इटालियन पीएम से भी मिले नेतन्याहू
इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर बताया कि इस्राइली पीएम बेंमिन जानेतन्याहू और इटालियन पीएम मेलोनी से मुलाकात की। नेतन्याहू ने बताया कि हमें बर्बरता को हराना है। यह युद्ध सभ्यता और राक्षसी बर्बरता के खिलाफ है, जिन्होंने इस्राइली बुजुर्गों, बच्चों और निर्दोषों की हत्या की, उनके साथ दुष्कर्म किया, उन्हें मार डाला और उन्हें जला दिया।
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम की प्रमुख सिंडी मैक्केन ने कहा, गाजा में स्थिति भयावह है। हमें खासी राहत सामग्री की जरूरत है। हमास ने भी कहा, राहत के लिए सुरक्षित गलियारा होना चाहिए। हालांकि, इस्राइली सेना के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने कहा, गाजा में स्थिति नियंत्रण में है।
इस्राइल और गाजा के बीच मिस्र की राफा सीमा शनिवार को खोल दी गई। इसके साथ, हमास के हमले के बाद करीब दो हफ्ते से इस्राइली घेराबंदी में रह रहे फलस्तीनियों तक मदद की पहली खेप पहुंची है। राहत सामग्री लेकर 20 ट्रकों ने गाजा में प्रवेश किया। मिस्र सीमा में करीब 3,000 टन राहत सामग्री लेकर 200 से अधिक ट्रक खड़े हैं। सहायता कर्मियों का कहना है, सिर्फ 20 ट्रक सामग्री की अनुमति पर्याप्त नहीं है। गाजा के करीब 23 लाख लोग भोजन, दवा व पानी की कमी से जूझ रहे हैं।
बर्बरता के खिलाफ सभ्यता की लड़ाई: नेतन्याहू
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साइप्रस के राष्ट्रपति क्रिस्टोडोलािइड्स से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें बताया कि यह बर्बरता के खिलाफ सभ्यता की लड़ाई है। गाजा में हमारे समुदाय के लोगों के साथ क्या हुआ, वह बताना मुश्किल है। बर्बरता हमारे लिए सबसे खराब है।
इस्राइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने गाजा युद्ध की शुरुआत के बाद से 550 रॉकेट लॉन्च के असफल होने और मिसफायर होने का पता लगाने का दावा किया है। आईडीएफ शनिवार रात एक बयान में कहा कि आतंकवादी संगठन हमास गाजा पट्टी के निवासियों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करता है और नागरिक बुनियादी ढांचे से गोलीबारी करता है। संघर्ष की शुरुआत के बाद से आईडीएफ ने गाजा पट्टी से दागे गए लगभग 550 रॉकेट के असफल होने का पता लगाया है। इस्राइली सेना ने गाजा से लॉन्च किए जा रहे रॉकेट के फुटेज भी जारी किए हैं, जिसमें कई रॉकेटों को गाजा पट्टी में विस्फोट होते देखा जा सकता है।
बता दें, मंगलवार की रात उत्तरी गाजा में अल-अहली अरब अस्पताल पर धमाके होने से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। इस्राइल ने दावा किया था कि हमास द्वारा दागे गए रॉकेट के गिरने से अस्पताल में धमाका हुआ। वहीं, हमास ने इस्राइल पर अस्पताल पर बमबारी करने का आरोप लगाया था।
रफा बॉर्डर क्रॉसिंग को गाजा में मदद पहुंचाने के लिए खोला गया
गाजा में मानवीय मदद को पहुंचाने के लिए रफा बॉर्डर को खोला गया है। यह मिस्र और गाजा के बीच की सीमा है। हमास के रॉकेट हमलों के बाद से जारी इस्राइली जवाबी कार्रवाई की बीच पहली बार इस फलस्तीनी क्षेत्र में मदद पहुंचाई है। केवल 20 ट्रकों को अंदर जाने की अनुमति दी गई है। हालांकि, सहायता कर्मियों ने कहा कि गाजा में अभूतपूर्व मानवीय संकट को संबोधित करने के लिए यह अपर्याप्त है। लगभग 3,000 टन सहायता ले जाने वाले 2000 से अधिक ट्रक कई दिनों से क्रॉसिंग के पास खड़े हैं।
ब्लिंकन ने सहयोगियों और संयुक्त राष्ट्र को दिया धन्यवाद
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'बढ़ते मानवीय संकट से निपटने के लिए बहुत आवश्यक मानवीय सहायता लेकर एक काफिला आज सुबह रफा सीमा पार कर गाजा पहुंचा। हम मिस्र और इस्राइल में अपने सहयोगियों और संयुक्त राष्ट्र को इन जीवन रक्षक शिपमेंट के सुरक्षित मार्ग की सुविधा के लिए धन्यवाद देते हैं।'
मिस्र के साथ रफा सीमा क्रॉसिंग खोले जाने के बाद सात सहायता ट्रक गाजा पहुंचे। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि ट्रकों द्वारा की जाने वाली आपूर्ति में 1,200 लोगों के लिए ट्रॉमा दवाएं व घायल रोगियों के मौके पर इलाज के लिए 235 पोर्टेबल ट्रॉमा बैग शामिल हैं।
इस्राइल ने अपने नागरिकों को मिस्र, जॉर्डन और मोरक्को की यात्रा के खिलाफ चेतावनी जारी की है। उसने आशंका जताई है कि इस्राइल के हमले से नाराज चल रहा हमास लोगों को निशाना बना सकता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी, प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय की ओर से घोषणा की गई है।
मिस्र ने गाजा में स्थिति को लेकर आपात बैठक बुलाई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मानवीय सहायता से लदे ट्रक शनिवार को गाजा पट्टी के रफा क्रॉसिंग में प्रवेश करने लगे। दवा और भोजन लेकर 20 सहायता ट्रक गाजा पहुंचे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गाजा से मिस्र जाने के लिए रफा बॉर्डर खोल दिया गया है। बता दें, मानवीय सहायत के लिए यह फैसला लिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इस्राइली अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन और उनके शीर्ष सहयोगियों ने इस्राइली नेताओं से हिजबुल्ला के खिलाफ कोई बड़ा हमला नहीं करने का आग्रह किया है। अगर इस्राइल हमला करता है तो युद्ध और बढ़ जाएगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि हमास समूह द्वारा बंधक बनाए गए शेष अमेरिकियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी अमेरिकी सरकार हर दिन हर मिनट हर सेंकड काम करेगी।
सिटीग्रुप ने सोशल मीडिया पर विवादास्पद पोस्ट डालने के मामले में अपनी पर्सनल बैंकर नोजिमा हुसैनोवा को हटा दिया है। इस पोस्ट में हिटलर द्वारा यहूदियों के नरसंहार का एक तरह से समर्थन किया गया था। गाजा में हालिया घटनाओं के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराने वाले इस पोस्ट की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है।
हमास का सफाया करने का संकल्प लेने के बाद इस्राइल ने गाजा पट्टी पर हवाई हमले किए हैं। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि गाजा में 1,40,000 यानी एक तिहाई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, करीब 13,000 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं।
जुडिथ ताई रानन (59) और उनकी बेटी नताली (18) हमास समूह द्वारा रिहा किए जाने के बाद इस्राइल में अपने परिवार से फिर से मिलीं। हमास ने सात अक्तूबर को जब अचानक हमला किया था, तभी इन लोगों को बंधक बनाया था।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में जीत तक लड़ने का संकल्प लिया है। साथ ही यह संकेत भी दिया है कि एन्क्लेव पर उनकी सेना की जमीनी हमले को रोकने की कोई योजना नहीं है। इस बीच, गाजा में स्थिति बिगड़ रही है क्योंकि इस्राइली हमलों ने फलस्तीनी एन्क्लेव पर हमला किया है और सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों में सामान लगभग खत्म हो गए हैं।
इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष शुरू हुए अब 15 दिन हो चुके हैं। दोनों ही ओर से जारी हमलों में अब तक पांच 5,537 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस्राइल में हमास के हमले में मरने वालों की संख्या 1400 से ज्यादा है। उधर, गाजा पट्टी में हुई बमबारी में 4,137 से अधिक की मौत हो चुकी है। गौरतलब है, आतंकी संगठन हमास ने इस्राइल पर सात अक्तूबर को सुबह अचानक हमले कर दिया था। इसके बाद दोनों के बीच संघर्ष जारी है।