प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रविवार को स्वीडन पहुंच गए। गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पर स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस खास मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने प्रथम गैर-यूरोपीय नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की महान सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का जश्न मनाते हुए एक-दूसरे को विशेष उपहार भेंट किए।
स्वीडन के प्रधानमंत्री ने भारत और स्वीडन के बीच लगातार मजबूत होते व्यापारिक और आर्थिक संबंधों की जमकर तारीफ की है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि दोनों देशों के रिश्ते हर गुजरते दिन के साथ और गहरे हो रहे हैं। आज की तारीख में लगभग 300 स्वीडिश कंपनियां भारत में पूरी सक्रियता के साथ अपना काम कर रही हैं। इनमें से कई कंपनियों ने तो भारत में ही अपनी खुद की उत्पादन इकाइयां (प्रोडक्शन यूनिट) भी स्थापित कर ली हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह निवेश सिर्फ एक तरफा नहीं है। स्वीडन के भीतर भी भारतीय कंपनियों का निवेश लगातार बढ़ रहा है और भारतीय कारोबारी स्वीडन के बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "दोनों देशों के स्टार्टअप और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए, हम एक भारत-स्वीडन विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित कर रहे हैं। उद्योग परिवर्तन के लिए नेतृत्व समूह हमारी साझा वैश्विक पहल है, जिसके तहत हम कम कार्बन उत्सर्जन वाले औद्योगिक परिवर्तन पर जोर दे रहे हैं। आज हमने इसके तीसरे चरण की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। भारत में हरित हाइड्रोजन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और सतत अवसंरचना के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। स्वीडन की प्रौद्योगिकी को भारत की व्यापक क्षमता के साथ मिलाकर, हम पूरी दुनिया के लिए जलवायु समाधान विकसित कर सकते हैं।"
यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कुछ समय पहले मुझे स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान - ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल मेरे लिए ही नहीं है। यह भारत की 140 करोड़ जनता के लिए सम्मान की बात है। यह स्वीडन में हमारे उन सभी मित्रों के लिए भी सम्मान की बात है जिन्होंने भारत-स्वीडन संबंधों को समृद्ध किया है। भारत और स्वीडन के बीच संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और मानव-केंद्रित विकास की मजबूत नींव पर टिके हैं। हमारे दोनों राष्ट्र नवाचार को विकास का साधन मानते हैं, स्थिरता को एक साझा जिम्मेदारी समझते हैं और लोकतंत्र को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। आज की बैठक में हमने इन साझा समानताओं का लाभ उठाकर आगे बढ़ने के तरीकों पर चर्चा की। हर क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को देखते हुए, हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन ने रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार (कमांडर ग्रैंड क्रॉस) सम्मान से नवाजा है। स्वीडन का यह सम्मान किसी भी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के प्रमुख को दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को अब तक 31 वैश्विक सम्मान मिल चुके हैं।
गुटेनबर्ग में भारतीय प्रवासियों ने पीएम मोदी का बेहद अनोखे और भव्य अंदाज में स्वागत किया, जिसमें स्वीडिश पीएम क्रिस्टर्सन भी मौजूद रहे। इस सांस्कृतिक समारोह का मुख्य आकर्षण स्वीडिश ओपेरा सिंगर चार्लोटा हुल्ड्ट की आवाज में 'वैष्णव जन तो' भजन की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति और 'लिला अकादमीन' के छात्रों की ओर से किया गया शानदार भरतनाट्यम नृत्य रहा। इसके साथ ही कार्यक्रम में बंगाली संस्कृति की भी एक खूबसूरत झलक पेश की गई, जिसने सबका दिल जीत लिया। पीएम मोदी ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि बंगाली संस्कृति पूरी दुनिया में लोकप्रिय है।
पीएम मोदी अपने पांच देशों की यात्रा के दौरान रविवार को स्वीडन के गुटेनबर्ग पहुंचे, जहां स्वीडिश पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन ने खुद एयरपोर्ट आकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यही नहीं, पीएम मोदी के विमान के स्वीडिश हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उन्हें विशेष एस्कॉर्ट भी दिया। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच हुई उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता में व्यापार, रक्षा, अंतरिक्ष, ग्रीन ट्रांजिशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर गहरा मंथन हुआ। साल 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 7.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसे नए मुकाम पर ले जाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई।
पीएम मोदी के स्वीडन दौरे को लेकर स्थानीय समुदायों और संगठनों में भारी उत्साह है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान इस्कॉन स्वीडन के एक नागरिक ने अग्रिम पंक्ति में आकर देश की ओर से प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और भावुक होते हुए कहा कि वे आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी का स्वीडन में स्वागत करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। साथ ही उन्होंने उस सुंदर ज्ञान, शाश्वत ज्ञान और मानवीय मूल्यों के लिए भारत का हृदय से आभार व्यक्त किया जो भारत आज पूरी दुनिया के साथ साझा कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वीडन दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों में भारी उत्साह है। गुटेनबर्ग में रहने वाले भारतीय समुदाय के एक नागरिक ने खुशी जताते हुए कहा कि जब पीएम मोदी कार्यक्रम में आए तो उस कमरे में एक अलग ही आभा थी, जिसके लिए वे स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के बेहद आभारी हैं और उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए भविष्य में भी ऐसी द्विपक्षीय यात्राएं अक्सर होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान गुटेनबर्ग के उस होटल में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक झलक देखने को मिली, जहां वे ठहरे हुए हैं। होटल परिसर में कदम रखते ही प्रवासी भारतीयों ने पारंपरिक बंगाली लोक नृत्य और आरती के साथ प्रधानमंत्री का बेहद भव्य स्वागत किया। स्वीडन की धरती पर भारतीय संस्कृति के इस खूबसूरत रंग को देखकर पीएम मोदी भावविभोर हो गए और उन्होंने कलाकारों का ताली बजाकर उत्साहवर्धन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन द्वारा खुद आकर किए गए भव्य और आत्मीय स्वागत के लिए उनके प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर स्वीडिश प्रधानमंत्री के इस विशेष शिष्टाचार की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान भारत और स्वीडन के बीच की दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए पूरी तरह उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन में अभूतपूर्व स्वागत के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया है। सड़कों पर उमड़े प्रवासियों के उत्साह से गदगद पीएम मोदी ने कहा कि गुटेनबर्ग में भारतीय समुदाय से मिला स्नेह और अपनापन वास्तव में दिल को छू लेने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत-स्वीडन संबंधों को मजबूत करने में उनका योगदान हम सभी को बेहद गौरवान्वित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान गुटेनबर्ग की सड़कों पर भारी उत्साह देखने को मिला, जहां उनके स्वागत में उमड़ी भारी भीड़ और भारतीय प्रवासियों के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। अपने इस पांच देशों के विदेश दौरे के दूसरे पड़ाव पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने सड़कों पर जमा उत्साही भीड़ का हाथ हिलाकर आत्मीयता से अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान एक बेहद खास नजारा देखने को मिला, जब स्वीडिश वायुसेना के अत्याधुनिक ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने भारतीय प्रधानमंत्री के विमान एयरफोर्स वन को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया और गुटेनबर्ग में लैंडिंग तक उसे एस्कॉर्ट किया। प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन के विशेष निमंत्रण पर 17-18 मई को गोटेबर्ग के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जहां इस भव्य सैन्य अगवानी को दोनों देशों के मजबूत होते रणनीतिक और रक्षा संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोपीय यात्रा के दूसरे पड़ाव में रविवार को स्वीडन के गुटेनबर्ग पहुंचे, जहां स्वीडिश वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया और हवाई अड्डे पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने खुद मौजूद रहकर उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। दो दिवसीय दौरे पर आए पीएम मोदी अपने स्वीडिश समकक्ष के साथ द्विपक्षीय व्यापार , ग्रीन ट्रांजिशन, एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे और साथ ही यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वीडन के गुटेनबर्ग पहुंचे, जहां हवाई अड्डे पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने खुद मौजूद रहकर उनका बेहद गर्मजोशी और आत्मीयता से स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव के तहत नीदरलैंड्स का सफल दौरा पूरा करने के बाद स्वीडन के गोटेसबर्ग के लिए रवाना हो गए हैं, जहां शिफोल एयरपोर्ट पर डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन ने उन्हें विदाई दी। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर 17-18 मई को हो रहे इस दो दिवसीय दौरे के दौरान पीएम मोदी अपने स्वीडिश समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, हरित परिवर्तन , आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर गहन चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा और भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन पर नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गंगटे ने कहा, 'यह शिखर सम्मेलन भारत और पांच नॉर्डिक देशों के नेताओं को वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर राजनीतिक संवाद करने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है। वास्तव में, विभिन्न क्षेत्रों में भारत-नॉर्डिक सहयोग बहुत मजबूत है। भारत और पांच नॉर्डिक देश जीवंत लोकतंत्र होने के साथ-साथ खुली अर्थव्यवस्थाएं और हरित प्रौद्योगिकी से संपन्न देश हैं। हम सभी मजबूत बहुपक्षवाद और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के समर्थक हैं, और मेरा मानना है कि वैश्विक समस्याओं के समाधान खोजने के साथ-साथ इन देशों के साथ द्विपक्षीय रूप से भी यह देखना महत्वपूर्ण है कि हम इन वैश्विक समस्याओं को हल करने के लिए प्रौद्योगिकी का संयुक्त रूप से कैसे उपयोग कर सकते हैं और अपने व्यापार और उनके निवेश के माध्यम से समृद्धि कैसे ला सकते हैं। वैश्विक उथल-पुथल के समय में इस शिखर सम्मेलन का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है'।
प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा पर नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गैंगटे ने कहा, 'यह यात्रा भारत के किसी प्रधानमंत्री की 43 वर्षों की यात्रा के बाद हो रही है और यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा है। यह यात्रा वैश्विक उथल-पुथल और भारत-नॉर्वे संबंधों में आए बदलावों के बीच हो रही है। इसलिए यह यात्रा संबंधों का जायजा लेने और भारत-ईएफटीए-टीईपीए समझौते द्वारा प्रदान किए गए नए अवसरों की तलाश करने का एक अच्छा अवसर प्रदान करती है। यह समझौता चार ईएफटीए देशों के साथ हस्ताक्षरित व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता है जो अब लागू हो चुका है। वास्तव में, यह बहुत दिलचस्प है कि टीईपीए समझौते में निवेश का भी प्रावधान है, जिसमें ईएफटीए देशों द्वारा 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियों के सृजन की बात कही गई है। यहां कई अवसर मौजूद हैं जिनका लाभ उठाया जा सकता है और वास्तव में, भारत में मौजूद कई नॉर्वेजियन कंपनियां भारत-ईएफटीए-टीईपीए समझौते द्वारा प्रदान किए गए इस अवसर का लाभ उठाना चाहेंगी'।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18-19 मई 2026 को तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय बैठकों के लिए नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। नॉर्वे की यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली यात्रा होगी और 43 वर्षों में नॉर्वे की पहली प्रधानमंत्री यात्रा होगी। प्रधानमंत्री, राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
इस दौरान पीएम मोदी स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग में स्थित वोल्वो समूह के मुख्यालय भी जाएंगे। पीएम मोदी के स्वीडन दौरे से पहले वोल्वो ग्रुप के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) जेंस होल्टिंगर ने पीएम मोदी की यात्रा को सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि भारत और स्वीडन के बीच संबंध काफी मजबूत हैं और वोल्वो ग्रुप पिछले 25 वर्षों से भारत में काम कर रहा है। जेंस होल्टिंगर ने बताया कि कंपनी के भारत में करीब 5,000 कर्मचारी हैं और यह वोल्वो का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आर एंड डी) सेंटर है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था है और यहां प्रतिभाशाली लोगों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वोल्वो ग्रुप भारत को भविष्य के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद मंच के रूप में देखता है। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-स्वीडन के व्यापार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने में अहम मानी जा रही है।
इस दौरे की एक बड़ी खास बात यह भी होगी कि पीएम मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यह यूरोप के बड़े उद्योगपतियों और व्यापारिक नेताओं का एक प्रमुख मंच है। इस कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहेंगी।
इस बैठक में ग्रीन ट्रांजिशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई तकनीक, स्टार्टअप, मजबूत सप्लाई चेन, रक्षा निर्माण, अंतरिक्ष सहयोग और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। स्वीडन को यूरोप की सबसे आधुनिक और इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है और भारत भी भविष्य की तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में दोनों देश मिलकर कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकते हैं।
अपने इस दौरे के दौरान पीएम मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता भारत-स्वीडन संबंधों की पूरी समीक्षा करेंगे और कई नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देश व्यापार को और बढ़ाने के अवसर तलाशेंगे। साल 2025 में भारत और स्वीडन के बीच व्यापार 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है, जबकि साल 2000 से 2025 के बीच स्वीडन ने भारत में 2.825 अरब डॉलर का निवेश किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के तीसरे चरण में रविवार को स्वीडन पहुंचेंगे। यह दौरा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर हो रहा है। पीएम मोदी 17 और 18 मई तक स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग में रहेंगे। माना जा रहा है कि इस यात्रा से भारत और स्वीडन के बीच व्यापार, नई तकनीक, हरित ऊर्जा और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।
आठ साल बाद हो रहा दौरा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी इससे पहले साल 2018 में पहली बार आयोजित इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेने स्वीडन गए थे। अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने के लिए यह अहम यात्रा हो रही है।