खामनेई अब जिंदा नहीं रह सकते- इस्राइल काट्ज
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई अब जिंदा नहीं रह सकते। उन्होंने यह बयान तब दिया जब ईरान की मिसाइलों ने एक अस्पताल पर हमला किया, जिसमें कम से कम 40 लोग घायल हो गए। काट्ज ने कहा कि खामेनेई एक तानाशाह हैं और उन्होंने इस्राइल को खत्म करने का संकल्प लिया है, इसलिए उनका अस्तित्व अब स्वीकार्य नहीं है। इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की हत्या की इस्राइली योजना को रोक दिया था। हालांकि ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।
चीन ने ईरान और इस्राइल में जारी जंग के बीच दोनों देशों से अपने 1600 नागरिकों को निकाल लिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। चीन ने ईरान और इस्राइल से संघर्षविराम की अपील भी की। चीन ने ट्रंप की ईरान को धमकी पर कहा कि बीजिंग अंतरराष्ट्रीय संबंधों में किसी भी तरह की धमकी या डराने के खिलाफ है।
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि अस्पताल पर हमले के युद्ध अपराध के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को जवाबदेह ठहराया जाएगा। काट्ज ने कहा कि 'ईरानी तानाशाह बंकर में बैठकर इस्राइल के अस्पतालों और रिहायशी इलाकों में जानबूझकर हमले करा रहा है। ये सबसे बुरे युद्ध अपराधों में से एक हैं और खामेनेई को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।'
इराक के शीर्ष शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली सिस्तानी ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया तो इससे व्यापक अराजकता फैल जाएगी और इससे युद्ध पूरे पश्चिम एशिया में फैल सकता है। गौरतलब है कि इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को निशाना बनाने की बात कही थी।
इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्री उरिएल बुसो ने कहा है कि सोरोका अस्पताल पर ईरान का मिसाइल अटैक आतंकी घटना और युद्ध अपराध है। इस्राइल का आरोप है कि ईरान ने जानबूझकर अस्पताल को निशाना बनाया।
इस्राइल के बीरशेबा इलाके में सोरोका अस्पताल पर ईरान ने मिसाइल हमला किया है। इस हमले में नुकसान की जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। मध्य और दक्षिण इस्राइल में भी ईरानी मिसाइलों से काफी नुकसान हुआ है।
इस्राइली सेना ने कहा है कि उनकी वायुसेना ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमले कर रही है। ईरानी मीडिया ने कहा है कि सेंट्रल तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिविट कर दिया गया है।
इस्राइली सेना ने ईरान के लोगों को अराक और खोनदाब शहरों को खाली करने का निर्देश दिया है। दरअसल अराक और खोनदाब शहरों में ईरान के हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर हैं। ये हैवी वाटर परमाणु रिएक्टर्स को ठंडा करने में मदद करते हैं।
इस्राइली सेना ने घर को निशाना बनाया, फलस्तीनी बड़ी संख्या में हताहत
मध्य गाजा में इस्राइल के हमले में 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। अल-अक्सा शहीद अस्पताल और अल-अवदा अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक फलस्तीनी लोग घायल हुए हैं। गाजा शहर के ज़ेइतून इलाके में इस्राइली सेना ने एक घर पर बमबारी की, जिससे बड़ी संख्या में फलस्तीनी हताहत हुए।
ईरान के साथ गाजा में भी हिंसक संघर्ष का दौर जारी
पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी टकराव के साथ-साथ इस्राइल और हमास का हिंसक संघर्ष भी जारी है। फलस्तीनी युवाओं के कुद्स न्यूज नेटवर्क और फलस्तीनी सूचना केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य गाजा के नुसेरात में गाजा ब्रिज के पास इस्राइली सेना ने हमले किए। इस हमले में 16 फलस्तीनी मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं।
ईरान के खिलाफ युद्ध का समर्थन कर रहे 80 प्रतिशत से अधिक यहूदी इस्राइली
एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 83 फीसदी यहूदी इस्राइली लोगों ने पश्चिम एशिया के एक अन्य देश ईरान के खिलाफ युद्ध का समर्थन कर रहे हैं। यहां तक कि एविगडोर लीबरमैन जैसे दक्षिणपंथी कट्टरपंथी नेता भी अब कह रहे हैं कि नेतन्याहू सही काम कर रहे हैं। लीबरमैन ने 2018 में सरकार की नीतियों से असंतुष्ट होकर अपना कैबिनेट पद छोड़ दिया था। गाजा में युद्ध के कारण पिछले साल नेतन्याहू के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले बेनी गैंट्ज ने भी कहा है कि ईरान के मामले में केवल सही या गलत का फैसला होना है, और इस्राइल सही है। बता दें कि पीएम नेतन्याहू ने बीते शुक्रवार यानी 13 जून को इस्राइली सेना को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले का आदेश दिया।
इस्राइल-ईरान तनाव पर भारत और इस्राइल के रक्षा अधिकारियों के बीच बातचीत
इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच बुधवार को भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को इस्राइली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रिटा.) आमिर बारम का फोन आया। इस बातचीत में मौजूदा हालात को लेकर जानकारी साझा की गई। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को आज इस्राइली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रि.) आमिर बारम का फोन आया। उन्होंने वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।
भारत लौटीं छात्र बोली– मिसाइलें सिर के ऊपर से गुजरती थीं
ईरान में बिगड़ते हालात के बीच वहां फंसे 110 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर भारत लाया गया। सभी को लेकर एक विशेष फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। इन लोगों में शामिल यासिर गफ्फार नाम के छात्र ने बताया कि हमने रात में मिसाइलों को ऊपर से जाते देखा और ज़ोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं। डर का माहौल था, लेकिन अब भारत पहुंचकर राहत मिली है।
यासिर ने कहा कि उन्होंने अपने सपनों को अभी नहीं छोड़ा है और हालात सुधरने पर वापस ईरान लौटेंगे। सरकार की इस कार्रवाई के लिए छात्र और उनके परिवारों ने आभार जताया है। ईरान और इस्राइल के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव के चलते भारत अपने नागरिकों को वहां से सुरक्षित निकालने में जुटा है।
ईरान से दिल्ली पहुंचे छात्र ने सुनाई आपबीती
ईरान में हालात बिगड़ते देख भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने का अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को 110 भारतीय नागरिकों को लेकर एक विशेष फ्लाइट दिल्ली पहुंची। इस फ्लाइट में ईरान के उर्मिया यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल थे। मामले में एक छात्र ने बताया कि हर दिन हालात और खराब होते जा रहे हैं, खासतौर पर तेहरान में स्थिति बेहद गंभीर है। सभी भारतीय छात्रों को वहां से निकाला जा रहा है। भारतीय अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। हम सभी को सुरक्षित जगह भेजा जा रहा है। छात्र ने बताया कि उन्हें पहले यूनिवर्सिटी से निकालकर आर्मेनिया ले जाया गया, फिर वहां से कतर भेजा गया। अंत में वे भारत पहुंचे।
मध्य-पूर्व में तनाव खत्म करने के लिए जिनेवा में कल होगी बैठक
परमाणु कार्यक्रम को लेकर इस्राइल और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के विदेश मंत्री शुक्रवार को जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री के साथ अहम परमाणु बातचीत करेंगे। जर्मन राजनयिक सूत्रों की माने तो बैठक से पहले यूरोपीय देशों के मंत्री यूरोपीय संघ की प्रमुख राजनयिक काजा कैलास से जर्मनी के स्थायी मिशन में मुलाकात करेंगे, फिर सभी मिलकर ईरान के विदेश मंत्री से संयुक्त बातचीत करेंगे।
इस्राइल-ईरान तनाव के बीच मध्यस्थता को तैयार पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को कहा कि वह इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को खत्म करने में मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रूस एक ऐसा समाधान निकाल सकता है जिससे ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए जारी रख सके और इस्राइल की सुरक्षा चिंताओं को भी दूर किया जा सके।
सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच के दौरान अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के वरिष्ठ संपादकों से बातचीत में पुतिन ने कहा कि यह एक संवेदनशील मुद्दा है, लेकिन मेरा मानना है कि इसका समाधान संभव है। पुतिन ने बताया कि उन्होंने अपनी प्रस्तावित योजना अमेरिका, ईरान और इस्राइल के साथ साझा की है। उन्होंने इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत में भी यह पेशकश रखी थी।