरान यदि आप भारत के साथ व्यापार पर सख्त रुख अपनाएंगे तो चीन से कैसे लड़ेंगे' के सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम किसी को भी हराने के लिए बहुत अच्छी स्थिति में हैं। लेकिन हम किसी को हराने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, हम वाकई अच्छा काम करना चाहते हैं। हमने अमेरिकी लोगों के लिए शानदार काम किया है। हमारे 4 साल बहुत अच्छे रहे और हमें एक भयानक प्रशासन ने बाधित किया...अब, हम इसे फिर से एक साथ ला रहे हैं। मुझे लगता है कि यह पहले की तुलना में बहुत मजबूत होने जा रहा है या पहले की तुलना में और भी अधिक मजबूत होने जा रहा है।
ब्लेयर हाउस में भारतीय मूल के उद्यमी विवेक रामास्वामी से मुलाकात की
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद अपनी पहली अमेरिका यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दौरे के पहले दिन ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। मुलाकातों का यह सिलसिला अमेरिकी खुफिया सेवाओं की निदेशक तुलसी गबार्ड से आरंभ हुआ और इसके बाद पीएम मोदी ने भारत के मित्र माने जाने वाले अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज से भेंट की। इसी क्रम में ब्लेयर हाउस में भारतीय मूल के उद्यमी विवेक रामास्वामी भी पीएम मोदी से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। इस दौरान भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस दौरान पीएम मोदी और विवेक रामास्वामी के बीच भारत-अमेरिका संबंधों, नवाचार, जैव प्रौद्योगिकी समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। भारतीय मूल के उद्यमी विवेक रामास्वामी ने पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यहां स्वागत करना खुशी और सम्मान की बात है। उम्मीद है कि उनका दौरा शानदार रहेगा और यह एक शानदार मुलाकात रही।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा कि वाशिंगटन डीसी में विवेक रामास्वामी और उनके ससुर से मुलाकात की। इस दौरान हमारे बीच नवाचार, संस्कृति और अन्य कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
ट्रंप ने नई टैरिफ नीति का किया एलान
पीएम मोदी से मुलाकात के तुरंत पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई टैरिफ नीति का एलान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पर जो भी देश जैसा टैरिफ लगाएगा हम भी उसके साथ वैसा ही करेंगे। अमेरिका की नई टैरिफ नीति जैसे को तैसा वाली है। नई टैरिफ नीति के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत में किसी भी दूसरे देश की तुलना में सबसे अधिक टैरिफ हैं।