प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों के बीच उत्साह का माहौल है। एक महिला ने कहा, हमारी आजादी की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर उनका यहां आना हमारे लिए खुशी की बात होगी। हम उनका स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत के साथ हमारे संबंध मजबूत हुए हैं और हम इन्हें आगे भी और मजबूत करना चाहते हैं।' एक बांग्लादेशी नागरिक ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे हैं। पड़ोसी देश भारत भी अच्छा है। दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
मोदी सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे। पीएम ने दिल्ली से रवाना होने से पहले दिए बयान में कहा, यह अवसर हमारी साझा लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत संसदीय परंपराओं को दर्शाता है जो दोनों देशों को आपस में जोड़ती हैं। इससे पहले फरवरी में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉक्टर पैट्रिक हर्मिनी ने भारत का दौरा किया था।
सेशेल्स राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में प्रधानमंत्री बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। खास बात यह है कि भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना का यह 50वां वर्ष है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि फास्ट पेट्रोल वेसल लेस्पवार का सौंपा जाना भारत-सेशेल्स रक्षा और समुद्री सुरक्षा साझेदारी में अहम मील का पत्थर है। यह भारत की ओर से सेशेल्स की सुरक्षा प्राथमिकताओं का समर्थन करने की प्रतिबद्धता दर्शाता है। भारत एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में सेशेल्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने और अपनी सामूहिक समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने पर गर्व महसूस करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा व विकास मजबूत करने के लिए सेशेल्स कोस्टगार्ड बेस पर आयोजित समारोह में मेड इन इंडिया फास्ट पेट्रोल वेसल पीएस लेस्पवार समेत कई वाहन और नावें सौंपी। यह आधुनिक गश्ती जहाज सेशेल्स की समुद्री निगरानी और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र की पेट्रोलिंग क्षमताओं को मजबूती प्रदान करेगा। इसके साथ ही भारत ने सेशेल्स डिफेंस फोर्सेज (एसडीएफ) के क्षमता निर्माण और विकास के लिए 6 अत्याधुनिक एम्बुलेंस, 10 यूटिलिटी वाहन, 5 लेजर रेडियल नावें भी सौंपी।
The transfer of the Fast Patrol Vessel Lespwar to the Seychelles Coast Guard marks another important milestone in the growing India-Seychelles partnership in defence and maritime security. It is also the latest in a series of capability-building initiatives that reflect India's… pic.twitter.com/Hb6yQK3aSg
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2026
प्रधानमंत्री इससे पहले जब एयरपोर्ट पहुंचे तो भारतीय समुदाय के लोगों ने कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इनमें से एक ग्रुप ने गुजरात के कच्छ का पारंपरिक नृत्य भी पेश किया। इस स्वागत से अभिभूत प्रधानमंत्री ने लिखा, अद्भुत सांस्कृतिक जुड़ाव, हमारे प्रवासी भारतीयों ने जिस तरह भारत के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति को संभाला है और उसका जश्न मनाया है, वह वाकई तारीफ के काबिल है।
बाड़े का दौरा करने के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया लिखा, इन एल्डाब्रा विशालकाय कछुओं का भारत और सेशेल्स की खास दोस्ती से भी एक गहरा नाता है। साल 2014 में इनमें से दो कछुए कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर को तोहफे में दिए गए थे। इसके कुछ वर्षों बाद, सेशेल्स ने हैदराबाद चिड़ियाघर को भी कुछ और कछुए उपहार में दिए थे। वहीं, कोको डी मेर पौधे की खासियत बताते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि इस सेशेल्स में बहुत सम्मान दिया जाता है और यह राष्ट्रीय प्रतीक पर भी दिखाई देता है। इसमें दुनिया के सबसे बड़े बीज और सबसे भारी फल लगते हैं।
द्वीपीय राष्ट्र सेशेल्स अपने कछुओं के लिए दुनियाभर में ख्यात है। यहां पर इनकी 360 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। सेशेल्स में पाया जाने वाला अल्डाब्रा जायंट कछुआ अपनी बेहद लंबी उम्र के लिए जाना जाता है जो आमतौर पर 150 साल तक जीते हैं। पीएम मोदी ने इस बाड़े में जोनाथन नाम जिस कछुए को देखा, वो अल्डाब्रा जायंट प्रजाति का ही है। इसकी उम्र करीब 194 वर्ष बताई जाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स की तीन दिवसीय यात्रा के बीच वहां की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का खुलकर समर्थन किया है। सेशेल्स का यह कदम वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और हिंद महासागर में उसकी केंद्रीय भूमिका को स्वीकार्यता देता है। सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉर ने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका, विशाल जनसंख्या तथा अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा में उसका महत्वपूर्ण योगदान देखते हुए उसे सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए। फॉर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में समयानुकूल सुधार की आवश्यकता है। वर्तमान में भारत और अफ्रीका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, जिसे दूर किया जाना चाहिए।
अपनी सेशेल्स यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बेहद अनोखे और ऐतिहासिक पल के साक्षी बने, जब उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के बाद 'नेशनल बोटेनिकल गार्डन्स' का दौरा किया। इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित थलीय जीव 'जोनाथन' नाम के विशालकाय एल्डैबरा कछुए से मुलाकात की और बड़े ही लाड-प्यार से उसे अपने हाथों से खाना खिलाया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करीब 194 साल की अविश्वसनीय उम्र वाले इस ऐतिहासिक कछुए से पीएम मोदी की यह मुलाकात सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है।
सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और भारतीय नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोतों की तैनाती ने हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक गहराई को दुनिया के सामने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। इस सैन्य शक्ति प्रदर्शन का असली मकसद हिंद महासागर में नजरें गड़ाए बैठे दुश्मनों को यह सीधा और कड़ा संदेश देना है कि भारत अपने मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा के लिए हर पल मुस्तैद खड़ा है। भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ी का भव्य परेड में हिस्सा लेना और नौसेना के जहाजों का वहां लंगर डालना न केवल द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि किसी भी आपात स्थिति या चुनौती से निपटने के लिए भारतीय सेनाएं पलक झपकते ही मदद के लिए पहुंचने में पूरी तरह सक्षम हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को सेशेल्स पहुंच गए हैं। तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर विक्टोरिया पहुंचे पीएम मोदी का वहां जोरदार स्वागत हुआ। खुद सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉक्टर पैट्रिक हर्मिनी प्रोटोकॉल तोड़कर हवाई अड्डे पहुंचे। क्या यह दौरा भारत को हिंद महासागर में महाशक्ति बनाएगा? आखिर इस यात्रा से चीन की नींद क्यों उड़ गई है?
सेशेल्स के हवाई अड्डे पर शनिवार को एक अद्भुत नजारा दिखा। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ कई शीर्ष मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इतना ही नहीं, वहां मौजूद भारतीय प्रवासियों ने 'मोदी-मोदी' के नारों से आसमान गुंजा दिया।
पीएम मोदी के दौरे की बड़ी बातें
गोल्डन जुबली: पीएम मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में 'गेस्ट ऑफ ऑनर' के रूप में शामिल होने पहुंचे हैं।
राजनयिक संबंध: भारत और सेशेल्स के बीच आपसी राजनयिक संबंधों के इस साल 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
इतिहास में पहली बार: नरेंद्र मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे।
विजन महासागर: इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 'विजन महासागर' के तहत हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित और समृद्ध बनाना है।
द्विपक्षीय वार्ता: पीएम मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच रक्षा, सुरक्षा और व्यापार को लेकर उच्च स्तरीय बातचीत होगी।
क्या है 'विजन महासागर' और क्यों बढ़ी चीन की बेचैनी?
भारत और सेशेल्स के बीच संबंध हमेशा से मजबूत रहे हैं। राष्ट्रपति हर्मिनी फरवरी 2026 में भारत आए थे। अब पीएम मोदी का यह जवाबी दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक है। पीएम मोदी ने रवानगी से पहले कहा था कि सेशेल्स हमारा एक मूल्यवान समुद्री पड़ोसी है। ग्लोबल साउथ के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है। क्या भारत इसके जरिए अपनी समुद्री सीमाओं को अधिक सुरक्षित कर पाएगा? निश्चित रूप से, यह रणनीतिक साझेदारी हिंद महासागर में शांति और स्थिरता का नया अध्याय लिखेगी।
प्रवासियों से संवाद और संसद में भाषण
शनिवार से सोमवार (27-29 जून) तक चलने वाले इस दौरे में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होने हैं। पीएम मोदी नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। यह ऐतिहासिक अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। इसके अलावा, वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे, जो दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु का काम कर रहे हैं। क्या यह दौरा दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और विविधता के सम्मान को एक नए शिखर पर ले जाएगा? जवाब हां है।