इस्राइल में ईरानी मिसाइल हमलों का आतंक, भूमिगत रेलवे स्टेशनों पर रात गुजार रहे लोग
ईरानी मिसाइल हमलों के डर से इस्राइल में बड़ी संख्या में लोग भूमिगत ट्रेन स्टेशन में रात गुजार रहे हैं। अजीजा मेलेक ने हाल ही में एक शाम इस्राइल के एक भूमिगत स्टेशन में अपने गद्दे पर लेटकर कई दिनों में पहली बार आराम महसूस किया। अगले कुछ घंटों तक मेलेक (34) को हर बार ईरानी मिसाइलों की चेतावनी वाले सायरन बजने पर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस्राइल में देखा जा रहा है कि छोटे बच्चों वाले परिवार, विदेशी कर्मचारी और युवा पेशेवर हर शाम स्टेशनों पर गद्दे, स्लीपिंग बैग, हल्का नाश्ता और पालतू जानवर लेकर आते हैं।
हिजबुल्ला ने ईरान के समर्थन का किया एलन, इस्राइली रक्षा मंत्री ने दी चेतावनी
शिया मिलिशिया कताइब हिजबुल्ला ने ईरान का हर तरह से समर्थन का एलान किया है। उसने युद्ध में अमेरिका के शामिल होने पर उसके सैन्य अड्डों पर हमला करने की चेतावनी दी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हिजबुल्ला को चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकियों के खिलाफ धैर्य अब क्षीण होता जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने साझेदारों से की इस्राइल-ईरान युद्ध पर चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बृहस्पतिवार को ब्रिटिश समकक्ष डैविड लैमी के साथ बैठक की। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष जीन-नोएल बैरोट व इतालवी विदेश मंत्री एंटोनियो तजानिया के साथ इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध पर वार्ता की। अमेरिका व अन्य देशों के विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने या हासिल करने नहीं देना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया ने खतरों के मद्देनजर तेहरान स्थित अपना दूतवास बंद किया
पश्चिम एशिया में लगातार जारी गोलाबारी और मिसाइल हमलों के बीच ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ते खतरों का हवाला देते हुए ईरान स्थित अपना दूतवास बंद कर दिया है। उसने दूतावास के स्टाफ को अजरबैजान भेज दिया है, ताकि वे ईरान में रह रहे अपने नागरिकों की मदद कर सकें।
अमेरिका को रूस ने दी चेतावनी
रूस ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान में वाशिंगटन की तरफ से समारिक परमाणु हथियारों का संभावित उपयोग एक विनाशकारी घटना होगी। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी टीएएसएस ने क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में ये बातें कहीं। पेसकोव मीडिया रिपोर्ट पर अटकलों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। हालांकि, उनकी प्रतिक्रिया में किसी मीडिया समूह का नाम लिया। समाचार पत्र द गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि अमेरिकी रक्षा अधिकारी बता रहे थे कि ईरान की भूमिगत यूरेनियम संवर्धन सुविधा फोर्डो को खत्म करने के लिए पारंपरिक बम हमला काफी नहीं होगा। इसे खत्म करने के लिए पहले पारंपरिक बम हमला करना होगा और इसके बाद बी-2 बमवर्षक से सामरिक परमाणु हथियार छोड़ना होगा।
अमेरिका ने ईरान से जुड़ी 20 संस्थाओं पर लगाई पाबंदी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान से संबंधित कुछ नए प्रतिबंध जारी किए हैं, जिनमें हांगकांग स्थित दो संस्थाएं और आतंकवाद-रोधी प्रतिबंध शामिल हैं। अमेरिकी राजस्व और वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट नोटिस के मुताबिक, ईरान से संबंधित कम से कम 20 संस्थाओं, पांच व्यक्तियों और तीन जहाजों को प्रतिबंधित किया गया है।
तेल अवीव से लेकर हाइफा तक धमाके, ईरानी मिसाइलों ने फिर इस्राइल में मचाया कहर
ईरान ने शुक्रवार को इस्राइल पर एक और मिसाइल हमला शुरू किया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इसकी पुष्टि की, जबकि इस्राइली सेना ने बताया कि हमले ईरानी क्षेत्र से हुए हैं और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होकर आने वाली मिसाइलों को रोक रही है। इस्राइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती जानकारी में मिसाइलें तेल अवीव, नेगेव और हाइफा में गिरी हैं। फिलहाल नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है। यह हमला दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।
कमांडरों की मौत से न डरें, शहर न छोड़ें... इस्राइली हमलों से दबाव में नहीं खामनेई के प्रतिनिधि
ईरान के खोरासन रजवी इलाके में सुप्रीम लीडर अली खामनेई के प्रतिनिधि अहमद अलामोलहोदा ने शुक्रवार को कहा कि कमांडरों, परमाणु कार्यक्रम अधिकारियों की मौत या सामाजिक नुकसान से ईरानियों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने शुक्रवार की नमाज़ के दौरान कहा कि दुश्मन मनोवैज्ञानिक और सैन्य हमलों से डर फैलाना चाहता है, लेकिन ईरानी जनता डटी हुई है। खामनेई की हालिया बंकर से दी गई अपील को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि लोग अपना सामान्य जीवन जारी रखें और शहरों को खाली न करें, क्योंकि इससे दुश्मन अपने इरादे में कामयाब हो जाएंगे।
जिनेवा में ईरानी विदेश मंत्री से मिले EU, फ्रांस, जर्मनी और UK के नेता
शुक्रवार को जिनेवा में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास, फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के विदेश मंत्रियों के साथ लंच मीटिंग की। यह बैठक ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने के मकसद से हुई। हालांकि ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि जब तक इस्राइली हमले जारी रहेंगे, वह किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। फिर भी इस मुलाकात को संभावित शांति प्रयास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ईरान की विश्व धरोहर खतरे में! इजराइली हमलों के बीच UNESCO से लगाई सुरक्षा की गुहार
ईरान ने यूनेस्को से अपील की है कि वह इस्राइली हमलों के कारण उसकी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर पर मंडरा रहे सैन्य खतरों से उसकी रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप करे। यूनेस्को महानिदेशक ऑड्री अज़ोले को भेजे गए पत्र में ईरान ने बताया कि उसके पास 40,000 से अधिक राष्ट्रीय रूप से पंजीकृत स्थल और 28 वर्ल्ड हेरिटेज नामांकन हैं, जिनमें 54 ऐतिहासिक कारवां सराय, राष्ट्रीय रेलवे, हायर्केनियन जंगल, क़नात और ऐतिहासिक बाग शामिल हैं। ईरान ने चेतावनी दी कि यदि यूनेस्को देरी करता है तो ये धरोहरें पूरी तरह से नष्ट हो सकती हैं।
ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका-इस्राइल के बीच बंद कमरे में बैठक... इस्राइली मीडिया का दावा
इस्राइली मीडिया जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार रात वॉशिंगटन में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस और डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ के साथ गुप्त बैठक की। इस बैठक में ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई में अमेरिका की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। रिपोर्ट में दो सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस बैठक में इजराइली डिफेंस मिनिस्टर इसराइल काट्ज़, IDF चीफ एयाल ज़ामिर और स्ट्रैटेजिक अफेयर्स मिनिस्टर रॉन डर्मर भी शामिल थे। चर्चा के विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
नाटो समिट में उठेगा ईरान का मुद्दा? जर्मनी ने दिए संकेत
जर्मन सरकार के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि अगले सप्ताह होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में ईरान पर चर्चा होने की संभावना है। प्रवक्ता ने इस्राइल-ईरान युद्ध में संभावित अमेरिकी सैन्य भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि हम सहयोगियों की संभावित हमले की योजनाओं पर टिप्पणी नहीं करते हैं। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि वह दो सप्ताह के भीतर तय करेंगे कि उनका देश इस्राइली हमलों में शामिल होगा या नहीं।
खामेनेई की सत्ता हटाने के लिए इस्राइली रक्षा मंत्री काट्ज़ का बड़ा फैसला
इस्राइल के रक्षा मंत्री काट्ज़ ने कहा है कि उन्होंने आईडीएफ को तेहरान में शासन से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमलों को तेज करने के लिए कहा है। उनका उद्देश्य ईरानी शासन को हटाना है। इसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स शामिल हैं. काट्ज़ ने यह भी कहा कि इस अभियान का उद्देश्य तेहरान से बड़े पैमाने पर नागरिकों को निकालने के लिए मजबूर करना है, जिससे वहां की सत्ता पर दबाव बढ़े। इसके साथ ही, इस्राइल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए वैज्ञानिकों और ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा।
इस्राइल ने तेहरान में ड्रोन हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में एक परमाणु वैज्ञानिक को निशाना बनाया गया है। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस्राइली सेना ने इसे लेकर कोई बयान जारी किया है। इस्राइली सेना ने बताया कि उनके लड़ाकू विमानों ने आज ईरान में हमला कर उसके करीब 35 मिसाइल लॉन्चर को तबाह कर दिया। आईडीएफ ने बताया कि इस हमले को 25 लड़ाकू विमानों ने अंजाम दिया।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बताया है कि ईरान को खोनदाब इलाके में स्थित परमाणु प्लांट को इस्राइली हमले में भारी नुकसान पहुंचा है। एजेंसी ने बताया कि हमले में परमाणु प्लांट की डिस्टीलेशन यूनिट को भी नुकसान हुआ है।
इस्राइल ने आरोप लगाया है कि ईरान ने उसके खिलाफ क्लस्टर बम का इस्तेमाल किया। क्लस्टर बम को बेहद खतरनाक माना जाता है, जो आम नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। दरअसल यह बम हवा में ही कई भागों में बंट जाता है और एक साथ कई निशानों को तबाह कर सकता है।
इस्राइल ने बताया है कि ईरान के हमले में बीरशेबा में पांच लोग घायल हुए हैं। हमले में एक इमारत को नुकसान पहुंचा है।
ईरान ने इस्राइल के बीरशेबा और आसपास के शहरों में मिसाइलों से हमला किया है, जिससे इन शहरों में सायरन बज उठे। सायरनों की आवाज सुनकर लोग बंकरों में घुस गए। बीरशेबा में हुए मिसाइल हमले में कई गाड़ियों में आग लग गई। दरअसल ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइल बीरशेबा में एक रिहायशी अपार्टमेंट के बाहर गिरी, जिससे वहां खड़ी कारों में आग लग गई।