अगला कदम ईरानी सरकार को उठाना है- रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को कहा कि अगला कदम ईरानी सरकार को उठाना है। एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में रुबियो ने कहा, 'अगर शासन शांति चाहता है, तो हम शांति के लिए तैयार हैं। अगर वे कुछ और करना चाहते हैं, तो वे अविश्वसनीय रूप से असुरक्षित हैं। वे अपने स्वयं के हवाई क्षेत्र की भी रक्षा नहीं कर सकते।' मार्को रुबियो ने क्षेत्र के उन देशों पर ईरानी हमलों के खिलाफ भी चेतावनी दी, जो अमेरिकी सैन्य बलों की मेजबानी करते हैं। रुबियो ने आगे कहा, 'यही कारण है कि वे वहां हैं। वे सभी ठिकाने वहां इसलिए हैं क्योंकि उन देशों को डर है कि ईरान उन पर हमला कर देगा।' 'वे ठिकाने वहां इसलिए हैं क्योंकि वे देश डरे हुए हैं।'
ईरानी हमले में तेल अवीव में कई लोग घायल
अमेरिकी हमलों के बाद ईरानी मिसाइल दागे जाने से इस्राइल की राजधानी तेल अवीव में भारी नुकसान पहुंचा है। ईरानी हमले में कुछ लोग घायल बताए जा रहे हैं।
ईरान पर अमेरिकी हमले को लेकर बुलाई गई UNSC की बैठक
ईरान पर अमेरिका के हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है। राजनयिकों ने बताया कि ईरान ने बैठक का आग्रह किया है। इसके साथ ही उसने 15 सदस्यीय संगठन से आक्रामकता के इस घोर और गैरकानूनी कृत्य पर ध्यान देने व इसकी कड़े शब्दों में निंदा करने की अपील की है। वहीं इस्राइल के संयुक्त राष्ट्र राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल किसी भी निंदा के पात्र नहीं हैं, बल्कि दुनिया को सुरक्षित जगह बनाने के लिए प्रशंसा और आभार के पात्र हैं।
रूस ने ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की
रूस ने रविवार को ईरान में तीन परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की, और कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और यूएनएससी प्रस्तावों का घोर उल्लंघन करता है।अमेरिका ने आज तड़के सुबह ईरान में तीन प्रमुख परमाणु स्थलों - फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर बमबारी की, जिससे वह खुद को इस्राइल-ईरान संघर्ष में ले आया। एक बयान में, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, 'किसी संप्रभु राज्य के क्षेत्र को मिसाइल और बम हमलों के अधीन करने का गैर-जिम्मेदाराना निर्णय, चाहे कोई भी तर्क इस्तेमाल किया जाए, अंतर्राष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का घोर उल्लंघन करता है, जिसने पहले स्पष्ट रूप से ऐसी कार्रवाइयों को अस्वीकार्य बताया था।' अमेरिका का नाम लिए बिना, मंत्रालय ने कहा कि यह 'विशेष रूप से चिंताजनक" है कि हमले "एक ऐसे देश द्वारा किए गए जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है।'
'अमेरिका ने ईरान में 14 बंकर-बस्टर बम गिराए'
अमेरिकी रक्षा प्रमुख ने कहा कि अमेरिका 'युद्ध नहीं चाहता' और उसने ईरानी सैनिकों या लोगों को निशाना नहीं बनाया है। वहीं पेंटागन ने कहा कि ईरानी परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी बमबारी 'शासन परिवर्तन के बारे में नहीं थी'। पेंटागन ने आगे कहा कि अमेरिकी बमवर्षकों ने ईरान में 14 बंकर-बस्टर बम गिराए हैं।
अमेरिकी हमले के बाद रूस का दौरा करेंगे ईरानी विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि अमेरिका की तरफ से ईरानी परमाणु स्थलों पर हमला किए जाने के बाद वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए दिन में बाद में मास्को जाएंगे। तुर्किये में एक सम्मेलन में एक समाचार ब्रीफिंग में रूसी आउटलेट के एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह टिप्पणी की। रूस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'हमारे बीच रणनीतिक साझेदारी है और हम हमेशा एक-दूसरे से परामर्श करते हैं और अपनी स्थिति का समन्वय करते हैं।'
पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात
पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि ईरान के राष्ट्रपति से बात की। हमने मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की। हाल ही में हुई बढ़े तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। आगे बढ़ने के लिए तत्काल तनाव कम करने, बातचीत और कूटनीति के लिए अपना आह्वान दोहराया और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली की मांग की।
आईएईए ने बुलाई आपात बैठक
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम के बीच आपातकालीन बैठक बुलाई है। महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि ईरान में गंभीर स्थिति को देखते हुए आईएईए की आपतकालीन बैठक बुला रहा हूं।
इस्राइल ने ईरान के दो एफ-5 लड़ाकू विमानों को मार गिराया
इस्राइल ने कहा कि उसने ईरान के देज़फुल हवाई अड्डे पर एफ-5 लड़ाकू विमान को मार गिराया। इस्राइल ने ब्लैक एंड व्हाइट फुटेज जारी की है। इसमें एक विमान को नष्ट होते हुए दिखाया गया है। इस्राइल ने यह भी कहा कि उसने इस्फहान के हवाई अड्डे के आसपास सहित अन्य जगहों पर भी हमला किया। ईरान ने अभी तक युद्ध में विमान या अन्य सामग्री के नुकसान की बात स्वीकार नहीं की है। ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने रविवार सुबह इस्राइल पर हमले के दौरान 40 मिसाइलें दागीं, जिनमें उसकी खोर्रमशहर-4 भी शामिल है। ईरान ने कहा है कि खोर्रमशहर-4 कई वारहेड ले जा सकता है।
कतर और ओमान ने अमेरिकी हमले की निंदा की
कतर और ओमान ने ईरान पर अमेरिकी हमले की निंदा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों ने तनाव कम करने के लिए कहा है।
इस्राएयर ने बंद की विमान की टिकटों की बिक्री
इस्रा एयर ने कहा कि वह सात जुलाई तक अपनी सभी उड़ानों में सीटों की बिक्री स्थगित कर रहा है। सात जुलाई तक उड़ान आरक्षण वाले सभी यात्री बिना किसी शुल्क के अपनी यात्रा रद्द कर सकते हैं। यात्रियों को पूरी खरीद राशि के लिए क्रेडिट वाउचर मिलेगा, जो किसी भी भविष्य की इस्रा एयर उड़ान पर दो साल के लिए वैध होगा।
ईरानी मिसाइल हमलों में 86 लोग घायल
इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमलों के कारण 86 लोग घायल हुए हैं। जिनमें दो की हालत मध्यम है, 77 की हालत अच्छी है, चार पीड़ित तीव्र गंभीर हैं।
मिस्र के विदेश मंत्री की भारत यात्रा रद्द
ईरान में तीन प्रमुख परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों के बादर मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती की दो दिवसीय भारत यात्रा रद्द कर दी गई है। बद्र सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ व्यापक मुद्दों पर बातचीत करने वाले थे।
इस्राइल ने ईरान पर किया हमला
इस्राइली वायु सेना ने पश्चिमी ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं।
इस्राइल के राष्ट्रपति ने अमेरिका को दिया धन्यवाद
इस्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया। हर्जोग ने कहा कि हमले दिखाते हैं कि कैसे स्वतंत्रता, जिम्मेदारी और सुरक्षा के सिद्धांतों की जीत हुई है। इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी कार्रवाई दुनिया की सुरक्षा और सुरक्षा की दिशा में एक साहसी कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्रवाई से इस्राइली बंधकों की रिहाई में तेजी आएगी और पश्चिम एशिया में बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर होगा।
हर्जोग ने एक्स पर लिखा कि मानव इतिहास के पन्नों में यह एक ऐसा क्षण है जब स्वतंत्रता, जिम्मेदारी और सुरक्षा के सिद्धांतों की जीत हुई है। आतंक और बुराई की धुरी और आशा की धुरी के बीच एक निर्णायक क्षण। धन्यवाद प्रेसिडेंट ट्रंप। धन्यवाद संयुक्त राज्य अमेरिका। यह साहसी कदम पूरे मुक्त विश्व की सुरक्षा और संरक्षा के लिए है।
विकिरण में नहीं हुआ इजाफा
संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था ने कहा है कि ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों के बाद ऑफ-साइट विकिरण के स्तर में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
ईरान ने इस्राइल पर दागीं मिसाइलें
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने इस्राइल पर मिसाइलें दागी हैं। इस्राइल में धमाकों की आवाज सुनाई दी है। जगह-जगह सायरन बज रहे हैं। ईरान से प्रक्षेपित एक बैलिस्टिक मिसाइल ने हाइफा पर हमला किया। आईडीएफ ने कहा कि ईरान की ओर से लगभग 20-30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इस्राइली सेना ने कहा है कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान कर ली है। हमारी रक्षात्मक प्रणालियां खतरे को रोकने के लिए काम कर रही हैं। जनता से आश्रय स्थलों और संरक्षित क्षेत्रों में जाने तथा अगले आदेश तक वहीं रहने को कहा गया है। हमलों में 11 लोग घायल हुए हैं।
विकिरण के कोई संकेत नहीं
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने घोषणा की कि उसके प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद रेडियोधर्मी विकिरण के कोई संकेत नहीं मिले हैं।संगठन ने लोगों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा आकलनों से पता चला है कि लक्षित स्थलों पर कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ है। इसने इस बात पर भी जोर दिया कि हमलों के बावजूद देश का परमाणु कार्यक्रम रोका नहीं जाएगा।ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने घोषणा की कि उसके प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद रेडियोधर्मी विकिरण के कोई संकेत नहीं मिले हैं।संगठन ने लोगों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा आकलनों से पता चला है कि लक्षित स्थलों पर कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ है। इसने इस बात पर भी जोर दिया कि हमलों के बावजूद देश का परमाणु कार्यक्रम रोका नहीं जाएगा।
उड़ानों का बदला रास्ता
ईरान में अमेरिकी हवाई हमलों के बाद कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने मध्य पूर्व के बड़े हिस्से से उड़ानें हटा लीं। फ़्लाइटरडार24 के डाटा के मुताबिक उड़ानों के रास्तों में बदलाव हुआ है। विमानों ने ईरानी और आस-पास के हवाई क्षेत्र से बच रहे हैं। फ्लाइटरडार24 ने एक्स पर कहा कि ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमलों के बाद क्षेत्र में वाणिज्यिक यातायात उसी प्रकार संचालित हो रहा है, जैसा कि पिछले सप्ताह हवाई क्षेत्र पर नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से हो रहा है। उड़ानें कैस्पियन सागर के माध्यम से उत्तर की ओर या मिस्र और सऊदी अरब के माध्यम से दक्षिण की ओर जा रही हैं।
हमलों के बाद अमेरिकी शहरों में अलर्ट
ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद न्यूयॉर्क और वाशिंगटन सहित प्रमुख अमेरिकी शहरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कहा है कि अभी तक कोई खतरा नहीं है। धार्मिक, राजनयिक और सांस्कृतिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त गश्त और सावधानियां बरती जा रही हैं। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने एक्स पर कहा कि वह स्थिति पर नज़र रख रहा है और सावधानी के तौर पर पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वाशिंगटन डीसी में मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग (एमपीडी) ने भी स्थानीय, राज्य और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने और निवासियों, आगंतुकों और व्यवसायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वय बढ़ाने पर ध्यान दिया गया। लॉस एंजिल्स में मेयर करेन बास ने भी कहा कि शहर के अधिकारी अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद सार्वजनिक सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
आईएईए की मिलीभगत से हुए हमले: ईरान
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन की ओर से परमाणु सुविधाओं पर हमलों के बाद जारी बयान को भारत में ईरान के दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया। इसमें कहा गया है कि हाल के दिनों में यहूदी विरोधी दुश्मन द्वारा किए गए क्रूर हमलों के बाद फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान में देश के परमाणु स्थलों पर बर्बर आक्रमण किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों विशेष रूप से एनपीटी का उल्लंघन है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की उदासीनता और मिलीभगत से हुई। अमेरिकी दुश्मन ने अपने राष्ट्रपति की घोषणा के द्वारा परमाणु ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है। जबकि ये परमाणु ठिकाने सुरक्षा समझौते और एनपीटी के अनुसार निरंतर IAEA निगरानी में हैं।
इस्राइल ने बंद किया अपना हवाई क्षेत्र
इस्राइल के हवाई अड्डा प्राधिकरण ने रविवार को घोषणा की कि वह ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों के मद्देनजर देश के हवाई क्षेत्र को आने वाली और जाने वाली दोनों उड़ानों के लिए बंद कर रहा है। एजेंसी ने कहा कि वह हवाई यातायात बंद कर रही है। अमेरिका ने शनिवार-रविवार दरमियानी रात को ईरान के तीन स्थलों पर हमला किया।
ईरान पर इस्राइली हमलों में 865 लोग मारे गए
ईरान पर इस्राइली हमलों में अब तक 865 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 3,396 अन्य घायल हुए हैं। वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार समूह ने कहा कि मरने वालों में 363 नागरिक और 215 सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं। शनिवार को ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस्राइली हमलों में करीब 400 ईरानी मारे गए हैं और 3,056 अन्य घायल हुए हैं।
आतंकवाद वित्त विश्लेषक जोनाथन शैन्जर ने कहा कि ईरानी शासन के लिए वापसी संभव नहीं है। उन्होंने अपनी पूरी वायु सेना खो दी है। उन्होंने अपनी हवाई सुरक्षा खो दी है। उन्होंने अपनी परमाणु सुविधाएं खो दी हैं। उनके मिसाइल शस्त्रागार में जो कुछ भी बचा है, उसके अलावा अभी उनके पास काम करने के लिए बहुत कुछ नहीं है। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि क्या इस्राइल हमले को झेलता है या संयुक्त राज्य अमेरिका हमले को झेलता है। लेकिन यह एक ऐसा शासन है जो राष्ट्रपति के इस आकलन के बावजूद कि वे प्रभावी रूप से एक खर्चीली सेना हैं, विद्रोही प्रतीत होता है।
हमलों के बाद ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रभाव पर उन्होंने कहा कि अभी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के किसी भी प्रयास का संभवतः संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से अविश्वसनीय बल के साथ सामना किया जाएगा। जब यह शुरू हो गया है, तो यह कल्पना करना मुश्किल नहीं है कि फ्रांसीसी या ब्रिटिश लोग रास्ते को साफ करने के लिए आएंगे। मुझे लगता है कि अगर ईरान इस मार्ग पर आगे बढ़ता है तो यह पूरी तरह से आत्मघाती होगा। मुझे लगता है कि हम यहां एक निर्णायक क्षण में हो सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान हमला करने की कोशिश नहीं करेगा, लेकिन मुझे लगता है कि पारंपरिक तरीकों की तुलना में विषम तरीके से हमला करने की संभावना अधिक है।
पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी अधिकारी और आतंकवाद वित्त विश्लेषक जोनाथन शैन्जर ने कहा कि यह एक बहुत ही छोटा भाषण था। मुझे लगता है कि उन हमलों की सफलता के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का आकलन थोड़ा समय से पहले का हो सकता है। ट्रंप ईरान से पूर्ण और संपूर्ण समर्पण, पूर्ण आत्मसमर्पण का आह्वान कर रहे हैं। अभी मुझे यकीन नहीं है कि (ईरानी) शासन ऐसा करने के लिए तैयार है। यदि आप अभी शासन से आ रहे बयानों को देखें, तो वे जवाब में अमेरिका पर हमला करने की धमकी दे रहे हैं।
भारत के लिए सतर्क रहने का समय: रक्षा विशेषज्ञ
रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल बख्शी ने कहा कि भारत के लिए यह अधिक सतर्क रहने का समय है। ईरान और इस्राइल दोनों हमारे मित्र हैं। इस्राइल के साथ हमारा भावनात्मक संबंध है। मुझे लगता है कि पीएम मोदी इस मुद्दे को दोनों पक्षों के साथ उठाकर इस युद्ध को समाप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान अब समझ गया है कि अमेरिका गंभीर है। एक बार अमेरिका को अपना शिकार मिल जाए, जैसा कि उसने इराक में किया, भले ही शिकार की कोई गलती न हो, शिकारी वही करेगा जो वह करता है। यह ईरान और उसके समर्थकों जैसे चीन और रूस के लिए एक चेतावनी है।
पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह एक पूर्ण युद्ध होगा। मुझे संदेह है कि यूरोपीय, संयुक्त राष्ट्र और शायद डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान को पीछे हटने के लिए एक रास्ता देने की कोशिश करेंगे।फिर से ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के नेतृत्व को खत्म करना अमेरिका की इच्छा नहीं है। जबकि इस्राइली सर्वोच्च नेता अली खामेनेई से छुटकारा पाना चाहते हैं और शासन परिवर्तन चाहते हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका की नीति ऐसा नहीं करने की है। अमेरिका अयातुल्ला खामेनेई को जीवित रखना चाहता है। यदि किसी अन्य कारण से नहीं, तो यदि औपचारिक आत्मसमर्पण होता है, तो वे चाहते हैं कि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण पर हस्ताक्षर करे और एक अनंतिम प्राधिकरण को सत्ता सौंप दे ताकि कोई शून्य न हो।
ईरान ने मानी परमाणु ठिकानों पर हमले की बात
ईरान की परमाणु एजेंसी ने कहा कि उसके फोर्डो, इस्फ़हान और नतांज परमाणु स्थलों पर हमले हुए हैं, लेकिन हमारा काम नहीं रुकेगा। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा कि ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन राष्ट्र को आश्वासन देता है कि अपने दुश्मनों की नापाक साजिशों के बावजूद अपने हजारों क्रांतिकारी और प्रेरित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के प्रयासों से वह इस राष्ट्रीय उद्योग के विकास को जो परमाणु शहीदों के खून का परिणाम है, रुकने नहीं देगा। ईरान की सरकारी एजेंसी इरना ने सुरक्षा मामलों के प्रभारी इस्फ़हान के डिप्टी गवर्नर अकबर सालेही के हवाले कहा कि साइट के आसपास हमले हुए हैं। ईरान के कोम प्रांत से दिए गए एक बयान का हवाला देते हुए इरना ने कहा कि कुछ घंटे पहले, जब कोम हवाई सुरक्षा सक्रिय हो गई थी और शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों की पहचान की गई थी, तो फोर्डो परमाणु स्थल के एक हिस्से पर दुश्मनों ने हमला कर दिया था।
इससे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा: गुटेरेस
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर लिखा कि मैं ईरान के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किए गए हमले से बहुत चिंतित हूं। यह पहले से ही संकटग्रस्त क्षेत्र में एक खतरनाक वृद्धि है। यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा है। मैं सदस्य देशों से आह्वान करता हूं कि वे तनाव कम करें और संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अन्य नियमों के तहत अपने दायित्वों को बनाए रखें।
पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की तीन परमाणु सुविधाओं पर हमला किया। ईरान अक्सर धमकी के साथ प्रतिक्रिया करता है। हालांकि कभी-कभी उनका जवाबी हमला इस तरह से सीमित होता है कि इससे संकेत मिलता है कि वे इसे और आगे नहीं बढ़ाना चाहते। मुझे संदेह है कि अयातुल्ला खामेनेई को जवाब देना होगा क्योंकि उनकी खुद की वैधता इस परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी हुई है। इसके अलावा हम इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के बारे में बहुत सारी बातें सुनते हैं, कि क्या उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। मुझे नहीं लगता कि ईरानी उस तरह से जवाबी हमला करेंगे जैसा हम उम्मीद करते हैं। मैं डलास, टेक्सास या आयोवा में एक शॉपिंग मॉल के बारे में बहरीन या कतर में अमेरिकी जगह के बारे में जितना चिंतित रहूंगा, उससे कहीं ज़्यादा चिंतित रहूंगा।
बधाई हो राष्ट्रपति ट्रंप: नेतन्याहू
इस्राइल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका वास्तव में बेजोड़ रहा है। इसने वह किया है जो धरती पर कोई दूसरा देश नहीं कर सका। इतिहास दर्ज करेगा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के सबसे खतरनाक शासन, दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों को नकारने के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि ईरान-इस्राइल संघर्ष के बीच, अमेरिका ने ईरान की तीन परमाणु सुविधाओं पर हमला किया। उन्होंने कहा, कि बधाई हो राष्ट्रपति ट्रंप। संयुक्त राज्य अमेरिका की भयानक और न्यायपूर्ण शक्ति के साथ ईरान की परमाणु सुविधाओं को लक्षित करने का आपका साहसिक निर्णय इतिहास बदल देगा। ऑपरेशन राइजिंग लाइन में इस्राइल ने वास्तव में आश्चर्यजनक चीजें की हैं।
ईरान के वरिष्ठ कमांडरों की मौत
इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि इस्राइल की सेना ने ईरान के कोम शहर में एक अपार्टमेंट को निशाना बनाया। इसमें ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की विदेशी शाखा कुद्स फोर्स के फलस्तीनी कोर के प्रमुख सई इजादी की मौत हुई है। काट्ज ने इजादी की मौत को इस्राइल के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इजादी ने इस्राइल पर 7 अक्तूबर, 2023 के हमले से पहले फलस्तीनी आतंकी समूह हमास को धन और हथियार उपलब्ध कराए थे। हमास के इस हमले के बाद ही गाजा में युद्ध की शुरुआत हुई थी। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने खोरमाबाद पर हुए हमलों में उसके पांच सदस्यों के मारे जाने की पुष्टि की, लेकिन इजादी का जिक्र नहीं किया जो अमेरिकी और ब्रिटिश प्रतिबंधित सूची में था।
इस्राइल ने कुद्स फोर्स के कमांडर बेहनाम शाहरियारी को भी मार गिराने का दावा किया है, जो कुद्स फोर्स की तरफ से हिज्बुल्ला और हमास जैसे संगठनों को हथियार मुहैया कराने के लिए जिम्मेदार था। इस्राइल ने कहा कि पश्चिमी ईरान में कार से यात्रा करते समय बेहनाम को निशाना बनाया गया। इस्रराइल का दावा है कि पश्चिमी ईरान में उस चलती कार को 1,000 किलोमीटर से अधिक दूरी से मिसाइल से सटीक निशाना लगाकर ध्वस्त कर दिया गया। इस हमले को इस्राइल की एक और बड़ी सैन्य सफलता माना जा रहा है। इस्राइली वायु सेना ने कहा कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स वायु सेना में ड्रोन इकाई के कमांडर अमीन फोर जुडाकी को भी मार गिराया है। जुडाकी ने इस्राइल पर सैकड़ों ड्रोन से हमले कराए थे।