कोर्ट ने खारिज की गिरफ्तारी को गैरकानूनी ठहराने से जुड़ी यचिका
इमरान खान की गिरफ्तारी को इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सही बताया। कोर्ट ने गिरफ्तारी को गैरकानूनी ठहराने से जुड़ी यचिका खारिज कर दी। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक ने फवाद चौधरी, सैफुल्ला नियाजी, फैसल चौधरी, नईम हैदर, अली बुखारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही गृह सचिव और आईजी इस्लामाबाद को अवमानना नोटिस जारी किया।
गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले इमरान को कई मामलों में मिली थी जमानत
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अर्द्धसैनिक बलों द्वारा इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में गिरफ्तार किये जाने से कुछ घंटे पहले मंगलवार को एक आतंकवाद रोधी अदालत ने कई मामलों में उनकी अंतरिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। इमरान खान अभी देश भर में 121 मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें राजद्रोह, आतंकवाद, ईशनिंदा और हिंसा भड़काने के आरोप शामिल हैं।
भारत ने बनाई पैनी नजर
भारतीय सुरक्षा बल पाकिस्तान के हालात पर वहां की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बलों की ओर से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। रक्षा सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई।
इमरान पर 140 से अधिक मामले दर्ज
इमरान की गिरफ्तारी के दौरान अदालत में मौजूद बैरिस्टर गौहर खान ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री को प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इमरान के सिर और पैर पर वार किया। गिरफ्तारी के दौरान उनकी व्हीलचेयर भी फेंक दी गई। इमरान खान वर्तमान में आतंकवाद, ईशनिंदा, हत्या, हिंसा, हिंसा के लिए उकसाने से संबंधित 140 से अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री मजारी ने शहबाज सरकार को घेरा
पूर्व मंत्री मजारी ने कहा कि कौन सा कानून? न्यायालयों पर रेंजरों द्वारा हमला किया गया जैसे कि एक कब्जे वाली भूमि पर हमला कर रहे हों- वकीलों और उच्च न्यायालय के कर्मचारियों को भी पीटा गया। यह आज का पाकिस्तान है- एक फासीवादी देश है, जहां अर्धसैनिक बलों द्वारा उच्च न्यायालय पर हमला किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इमरान खान को प्रताड़ित किया जा रहा है, लेकिन स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान की गिरफ्तारी पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इससे पहले इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख और अन्य को अदालत में पेश होने और यह बताने का आदेश दिया कि खान को अदालत से क्यों गिरफ्तार किया गया। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमेर फारूक ने कहा कि वह संयम बरत रहे हैं और चेतावनी दी कि अगर इस्लामाबाद पुलिस प्रमुख अदालत में पेश नहीं हुए तो वह प्रधानमंत्री को समन करेंगे। न्यायमूर्ति फारुक ने कहा कि अदालत आकर हमें बताइए इमरान को क्यों और किस मामले में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक पेश हुए और अदालत को बताया कि खान को एनएबी ने गिरफ्तार किया है और उनके गिरफ्तारी वारंट की एक प्रति भी पेश की।
इस्लामाबाद में निषेधाज्ञा लागू
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मंगलवार को अर्धसैनिक बलों द्वारा गिरफ्तार कर लिए जाने के बाद उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं ने इस्लामाबाद में प्रदर्शन और हंगामा किया। इसके बाद पाकिस्तान पुलिस ने शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी। इस्लामाबाद पुलिस ने कहा कि देश की राजधानी में हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है।
कोर्ट में सुनवाई
इमरान की गिरफ्तारी को लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस ने पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आज जो हुआ, वह अक्षम्य है। मैं इसकी तह तक जाऊंगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं फेर सकते। सब कुछ कानून के मुताबिक होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे। कोर्ट से आईजी ने कहा कि NAB के पास गिरफ्तारी का वारंट था। वारंट की कॉपी कोर्ट के सामने पेश कर दी गई है। इस पर इमरान के वकील ने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह से गैर कानूनी है।
आईएसआई पर लगाए थे गंभीर आरोप
हाल ही में इमरान ने आईएसआई के अफसर फैसल नसीर पर आरोप लगाए थे कि वजीराबाद में उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। पाकिस्तानी सेना ने इन आरोपों का खंडन किया था। इसके बाद सोमवार को ही इमरान ने एक वीडियो जारी कर फिर से आरोप दोहराए थे। इसके करीब चार घंटे बाद ही उन्हें अदालत से गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर धारा 144 लागू
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को दोपहर करीब तीन बजे इस्लामाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इमरान खान दो मामलों में जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे। IG अकबर खान ने कहा कि कादिर ट्रस्ट केस में इमरान को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पार्टी के प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी गई है।
पार्टी नेताओं ने किए कई दावे
पीटीआई के एक और नेता अजहर मसवानी ने आरोप लगाया कि रेंजर्स द्वारा अदालत के अंदर से 70 वर्षीय इमरान खान का अपहरण किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने देश भर में प्रदर्शन का तत्काल आह्वान किया है। पार्टी के एक अन्य नेता ने ट्विटर पर वीडियो संदेश में कहा कि वे इमरान खान को प्रताड़ित कर रहे हैं। वे खान साहब को पीट रहे हैं। उन्होंने खान साहब के साथ कुछ किया है।
रेंजर्स ने कोर्ट की खिड़कियां तोड़ दीं
पाकिस्तान की मीडिया के हवाले से बताया गया कि रेंजरों ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए खिड़कियां तोड़ दीं।
इमरान खान के वकील बुरी तरह घायल
इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) परिसर के अंदर इमरान खान के वकील बुरी तरह घायल हुए हैं। पूर्व पाक पीएम की पार्टी ने एक ट्वीट में कहा कि हमारे लोकतंत्र और देश के लिए काला दिन है।
इमरान की पार्टी ने की आवाम से अपील
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने पाकिस्तान की आवाम से अपील की है कि वे सड़कों पर उतरें और पूरे मुल्क में प्रदर्शन करें।
क्या है अल-कादिर ट्रस्ट केस?
यह एक विश्वविद्यालय से जुड़ा मामला है। आरोप है कि इमरान ने बतौर प्रधानमंत्री इसे गैरकानूनी तरीके से करोड़ों रुपए की जमीन मुहैया कराई थी। इसका खुलासा पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्सियत मलिक रियाज ने किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इमरान और उनकी पत्नी ने उनकी गिरफ्तारी के नाम पर धमकाकर अरबों रुपये की जमीन अपने नाम करा ली। बाद में रियाज और उनकी बेटी का ऑडियो भी लीक हुआ था। इसमें इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की ओर से पांच कैरेट के हीरे की अंगूठी मांगे जाने की बात सामने आई थी।