पाकिस्तान ने ईरान से राजनयिकों के परिवारों और कर्मचारियों को वापस बुलाया
पाकिस्तान ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान से राजनयिकों के परिवारों और कुछ गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुलाया है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, 'गैर-जरूरी के रूप में पहचाने गए कर्मचारियों को उनके परिवारों के साथ पाकिस्तान लौटने का निर्देश दिया गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी के लिए व्यवस्था की गई है। हालांकि, अधिकारी ने कहा कि तेहरान में पाकिस्तान दूतावास और उसके वाणिज्य दूतावास काम करना जारी रखेंगे।
इससे पहले, मंगलवार को ताफ्तान सीमा के माध्यम से 47 छात्रों सहित कुल 78 पाकिस्तानी वापस लौटे, जिससे वापस लाए गए नागरिकों की कुल संख्या 1,200 हो गई। एक समाचार पत्र के अनुसार, पिछले दो दिनों के दौरान 987 तीर्थयात्रियों और छात्रों को सुरक्षित वापस लाया गया है। 13 जून को इस्राइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद यह क्षेत्र युद्ध में डूब गया था, जिसमें प्रमुख सैन्य नेता मारे गए थे।
इस्राइल मध्यस्थता की ओर रुख करने को तैयार नहीं है- पेसकोव
रूसी राष्ट्रपति के एक सहयोगी ने मंगलवार को कहा, पश्चिम एशिया में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इस्राइल ईरान के साथ अपने संघर्ष को शांति के रास्ते पर लाने के लिए मध्यस्थता की ओर रुख करने को तैयार नहीं है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक समाचार ब्रीफिंग में कहा, 'फिलहाल, हम इस्राइल की ओर से, कम से कम, किसी भी तरह की मध्यस्थता में शामिल होने या शांति के रास्ते पर चलने की अनिच्छा देखते हैं। हमने यही देखा है।' वे इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या ईरानी-इस्राइल संघर्ष के समाधान में मध्यस्थता करने के लिए रूसी राष्ट्रपति की तत्परता पर कोई प्रतिक्रिया हुई है। पेसकोव ने कहा कि मॉस्को को नहीं लगता कि इजराइल ईरान के साथ संघर्ष को सुलझाने में किसी मध्यस्थ की ओर रुख करने और सामान्य रूप से शांति के रास्ते पर चलने का इरादा रखता है।
इस्राइल अपनी क्षमता के अनुसार काम करना जारी रखेगा: दूत
इस्राइल के भारत में राजदूत रूवेन अजार ने मंगलवार को कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस इस्राइल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार काम करना जारी रखेगा। एक ब्रीफिंग में उन्होंने यह भी कहा कि अगर शत्रुता को रोकने के लिए कोई कूटनीतिक समाधान निकाला जा सके तो बेहतर होगा। दूत ने कहा कि इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल क्षमताओं को 'गंभीर रूप से कमजोर' करने के लिए सैन्य कार्रवाई की, उन्होंने दावा किया कि यह उनके देश के लिए 'खतरा है।
ईरान के साथ परमाणु मुद्दा हल करना चाहता हूं- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ परमाणु समस्या का 'वास्तविक अंत' चाहते हैं और संकेत दिया कि वह वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों को इस्लामिक गणराज्य से मिलने के लिए भेज सकते हैं, क्योंकि इस्राइल-ईरान हवाई युद्ध लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक न्यूज चैनल ने ट्रंप के हवाले से लिखा- उन्होंने कनाडा से आधी रात में निकलने दौरान यह टिप्पणी की, जहां उन्होंने सोमवार को ग्रुप ऑफ सेवन नेशंस के शिखर सम्मेलन में भाग लिया। ट्रंप ने भविष्यवाणी की कि इस्राइल ईरान पर अपने हमलों को कम नहीं करेगा। न्यूज चैनल ने ट्रंप के हवाले से कहा, 'आपको अगले दो दिनों में पता चल जाएगा। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा कर सकता हूं', ईरान से मिलने के लिए अमेरिकी मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ या उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भेजने की संभावना पर।
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने एक बयान जारी कर बताया कि इस्राइली हमले में 224 नागरिक मारे गए हैं, जिनमें महिलाएं बच्चे भी शामिल हैं। साथ ही 1257 लोग घायल हुए हैं।
20 देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और ईरान-इस्राइल में संघर्षविराम की अपील की है। जिन देशों ने यह अपील की है, उनमें अल्जीरिया, बहरीन, ब्रुनेई, चाड, कोमोरोस, जिबूती, मिस्त्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लीबिया और मौरीटानिया ने सैन्य तरीके से विवाद का हल ढूंढने को खारिज कर दिया। पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, तुर्किये, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात ने भी तनाव कम करने की अपील की।
इस्राइल के उत्तरी गोलान इलाके में ईरान की तरफ से ड्रोन्स और मिसाइल हमले किए गए हैं। इसके चलते वहां एयर सायरन सुनाई दिए। सेंट्रल इस्राइल में भी ईरान की तरफ से हवाई हमला किया गया। इस हमले में किसी तरह के बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
इस्राइली मीडिया के अनुसार, इस्राइली सेना ने ईरान के एक और शीर्ष सैन्य कमांडर को ढेर कर दिया है। ईरान की सैन्य आपात कमांड खत्म अल अनबिया के प्रमुख मेजर जनरल अली शादमानी की मौत हो गई है। अली शादमानी ने चार दिल पहले ही मेजर जनरल गुलाम अली राशिद की जगह ली थी। बीते शुक्रवार को मेजर जनरल गुलाम अली राशिद की इस्राइली हमले में मौत हो गई थी।
एक तरफ ईरान की सरकार इस्राइल के साथ संघर्षविराम की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ईरान द्वारा बीती रात इस्राइल पर मिसाइल हमला किया गया। इस हमले में 10 मिसाइलें इस्राइल के विभिन्न शहरों पर दागी गईं।
ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से तेहरान छोड़ने की अपील की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी भारतीय नागरिक तुरंत तेहरान छोड़ दें और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।
अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों ने ऐसी किसी भी आशंका से इनकार कर दिया कि वह ईरान के खिलाफ लड़ाई में सीधे तौर पर शामिल होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के प्रवक्ता एलेक्स फीफर ने कहा कि अमेरिका के लड़ाई में शामिल होने की रिपोर्ट सही नहीं हैं। अमेरिकी सेना रक्षात्मक है और इस स्टैंड में बदलाव नहीं होगा।
इस्राइल ईरान संघर्ष को लेकर जी7 देशों ने बड़ा बयान जारी किया है। इस बयान में कहा है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। साथ ही जी7 देशों ने कहा कि इस्राइल को आत्मरक्षा का अधिकार है।
ईरान ने इस्राइल के हाइफा और उत्तरी इस्राइल इलाकों में हमले किए। इस दौरान हाइफा और उत्तरी इस्राइल में एयर रेड सायरन सुनाई दिए। इस्राइली सेना ने कहा कि एयर डिफेंस हवाई हमलों को रोक रहा है। हालांकि सेना और सरकार ने नागरिकों को अगले आदेश तक बंकरों में रहने की सलाह दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी7 सम्मेलन के लिए कनाडा पहुंचे थे, लेकिन ईरान और इस्राइल के बढ़ते संघर्ष के चलते अब एक दिन पहले ही ट्रंप वापस लौट रहे हैं। ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पश्चिम एशिया में अपने विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ को ईरान के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। ट्रंप का मानना है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार हो जाएगा।
ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि ईरान को उस 'समझौते' पर हस्ताक्षर करना चाहिए था जिस पर हस्ताक्षर करने के लिए मैंने उनसे कहा था। यह कितनी शर्म की बात है अब मानव जीवन की बर्बादी हो रही है। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि खुले और सीधे शब्दों में कहें तो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। मैंने यह बार-बार कहा है। साथ ही भविष्य में और भी क्रूर हमलों का संकेत देते हुए ट्रंप ने कहा कि सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए।